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दुनियाभर में आप कहीं भी रहते हों, लेकिन यदि आप कभी बीमार हुए हैं तो ऐसे में आपने पोरिज का सेवन किया होगा। पोरिज, जिसे भारत में अक्सर दलिया समझ लिया जाता है, लेकिन असल में दोनों में अंतर है। पोरिज सबसे आम और बहुमुखी व्यंजनों में से एक है, जिसे आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। यह एक ऐसा व्यंजन है जो दुनियाभर के अधिकांश घरों में किसी न किसी रूप में पकाया जाता है।

पारंपरिक रूप से पोरिज अनाज जैसे गेहूं, जई, मक्का, चावल की अलग-अलग किस्मों से बनाया जाता है। इसे नाश्ते में, दोपहर के भोजन या रात के खाने के रूप में भी परोसा जा सकता है। आमतौर पर इस व्यंजन को तैयार करने के लिए पानी या दूध में पकाया या उबाला जाता है और इसे मीठा या नमकीन भी बनाया जा सकता है।

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पोरिज के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि इसे खाने के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ हैं। पोरिज स्वास्थ्यवर्धक पोषक तत्वों और डाइटरी फाइबर से भरपूर है, जो इसे न केवल सेहतमंद बनाता है बल्कि इससे पेट भी भर जाता है। शिशुओं से लेकर वयस्कों तक यह सभी उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है और इसकी सामग्री आसानी से स्थानीय दुकानों में उपलब्ध हो जाती है। इसके अलावा, यह बनाने में भी आसान है और इसमें समय भी कम लगता है। इस आर्टिकल में पोरिज के बारे जरूरी जानकारी दी गई है।

  1. क्या पोरिज प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए अच्छा है? - Is porridge good for your immune system in Hindi?
  2. पोरिज खाने के फायदे - Benefits of eating porridge in Hindi
  3. पोरिज खाने के साइड इफेक्ट - Side effects of eating porridge in Hindi
  4. पोरिज बनाने का तरीका - How to cook porridge in Hindi
पोरिज के फायदे और नुकसान के डॉक्टर

पोरिज न केवल हल्का और पचाने में आसान है, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर है। यह मायने नहीं रखता कि पोरिज किस अनाज से बना है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि इसमें उच्च मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है। इन साबुत अनाजों में अधिकांश विटामिन बी1, फास्फोरस, मैंगनीज, काॅपर, आयरन, सेलेनियम, मैग्नीशियम और जस्ता जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भी होते हैं। पोरिज में प्लांट प्रोटीन (पौधे से प्राप्त होने वाला) भी होता है। हालांकि, इनकी पोषण की गुणवत्ता पशु आधारित प्रोटीन के मुकाबले में कम होती है।

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इसके अलावा, अनाज के प्रकार के आधार पर, पोरिज फाइटोन्यूट्रिएंट्स और प्लांट कम्पाउंड (ऐसे रसायन जो पौधों को बढ़ने में मदद करते हैं) से भी भरपूर होते हैं, जो शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के संश्लेषण में मदद करता है। बता दें, पोरिज में फेरुलिक एसिड, फाइटिक एसिड, एल्किलरेसाॅर्सिनोल्स, लिगनेन, व्हीट जर्म एग्लूटिनिन, ल्यूटिन और एवेनअंथ्रामाइड्स जैसे कुछ प्रमुख प्लांट कम्पाउंड मौजूद हैं। पोरिज में मौजूद पोषक तत्व आपके शरीर खासकर प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक से काम करने में मदद करती है, इसलिए, यह कहा जा सकता है कि पोरिज प्रतिरक्षा प्रणाली के स्वास्थ के लिए बेहतर है।

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पोरिज खाने से आपको कई फायदे हो सकते हैं और ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ किसी बीमारी से ग्रस्त होने पर ही खाया जाता है। इसका सेवन आप कभी भी कर सकते हैं। इससे मिलने वाले लाभ अलग-अलग घटकों से प्राप्त होते हैं जैसे कई तरह के अनाज और दूध। कभी-कभी, लोग पोरिज को अधिक पौष्टिक बनाने के लिए इसमें अतिरिक्त चीनी या शहद और कुछ टाॅपिंग जैसे फल, नट और बीज भी डालते हैं। पोरिज को अपने भोजन में शामिल करने के कई फायदे होते हैं, यह तो आप अब तक जान ही गए हैं। चलिए नजर डालते हैं उन फायदों पर, जो आपको पोरिज खाने से होंगे -

