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टोक्सोकेरिएसिस क्या है?

टोक्सोकेरिएसिस कुत्तों की आंत (टोक्सोकारा कैनिस) और बिल्लियों की आंत (टी. कैटी) में पाए जाने वाले गोलकृमि (राउन्ड्वर्म्ज़) के कारण जानवरों से मनुष्यों को होने वाला एक संक्रमण है। कोई भी टोक्सोकारा से संक्रमित हो सकता है। छोटे बच्चों और कुत्तों या बिल्लियों के मालिकों के संक्रमित होने की आशंका अधिक होती है।

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टोक्सोकेरिएसिस के लक्षण क्या हैं?

ज्यादातर लोगों में, इन राउंडवर्म लार्वा के संक्रमण से कोई लक्षण पैदा नहीं होते हैं और परजीवी कुछ महीनों के भीतर मर जाते हैं। कई बच्चों में भी लक्षण पैदा नहीं होते, लेकिन यदि होते हैं, तो उनमें बुखार, खांसी या घरघराहट, पेट दर्द, लिवर का बढ़ना या प्लीहा (स्प्लीन), भूख न लगना, चकत्ते जो कभी-कभी पित्ती की तरह दिखते हैं और लिम्फ नोड्स का बढ़ना(ग्रंथियां में सूजन) इत्यादि लक्षण शामिल हो सकते हैं।

टोक्सोकेरिएसिस आंखों को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे दृष्टि कमजोर हो जाती है, आंखों के चारों ओर सूजन हो जाती है, या भेंगापन हो जाता है। इलाज न करने पर टोक्सोकेरिएसिस रेटिना को नुकसान पहुंचा सकता है।

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टोक्सोकेरिएसिस क्यों होता है?

टोक्सोकेरिएसिस (जिसे टोक्सोकारा भी कहा जाता है) के लिए जिम्मेदार राउंडवर्म परजीवी अंडे उत्पन्न करते हैं, जो संक्रमित जानवरों के मल में होते हैं और मिट्टी को दूषित करते हैं। अंडे 10 से 21 दिनों के बाद संक्रामक हो जाते हैं, इसलिए ताजा पशु मल से कोई तात्कालिक खतरा नहीं होता है। हालांकि, एक बार अंडे रेत या मिट्टी में मिल जाने के बाद, वे कई महीनों तक जीवित रह सकते हैं।

अगर प्रदूषित मिट्टी किसी के मुंह में चली जाती है तो वह व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। एक बार जब अंडे मानव शरीर के अंदर आ जाते हैं, तो वे लार्वा (विकास के सबसे शुरुआती चरण) को निकालने और मुक्त करने से पहले आंत्र में चले जाते हैं। ये लार्वा शरीर के अधिकांश हिस्सों में यात्रा कर सकता है। हालांकि, चूंकि इंसान इस लार्वा के लिए सामान्य मेजबान नहीं हैं, इसलिए वे अंडे बनाने के लिए इस चरण से आगे नहीं बढ़ सकते हैं। इसका मतलब है कि संक्रमण मनुष्यों के बीच नहीं फैल सकता है।

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टोक्सोकेरिएसिस का इलाज कैसे होता है?

यदि आपको कोई लक्षण नहीं है या केवल हल्के लक्षण हैं, तो आमतौर पर उपचार आवश्यक नहीं होता है। हालांकि, अगर आपके अंगों को प्रभावित करने वाला गंभीर संक्रमण हो तो आपको दवा की आवश्यकता होगी। इस स्थिति के इलाज के लिए मेडिकल और सर्जिकल थेरेपी का उपयोग किया जाता है। उपचार का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य प्रभावित व्यक्ति की आंखों की रोशनी को बचाना होता है।

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  1. टोक्सोकेरिएसिस की दवा - Medicines for Toxocariasis in Hindi

टोक्सोकेरिएसिस की दवा - Medicines for Toxocariasis in Hindi

टोक्सोकेरिएसिस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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References

  1. National Health Service [Internet]. UK; Toxocariasis.
  2. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Toxocariasis FAQs
  3. Dickson Despommier. Toxocariasis: Clinical Aspects, Epidemiology, Medical Ecology, and Molecular Aspects . Clin Microbiol Rev. 2003 Apr; 16(2): 265–272. PMID: 12692098
  4. Rubinsky-Elefant G et al. Human toxocariasis: diagnosis, worldwide seroprevalences and clinical expression of the systemic and ocular forms. . Ann Trop Med Parasitol. 2010 Jan;104(1):3-23. PMID: 20149289
  5. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Toxocariasis
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