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लो बीपी (रक्तचाप) को हाइपोटेंशन भी कहा जाता है। यह तब होता है जब रक्तचाप सामान्य से काफी कम हो जाता है। इसका अर्थ है कि हृदय, मस्तिष्क और शरीर के अन्य भागों में पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। आदर्श रूप से रक्तचाप, 120/80 (सिस्टोलिक/डायस्टोलिक) से कम होना चाहिए। सिस्टोलिक के लिए 90 मिलीमीटर एचजी से कम और डायस्टोलिक के लिए 60 मिलीमीटर एचजी से कम को लो बीपी माना जाता है।

बिना किसी लक्षण या संकेत के लो बीपी अस्वस्थ नहीं होता है। चक्कर आना और बेहोशी दोनों लो बीपी के मुख्य लक्षण हैं। ये लक्षण सबसे आम हैं जब व्यक्ति लेटने या बैठने के बाद खड़ा होता है। लो बीपी के सामान्य कारण हैं रक्त की मात्रा में कमी, हृदय रोग और दवाएं।

दोनों लो और हाई बीपी का जोखिम आमतौर पर उम्र बढ़ने के कारण बढ़ता है। लो बीपी का उपचार इसके होने के कारण पर निर्भर करता है।

  1. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) के प्रकार - Types of Low Blood Pressure (Hypotension) in Hindi
  2. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) के लक्षण - Low Blood Pressure (Hypotension) Symptoms in Hindi
  3. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) के कारण और जोखिम कारक - Low Blood Pressure (Hypotension) Causes & Risk Factors in Hindi
  4. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) से बचाव - Prevention of Low Blood Pressure (Hypotension) in Hindi
  5. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) का परीक्षण - Diagnosis of Low Blood Pressure (Hypotension) in Hindi
  6. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) का इलाज - Low Blood Pressure (Hypotension) Treatment in Hindi
  7. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) की जटिलताएं - Low Blood Pressure (Hypotension) Complications in Hindi
  8. लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  9. बीपी (ब्लड प्रेशर) कम होने पर क्या करे
  10. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) के घरेलू उपाय
  11. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) की होम्योपैथिक दवा और इलाज
  12. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं और परहेज
  13. लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) की दवा - Medicines for Low Blood Pressure (Hypotension) in Hindi

लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) के प्रकार - Types of Low Blood Pressure (Hypotension) in Hindi

लो बीपी के निम्नलिखित प्रकार होते हैं -

  1. ऑर्थोस्टैटिक, पोस्टरॉल या हाइपोटेंशन (Orthostatic, or postural, hypotension) (खड़े होने के बाद रक्तचाप में कमी आना) - इस प्रकार के लो बीपी में लेटने या बैठने के बाद खड़े होने पर रक्तचाप में अचानक गिरावट आती है।
     
  2. पोस्टप्रेंडियल हाइपोटेंशन (Postprandial hypotension) (खाने के बाद रक्तचाप में कमी आना) - इस प्रकार के लो बीपी में खाने के बाद रक्तचाप में अचानक गिरावट आती है। ज्यादातर यह बड़ी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है।
     
  3. न्यूरली मेडिएटेड हाइपोटेंशन (Neurally mediated hypotension) (मस्तिष्क संकेतों में कमी के कारण रक्तचाप में कमी आना) - इसमें लंबे समय तक खड़े होने के बाद रक्तचाप में कमी आती है। यह ज्यादातर युवा और बच्चों को प्रभावित करता है। यह हृदय और मस्तिष्क के बीच गलत समन्वय के कारण होता है।
     
  4. न्यूरली मेडिएटेड हाइपोटेंशन (Neurally mediated hypotension) (तंत्रिका तंत्र के नुकसान के कारण रक्तचाप में कमी आना) - इस प्रकार के लो बीपी को शाय-ड्रेजर सिंड्रोम (Shy-Drager syndrome) भी कहा जाता है। यह दुर्लभ अव्यवस्था तंत्रिका तंत्र को प्रगतिशील क्षति पहुंचाती है जो अनैच्छिक गतिविधिओं को नियंत्रित करती है जैसे - रक्तचाप, हृदय की गति, साँस और पाचन। यह लेटने के दौरान उच्च रक्तचाप से सम्बंधित होता है।

लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) के लक्षण - Low Blood Pressure (Hypotension) Symptoms in Hindi

जब रक्तचाप शरीर के अंगों को पर्याप्त रक्त नहीं दे पाता है, तो शरीर के अंग ठीक से काम नहीं कर पाते हैं और अस्थायी या स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। लो बीपी के लक्षण उसके होने के कारण पर निर्भर करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि रक्त मस्तिष्क में अपर्याप्त रहता है, तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्राप्त नहीं होते हैं जिससे चक्कर आना या बेहोशी हो सकती है।

लो बीपी के सबसे आम लक्षण हैं चक्कर आना और बेहोशी।

किसी रोग के कारण होने वाले लो बीपी के लक्षण निम्नलिखित हैं -

  1. ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन (Orthostatic hypotension)
    बैठने या लेटने के बाद खड़े होने पर अक्सर कम रक्तचाप के लक्षण सामने आते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खड़े होने के कारण शरीर के निचले हिस्से की नसों में रक्त जाता है जिससे रक्तचाप कम हो सकता है। यदि रक्तचाप पहले से ही कम है तो उसके लक्षण और बिगड़ सकते हैं। कम रक्तचाप के कारण खड़े होने पर चक्कर आना या बेहोशी हो सकती है।
     
  2. दिल की बीमारी
    सीने में दर्द (एनजाइना का एक लक्षण) या दिल का दौरा, कोरोनरी धमनियों (हृदय की मांसपेशियों को रक्त प्रदान करने वाली धमनियां) में रक्त प्रदान करने के लिए अपर्याप्त प्रेशर के कारण होता है।
     
  3. गुर्दे की बीमारी
    जब गुर्दों को अपर्याप्त रक्त मिलता है, तो गुर्दे शरीर से व्यर्थ पदार्थ निकालने में विफल हो जाते हैं और रक्त में उनके स्तर में वृद्धि हो जाती है।
     
  4. शॉक
    यह एक जानलेवा स्थिति है जिसमें लगातार कम रक्तचाप के कारण गुर्दे, यकृत, हृदय, फेफड़े और मस्तिष्क जैसे अंग तेज़ी से विफल हो जाते हैं।

लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) के कारण और जोखिम कारक - Low Blood Pressure (Hypotension) Causes & Risk Factors in Hindi

लो बीपी के कारण निम्नलिखित हैं -

  1. एलर्जी प्रतिक्रिया (एनाफिलेक्सिस)
    एनाफिलेक्सिस (Anaphylaxis) नामक एक जानलेवा एलर्जी की प्रतिक्रिया अक्सर रक्तचाप में अचानक गिरावट का कारण बनती है। इसके लक्षणों में खुजली, त्वचा के चकत्ते, साँस लेने में कठिनाई, गले और जीभ में सूजन, पेट में ऐंठन, मतली और दस्त शामिल हैं। यह एलर्जी दवाओं, जड़ी-बूटियों, पूरक आहारों, खाद्य पदार्थ (जैसे मूंगफली), मधुमक्खी के डंक या अन्य गंभीर एलर्जी की वजह से हो सकती है।
     
  2. खून की कमी
    सर्जरी के दौरान जटिलताएं, गंभीर चोट या खून के आंतरिक रिसाव के कारण बहुत अधिक खून बह जाने से रक्तचाप में कमी आ सकती है। इसकी गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि कितना खून निकला है।
     
  3. अंतःस्रावी समस्याएं
    अंतःस्रावी विकार, जिन्हें हार्मोन संबंधी विकार भी कहा जाता है, हाइपोटेंशन का कारण बन सकते हैं। अंतःस्रावी समस्या तब होती है जब शरीर में बहुत अधिक या बहुत कम हार्मोन बनते हैं। कुछ समस्याएं जैसे कि हाइपोथायरॉयडिज़्म, हायपरथायरॉयडिज़्म, एडिसन रोग, शुगर की कमी और मधुमेह, लो बीपी का कारण बन सकते हैं।
     