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पोरिज के फायदे वजन कम में - Eating porridge aids in weight loss in Hindi

पोरिज में वसा की मात्रा कम होती है और यह फाइबर से समृद्ध होता है, जो कि वजन कम करने में मदद कर सकता है। फाइबर खाने को भारी करता है और इंटेस्टाइनल ट्रांसिट टाइम (खाना खाने से लेकर पाचन तंत्र के जरिये बाहर निकलने तक का समय) को बढ़ाता है। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि फाइबर पर्याप्त समय तक खाने को पाचन तंत्र में रहने देता है। फाइबर का सेवन करने से व्यक्ति को लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है जिस वजह से वह ओवरईटिंग से दूर रहता है और वजन कम करने में मदद मिलती है।

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पोरिज के लाभ सूजन कम में - Eating porridge reduces inflammation in Hindi

कई अध्ययनों से पता चला है कि पोरिज में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, फिर चाहे वह जई से बना हो या गेहूं से।

विशेषज्ञों का कहना है कि ओट्स में विशेष प्लांट कम्पाउंड होते हैं, जिन्हें एवेनेंथ्रामाइड्स कहा जाता है। यह सूजन से लड़ने में मदद करता है। साबुत अनाज, आमतौर पर पॉलीफेनोल से समृद्ध होते हैं, जो चयापचय में सुधार करते और शरीर में सूजन को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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पोरिज के गुण रखे आंतों के स्वस्थ्य - Porridge improves gut health in Hindi

आंतों में कई सारे सूक्ष्मजीव होते हैं, जिन्हें सिर्फ माइक्रोस्कोप के जरिये ही देखा जा सकता है। यह सूक्ष्मजीव मिलकर माइक्रोबायोटा बनाते हैं, जो कि शरीर में सभी प्रकार के कार्यों में मदद करते हैं। गुड गट माइक्रोबायोटा हेल्थ न केवल आंत के कार्यों के लिए अच्छा होता है, बल्कि यह मस्तिष्क, फेफड़े और शरीर के अन्य प्रमुख अंगों व उनके स्वास्थ्य और रखरखाव के लिए भी आवश्यक है। ऐसा खाना जो अनाज से बना है (जिसमें पोरिज भी शामिल है) वह आंतों के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है, क्योंकि वे आंतों को रजिस्टेंट स्टार्च, अनसैचुरेटेड ट्राइग्लिसराइड्स, काॅम्प्लेक्स लिपिड और फेनोलिक कम्पाउंड की आपूर्ति करता है।

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पोरिज खाने के लाभ कोलेस्ट्रॉल कम करने में - Eating porridge helps control cholesterol in Hindi

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि पोरिज में ऐसे फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो शरीर में सूजन से लड़ने में मदद करते हैं। बता दें, फाइटोकेमिकल्स ऐसे यौगिक होते हैं जो पौधों से प्राप्त होते हैं। इस शब्द में फाइटो का अर्थ पौधे से है। यह फाइटोकेमिकल्स फल, सब्जियां, अनाज, सेम और अन्य पौधों में पाए जाते हैं।

इसके अलावा पोरिज में मौजूद फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में मुक्त कणों यानी फ्री रेडिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट के बीच असंतुलन) को कम करने में भी मदद करते हैं। इसके अलावा यह ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करने में मदद करते हैं। एशिया पैसिफिक जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन 2019 में प्रकाशित एक शोध से पता चला है कि ओट्स से बना ओटमील या पोरिज हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया या हाई कोलेस्ट्रॉल के रोगियों के लिए विशेष रूप से अच्छा है।

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पोरिज खाने के फायदे कब्ज की समस्या में - Eating porridge reduces constipation in Hindi

फाइबर से भरपूर होने के नाते, पोरिज कब्ज को रोकने या उससे निपटने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। स्वीडन में किए गए एक क्लिनिकल टेस्ट से पता चला है कि फलों से भरपूर पारिज के नियमित सेवन से जेरिएट्रिक रोगियों (geriatric patients) में मल त्यागने की प्रक्रिया पर बेहतर प्रभाव पड़ता है। एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि दिन में एक बार दलिया का सेवन बच्चों में कब्ज से राहत दिला सकता है। सुनिश्चित करें कि आप फाइबर युक्त आहार लेने के बाद पर्याप्त पानी पीते रहें, क्योंकि पानी के बिना फाइबर कब्ज को खराब कर सकता है।

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पोरिज रखे हृदय को स्वस्थ - Porridge is good for the heart in Hindi

