आमतौर पर हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी 1 साल, 2 साल या 3 साल के लिए वैध होती है, जिसके बाद इसे रिन्यू करने की आवश्यकता होती है। यदि एक बार बीमा पॉलिसी लैप्स हो गई तो ऐसे में दोबारा से पॉलिसी खरीदनी होगी, जो कि पहले से ज्यादा महंगा और झंझटभरा काम हो सकता है। इसीलिए नीचे आर्टिकल में बताया गया है कि हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी में समय पर रिन्यू का महत्व, लाभ और तरीका क्या है।

  1. हेल्थ इन्शुरन्स में पॉलिसी रिन्यूअल क्या है? - What is renewal in health insurance policy in Hindi
  2. हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी रिन्यू कैसे करें? - How to Renew Policy in Health Insurance in Hindi
  3. स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी समय पर रिन्यू करने के फायदे - Benefits of Health Insurance Policy Renewal Before Expiry in Hindi
  4. स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी समय पर रिन्यू न करने के नुकसान - Disadvantages of not renewing health insurance policy in time in Hindi
  5. हेल्थ इन्शुरन्स के लिए ग्रेस पीरियड - What is Grace Period in Health Insurance Renewal in Hindi
  6. हेल्थ इन्शुरन्स में पॉलिसी रिन्यू करते समय याद रखने योग्य बातें - Things to Remember While Renewing Health Insurance Policy in Hindi
  7. पॉलिसी रिन्यू करने से जुड़े टिप्स - Below are Some Tips to be Kept in Mind while Renewing in Hindi

बात हेल्थ इन्शुरन्स की हो या किसी अन्य इन्शुरन्स की, सभी जगह रिन्यू का मतलब कंपनी की तरफ से सेवा को जारी रखना होता है। उदाहरण के तौर पर आप प्रीपेड नंबर रखते हैं तो एक निश्चित समय के बाद आपको रिचार्ज कराने की जरूरत होती है, ताकि नंबर एक्टिव रहे, या पोस्टपेड नंबर है तो एक समय के बाद उसका बिल भरते हैं, ताकि कंपनी की ओर से सेवा चलती रहे। ठीक इसी तरह इन्शुरन्स में पॉलिसी वैध रहने की एक अवधि होती है, जिसके बाद इसे रिन्यू कराने की जरूरत होती है। यदि पॉलिसी को समय पर रिन्यू नहीं किया जाता है, तो यह लैप्स हो जाएगी और ऐसे में बीमा कंपनी की ओर से मिलने वाले सभी लाभ खत्म हो जाएंगे।

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ज्यादातर पॉलिसियों को अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से रिन्यू किया जा सकता है। लेकिन कोरोना महामारी जैसे दौर में खुद को सुरक्षित रखना ज्यादा जरूरी है, ऐसे में जितने काम ऑनलाइन हो जाएं, उतना ही अच्छा है।

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हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी को ऑनलाइन रिन्यू कैसे करें - Online Renewal of Health Insurance in Hindi

स्वास्थ्य बीमा को ऑनलाइन रिन्यू करना एक तेज और सरल प्रक्रिया है। यदि आप ऑनलाइन रिन्यू करना चाहते हैं तो अपनी बीमा कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद आप रिन्यूवल सेक्शन को ढूंढें, जो कि पॉलिसी रिन्यू बटन के नाम से भी हो सकता है। प्रोसेस के दौरान आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी डालने की जरूरत होगी।

इसमें आपको पॉलिसी नंबर और पॉलिसी खत्म होने की तारीख भी भरनी पड़ सकती है। इसके बाद आप डेबिट कार्ड / क्रेडिट कार्ड / नेट बैंकिंग के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। एक बार आपका भुगतान हो जाने के बाद, आपको डिजिटल रूप से रिन्यू रिसिप्ट की एक कॉपी दे दी जाती है, जिसे आप डाउनलोड कर उसका प्रिंट ले सकते हैं। जब आप ऑनलाइन पॉलिसी रिन्यू करते हैं, तो आपको यूजरनेम और पासवर्ड की भी जरूरत होती है, ताकि आप बीमाकर्ता की वेबसाइट पर अपनी पॉलिसी से संबंधित विवरणों की ऑनलाइन जांच कर सकें।

एक बीमाधारक के रूप में पॉलिसी को ऑनलाइन रिन्यू करना निम्न तरह से फायदेमंद हो सकता है - 

