केंद्र सरकार की तरह कई राज्य सरकारों ने भी स्वास्थ्य क्षेत्र पर काफी ध्यान दिया है। देश की लगभग सभी राज्य सरकारें जनता के लिए विभिन्न स्वास्थ्य बीमा योजना ला रही हैं, ताकि आर्थिक स्थिति से परेशान जनता को मेडिकल उपचार में पर्याप्त मदद मिल सके। हरियाणा सरकार ने भी राज्य की जनता के लिए “मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना” जारी की थी, जिसमें मेडिकल खर्च पर विशेष कवरेज दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत बीमित व्यक्ति को राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल या मेडिकल इंस्टीट्यूट में लगभग सभी मेडिकल सेवाएं नि:शुल्क दी जाती हैं।

इस आर्टिकल में हरियाणा सरकार द्वारा आरंभ की गई मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के बारे में जानकारी दी गई है। इस लेख में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना क्या है, इससे क्या लाभ मिलते हैं और एमएमआईवाई की पात्रता आदि के बारे में बताया गया है।

(और पढ़ें - हेल्थ इंश्योरेंस क्यों जरूरी है?)

  1. मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना क्या है - What is Mukhyamantri Mufat Ilaj Yojana Haryana in Hindi
  2. मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के लाभ क्या हैं - What are the benefits of MMIY in Hindi
  3. एमएमआईवाई की पात्रता के मापदंड क्या हैं - What is the Eligibility for Mukhyamantri Mufat Ilaj Yojana in Hindi
  4. एमएमआईवाई में नामांकन कराने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है - What documents are required to enroll in MMIY in Hindi

मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना को “एमएमआईवाई” के नाम से भी जाना जाता है। यह एक सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे जनवरी 2014 में हरियाणा सरकार द्वारा शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी निवासियों को अच्छी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं कम से कम खर्च पर प्रदान करना है।

हरियाणा के निवासी जो मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के लाभार्थी हैं, उन्हें ओपीडी, लैब टेस्ट, सर्जरी और अन्य सभी इलाज सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं। इतना ही नहीं दांतों का इलाज और एम्बुलेंस का खर्च भी मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना में कवर किया जाता है।

(और पढ़ें - व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा क्या है)

एमएमआईवाई योजना हरियाणा सरकार द्वारा चलाई गई एक सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस बीमा योजना का सबसे मुख्य लाभ यह है कि इसमें ट्रीटमेंट के साथ-साथ टेस्ट और सर्जरी आदि पर भी काफी विस्तृत कवरेज दी गई है।। यहां तक कि कुछ वर्ग के लाभार्थियों को इंप्लांट्स जैसी सेवाएं भी पूरी तरह से नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं। हरियाणा की मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना द्वारा आमतौर पर निम्न मेडिकल खर्च पर कवरेज मिलती है -

  • दवाएं
    हरियाणा में 2009 में चलाए गए फ्री ड्रग प्रोग्राम के बाद एमएमआईवाई में आपको लगभग सभी आवश्यक दवाएं मुफ्त में मिलने का प्रावधान है। इसमें एशेंशियल ड्रग लिस्ट (ईडीएल) तैयार की गई, मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत ये दवाएं मुफ्त में दी जाती हैं। यदि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत चल रहे इलाज में उन दवाओं की आवश्यकता पड़ती है जो ईडीएल में नहीं हैं, तो उन्हें ड्रग ब्रांच से खरीद कर उपलब्ध कराया जाता है।
     
  • सर्जरी
    हरियाणा के स्थायी निवासी जो मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के लाभार्थी हैं, उन्हें लगभग 65 सामान्य सर्जरी प्रोसीजर पर पूरी तरह से मुफ्त कवरेज दी जाती है। कैंसर जैसे रोगों में की जाने वाली सर्जरी मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना द्वारा कवर की जाती है, जिनमें बीमित व्यक्ति को कुछ राशि का भुगतान करना पड़ता है। हालांकि, इसमें आपको कितनी राशि का भुगतान करना पड़ता है वह अलग-अलग अस्पतालों (सरकारी व प्राइवेट) पर निर्भर करता है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना में ऑर्थोपेडिक में 34 प्रकार की सर्जरी, आंख संबंधी 28, गले व कान संबंधी 36 और महिलाओं के रोगों से संबंधित 20 प्रकार की सर्जरी भी कवर की जाती हैं। इनमें कुछ सर्जिकल प्रक्रियाओं पर कवरेज पूरी तरह से फ्री है, जबकि कुछ में आपको एक निश्चित राशि का भुगतान करना पड़ सकता है।
     
