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वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस क्या होता है?

यह रोग वेस्ट नाइल वायरस के कारण होता है। यह एक पॉजिटिव स्टैंडर्ड आरएनए फ्लैविवायरस होता है। यह क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है, यह वायरस मनुष्य, पक्षियों, घोड़े और अन्य स्तनधारी जानवरों को संक्रमित कर देता है।

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वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस के लक्षण क्या हैं?

वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस का संक्रमण विकसित होने में 3 से 14 दिन तक का समय लग जाता है। इसके ज्यादातर मामलें गंभीर नहीं होते, जिनमें बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, त्वचा पर चकत्ते और लिम्फ नोड्स में सूजन जैसे लक्षण होने लग जाते हैं। हालांकि वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस से संक्रमित ज्यादातर लोगों में किसी प्रकार के लक्षण दिखाई नहीं देते।

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वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस क्यों होता है?

मच्छरों द्वारा काटना वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस का मुख्य कारण होता है। इसके लक्षण काटने के 1 से 6 दिन बाद विकसित होने लगते हैं। वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस आमतौर पर गर्मी के दिनों में अधिक होता है, क्योंकि इन दिनों में मानव, मच्छर व अन्य पक्षी ज्यादातर बाहरी वातावरण में रहते हैं। गर्मियों के दिनों में जो मच्छर विशेष रूप से सुबह और शाम के समय ही काटते हैं, वे वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस का कारण बनते हैं। लंबे समय से या अधिक मच्छरों द्वारा काटने से यह रोग होने के जोखिम बढ़ जाते हैं। 

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वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस का इलाज कैसे किया जाता है?

इस रोग का परीक्षण मरीज के लक्षणों के आधार पर किया जाता है। ज्यादातर मामलों में वेस्ट नाइल एन्सेफलाइटिस की पुष्टि करने के लिए खून टेस्ट, पेशाब टेस्ट और सेरिब्रोस्पाइनल फ्लूड की जांच की जाती है।

वेस्ट नाइल वायरस के कारण होने वाले इस रोग का इलाज संभव नहीं है। ज्यादातर मामलों में इसके इलाज का मुख्य लक्ष्य इस रोग से होने वाली जटिलताओं का इलाज करना होता है, जैसे बुखार, बदन दर्द, लो बीपी, दौरे पड़ना, अधिक खून बहना या खोपड़ी के अंदर का दबाव बढ़ना।

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