समय की बचत : ऑनलाइन रिन्यू का सबसे बड़ा फायदा समय की बचत है। यही नहीं ऑनलाइन रिन्यू आप कहीं से भी कर सकते हैं। इस दौरान महज कुछ मिनट लगते हैं और प्रोसीजर भी बेहद आसान होता है।

कॉन्टेक्ट लेस : कॉन्टेक्ट लेस रूप से कार्य होना बेहद सुरक्षित तरीकों में से एक है। यह समय बचाने में भी मददगार है, क्योंकि इसमें हमें किसी से व्यक्तिगत रूप से मिलने की जरूरत नहीं होती है। इसके अलावा न तो हमें किसी कतार में लगना पड़ता है और न ही नकद संभालने की चिंता रहती है।

अन्य लाभ : कई बार बीमा कंपनियां आपको ऑनलाइन रिन्यू के लिए तरह-तरह के ऑफर देती हैं, जो कि ऑफलाइन में नहीं दिए जाते हैं। यह ऑफर कॉन्टेक्ट लेस पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए होता है।

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हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी को ऑफलाइन रिन्यू कैसे करें? - Offline Renewal of Health Insurance in Hindi

यदि आप ऑफलाइन रिन्यू करना चाहते हैं, तो आपको अपने बीमाकर्ता के पास जाना होगा, इसके लिए आप बीमा कंपनी के नजदीकी ब्रांच में जा सकते हैं, जहां आपको पॉलिसी बॉन्ड में बताए गए दस्तावेजों के साथ पॉलिसी कार्ड/संख्या और आई कार्ड की भी जरूरत हो सकती है। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए लोग ऑफलाइन मोड में ज्यादा सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं, क्योंकि इसमें आने जाने का समय, पेट्रोल/डीजल का खर्च, व्यक्तिगत रूप से लोगों से मिलने का जोखिम इत्यादि शामिल है।

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का समय पर नवीनीकरण होने से निम्नलिखित फायदे हो सकते हैं :

लगातार प्रोटेक्शन बने रहना : ज्यादातर स्वास्थ्य बीमा कंपनियां एक निश्चित आयु के बाद ग्राहकों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान नहीं करती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि लोगों को आमतौर पर बुढ़ापे में पहले से मौजूद बीमारियां या क्रोनिक मेडिकल कंडीशन प्रभावित करती हैं। ऐसे में जरूरी है कि समय पर स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को रिन्यू कराया जाए, ताकि पॉलिसी लैप्स होने का डर न रहे और आपके पास बीमा के लाभ मिलने का अवसर बना रहे।

टैक्स बेनिफिट : स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदने पर, पॉलिसीधारक आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80डी के तहत टैक्स में लाभ पाने के लिए पात्र हो जाता है। टैक्स बेनिफिट प्राप्त करना जारी रखने के लिए, व्यक्ति को अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को समय पर रिन्यू करना अनिवार्य है।

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महंगे प्रीमियम के जोखिम से बचना : हेल्थ इन्शुरन्स जगत में आप जितनी कम उम्र में बीमा पॉलिसी लेंगे, उतना ही अच्छा माना जाता है। यही नहीं, पॉलिसी आसानी से व कम प्रीमियम के साथ मिलती है। इसलिए, यदि किसी व्यक्ति की मौजूदा स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी समाप्त हो जाती है, तो ऐसे में उसे दोबारा से उसी प्रीमियम पर नई पॉलिसी नहीं मिल पाएगी।

स्वास्थ्य बीमा आवश्यकताओं की पूर्ति : जब आप पॉलिसी रिन्यू करने वाले होते हैं, तो बता दें ऐसे में सबसे जरूरी 'हेल्थ इन्शुरन्स रिक्वॉयरमेंट' होता है, जिसका मतलब अपनी पॉलिसी की समीक्षा करके उन एडऑन सर्विस पर ध्यान देना, जिन्हें आप अपनी मौजूदा पॉलिसी में जोड़ना चाहते हैं। किसी एडऑन सर्विस को केवल रिन्यू के समय ही जोड़ा जा सकता है, इसके उदाहरण में बच्चा हो जाना या कोई नई बीमारी का निदान होना इत्यादि शामिल है। हालांकि, एडऑन सर्विस के ​लिए आपको अतिरिक्त कवरेज तो मिलेगा, लेकिन इसका असर प्रीमियम पर भी पड़ेगा।

