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यह तो आप जानते ही हैं कि अधिक मात्रा में मीठा खाना शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है और इससे मौत भी हो सकती है। आम तौर पर मीठा खाने की वजह से होने वाली मौतों के पीछे का कारण मोटापे को बताया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मीठे की वजह से शरीर के यूरिक एसिड का बढ़ना भी अकाल मृत्यु की वजह बन सकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी चर्चित पत्रिका ‘सेल मेटाबॉलिज्म’ की एक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, युनाइटेड किंगडम स्थित एमआरसी लंदन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस शोध से पता चलता है कि अधिक मात्रा में मीठा खाना खाने से मोटापे के अलावा यूरिक एसिड भी बढ़ सकता है जो किसी की मौत की वजह भी बन सकता है। दरअसल शोधकर्ताओं ने कुछ मक्खियों पर यह रिसर्च की थी। इसमें उन्होंने पाया कि ज्यादा मीठा खाना कितना घातक हो सकता है। यह जानने के लिए शोधकर्ताओं ने मक्खियों को चीनी की उच्च मात्रा का सेवन कराया। उन्होंने पाया कि इससे मक्खियों की युवा अवस्था में ही मौत हो गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि इसकी प्रमुख वजह मोटापा नहीं, बल्कि यूरिक एसिड हो सकता है।

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यूरिक एसिड बढ़ने से क्या होता है?
खून में बहुत अधिक यूरिक एसिड बढ़ने को मेडिकल भाषा में हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) कहा जाता है। यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से कई बीमारियां हो सकती हैं, जैसे गाउट (आर्थराइटिस का एक दर्दनाक रूप)। यह समस्या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों जैसे हृदय रोग, शुगर और किडनी रोग से भी सम्बंधित है।

चिकित्सा क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि खाना खाने और कोशिकाओं के टूटने की प्राकृतिक प्रक्रिया से शरीर में यूरिक एसिड बनता है। किडनी खून में से अधिकतर यूरिक एसिड को साफ कर देती है, जो बाद में मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है। इसके अलावा यूरिक एसिड का कुछ भाग मल के द्वारा भी शरीर से बाहर निकलता है।

क्या कहते हैं शोधकर्ता?
रिसर्च से जुड़ीं शोधकर्ता हेलेना कोकेम की मानें तो उन्हें मनुष्यों की तरह मक्खियों में भी उच्च मात्रा में चीनी युक्त आहार का सेवन देने से चयापचय (मेटाबॉलिज्म) की बीमारी के कई संकेत मिले हैं। शोध के दौरान वैज्ञानिक इस बात से हैरान थे कि मक्खियों को हाई शुगर डाइट दी गई, फिर भी उनमें कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं दिखाई दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान मक्खियों को पर्याप्त मात्रा में पीने को पानी दिया गया था। यही वजह थी कि अधिक मात्रा में मीठा खाने के बावजूद इन मक्खियों के चयापचय (मेटाबोलिज्म) में कोई कमी नहीं दिखाई दी।

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फिर पानी के प्रभाव के आधार पर शोधकर्ताओं की टीम ने मक्खियों के रीनल सिस्टम पर फोकस करने का फैसला किया। इसमें उन्होंने पाया कि अतिरिक्त मात्रा में मीठे का सेवन के कारण यूरिक एसिड नामक एक अणु शरीर में जमा हो जाता है, जो बाद में किडनी में एक पथरी का रूप ले लाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वे पथरी को बढ़ने से रोक सकते थे या फिर दवा और पानी के जरिए यूरिड एसिड का रास्ता बाधित कर सकते थे। लेकिन हाई शुगर डाइट के हिसाब से यह विकल्प एक छोटे समय के लिए ही कारगर था। डॉक्टर कोकेम की मानें तो जिन मक्खियों को अधिक मात्रा में चीनी खिलाई गई थी, वे पानी पीने की स्थिति में ही लंबे समय तक जीवित रह सकती हैं। इस आधार पर अध्ययन का निष्कर्ष यह निकला अधिक मात्रा में मीठे का सेवन मृत्यु का जोखिम बढ़ा सकता है और इसके लिए केवल मोटापा जिम्मेदार नहीं है।

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