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परिचय:

गला सूखना एक आम समस्या होती है, जो आमतौर पर सर्दियों के मौसम में होती है क्योंकि उस समय हवा शुष्क होती है और ऊपरी श्वसन तंत्र के संक्रमण अधिक फैलते हैं। गला सूखना आमतौर पर किसी मामूली समस्या का संकेत होता है, जैसे हवा शुष्क होना या जुकाम आदि। ज्यादातर मामलों में गला सूखना किसी मामूली समस्या के कारण ही होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी दे सकता है। गला सूखने की तकलीफ से जुड़े कई प्रकार के लक्षण पैदा होते हैं, जैसे गले में जलनखुजली होना जिस कारण से गले में दर्द, निगलने में कठिनाई, मुंह का स्वाद बिगड़ना या ऐसा महसूस होना जैसे गले के अंदर धूल चली गई है। 

यदि गला सूखने के लक्षण 1 से 2 हफ्तों तक रहते हैं, तो डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। गला सूखने से बचाव करने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं, जैसे शराब, चाय, कॉफी तथा धूम्रपान छोड़ना और पर्याप्त पानी पीना आदि। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गला सूखने के कारण का पता लगाकर उसका इलाज किया जाता है। यदि किसी प्रकार के संक्रमण के कारण आपका गला सूख रहा है, तो इलाज के दौरान आपको कुछ एंटीबायोटिक दवाएं दी जा सकती हैं। गला सूखने के लक्षणों के कम करने के लिए गर्म सेलाइन वॉटर, शहद और गले को शांत करने वाली चूसने की गोलियां आदि का उपयोग भी किया जा सकता है। 

(और पढ़ें - गले में दर्द के घरेलू उपाय)

  1. गला सूखना क्या है - What is Dry Throat in Hindi
  2. गला सूखने के लक्षण - Dry Throat Symptoms in Hindi
  3. गला सूखने के कारण और जोखिम कारक - Dry Throat Causes & Risk Factors in Hindi
  4. गला सूखने से बचाव - Prevention of Dry Throat in Hindi
  5. गला सूखने का परीक्षण - Diagnosis of Dry Throat in Hindi
  6. गला सूखने का इलाज - Dry Throat Treatment in Hindi
  7. गला सूखने की जटिलताएं - Dry Throat Complications in Hindi
  8. गला सूखने पर क्या करना चाहिए
  9. गला सूखना के डॉक्टर

गला सूखना क्या है?

गला सूखना काफी परेशान कर देने वाली स्थिति हो सकती है, यह अक्सर गले में दर्द, शरीर में पानी की कमी या गले में किसी प्रकार की एलर्जी के कारण होती है। गला सूखना एक सामान्य समस्या होती है, मुख्य रूप से यह सर्दियों के मौसम में होती है। गला सूखने के लक्षण काफी परेशान कर देने वाले होते हैं, और आमतौर पर कुछ समय के लिए ही रहते हैं।

(और पढ़ें - स्किन एलर्जी के लक्षण)

गला सूखने के क्या लक्षण हैं?

गले में सूखापन काफी परेशान कर देने वाली और कभी-कभी दर्दनाक स्थिति हो सकती है। आमतौर पर गला सूखना किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं देता यह किसी मामूली समस्या का ही संकेत देता है। 

ज्यादातर मामलों में गले में सूखापन की समस्या अकेले नहीं होती इसके साथ अन्य कई समस्याएं होती हैं, जो गले में सूखापन का कारण बनने वाली स्थिति पर निर्भर करती हैं। कुछ ऐसे लक्षण जो खास तौर से गले में सूखापन के साथ देखे जाते हैं:

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

जिन मामलों में मरीज को गले में सूखापन के साथ-साथ मुंह या जीभ पर सफेद दाग बन गए हैं, तो उनको जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। क्योंकि यह स्थिति अक्सर बिना इलाज के ठीक नहीं हो पाती। (और पढ़ें - जीभ में सूजन का इलाज)

यदि आपको गला सूखने के साथ-साथ निम्न समस्याएं हैं, तो भी डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए:

(और पढ़ें - वायरल फीवर के लक्षण)

अगर निगलने में कठिनाई हो या सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर के जाएं। या फिर यदि सांस लेते वक्त घरघराहट या खराश दो हफ्तों से अधिक समय तक रहे तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। 

गला क्यों सूखता है?