पोर्टेबिलिटी विकल्प : पॉलिसी रिन्यू के समय सबसे जरूरी चीजों में पोर्टेबिलिटी विकल्प का होना शामिल है। बता दें, भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) पॉलिसीधारकों को पॉलिसी रिन्यू के समय एक ऐसा विकल्प देता है, जिसमें यदि वे मौजूदा बीमा कंपनी से संतुष्ट नहीं हैं तो दूसरी बीमा कंपनी चुन सकते हैं। जबकि उनकी पॉलिसी वही रहेगी जो चल रही थी। हालांकि, पॉलिसी की समय सीमा समाप्त होने से कम से कम 45 दिन पहले आपको इस बारे में अपनी बीमा कंपनी को सूचित करना होगा। ऐसा करने से पॉलिसीधारक 'नो क्लेम बोनस' का भी लाभ ले सकता है और उसे दोबारा से 'वेटिंग पीरियड' भी नहीं काटना पड़ेगा। इसलिए यदि आप अपनी बीमा कंपनी से असंतुष्ट हैं तो रिन्यू के समय पोर्टेबिलिटी विकल्प पर विचार कर सकते हैं।

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को नवीनीकृत यानी रिन्यू करना अनिवार्य होता है। ऐसा न करने से कई नुकसान हो सकते हैं। जैसे -

  • नो क्लेम बोनस का नुकसान

नो क्लेम बोनस या एनसीबी बीमाधारक के लिए एक बड़े इनाम यानी बोनस की तरह है, जो उसकी बीमा कंपनी उसे देती है। मान लीजिए पॉलिसी की अवधि के दौरान यदि बीमित व्यक्ति क्लेम नहीं करता है, तो ऐसे में बीमा कंपनी अपने ग्राहक को दो तरीके से लाभ दे सकती है - प्रीमियम की राशि पर कटौती या कवरेज को बढ़ा देना। यह बोनस रिन्यू के समय ही बीमाधारक को दिया जाता है। इसके माध्यम से बीमाकर्ता अपने उपभोक्ताओं को स्वस्थ बने रहने और बहुत जरूरी होने पर ही क्लेम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

  • वेटिंग पीरियड का नुकसान 

    वेटिंग पीरियड का केवल इतना मतलब है​ कि आप पॉलिसी लेते ही क्लेम नहीं कर सकते हैं। ऐसी कई बीमारियां व ​मेडिकल ​कंडीशन है, जिनके लिए आपको वेटिंग पीरियड पूरा करना होता है यानी पॉलिसी बॉन्ड के अनुसार कुछ समय निकल जाने के बाद ही आप क्लेम करने के हकदार हो सकते हैं।

    सामान्य हेल्थ इन्शुरन्स आमतौर पर एक महीने बाद जबकि क्रिटिकल इलनेस इन्शुरन्स में क्लेम लेने के लिए आपको 3 महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि क्रिटिकल इलनेस इन्शुरन्स में कुछ निश्चित गंभीर बीमारियों को कवर किया जाता है, जिसके लिए वेटिंग पीरियड भी ज्यादा होता है। ध्यान रहे, बीमित व्यक्ति के स्वास्थ्य के अनुसार वेटिंग पीरियड कम या ज्यादा भी किया जा सकता है।

जब आप किसी कारण से समय पर पॉलिसी​ रिन्यू नहीं कर पाते हैं, तो ऐसे में ज्यादातर हेल्थ इन्शुरन्स कंपनियां अपने ग्राहक को कुछ अतिरिक्त दिन की छूट देती हैं, जिसे हेल्थ इन्शुरन्स ग्रेस पीरियड के नाम से जाना जाता है। इस अतिरिक्त समय में यदि आप प्रीमियम का भुगतान कर देते हैं तो पॉलिसी को लैप्स होने से बचाया जा सकता है। आमतौर पर ग्रेस पीरियड 30 दिनों का होता है, लेकिन पॉलिसी व उसके प्रीमियम जमा करने की फ्रीक्वेंसी के आधार पर यह अलग भी हो सकता है। कुछ पॉलिसी में महज 15 दिन का अतिरिक्त समय मिलता है। इसलिए अपनी हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी में ग्रेस पीरियड के बारे में जानने के लिए पॉलिसी बॉन्ड को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

