आप जानते ही हैं कि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होने पर एक आम आदमी का बजट बिगड़ जाता है और कहीं इमर्जेंसी में भर्ती होना पड़ जाए, तो यह पैसा और तेजी से खत्म होने लगता है। दूसरी तरफ, कोरोना जैसी महामारी के कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। नौबत तो यहां तक आ जाती है कि लोगों से मदद लेनी पड़ सकती है। ऐसे में हमें स्वास्थ्य संबंधी इन्शुरन्स के बारे में पता होना चाहिए। इन्हीं में से एक है व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा जिसके बारे में हम आर्टिकल में बात करेंगे।

(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स में मेडिकल इमरजेंसी किसे कहते हैं)

  1. व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा क्या है? - What is a Individual Health Insurance in Hindi
  2. व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा की विशेषताएं - Features of Individual Health Insurance in Hindi
  3. व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा की अन्य विशेषताएं - Other features of individual health insurance in Hindi
  4. व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा के फायदे - Advantages of Individual Health Insurance Plan in Hindi
  5. व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा कब लेनी चाहिए - When to buy an Individual Health Insurance plan in Hindi
  6. व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी कैसे काम करती है? - How Does a Single person Health Insurance Policy Work in Hindi
  7. व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में आमतौर पर क्या कवर होता है और क्या नहीं? - What is usually covered and not covered by an individual health insurance policy in Hindi

भारत में विभिन्न प्रकार की हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी उपलब्ध हैं, लेकिन अगर हम मोटे तौर पर बात करें, तो इन्हें फैमिली प्लान और इंडिविजुअल प्लान में बाटा जा सकता है। 

अब यदि इंडिविजुअल हेल्थ इन्शुरन्स प्लान की फैमिली फ्लोटर प्लान से तुलना की जाए, तो इसे और आसानी से समझा जा सकता है। फैमिली फ्लोटर में बीमा पॉलिसी के तहत अकेला व्यक्ति नहीं बल्कि पूरा परिवार कवर होता है। परिवार के सभी सदस्य बीमा के तहत क्लेम कर सकते हैं और बीमा की राशि सभी लोग साझा करते हैं।

इंडिविजुअल हेल्थ इन्शुरन्स को हिंदी में व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा योजना या पर्सनल हेल्थ इन्शुरन्स भी कहा जाता है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि इस योजना में केवल एक व्यक्ति को कवर किया जाता है, जिसका मतलब है कि बीमा राशि का लाभ केवल बीमित व्यक्ति को मिलेगा, इस राशि को किसी के साथ साझा नहीं किया जा सकता है।

व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा की विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं -

कवरेज
इस हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी के तहत कवरेज का लाभ केवल बीमित व्यक्ति को ही मिलता है। उदाहरण के लिए, यदि आपने 10 लाख रुपये का सम-इंश्योर्ड प्लान लिया है, तो पॉलिसी अवधि के दौरान आपके पास पूरे 10 लाख रुपये तक का लाभ रहेगा, यानी आप इस रकम तक क्लेम कर सकते हैं।

फायदा
व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें कवरेज बहुत बड़ा हो सकता है। इसके विपरीज जिन लोगों के हेल्थ इन्शुरन्स प्लान में परिवार के सदस्य शामिल होते हैं, उनमें कवरेज का लाभ सभी में बंट सकता है। इस तरह की पॉलिसी विशेष रूप से बुजुर्ग माता-पिता के लिए अच्छी मानी जाती है, क्योंकि उनमें बीमारियों का जोखिम ज्यादा होता है ऐसे में बड़े करवेज की आवश्यकता रहती है।

नुकसान
वास्तव में हेल्थ इन्शुरन्स का कोई नुकसान नहीं होता है, लेकिन जब हम किन्हीं दो पॉलिसी में तुलना करते हैं तो किसी में ज्यादा फायदा और किसी में कम फायदा पाते हैं। ठीक इसी तरह व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा को ले लीजिए, इसमें ज्यादा कवरेज और विविधता होने की वजह से प्रीमियम ज्यादा होता है।

टिप्स
यदि आप एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा योजना लेने की सोच रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप प्रत्येक सदस्य के लिए ऐड-ऑन सर्विस चुनें। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने माता-पिता के लिए अलग-अलग इंडिविजुअल हेल्थ इन्शुरन्स ले रहे हैं तो आयुष ऐड-ऑन सर्विस को पॉलिसी में शामिल करने की सलाह दी जाती है। बता दें, आयुष को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी प्रणाली के रूप में भी जाना जाता है। आयुष ट्रीटमेंट में विशिष्ट बीमारियों को ठीक करने और अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए ड्रग थेरेपी शामिल होती है।

(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स में क्या क्या कवर होता है)

