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कीड़े के काटने का क्या मतलब होता है?

अधिकतर लोगों को जीवन में किसी न किसी कीड़े ने एक बार तो जरूर काटा या डंक मारा ही होगा। आपको बता दें कि ज्यादातर कीड़ों के काटने और डंक मारने से हल्के दुष्प्रभाव होते हैं। कीड़े के काटने के बाद त्वचा पर लालिमा, खुजली और हल्की सूजन आ जाती है। कुछ कीड़ों (जैसे मधुमक्खी या ततैया) के काटने या डंक मारने से शरीर में गंभीर प्रतिक्रिया होती है, जबकि कुछ कीड़े अन्य प्रकार की किसी बीमारी के फैलाने का भी कारण बनते हैं। 

(और पढ़ें - मधुमक्खी के काटने पर इलाज​)

कीड़े काटने के क्या लक्षण होते हैं? 

कीड़े के द्वारा काटने और डंक मारने के लक्षण कई कारकों पर निर्भर करते हैं। अधिरकतर लोगों को कीड़े के काटने पर निम्न तरह के लक्षण महसूस होते हैं - 

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कीड़े के काटने या डंक मारने से होने वाली गंभीर रिएक्शन के लक्षण-

(और पढ़ें - बेहोश होने पर क्या करें)

कीड़े के काटने के कारण क्या हैं? 

ज्यादातर कीड़े व्यक्ति को तब ही काटते या डंक मारते हैं जब वह व्यक्ति से किसी प्रकार का खतरा महसूस करते हैं। अधिकतर मामलों में कीड़े खुद को बचाने के लिए व्यक्ति को काटते हैं। व्यक्ति के द्वारा अनजाने में कीड़ों के घर के छूना या उनको परेशान करना भी इसकी मुख्य वजह होती है। 

कीड़े के काटने या डंक मारने पर प्रोटीन व अन्य पदार्थों से बना जहर व्यक्ति के शरीर में जाकर एलर्जिक रिएक्शन का कारण बनता है। साथ ही इसके कारण ही त्वचा के प्रभावित हिस्से पर लालिमा और सूजन आ जाती है।

(और पढ़ें - प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग)

कीड़े के काटने​​ का इलाज कैसे होता है?

कीड़े काटने के अधिकतर हल्के मालमों को घरेलू इलाज से ही सही किया जा सकता है। अगर कीड़े का डंक त्वचा पर हो तो उसको निकाल लें, इसके बाद प्रभावित हिस्से को अच्छी तरह से धोते हुए साफ करें और दर्द व सूजन को कम करने के लिए ठंडी सिकाई करें।

यदि कीड़े के काटने से आपको गंभीर प्रतिक्रिया हो तो डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर आपके लक्षणों को कम करने के लिए जख्म पर लगाने वाली क्रीम, दर्द निवारक दवाएं और एंटीहिस्टेमिन्स (antihistamines) दवाएं दते हैं। 

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  1. कीड़े के काटने के लक्षण - Insect bites Symptoms in Hindi
  2. कीड़े के काटने के कारण - Insect bites Causes in Hindi
  3. कीड़े के काटने के बचाव के उपाय - Prevention of Insect bites in Hindi
  4. कीड़े के काटने का परीक्षण - Diagnosis of Insect bites in Hindi
  5. कीड़े के काटने का उपचार - Insect bites Treatment in Hindi
  6. कीड़े के काटने की जटिलताएं - Insect bites Risks & Complications in Hindi
  7. कीड़े का काटना (डंक मारना) की दवा - Medicines for Insect bites and stings in Hindi
  8. कीड़े का काटना (डंक मारना) के डॉक्टर

कीड़े के काटने के लक्षण क्या हैं?