कुछ स्थितियां हैं, जो मुख्य रूप से गला सूखने का कारण बनती हैं:

  • खुले मुंह के साथ सोना:
    यह गले में सूखापन पैदा करने वाला सबसे आम और सबसे अधिक अनदेखा किया जाने वाला कारण होता है। लोग इसके कारण होने वाले प्रभावों के बारे में जाने बिना ही अक्सर खुले मुंह के साथ सोते हैं और ऐसे करने के कारण ही गले में सूखापन आने लगता है। जब आप खुले मुंह के साथ सोते हैं तो उठने के बाद आपको गले में सूखापन महसूस होता है, क्योंकि रातभर मुंह खुला रहने के कारण बाहर की हवा गले व मुंह में उपस्थित लार को सुखा देती है। (और पढ़ें - कितने घंटे सोना चाहिए)
     
  • मोनोन्यूक्लिओसिस:
    काफी सारे लोग इस रोग के बारे में नहीं जानते, लेकिन गला सूखने का कारण मोनोन्यूक्लिओसिस भी हो सकता है। यह वायरस के कारण होने वाला रोग होता जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में लार के माध्यम से पहुंचता है। मोनोन्यूक्लिओसिस का सबसे मुख्य लक्षण गला सूखना ही होता है।
     
  • एलर्जी:
    कुछ मौसमी एलर्जी और परागज ज्वर भी आपके गले में सूखेपन की वजह हो सकते हैं।
     
  • शरीर में पानी की कमी होना:
    डिहाइड्रेशन भी गले में दर्द और गला सूखने का काफी सामान्य कारण है। यदि आपका गला सूख रहा है, तो हो सकता है आपके शरीर में पानी की कमी हो गई हो।
     
  • जुकाम:
    यह एक वायरल इन्फेक्शन होता है, जो काफी आम होता है और काफी लोगों को प्रभावित करता है। गले में सूखापन आने की वजह जुकाम भी हो सकता है।
     
  • टॉन्सिलाइटिस:
    गले के पिछले हिस्से में दोनों तरफ मांस के बने उभार को टॉन्सिल कहा जाता है, मुख्य रूप से इनका काम संक्रमण से बचाव करना होता है। जब टॉन्सिल में संक्रमण हो जाता है तो उसे टॉन्सिलाइटिस कहा जाता है। टॉन्सिलाइटिस बैक्टीरिया और वायरस दोनों के कारण हो सकता है। इसके कारण भी गला सूखने जैसी समस्या हो सकती है।
     
  • एसिड रिफ्लक्स:
    गले में सूखापन एसिड रिफ्लक्स का लक्षण भी हो सकता है। इस स्थिति में पेट में उपस्थित एसिड भोजन नली में चले जाते हैं और जलन पैदा करते हैं। (और पढ़ें - एसिड भाटा रोग का इलाज)

गला सूखने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ स्थितियां हैं, जो गला सूखने जैसे जोखिम को बढ़ा देती हैं:

(और पढ़ें - कैंसर का इलाज)

गला सूखने से बचाव  कैसे करें?

निम्न की मदद से गले में सूखापन होने से बचाव किया जा सकता है:

  • एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थों से बचें, खासकर सर्दियों के मौसम में इन पदार्थों से बचने की कोशिश करें। (और पढ़ें - एलर्जी होने पर क्या करे)
  • अपने शरीर का सामान्य व स्वस्थ वजन बनाए रखें। क्योंकि सामान्य से अधिक वजन से पेट पर दबाव पड़ने लग जाता है, जिससे पेट के एसिड भोजन नली में आने लगते हैं। इस स्थिति में सीने में जलन व गला सूखने जैसे लक्षण होने लग जाते हैं। (और पढ़ें - मोटापा कम करने के उपाय)
  • भोजन को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार खाए, क्योंकि एक बार में अधिक मात्रा में भोजन खाने से भी एसिड रिफ्लक्स होने लगता है। 
  • तंबाकू व सिगरेट पीना आदि छोड़ दें, क्योंकि धूम्रपान गले संबंधी कई गंभीर समस्याएं पैदा कर देता है। (और पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के घरेलू उपाय)
  • मसालेदार, अधिक वसा वाले और जिन खाद्य व पेय पदार्थों में अधिक कैफीन होता है, उनका सेवन ना करें। 
  • गले में इन्फेक्शन होने से बचाव रखने के लिए अपने हाथों को नियमित रूप से धोते रहें व अन्य शारीरिक स्वच्छता बनाए रखें।
  • खूब मात्रा में तरल पदार्थ पीएं, जो सीधे आपके गले के सूखेपन को आराम प्रदान करते हैं। यदि आपके शरीर में पानी की कमी हो गई है तो यह तरल पदार्थ पानी की कमी को भी पूरा करते हैं। कुछ लोग गर्म तरल पीना पसंद करते हैं तो कुछ लोग ठंडे तरल। यह आप पर निर्भर है कि आपको किस से आराम मिलता है। 

(और पढ़ें - गले में इन्फेक्शन के उपाय)

गला सूखने की जांच कैसे की जाती है?