  4. निर्जलीकरण
    निर्जलीकरण के कारण भी लो बीपी हो सकता है। हल्के निर्जलीकरण में चक्कर आना और कमज़ोरी हो सकती है। गंभीर निर्जलीकरण से हाइपोवेल्मिक शॉक (Hypovolemic shock) नामक जटिलता हो सकती है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर में हुई रक्त की कमी की मात्रा रक्तचाप में अचानक गिरावट का कारण बनती है  जिससे शरीर के ऊतकों और अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलता है। अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो कुछ मिनटों से घंटों में हाइपोवेल्मीक शॉक घातक हो सकता है।
     
  5. हृदय की समस्याएं
    ह्रदय की समस्याएं जैसे हृदय गति में अधिक कमी (ब्रेडीकार्डिया), हृदय के वाल्व की समस्याएं, दिल का दौरा और हृदय की विफलता सहित अन्य समस्याएं हाइपोटेंशन पैदा कर सकती हैं। ये स्थितियां शरीर के ऊतकों और अंगों में पर्याप्त रक्त परिसंचरण से रोकती हैं।
     
  6. दवाएं
    कई दवाएं जैसे ड्यूरेटिक्स, रक्तचाप-कम करने वाली दवाएं, हृदय की दवाइयां (जैसे कि बीटा ब्लॉकर्स या कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स), पार्किंसंस रोग की दवाएं, ट्राइसाइक्लिक एंटीडेप्रेसेंट्स, स्तम्भन दोष की दवाएं (जैसे कि वायग्रा), नशीले पदार्थ और शराब रक्तचाप को कम कर सकते हैं।
     
  7. पोषण संबंधी कमियां
    जिन लोगों में विटामिन बी-12 और फोलेट की कमी होती है, उन्हें एनीमिया हो सकता है। एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण रक्तचाप काम हो सकता है। जिन लोगों खाने के विकार हैं जैसे एनोरेक्सिया या बुलीमिया, उनमें पोषक तत्वों की कमियों हो सकती है जिससे लो बीपी हो सकता है।
     
  8. गर्भावस्था
    गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का रक्तचाप अक्सर कम हो जाता है। इसका कारण यह है कि गर्भावस्था के दौरान मां की संवाहक प्रणाली (Circulatory system) बहुत जल्द फैलती है। गर्भावस्था के पहले 24 हफ्तों के दौरान, एक महिला का सिस्टॉलिक रक्तचाप पांच से दस अंक और डायस्टॉलिक रक्तचाप दस से पंद्रह अंक कम होना सामान्य है।
     
  9. सैप्टीसीमिया (Septicemia) और सेप्टिक शॉक (Septic shock)
    एक गंभीर संक्रमण, जिसे सैप्टीसीमिया कहा जाता है, हाइपोटेंशन पैदा कर सकता है। सैप्टीसीमिया तब होता है रक्त में संक्रमण है और पूरे शरीर में फ़ैल जाता है। दिल पूरे शरीर में तेज़ी से रक्त पंप नहीं कर पाटा और इससे रक्तचाप कम हो जाता है। जब रक्तचाप खतरनाक तरीके से कम हो जाता है, तो इस स्थिति को सेप्टिक शॉक कहा जाता है।

लो बीपी होने का जोखिम निम्न कारकों की वजह से बढ़ जाता है -

  1. आयु - खड़े होने या खाने के बाद रक्तचाप में कमी आना 65 साल से अधिक उम्र के लोगों में ज़्यादा होता है। न्यूरली मेडिएटेड हाइपोटेंक्शन मुख्यतः बच्चों और युवाओं को प्रभावित करता है।
  2. दवाएं - जो लोग कुछ दवाएं लेते हैं जैसे उच्च रक्तचाप की दवाएं (अल्फा ब्लॉकर्स), उन्हें कम रक्तचाप होने का अधिक जोखिम होता है।
  3. कुछ रोग - पार्किंसंस रोग, मधुमेह और कुछ दिल की स्थितियां आपको कम रक्तचाप के विकास के एक अधिक जोखिम में डाल देती हैं।

लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) से बचाव - Prevention of Low Blood Pressure (Hypotension) in Hindi

लो बीपी से बचने के निम्नलिखित उपाय हैं -

  1. अल्कोहल का सेवन कम करें
    शराब निर्जलीकरण कर सकती है और रक्तचाप को कम कर सकती है। पानी पीने से निर्जलीकरण दूर होता है और रक्त की मात्रा बढ़ जाती है।
     