यदि आपको मच्छर, मक्खी, मधुमक्खी, ततैया, चींटी, पिस्सू, अन्य उड़ने वाले कीट या चलने वाले कीड़े आदि में से किसी ने काट लिया है, तो आमतौर पर उससे थोड़ा सा रिएक्शन हो जाता है। 

जब कोई कीट का कीड़ा काटते समय या डंक मारते समय आपकी त्वचा में उनका जहर या प्रोटीन जैसा कोई अन्य द्रव छोड़ देते हैं, तो उससे द्रव के प्रति आपकी त्वचा रिएक्शन करती है। ऐसी स्थिति में कीड़े के काटने की जगह पर निम्नलिखित कुछ लक्षण विकसित हो जाते हैं:

कीड़े के काटने के लक्षण कीड़े के प्रकार के अनुसार अलग-अलग भी हो सकते हैं, जैसे:

  • वास्प (ततैया की तरह दिखने वाला कीट) का डंक मारना:
    • वास्प के डंक मारने से अचानक तीव्र दर्द होता है और साथ ही त्वचा में सूजन आना शुरू हो जाती है। डंक वाले स्थान पर निशान पड़ सकता है और उसके आस-पास की त्वचा लाल हो जाती है। दर्द, खुजली और त्वचा पर निशान कुछ घंटों तक रह सकता है। 
    • कभी-कभी डंक के आस-पास के बड़े क्षेत्र में दर्द, सूजन व लालिमा हो सकती है। कुछ मामलों में इससे होने वाली सूजन लगभग एक हफ्ते तक भी रह सकती है। यह एक आम एलर्जिक रिएक्शन होता है, जिसमें आमतौर पर चिंता की कोई बात नहीं होती। 
       
  • मधुमक्खी का काटना:
    मधुमक्खी के काटने से ऐसा ही तीव्र दर्द महसूस होता है, जैसा वास्प के काटने से होता है। लेकिन इसके काटने से अक्सर घाव बन जाता है। मधुमक्खी के डंक मारने से प्रभावित जगह में सूजन, लालिमा और दर्द होता है, जो कुछ घंटे रहता है। वास्प के डंक मारने की तरह ही मधुमक्खी के डंक से भी हल्का सा एलर्जिक रिएक्शन हो जाता है, जो एक हफ्ते तक रह सकता है।
     
  • मच्छर का काटना:
    मच्छर के काटने से अक्सर त्वचा पर त्वचा का छोटा सा हिस्सा उभर जाता है और लाल हो जाता है। मच्छर के काटने से अक्सर काफी खुजली होती है। बहुत ही कम मामलों में मच्छर के काटने से द्रव से भरे फफोले भी बन जाते हैं।
    (और पढ़ें - मच्छर के काटने से होने वाले रोग)

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

कुछ स्थितियां है जिनमें जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए, जैसे:

  • यदि आपको कीट के काटने से गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो गया है
  • प्रभावित जगह पर नजर रखें और एलर्जिक रिएक्शन के संकेतों की पहचान करते रहें। यदि आपको पहले भी कभी कीट के काटने पर रिएक्शन हो चुका है, तो ऐसे में बिलकुल भी इंतजार ना करें और जल्द से जल्द अस्पताल जाने की कोशिश करें। 
  • यदि कीड़े ने आपके चेहरे या गर्दन पर काटा है। ऐसी जगहों पर सूजन तीव्रता से बढ़ती है, जिससे श्वसन मार्ग बंद होने लग जाते हैं। 

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कीड़े क्यों काटते हैं?

कीट मुख्य रूप से दो प्रकार से काटते हैं, डंक मारना और काटना जिनमें निम्नलिखित कीड़े शामिल हैं:

डंक मारने वाले कीट या कीड़े:

  • मधुमक्खी
  • वास्प (ततैया के जैसा दिखने वाला पीले रंग का कीट)

काटने व खून चूसने वाले कीड़े व कीट:

  • टिक
  • मक्खी
  • मच्छर
  • खटमल
  • पिस्सू

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इन में से कोई भी कीट जहरीला नहीं होता लेकिन इनमें से कुछ के मुंह से ऐसा द्रव निकलता है, जो त्वचा में तकलीफ पैदा कर सकता है या एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकता है। जबकि कुछ के काटने से इन्फेक्शन भी हो सकता है।

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ज्यादातर प्रकार के कीड़े मनुष्य को खुद से नहीं काटते हैं, जब तक उन्हे उकसाया ना जाए। कीट व कीड़े ज्यादातर खुद से बचाव के रूप में ही काटते या डंक मारते हैं। जब किसी कारण से उनके छत्तों या घरों को छुआ या खदेड़ा जाता है तो वे अपने बचाव के रूप में काटने लगते है। (इसलिए उनके छत्तों आदि को नहीं छेड़ना चाहिए)