व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा की अन्य विशेषताएं -

  • इंडिविजुअल हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी हॉस्टिलाइजेशन चार्जेस को कवर करती है
  • आजीवन नवीनीकरण की सुविधा मिलती है
  • आयकर अधिनियम की धारा 80डी के तहत टैक्स में छूट भी ले सकते हैं।
  • इसमें सर्जरी की लागत, हॉस्पिटल रूम रेंट, डॉक्टर की फीस और लैब टेस्ट भी कवर होता है।
  • इसमें कोपेमेंट की भी सुविधा होती है, जिसमें पॉलिसीधारक को क्लेम की गई राशि का कुछ प्रतिशत देना होता है। उदाहरण के लिए, यदि बीमित व्यक्ति 20,000 रुपये के मेडिकल बिल के लिए क्लेम करता है और को-पेमेंट क्लॉज 10% है, तो बीमाधारक को केवल 2,000 अपनी जेब से देने होंगे, जबकि बाकी का 18,000 रुपये बीमा कंपनी भुगतान करेगी।
  • इस पॉलिसी के तहत अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्च को कवर किया जाता है। इसके लिए सामान्य तौर पर नियम 30 दिन प्री और 60 दिन पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवर है।
  • यह गंभीर बीमारियों के लिए भी कवरेज देता है।

(और पढ़ें - हॉस्पिटल कैश पॉलिसी क्या होती है)

व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा योजना के फायदों में शामिल हैं -

  • इस योजना में बीमाधारक अकेले ही लाभ का हकदार होता है
  • यह उनके लिए बेहतरीन विकल्प है, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी जोखिम ज्यादा हैं।
  • आप चाहें तो माता-पिता या अन्य बुजुर्गों के लिए भी व्यक्तिगत बीमा पॉलिसी ले सकते हैं।
  • पॉलिसी के नवीनीकरण के लिए सदस्यों की अधिकतम आयु पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
  • यदि एक वर्ष में एक से अधिक क्लेम करने की जरूरत होती है, तो ऐसे में चिंता की बात नहीं है, क्योंकि पॉलिसी के तहत बीमित व्यक्ति सम-इंश्योर्ड तक बार-बार क्लेम कर सकता है।

कोरोना वायरस और हाल ही की रिपोर्टों के अनुसार, भारत में हेल्थ सेक्टर में तेजी से उछाल के साथ साथ मुद्रास्फीति की दर भी दोगुनी गति से बढ़ रही है। इसके कारण, लोग न केवल 40 और 50 वर्ष में, बल्कि 20 वर्ष की शुरुआत में भी स्वास्थ्य बीमा के महत्व को समझने लगे हैं।

फैमिली फ्लोटर प्लान 30 और 40 वर्ष के आसपास लोगों के लिए बेहतर बताया जाता है, वहीं व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा 20 साल के आसपास के युवाओं के लिए बेहतरीन है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस तरह की पॉलिसी का प्रीमियम व्यक्ति की आयु, वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री (डॉक्टर द्वारा पिछली बीमारियों व उनके इलाज से जुड़े प्रश्न पूछना) इत्यादि कारकों को ध्यान में रखकर तय किया जाता है।

(और पढ़ें - सीनियर सिटीजन हेल्थ इन्शुरन्स)

जब आप व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा लेते हैं, तो इस दौरान बीमाकर्ता के साथ एक तरह से समझौता हो जाता है, जिसमें यह स्पष्ट होता है कि बीमाकर्ता बीमा राशि की सीमा तक और पॉलिसी की शर्तों के अनुसार कवर देगा। बदले में, आपको नियमित रूप से प्रीमियम का भुगतान करना होगा।

तो, यदि मान लें कि आपने पांच लाख रुपये की बीमा राशि वाला प्लान लिया है और आपको पॉलिसी खरीदने के बाद अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो बीमा कंपनी पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अनुसार अस्पताल के बिलों का भुगतान करेगी।

इस दौरान यदि अस्पताल का बिल 2 लाख रुपये है, तो बीमाकर्ता अस्पताल के बिलों का भुगतान करेगा और अब आपकी बीमा राशि घटकर 3 लाख रुपये हो जाएगी।

व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में इंक्लुजन और एक्सक्लुजन आपके द्वारा चुनी गई पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करेगा। यहां कुछ के बारे में जानकारी दी गई है-

शामिल होता है (इंक्लुजन)

शामिल नहीं होता (एक्सक्लुजन)

  • प्री-एग्जिस्टिंग कंडीशन (बीमा कंपनी के आधार पर 1-4 वर्ष तक के लिए)
  • दांत, कान और नजर से संबंधित खर्चे
  • कॉस्मेटिक सर्जरी
  • गर्भावस्था और अन्य संबंधित खर्चे
  • अल्टरनेटिव थेरेपी (यदि राइडर नहीं लिया है तो)

ऊपर मौजूद जानकारी के आधार पर हम कह सकते हैं कि महामारी से बचने के लिए और खुद को आर्थिक व चिकित्सकीय रूप से भी सुरक्षित रखने के लिए हेल्थ इन्शुरन्स जरूरी है।

और पढ़ें ...
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