इस स्थिति का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में आपसे पूछेंगे और आपके स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी लेंगे। गले के अंदर की अच्छी तरह से जांच करने के लिए डॉक्टर आपको कान, नाक और गले के विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास भी भेज सकते हैं। ये विशेषज्ञ डॉक्टर विशेष उपकरणों की मदद से और पर्याप्त रौशनी में गले के पिछले हिस्से की जांच करते हैं, जिसकी मदद से गले व टॉन्सिल में किसी प्रकार की सूजन, जलन या लालिमा आदि का पता लगाया जा सकता है 

 (और पढ़ें - लैब टेस्ट क्या है)

यदि आपको गला सूखने के अलावा और लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो उनके अनुसार डॉक्टर कुछ अन्य टेस्ट भी कर सकते हैं, जैसे:

  • कम्पलीट ब्लड काउंट:
    इस टेस्ट की मदद से खून में उपस्थित सफेद रक्त कोशिकाओं की जांच की जाती है, जिसकी मदद से संक्रमण आदि का पता लगाया जाता है। (और पढ़ें - ब्लड टेस्ट क्या है)
     
  • लैरिंगोस्कोपी:
    इस प्रक्रिया में धातु की एक पतली सी ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता है, इस ट्यूब के किनारे पर कैमरा और लाइट लगी होती है। इस टेस्ट प्रक्रिया की मदद से आपके गले के अंदरूनी हिस्सों को काफी करीबी से देखा जा सकता है। (और पढ़ें - बिलीरुबिन टेस्ट)
     
  • थ्रोट स्वेब टेस्ट:
    यदि आपके डॉक्टर को यह संदेह है कि आपके गले में वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो गया है,तो थ्रोट स्वेब टेस्ट किया जाता है। (और पढ़ें - क्रिएटिनिन टेस्ट क्या है)
     
  • एलर्जी टेस्ट:
    जब परीक्षण करने वाले डॉक्टर को यह लगता है कि किसी प्रकार की एलर्जी के कारण आपको गला सूखने की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर एलर्जी टेस्ट कर सकते हैं। 

(और पढ़ें - एलर्जी टेस्ट क्या है)

गले सूखने का इलाज कैसे किया जाता है?

गला सूखने का इलाज इस स्थिति के अंदरुनी कारणों के आधार पर किया जाता है।

एलर्जी के कारण गला सूखना:

यदि आपको गले में किसी प्रकार की एलर्जी के कारण सूखापन महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर सबसे पहले उन पदार्थों का पता लगाते हैं, जिनसे आपको एलर्जी होती है। इलाज करने के लिए डॉक्टर निम्न दवाएं भी लिख सकते हैं:

  • एंटीहिस्टामिन दवाएं
  • कोर्टिकोस्टेरॉयड टेबलेट व नाक में डालने वाले स्प्रे
  • नाक खोलने वाली दवाएं

(और पढ़ें - बंद नाक खोलने के उपाय)

मुंह से सांस लेने के कारण गला सूखना:

जब आपकी नाक बंद हो जाती है, तो रात को सोते समय आप मुंह से सांस लेने लग जाते हैं, इसका इलाज निम्न की मदद से किया जाता है:

  • नाक खोलने वाली दवाएं
  • एंटीहिस्टामिन 
  • नाक में उपयोग किये जाने वाले कोर्टिकोस्टेरॉयड स्प्रे

एक चिपकने वाली पट्टी (स्ट्रीप) जिसको नाक के ऊपर से लगाया जाता है, वह भी मुंह से सांस लेने की आदत को कम कर सकती है। 

(और पढ़ें - बंद नाक का इलाज)

सर्दी जुकाम व फ्लू के कारण गला सूखना:

मेडिकल इलाज के अलावा कुछ प्रकार के घरेलू उपायों की मदद से भी सामान्य सर्दी जुकाम व फ्लू को ठीक किया जा सकता है।