कीड़े काटने के दौरान त्वचा के अंदर जहरीला पदार्थ (एक प्रकार का प्रोटीन या अन्य पदार्थ) छोड़ देते हैं, जो पीड़ित व्यक्ति में एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर देता है। कीड़े के काटने पर प्रभावित जगह में सूजन व लालिमा भी हो जाती है। 

  • जब मक्खियां डंक मारती हैं, तो वे इस दौरान पूरा डंक व्यक्ति की त्वचा में छोड़ देती हैं और इस प्रक्रिया के दौरान खुद भी मर जाती हैं। 
  • वास्प एक साथ कई डंक मार देते हैं क्योंकि वे इस दौरान अपना डंक त्वचा में नहीं छोड़ते। 
  • मच्छर खुद के बचाव के लिए नहीं काटते, बल्कि उन्हें भोजन के लिए खून चाहिए होता है, जिसके लिए वे काटते हैं और खून चूसते हैं। 
    • आमतौर पर ज्यादातर प्रकार के मच्छर कोई गंभीर बीमारी या एलर्जिक रिएक्शन पैदा नहीं करते हैं। यदि मच्छरों के अंदर रहने वाले सूक्ष्म जीव डंक के दौरान किसी व्यक्ति के शरीर में चले जाएं तो उससे स्वास्थ्य संबंधी अन्य रोग भी हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

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कुछ अन्य प्रकार के कीड़े व कीट जो खून चूसने के लिए काटते हैं, उनसे भी कई प्रकार के रोग हो सकते है, जिनके बारे में नीचे बताया गया है:

  • जूं के काटने से एक प्रकार का संक्रामक बुखार हो जाता है (और पढ़ें - बुखार में क्या नहीं खाना चाहिए)
  • टिक (Ticks) के काटने से लाइम रोग व इस जैसी अन्य बीमारियां हो जाती हैं। टिक भी भोजन के लिए ही काटते है।
  • खटमल व व अन्य सूक्ष्म कीट (जैसे माइट्स) आदि के काटने से अक्सर थोड़ी खुजली व कभी-कभी थोड़ी बहुत सूजन हो जाती है।
  • मकड़ी के काटने से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। मकड़ी आमतौर पर खुद के बचाव के रूप में ही काटती है। (और पढ़ें - मकड़ी के काटने पर क्या करें)
  • अन्य कीट व कीड़े काटने के दौरान सूक्ष्म जीवों व रोगजनकों को त्वचा में प्रसारित करके ही रोग फैलाते हैं। उदाहरण के लिए जहां पर स्वच्छता ना हो ऐसी जगह पर सामान्य मक्खियां भी रोग फैला सकती हैं। ये मक्खियां मल या किसी अन्य दूषित पदार्थ पर बैठ कर भोजन पर बैठ जाती हैं और भोजन को भी दूषित कर देती हैं। ऐसी स्थिति में आंत में संक्रमण जैसे रोग हो सकते हैं।

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कीड़े के काटने से बचाव कैसे करें?

कीट व कीड़े के काटने व उनसे होने वाली जटिलताओं से बचाव करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं, जैसे:

  • अपने घर में नियमित रूप से मक्खियों को भगाने वाले उत्पादों का उपयोग करना। यदि घर के अंदर बहुत अधिक मक्खियां हैं, तो फ्यूमिगेशन (धुआं करना) की आवश्यकता पड़ सकती है। 
  • मक्खियों व मच्छरों को भगाने के लिए स्प्रे या कॉइल आदि का इस्तेमाल करें। ये स्प्रे व कॉइल डंक मारने वाले कीटों पर काम नहीं करते। यह भी सुनिश्चित कर लें कि आपके घर के आस-पास कहीं पानी इकट्ठा तो नहीं हुआ है। 
  • घर से बाहर जाते समय हमेशा जूते पहनें, नंगे पैर घर से बाहर बिलकुल ना निकलें (और पढ़ें - डेंगू कैसे फैलता है)
  • शाम होते ही मच्छरों से बचाव करने वाले कपड़े पहन लें और रात को मच्छरदानी लगाकर पंखे के सामने सोएं।
  • डंक मारने वाले कीटों के के छत्ते के आस-पास ना रहें। यदि आपने किसी कीट या उसके छत्ते को छेड़ दिया है, तो शांत रहें और धीरे-धीरे वहां से चलें जाएं। कीट पर तेजी से प्रहार करने की कोशिश ना करें, इसकी बजाए उन्हें हाथों से धीरे-धीरे धकेलने की कोशिश करें।
  • यदि आप घर से बाहर कुछ खा रहें हैं, तो सावधान रहें क्योंकि भोजन कीट व कीड़ों को आकर्षित करता है। 
  • यदि आपको पता है कि आपको कीट या कीड़े के काटने से गंभीर एलर्जिक रिएक्शन (जैसे एनाफिलेक्सिस) हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में साथ हमेशा एक एपिनेफ्रिन किट रखें। 
  • काफी सारे कीट व कीड़े फूलों की सुगंध के प्रति आकर्षित हो जाते हैं, तो ऐसे में बाहर जाते समय किसी प्रकार के परफ्यूम का इस्तेमाल ना करें। यदि आप किसी ऐसे क्षेत्र में जा रहे हैं जहां पर काफी अधिक मधुमक्खियां हों, तो वहां पर जाने से पहले सफेद कपड़े पहन लें। 
  • यदि आप बाहर कुछ खा या पी रहे हैं, तो उसे ढक कर रखें। ध्यान रखें डंक मारने वाले कीट आमतौर पर पेय पदार्थों की खुली बोतलों पर आकर बैठ जाते हैं।

(और पढ़ें - मधुमक्खी के काटने पर क्या करें)

कीड़े के काटने की जांच कैसे की जाती है?

कीट या कीड़े के काटने पर आमतौर पर डॉक्टर से जांच करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यदि कीट के काटने के कुछ दिन बाद तक भी त्वचा ठीक नहीं हुई है, तो डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। 

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कीट या मधुमक्खी के काटने की जांच करने के लिए आमतौर पर किसी टेस्ट की आवश्यकता नहीं पड़ती। 

  • यदि किसी व्यक्ति की त्वचा में कोई सूक्ष्म कीट (टिक या माइट) लगा हुआ मिला है, तो ऐसी स्थिति में जांच करवा लेनी चाहिए। क्योंकि इनके कारण कई गंभीर रोग व संक्रमण हो सकते हैं। 
  • इसके अलावा इन्सेक्ट वेनम एलर्जी टेस्ट (कीड़ों के जहर से होने वाली एलर्जी के लिए टेस्ट) की आवश्यकता भी पड़ सकती है। इस टेस्ट में प्रभावित त्वचा पर खुरच कर कीड़े के जहर का सेंपल लेना और छत्ते के आकार का पता लगाना आदि शामिल है, जिनकी मदद से एलर्जिक रिएक्शन की जांच की जाती है।

(और पढ़ें - एलर्जी होने पर क्या होता है)

कीड़े के काटने के इलाज कैसे किया जाता है?

कीड़े के काटने या कीट के डंक मारने पर होने वाले हल्के रिएक्शन के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