पोरिज का नियमित सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद है। पोरिज में मौजूद फाइबर सूजन से लड़ने और एलडीएल (या खराब) कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। यह एथेरोस्क्लेरोसिस और हाई बीपी के विकास के जोखिम को कम करता है। इसके अलावा साबुत अनाज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं।

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पोरिज का उपयोग ब्लड शुगर के लिए - Eating porridge helps control blood sugar levels in Hindi

पोरिज में ‘लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स‘ होता है, जिसका अर्थ है कि ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए आपके शरीर को इसमें मौजूद सभी कार्बोहाइड्रेट को तोड़ने में कुछ समय लगता है। नतीजा यह रहता है कि इसके सेवन के बाद आपका ब्लड शुगर का स्तर तुरंत नहीं बढ़ता है। साबुत अनाज के अधिक सेवन से मधुमेह विकसित होने का खतरा कम हो जाता है, क्योंकि यह इंसुलिन सेंसटिविटी (शरीर की कोशिकाओं की खून से ग्लूकोज लेने की क्षमता) को बढ़ाता है।

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इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज और गैस्ट्रोफेगल रिफ्लक्स डिजीज जैसे आंत से जुड़े विकारों से ग्रस्त लोगों को अक्सर हाई फाइबर वाले पदार्थों के सेवन को कम करने के लिए कहा जाता है, लेकिन पोरिज का सेवन इन बीमारियों में भी सुरक्षित माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पोरिज आमतौर पर नरम होता है और घुलनशील फाइबर प्रदान करता है, जो मल त्याग में मदद करता है। हालांकि, यदि आपको आंत से जुड़ा कोई विकार है, तो पोरिज खाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना सबसे अच्छा है।

आंत संबंधी विकार होने पर पोषण विशेषज्ञ से सलाह भी महत्वपूर्ण है। आप उनसे पूछ सकते हैं कि किस प्रकार का पोरिज आपकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए सबसे उपयुक्त है। ऐसे लोग जिन्हें गेहूं या ग्लूटेन सेंसटिविटी है उन्हें गेहूं से बने पोरिज से रिएक्शन हो सकता है, लेकिन अन्य अनाज जैसे चावल और मकई में ग्लूटेन की महज कुछ मात्रा होती है, इनसे तैयार पेारिज ज्यादातर मामलों में किसी भी तरह की एलर्जी का कारण नहीं बनते हैं। इसके अलावा, पोरिज का कोई ज्ञात या संदिग्ध दुष्प्रभाव भी नहीं है।

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अपने स्वास्थ के लिए हम कई आसान चीजें कर सकते हैं, जिनमें से एक है हेल्दी पोरिज बनाना और इसे नाश्ते में लेना। साधारण पोरिज बनाने के लिए आपको मूलरूप से दो अवयवों की आवश्यकता हो सकती है -

  • 50 ग्राम अनाज (जई, गेहूं, मक्का या चावल)
  • 350-400 मिली पानी

आप पानी की जगह दूध का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, लेकिन इससे पोरिज थोड़ा चिपचिपा हो जाएगा। पोरिज पकाने के लिए आपको निम्नलिखित विधि का उपयोग करने की आवश्यकता है -

  • एक पैन में अनाज और पानी/दूध लें
  • आवश्यकता हो तो एक चुटकी नमक डालें
  • गैस पर चढ़ाएं और इस मिश्रण को उबाल लें
  • धीमी आंच पर इसे पांच मिनट तक उबलने दें और बीच-बीच में चलाते रहें
  • एक बार जब सारा पानी या दूध सूख जाए और अनाज पक जाए, तो आंच बंद कर दें और पोरिज को एक कटोरे में ले लें

अब आप इसे खा सकते हैं या आप चाहें तो इसे अपने अनुसार स्वादिस्ट बनाने के लिए कुछ चीजें डाल सकते हैं जैसे -

  • मूंगफली, खजूर, नट और बीज
  • दलिया को मीठा करने के लिए शहद, मेपल सिरप या एगेव का इस्तेमाल किया जा सकता है
  • ग्रेनोला (एक तरह का हेल्थी ब्रेकफास्ट)
  • बेक्ड सेब
  • ताजे फल

यदि आपके पेट में गड़बड़ी है तो इन टॉपिंग्स को अलग से ना डालें और सादा पोरिज खाएं।

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Dt. Akanksha Mishra

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पोषणविद्‍
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Surbhi Singh

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Dr. Avtar Singh Kochar

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संदर्भ

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