  2. स्वस्थ खाएं
    अनाज, फल, सब्ज़ियां और मछली सहित विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ खाएं जिनसे आपको अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मिलें।
     
  3. अपने शरीर की मुद्रा का ध्यान रखें
    बैठने की स्थिति के बाद धीरे से खड़े हों। एक पैर को दूसरे पैर पर चढ़ाकर न बैठें।
     
  4. थोड़ा और कम कार्बयुक्त भोजन खाएं
    भोजन के बाद रक्तचाप के तेज़ी से कम होने को रोकने के लिए, दिन में कई बार छोटे हिस्से में भोजन खाएं और आलू, चावल, पास्ता और रोटी जैसे उच्च कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।

आपके डॉक्टर आपको भोजन के साथ कैफीनयुक्त कॉफी या चाय पीने की सलाह दे सकते हैं ताकि अस्थायी रूप से आपका रक्तचाप बढ़ जाए लेकिन कैफीन अन्य समस्याएं पैदा कर सकता है इसीलिए अधिक कैफीनयुक्त पेय पदार्थ पीने से पहले अपने चिकित्सक से बात करें।

लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) का परीक्षण - Diagnosis of Low Blood Pressure (Hypotension) in Hindi

लो बीपी के निदान के लिए आपके चिकित्सक इतिहास की जाँच और शारीरिक परीक्षा की जाती है। यदि कम रक्तचाप बिना किसी अन्य लक्षण के मौजूद होता है, तो भविष्य में जाँच के दौरान चिकित्सक को आसानी होगी।
शारीरिक परीक्षा में आपकी मुद्रा संबंधी महत्वपूर्ण लक्षण शामिल हो सकते हैं। इसमें लेटने और खड़े होने पर मरीज़ का ब्लड प्रेशर और पल्स रेट लिया जाता है। यदि रक्तचाप कम होता है या पल्स की दर बढ़ जाती है, तो यह निर्जलीकरण या रक्तस्राव के कारण संचार प्रणाली में कम रक्त के होने का सूचक हो सकता है।

आपके डॉक्टर आपके निम्नलिखित परीक्षण भी कर सकते हैं -

  1. रक्त परीक्षण (Blood test)
    यह परीक्षण आपके पूरे स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है और साथ ही आपके रक्त शर्करा (हाइपोग्लाइसीमिया), उच्च रक्त शर्करा (हाइपोग्लाइसीमिया या मधुमेह) या कम लाल रक्त कोशिका की गिनती (एनीमिया) के बारे में भी बता सकता है जिनके कारण लो बीपी होता है।
     
  2. इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी; ECG)
    इस पीड़ारहित परीक्षण में मुलायम, चिपचिपे पैच (इलेक्ट्रोड) आपकी छाती, हाथों और पैरों की त्वचा पर लगाए जाते हैं। यह पैच आपके दिल के विद्युत संकेतों का पता लगाते हैं और एक मशीन उन्हें ग्राफ पेपर पर रिकॉर्ड करती है या उन्हें स्क्रीन पर प्रदर्शित करती है।
     
  3. इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram)
    यह परीक्षण जिसमें आपकी छाती का अल्ट्रासाउंड टेस्ट होता है, आपके दिल की संरचना और कार्य का चित्र दिखाता है।
  4. तनाव परीक्षण
    कुछ हृदय की समस्याएं जो निम्न रक्तचाप करती हैं, उनका विश्लेषण करना तब आसान होता है जब आपका हृदय आराम करता है। तनाव परीक्षण के दौरान, आप व्यायाम करेंगे और यदि आप व्यायाम करने में असमर्थ हैं, तो आपके ह्रदय को ज़्यादा काम करने के लिए दवा दी जा सकती है।
     
  5. तेजी से साँस छोडना
    यह परीक्षण आपके हृदय की गति और साँस लेने के चक्रों के बाद रक्तचाप का विश्लेषण करके आपकी तंत्रिका तंत्र के कार्य को जांचता है। इसमें आप एक गहरी साँस लेते हैं और फिर अपने होंठों से हवा को निकालते हैं जैसे कि गुब्बारा फुलाने की कोशिश कर रहे हैं।

लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) का इलाज - Low Blood Pressure (Hypotension) Treatment in Hindi

निम्न रक्तचाप जो या तो लक्षण पैदा नहीं करता है या केवल हल्के लक्षण करता है, उसे उपचार की आवश्यकता नहीं होती है ।

यदि आपको लक्षण होते हैं, तो आपका उपचार उसके होने के कारणों पर निर्भर करेगा। उदाहरण के लिए, जब लो बीपी दवाओं के कारण होता है, तो आमतौर पर दवा बदलने या रोकने या खुराक कम करने से उसका उपचार किया जाता है।

यदि यह स्पष्ट नहीं होता है कि लो बीपी किस कारण हो रहा है या इसका कोई इलाज नहीं है, तो आपके रक्तचाप को बढ़ाने और लक्षणों को बेहतर करने के लिए इलाज किया जाता है।
आपकी उम्र, स्वास्थ्य और आपके लो बीपी के प्रकार के आधार पर आप निम्नलिखित तरीकों से इलाज कर सकते हैं -

  1. अधिक नमक का प्रयोग करें
    आमतौर पर आहार में नमक को सीमित रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि सोडियम रक्तचाप बढ़ा सकता है। कम रक्तचाप से ग्रस्त लोगों के लिए, नमक अच्छा हो सकता है लेकिन अधिक सोडियम हृदय की विफलता का कारण बन सकता है, इसीलिए अपने आहार में नमक बढ़ाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
     
  2. अधिक पानी पिएं
    द्रव, रक्त की मात्रा में वृद्धि करते हैं और निर्जलीकरण को रोकने में मदद करते हैं जो दोनों ही लो बीपी के इलाज में महत्वपूर्ण होते हैं।
     
  3. दबाव वाले मोज़े पहनें
    दबाव वाले मोज़े जो पैरों में दर्द और सूजन को दूर करते हैं, वह आपके पैरों में रक्त के थक्कों को कम करने में मदद करते हैं।
     
  4. दवाएं
    बैठकर या सोकर उठने के बाद खड़े होने पर होने वाले लो बीपी (आर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन) के उपचार के लिए कई दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। चिकित्सक पुराने आर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन से ग्रस्त लोगों के इलाज के लिए अक्सर मीडोडराइन (ओर्वेटन) नामक दवा का उपयोग करते हैं। यह आपकी रक्त वाहिकाओं की विस्तार करने की क्षमता को सीमित करती है, जो रक्तचाप को बढ़ाती है।

लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) की जटिलताएं - Low Blood Pressure (Hypotension) Complications in Hindi

लो बीपी की जटिलताएं -

यदि कम रक्तचाप शरीर के अंगों में रक्त के प्रवाह की कमी करता है, तो उन अंगों का विफल होना शुरू हो सकता है जिससे स्ट्रोक, दिल का दौरा, गुर्दे की विफलता और आंत्र इस्किमिया (छोटी और बड़ी आंत में रक्त की कमी) हो सकते हैं।

स्ट्रोक और मृत्यु लंबे समय तक कम रक्तचाप का अंतिम परिणाम होते हैं

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लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) की दवा - Medicines for Low Blood Pressure (Hypotension) in Hindi

लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
KolqKolq Capsule28
WikorylWIKORYL 325 TABLET DT 10S32
AlexALEX 100ML SYRUP79
Solvin ColdSOLVIN COLD DROPS 15ML40
Tusq DXTUSQ DX 100ML SYRUP62
Febrex PlusFEBREX PLUS 60ML SYRUP49
Ascoril DAscoril D 5 Mg/10 Mg/1.25 Mg Syrup77
Sinarest LevoSinarest Levo Tablet47
Low DexLow Dex Eye/Ear Drops8
LpcLpc Syrup45
Ebast DcEbast Dc 10 Mg/10 Mg Tablet76
Vilcold ZVilcold Z Syrup43
Kufma SyrupKUFMA SYRUP 100ML52
Allercet ColdAllercet Cold 5 Mg/10 Mg/500 Mg Tablet48
Kufma Junior Cough SyrupKUFMA JUNIOR COUGH SYRUP 60ML44
FlucozyFlucozy Tablet31
Levo SetrideLevo Setride 5 Mg Tablet32
Torex ApTorex Ap Syrup68
Kufma DR SyrupKUFMA DR SYRUP 100ML71
Lezyncet ColdLezyncet Cold Tablet0
Quick Action (Kopran Ltd)Quick Action Tablet12
Burex PlusBurex Plus Syrup23