  • लैब टेस्ट व इमेजिंग स्कैन
    हरियाणा की हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम एमएमआईवाई में विभिन्न प्रकार के टेस्ट व स्कैन आदि भी पूरी तरह से मुफ्त में कवर किए जाते हैं। इसमें लगभग 24 प्रकार के लैब टेस्ट, 24 प्रकार के माइक्रो एवं सेरोलॉजी टेस्ट और 20 हीमेटोलॉजी टेस्ट पूरी तरह से फ्री में कवर किए जाते हैं। साथ ही अन्य कई प्रकार के टेस्ट जैसे क्लिनिकल पैथोलॉजी, बायो केमिस्ट्री और यूरिन एनालिसिस आदि शामिल हैं।
     
  • डेंटल ट्रीटमेंट
    लगभग 23 प्रकार के डेंटल ट्रीटमेंट एमएमआईवाई के तरह हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में फ्री में किए जाते हैं। हाालंकि, यदि ट्रीटमेंट संबंधित अस्पताल में उपलब्ध है, सिर्फ तब ही इसपर कवरेज मिलती है। इन 23 इलाजों में से 18 ऐसे हैं, जिनकी जिला स्तर के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होने की पुष्टि की जा चुकी है।
     
  • एम्बुलेंस का खर्च
    दुर्घटना या अन्य किसी मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत एम्बुलेंस पर पूरी तरह से कवरेज मिलती है और आपको अपनी जेब से कोई पैसा नहीं देना पड़ता है। वहीं यदि कोई मेडिकल इमरजेंसी नहीं हैं, तो 7 रुपये प्रति किलोमीटर एम्बुलेंस के खर्च के रूप में देना पड़ता है।

(और पढ़ें - डेंटल इन्शुरन्स क्या है)

मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना का पूरी तरह लाभ प्राप्त करने के लिए आपको हरियाणा का स्थायी निवासी होना जरूरी है। यदि आप हरियाणा के स्थायी निवासी हैं, तो आप इस योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, यदि आप हरियाणा के निवासी नहीं हैं, तो इलाज व अन्य मेडिकल प्रोसीजर पर आपको पूरी तरह से कवरेज नहीं मिलती है और कुछ राशि का भुगतान अपनी जेब से करना पड़ता है।

इलाज के समय आपको कुछ विशेष दस्तावेज दिखाने पड़ते हैं, जिससे आप यह साबित कर सकें कि आप हरियाणा के स्थायी निवासी हैं। इन दस्तावेजों में आमतोर पर निम्न शामिल हैं -

  • पासपोर्ट
  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • वोटर कार्ड

(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स में क्लेम राशि मिलने में देरी के मुख्य कारण)

जैसा कि हमने आपको बताया है, मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना का पूरा लाभ लेने के लिए हरियाणा का स्थायी निवासी होना जरूरी है। जो व्यक्ति हरियाणा के स्थायी निवासी नहीं हैं या उनके पास राज्य का कोई पहचान प्रणाण पत्र नहीं है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं या फिर उन्हें पूरा लाभ प्राप्त नहीं हो पाता है। यदि आप मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना में नामांकन कराना चाहते हैं, तो आपको निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है -

  • पासपोर्ट
  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • वोटर कार्ड
  • सरकारी कर्मचारी आई कार्ड
  • बिजली या पानी का बिल (जो पिछले तीन महीने के भीतर का हो)
  • प्रॉपर्टी टैक्स बिल (जो पिछले तीन महीने के भीतर का हो)
  • बैंक की स्टेटमेंट या पासबुक
  • पोस्ट ऑफिस अकाउंट स्टेटमेंट या पासबुक
  • हरियाणा का स्थायी निवासी प्रमाण पत्र
  • मनरेगा जॉब कार्ड
  • स्वतंत्रता सेनानी कार्ड
  • किसान पासबुक
  • सीजीएच या ईसीएचएस कार्ड
  • यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (विकलांगता कार्ड)
  • गैस कनेक्शन बिल

उपरोक्त बताए गए सभी दस्तावेज आपके राज्य का स्थायी निवासी होने की पुष्टि करते हैं, नामांकन कराते समय आप इनमें से किसी भी दस्तावेज का इस्तेमाल कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी आपसे एक से अधिक प्रमाण पत्र भी मांग सकते हैं।

(और पढ़ें - क्या बच्चों के लिए हेल्थ इन्शुरन्स लिया जा सकता है)

और पढ़ें ...
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