  • हाइड्रेट रहना:
    शरीर में पानी की सही मात्रा को बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, फलों के रस व नींबू पानी आदि पीएं। (और पढ़ें - नींबू पानी के फायदे)
     
  • आराम करना:
    शरीर को पर्याप्त आराम देने से जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। 
     
  • गरारे करना:
    नमक वाले या सादे पानी के साथ गरारे करने से गले के दर्द व सूखेपन में आराम मिलता है।
     
  • नाक खोलना: बंद हुई नाक को खोलने के लिए कुछ प्रकार की स्प्रे व दवाएं उपलब्ध हैं, जो बिना डॉक्टर की पर्ची के ही मेडिकल स्टोर से मिल जाती हैं। इसी तरह से खांसी व जुकाम को ठीक करने वाले घरेलू उपचार भी नाक खोलने में मदद कर सकते हैं। 
     
  • सिकाई करना: यदि आपको सिरदर्द या साइनस में दर्द हो रहा है, तो आप कपड़े को हल्का सा गर्म करके उससे नाक व माथे की सिकाई कर सकते हैं। इससे सिर व साइनस में दर्द के लक्षण कम हो जाते हैं।  (और पढ़ें - सिकाई करने के फायदे)

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस के कारण गला सूखना -  

नीचे उपचार के कुछ तरीके बताए गए हैं, जो इसके लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं:

  • शरीर को पर्याप्त आराम देना
  • बुखार को कम करने व दर्द को शांत करने के लिए ईबूप्रोफेन या एसिटामिनोफेन दवाएं लेना
  • गले संबंधी परेशानियों को शांत करने के लिए नमक के पानी के साथ गरारे करना

(और पढ़ें - तेज बुखार होने पर क्या करें)

एसिड रिफ्लक्स के कारण गला सूखना -

नीचे दिए गए उपचार की मदद से एसिड रिफ्लक्स की स्थिति को कम किया जा सकता है:

  • एंटासिड्स दवाएं लेना, इन दवाओं मदद से पेट के एसिड का प्रभाव कम हो जाता है। 

घरेलू उपचार -

  • शहद:
    शहद में प्राकृतिक रूप से एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो गले में आराम प्रदान करने में काफी प्रभावी होते हैं। शहद काफी गाढ़ा होता है, जो गले के अंदर अपनी परत बना लेता है और गले में सूखापन व जलन जैसी परेशानियों को कम कर देता है। चाय में शहद डालकर पीने से भी गले में काफी आराम मिलता है। (और पढ़ें - शहद के फायदे)
     
  • चूसने वाली गोलियां:
    गले को शांत करने वाली मीठी गोलियां चूसने से भी गले का सूखापन कम हो जाता है। क्योंकि ये गोलियां सीधे गले के ऊतकों को नम बना देती हैं और लार बनाने वाली ग्रंथियों को उत्तेजित करती हैं। यदि आपको लंबे समय तक ये गोलियां लेनी पड़ रही हैं, तो शुगर-फ्री गोलियों का उपयोग करें ताकि आपके दांत लंबे समय तक शुगर के संपर्क में ना रहें। शुगर फ्री चुइंगम चबाने से भी गले के सूखेपन से आराम मिलता है।
     
  • भाप लेना:
    नम वातावरण में रहने या भाप लेने से भी सूखे गले में नमी आने लगती है। समय समय पर भाप वाले शॉवर लेते रहें। (और पढ़ें - भाप लेने का तरीका)
     
  • गर्म चाय पीएं:
    ज्यादातर लोगों में गर्मागर्म तरल पदार्थ पीने से गले संबंधी समस्याओं में काफी आराम मिलता है। इसलिए कम कैफीन वाली चाय पीएं, इसके अलावा आप उसमें शहद या नींबू आदि भी मिला सकते हैं।

(और पढ़ें - नींबू के रस के फायदे)

गला सूखने से क्या समस्याएं हो सकती हैं?

गला सूखने की समस्या कई गंभीर बीमारियों का संकेत भी दे सकता है, इसलिए इसका इलाज ना करवाना कई गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है। जब गले में सूखापन पैदा करने वाली अंदरुनी समस्याओं का पता लगा लिया जाता है, तो डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार आपके लिए विशेष उपचार तैयार करते हैं। संभावित समस्याएं होने के खतरे को कम करने के लिए डॉक्टर द्वारा तैयार की गई उपचार योजना का पालन करना बहुत जरूरी होता है। 

(और पढ़ें - गले की खराश का इलाज)

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