यह बहुत जरूरी है कि आप पॉलिसी की वैधता खत्म होने से पहले उसे रिन्यू कर लें। हो सकता है कि वैधता खत्म होने से पहले आपकी बीमा कंपनी पॉलिसी को रिन्यू कराने के लिए आपको नोटिस भेजे, लेकिन सभी बीमा कंपनियां ऐसा करें, यह जरूरी नहीं है। इसके अलावा यह पॉलिसीधारक की जिम्मेदारी भी है कि वह समय रहते पॉलिसी रिन्यू कराएं और किसी रिमाइंडर का इंतजार न करें।

(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स क्लेम सेटलमेंट के दौरान पॉलिसीधारक की जिम्मेदारियां)

आमतौर पर पॉलिसी की वैधता खत्म होने की तिथि से 15 दिन पहले पॉलिसी रिन्यू कर लेनी चाहिए। लेकिन वैधता खत्म होने की तिथि के बाद भी कुछ दिनों के अंदर पॉलिसी रिन्यू कराई जा सकती है। बता दें, पॉलिसी अवधि खत्म होने के बाद बीमा कंपनी की तरफ से कुछ दिनों का समय दिया जाता है, जिसे ग्रेस पीरियड कहा जाता है। हालांकि, पॉलिसी के प्रकार के आधार पर ग्रेस पीरियड अलग-अलग हो सकता है। इसलिए आपको खुद से हेल्थ इन्शुरन्स प्लान से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखों का ध्यान रखने की जरूरत है।

निश्चित तिथि से पहले करें पॉलिसी को रिन्यू : यदि आप समय पर पॉलिसी रिन्यू नहीं करते हैं तो तारीख निकल जाने के बाद आमतौर स्वास्थ्य बीमा कंपनियां 30 दिनों का ग्रेस पीरियड देती हैं। लेकिन यदि ग्रेस पीरियड भी निकल गया तो न सिर्फ आपकी पॉलिसी लैप्स हो जाएगी, बल्कि दोबारा से लेना भी कठिन हो सकता है, क्योंकि पॉलिसी लैप्स होने के दौरान आपकी आयु बढ़ चुकी होती है और जैसे-जैसे स्वास्थ्य बीमा योजना में उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है, यही कारण है कि प्रीमियम भी बढ़ सकता है।

सम इन्श्योर्ड को करें रिवाइज : यदि आप चाहते हैं कि आपकी बीमा राशि को बढ़ाया जाना चाहिए, तो बता दें ऐसा केवल पॉलिसी रिन्यू के दौरान ही किया जा सकता है। कुछ मामलों में बीमा राशि बढ़ाए जाने के लिए बीमा कंपनी को मेडिकल टेस्ट व क्लेम हिस्ट्री की भी जरूरत हो सकती है।

पॉलिसी के नियमों और शर्तों में परिवर्तन की करें जांच : पॉलिसी को रिन्यू करते समय आपकी पॉलिसी के नियम और शर्तें आईआरडीए के नियमों के अनुसार ही (पहले की भांति) रहती हैं, यानी बीमा प्रदाता (इन्शुरन्स प्रोवाइडर) एडवर्स क्लेम के आधार पर इसे बदल नहीं सकता है। आईआरडीए विनियमन के अनुसार, प्रीमियम या लाभों में कोई भी परिवर्तन केवल आईआरडीए के अप्रूवल से ही किया जा सकता है और इस बारे में नवीनीकरण से कम से कम तीन महीने पहले बीमा कंपनी को सूचित किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष

आमतौर पर लोग सोचते हैं कि केवल स्वास्थ्य बीमा खरीदना ही जिम्मेदारी भरा कदम है, लेकिन इतना ही काफी नहीं है। समय पर और उचित तरीके से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को रिन्यू करना आपके लिए सही स्वास्थ्य बीमा खरीदने जितना ही अनिवार्य है। इसके अलावा कुछ अन्य चीजें भी हैं जो आप केवल अपने नवीनीकरण के दौरान ही कर सकते हैं। जैसे बीमा राशि को बढ़ाना और प्रस्तावित विवरण में बदलाव करना इत्यादि। यही कारण है कि समय रहते पॉलिसी को रिन्यू कर लेना चाहिए और जिन बदलावों को रिन्यू के समय ही किया जा सकता है, उनका विशेष ध्यान रखना चाहिए। कई बार आखिरी दिन रिन्यू करने पर कई जरूरी चीजें दिमाग से निकल जाती हैं।

कुल मिलाकर अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को समय पर रिन्यू करें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आप और आपका परिवार कभी भी बिना स्वास्थ्य कवर के न रहें।

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