  • कीड़ों व कीटों से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहें
  • प्रभावित त्वचा को साबुन व पानी के साथ धो लें
  • यदि त्वचा में डंक रह गया है, तो उसके दोनों तरफ की त्वचा को नाखून के साथ दबा कर डंक को निकाल दें। नाखून की जगह पर आप किसी सख्त कार्ड आदि का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। डंक को 30 सेकेंड के अंदर ही निकालने की कोशिश करें, ताकि त्वचा में कम से कम जहर जा पाए। डंक को कसकर दबाने की कोशिश ना करें क्योंकि ऐसा करने से डंक से और अधिक जहर निकल सकता है। यदि डंक त्वचा के अंदर है, तो उसे छेड़ें नहीं और डॉक्टर को दिखाएं। डंक वाली त्वचा पर जोर से खुजली करना या खुरचना नहीं चाहिए। 
  • प्रभावित त्वचा पर ठंडे पानी से भिगोया हुआ कपड़ा रखें या बर्फ को कपड़े से लपेट कर लगाएं। ऐसा करने से दर्द व सूजन कम हो जाती है। यदि कीड़े ने टांग या बाजू पर काटा है, तो उसे हृदय के स्तर से ऊपर उठा कर रखें। 
  • प्रभावित जगह पर 0.5 या 1 प्रतिशत हाइ्ड्रोकोर्टिसोन क्रीम, कैलामाइन लोशन या फिर बेकिंग सोड़ा का लेप लगाएं। इनमें से किसी एक को आप दिन में कई बार लगा सकते हैं और जब तक आपके लक्षण ठीक ना हो जाए तब तक लगा सकते हैं। (और पढ़ें - बेकिंग सोडा के फायदे)
  • गंभीर सूजन को कम करने के लिए एंटीहिस्टामिन की टेबलेट खाएं और दर्द को कम करने के लिए पेरासिटामोल खाएं।
  • जहां पर कीड़े ने काटा है वहां पर एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं (और पढ़ें - एंटीसेप्टिक क्या है)
  • यदि कोई सूक्ष्म कीड़ा त्वचा पर चिपका हुआ मिला है, तो उसे तुरंत हटा दें। इन्हें उंगलियों से पकड़ कर ना खींचे, इसकी बजाए चिमटी का इस्तेमाल करें। कीड़े को जितना हो सके उतना जड़ से पकड़ने की कोशिश करें और सीधे ऊपर की तरफ खींचे। खींचते समय मरोड़ना या झटका भी नहीं मारना चाहिए। कीड़े के खींच लेने के बाद त्वचा की जांच करें और यह सुनिश्चित कर लें की कीड़े का सिर भी निकल चुका है, क्योंकि यदि कीड़े का मुंह त्वचा में ही चिपका रह जाता है, तो इस स्थिति में वहां पर छाला या घाव बन जाता है।
  • यदि कीट के डंक मारने से आपको गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो जाता है, तो अपने डॉक्टर को इस बारे में बताएं और अपने साथ इमर्जेंसी एड्रेनालाईन (एड्रिनैलिन) सीरिंज रखने के बारे में भी बात करें। ऐसी स्थिति में जितना हो सके घर से बार ना जाएं। आइस क्यूब से भी रक्त के प्रवाह को कम किया जा सकता है। 

(और पढ़ें - बर्फ की सिकाई के फायदे)

कीड़े के काटने से क्या जटिलताएं हो सकती हैं?

कीड़े के काटने या कीट के डंक मारने से कई प्रकार की जटिलताएं पैदा हो सकती हैं, जैसे:

एनाफिलेटिक रिएक्शन:

कीड़े के काटने पर एनाफिलेटिक जैसा गंभीर रिएक्शन हो सकता है। इसके लक्षण तेजी से विकसित होते हैं और पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं। एनाफिलेटिक रिएक्शन से तेजी से होने वाले लक्षण निम्नलिखित हैं:

इन्फेक्शन:

कीट या कीड़े के काटने से होने वाली जटिलता के रूप में सेकेंड्री बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो सकता है। जब पर कीड़े ने काटा है और आप उस जगह पर खुजली करते हैं, तो उससे इन्फेक्शन हो सकता है। इसके अलावा कीड़े के काटने के दौरान भी कई बार इन्फेक्शन हो जाता है। इन्फेक्शन का इलाज आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। 

लाइम रोग:

लाइम रोग एक प्रकार का इन्फेक्शन हो सकता है, जो एक विशेष प्रकार के सूक्ष्म कीट (टिक) के कारण होता है। यदि आप ज्यादातर समय जंगलों में बिताते हैं, तो आपको लाइम रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि इन क्षेत्रों में रहने वाले जानवरों के शरीर पर ये सूक्ष्म कीड़े पाए जाते हैं, जैसे हिरण व चूहे आदि।

यदि लाइम रोग का समय पर इलाज ना किया जाए तो, इससे तंत्रिका तंत्र की समस्याएं भी हो सकती हैं जैसे: 

मलेरिया:

मलेरिया एक उष्णकटिबंधीय रोग है, जो लाल रक्त कोशिकाओं में इन्फेक्शन होने के कारण होता है। यह संक्रमित मच्छर के काटने से भी हो जाता है। 

(और पढ़ें - मलेरिया टेस्ट क्या है)

Dr. Deepak Waghmare

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सामान्य चिकित्सा

Dr. Anson Alber Macwan

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सामान्य चिकित्सा

Dr. Sujith

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कीड़े का काटना (डंक मारना) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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