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लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल 8 महीना पहले

मैं 31 साल की महिला हूं। मेरा ब्लड प्रेशर 90/60 रहता है और हार्ट बीट 80-85 बीट प्रति मिनट। क्या मुझे अपने हेल्थ को लेकर काॅन्शस होना चाहिए?

Dr. Ayush Pandey MBBS, सामान्य चिकित्सा

जो रेंज आप बता रही हैं, इसके मुताबिक आप अपने आहार में नमक की जरा सी मात्रा बढ़ा दें। इसके अलावा नियमित वॅाक करें। अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके अपनी स्थिति को सुधार सकते हैं।अगर ऐसा न हो, तो डाक्टर से पर्सनली मिलकर अपने हेल्थ के बारे में बताएं।

सवाल 7 महीना पहले

लो बीपी का तुरंत इलाज कैसे करें?

Dr. BK Agrawal MBBS, MD, सामान्य चिकित्सा

एकाएक बीपी लो होने पर उसे तुरंत हाई किया जाना जरूरी है। इसके लिए निम्न उपायों को आजमाएं-

  • सॅाल्टी स्नैक: हाईपरटेंशन होने पर नमक कम खाया जाना चाहिए। जबकि लो ब्लड प्रेशर में ऐसा नहीं है। लो ब्लड प्रेशर होने पर सॅाल्टी बिस्किट खाएं। इससे लो बीपी को नियंत्रित कर सकते हैं।
  • पानी पिएं: लो ब्लड प्रेशर होने की एक वजह डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण है। मतलब यह कि जब भी लो बीपी हो तो तुरंत खूब पानी पिएं। फर्क दिखने लगेगा।
  • कैफीन पिएं: कैफीन रक्त धमनियों को संकुचित करता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। इसलिए जब भी ब्लड प्रेशर लो हो तो तुरंत कैफीन का सेवन करें।
 

सवाल 7 महीना पहले

मेरी उम्र 22 साल है। मेरा बीपी हमेशा लो रहता है। कृपया बताएं कि मुझे अपना बीपी सामान्य रखने के लिए क्या करना चाहिए?

Dr. Haleema Yezdani MBBS, सामान्य चिकित्सा

क्या आपने बीपी किसी डाक्टर से करवाया है या फिर खुद किया है? वैसे आपने यह भी नहीं बताया कि आपके बीपी की रेंज कितनी है? बिना रेंज जाने उपाय बताना संभव नहीं है। इसके अलावा बीपी कम होने की कई वजह हो सकती है जैसे प्रेगनेंसी, एनीमिया, किसी दवाई का प्रभाव। बेहतर है आप किसी डाक्टर से संपर्क करें।

सवाल 6 महीना पहले

ब्लड प्रेशर लो होने से क्या होता है?

Dr. Braj Bhushan Ojha BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेदा, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक

अचानक ब्लड प्रेशर लो होने पर आपको निम्न समस्याएं हो सकती हैं-

  • चक्कर आना।
  • धुंधला दिखना।
  • कमजोरी आना।
  • मितली और उल्टी आना।
  • त्वचा का नीला पड़ जाना।
  • त्वचा में चिपचिपापन और ठंडापन महसूस करना।
  • चीजों को लेकर कंफ्यूज होना।
  • सांसों की गति का तीव्र होना।
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना।
  • हर समय नींद आना।

References

  1. National Health Service [internet]. UK; Low blood pressure (hypotension)
  2. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; https://www.emedicinehealth.com/low_blood_pressure/article_em.htm#exams_and_tests_for_low_blood_pressure
  3. Kim A.W., Maxhimer J.B. (2008) Hypotension in the Postoperative Patient. In: Myers J.A., Millikan K.W., Saclarides T.J. (eds) Common Surgical Diseases. Springer, New York, NY
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  8. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Low blood pressure
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