Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam

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Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam की जानकारी

Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, जो मुख्यतः बवासीर, भगन्दर, खुजली, जलना, एक्जिमा के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam के मुख्य घटक हैं करंज, हल्दी, मंजिष्ठा, नीम, तिल का तेल जिनकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है। 

Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam की सामग्री - Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam Active Ingredients in Hindi

करंज
  • दवाइयां जो बिना बेहोशी के दर्द को कम करती हैं।
  • चोट या संक्रमण के कारण होने वाली सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • बुखार के उपचार में उपयोग किए जाने वाले एजेंट।
  • ये दवाएं बैक्टीरिया को मारती हैं या उनकी गतिविधियों को रोकती हैं।
  • वे एजेंट्स जो सूक्ष्‍म जीवों को नष्‍ट या उनके कार्य को रोक कर माइक्रोबियल रेप्लिका (सूक्ष्‍म जीवों की प्रतिकृति) और इसको बढ़ने से बचाते हैं।
हल्दी
  • सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • ये एजेंट रूमेटाइड आर्थराइटिस की वृद्धि को नियंत्रण में रखने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
  • वो तत्व जो जीवित कोशिकाओं में मुक्त कणों के ऑक्सीकरण के प्रभाव को रोकता है।
  • क्रीम या घोल के रूप में माइक्रोबियल विकास को रोकने वाले घटक।
  • बैक्‍टीरिया को बढ़ने से रोकने वाली दवाएं।
  • वे एजेंट्स जो सूक्ष्‍म जीवों को नष्‍ट या उनके कार्य को रोक कर माइक्रोबियल रेप्लिका (सूक्ष्‍म जीवों की प्रतिकृति) और इसको बढ़ने से बचाते हैं।
  • एलर्जी के लक्षणों से राहत दिलाने के लिए उपयोगी तत्व।
मंजिष्ठा
  • एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
  • ये एजेंट मुक्त कणों को साफ करके ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं।
  • क्रीम या घोल के रूप में माइक्रोबियल विकास को रोकने वाले घटक।
नीम
  • चोट लगने के बाद सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • ये दवाएं शरीर का तापमान कम करती हैं और बुखार के दौरान इनका उपयोग किया जाता है।
  • वो तत्व जो जीवित कोशिकाओं में मुक्त कणों के ऑक्सीकरण के प्रभाव को रोकता है।
  • चोट में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाने से रक्तस्राव को कम करने वाली दवाएं।
  • फंगस को बढ़ने से रोकने या खत्म करने वाले पदार्थ।
  • बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने और उन्हें मारने वाली दवाएं।
  • सूक्ष्म जीवों को बढ़ने से रोकने वाले या खत्म करने वाले एजेंट।
  • एलर्जी के लक्षणों से राहत दिलाने वाले घटक।
तिल का तेल
  • एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
  • वह दवा या तत्व जो बुखार में शरीर के तापमान को कम करने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं।
  • शरीर में मौजूद ऑक्सीजन के मुक्त कणों को निकालने के लिए उपयोग होने वाले पदार्थ।
  • वो दवाएं जो वायरल संक्रमण के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
  • सूक्ष्म जीवों को बढ़ने से रोकने वाले या खत्म करने वाले एजेंट।

Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam के लाभ - Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam Benefits in Hindi

Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -



Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam की खुराक - Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam Dosage in Hindi

यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam की खुराक अलग हो सकती है।

आयु वर्ग खुराक
व्यस्क
  • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
  • खाने के बाद या पहले: कभी भी दवा ले सकते हैं
  • अधिकतम मात्रा: 1 दवा को उप्युक्त मात्रा मे प्रभावित हिस्से में लगाएं
  • दवा का प्रकार: ऑयल
  • दवा लेने का माध्यम: त्वचा
  • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार
  • दवा लेने की अवधि: उपचार लम्बे समय तक जारी रहेगा
बुजुर्ग
  • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
  • खाने के बाद या पहले: कभी भी दवा ले सकते हैं
  • अधिकतम मात्रा: 1 छोटी चम्मच
  • दवा का प्रकार: ऑयल
  • दवा लेने का माध्यम: त्वचा
  • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार
  • दवा लेने की अवधि: उपचार लम्बे समय तक जारी रहेगा
बच्चे(2 से 12 वर्ष)
  • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
  • खाने के बाद या पहले: कभी भी दवा ले सकते हैं
  • अधिकतम मात्रा: 1 दवा को उप्युक्त मात्रा मे प्रभावित हिस्से में लगाएं
  • दवा का प्रकार: ऑयल
  • दवा लेने का माध्यम: त्वचा
  • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार
  • दवा लेने की अवधि: उपचार लम्बे समय तक जारी रहेगा


Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स - Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam Side Effects in Hindi

चिकित्सा साहित्य में Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।



Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam से सम्बंधित चेतावनी - Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam Related Warnings in Hindi

  • क्या Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?


    Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam किसी भी प्रेंग्नेंट महिला के लिए सुरक्षित होती है।

    सुरक्षित
  • क्या Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?


    जो महिलाएं स्तनपान करवा रहीं हों उनको Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam हानि नहीं पहुंचाती है।

    सुरक्षित
  • क्या Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?


    बच्चों के लिए Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam लेना सुरक्षित माना जा सकता है।

    सुरक्षित
  • क्या Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का उपयोग शराब का सेवन करने वालों के लिए सही है


    इसके बारे में फिलहाल कोई शोध कार्य नहीं किया गया है। सही जानकारी मौजूद न होने की वजह से Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का क्या असर होगा इस विषय पर अनुमान लगा पाना मुश्किल होगा।

    अज्ञात
  • क्या Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?


    Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam लेने के बाद आपको नींद नहीं आएगी। इसलिए आप गाड़ी चलाने या दूसरे कामों को आसानी से कर सकते हैं।

    नहीं
  • क्या Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?


    नहीं, Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam लेने से कोई लत नहीं पड़ती। फिर भी, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह पर ही Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का इस्तेमाल करें।

    नहीं


Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का उपयोग कैसे करें?

  • Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam की थोड़ी मात्रा अपनी हथेली में लें और इसे ठीक तरह से त्वचा पर लगाएं।


Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam से जुड़े सुझाव।

  1. प्रभावित स्थान को सामान्य या गुनगुने पानी से साफ करना चाहिए।
  2. Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam लगाने से पहले प्रभावित हिस्से को अच्छे से पोंछें और साफ करें।
  3. Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam का बहुत ज्यादा उपयोग न करें। डॉक्टर द्वारा निर्धारित खुराक का ही इस्तेमाल करें।
  4. Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए। इसे ठंडे और सूखे स्थान पर रखें।
  5. अगर आपको Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam से एलर्जी की शिकायत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  6. गर्भावस्था के दौरान Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam के उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह लेने का सुझाव दिया जाता है।
  7. स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को Kerala Ayurveda Jathyadi Thailam के प्रयोग से पहले डॉक्‍टर की सलाह लेनी चाहिए।

इस जानकारी के लेखक है -

Dr. Braj Bhushan Ojha

BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक
10 वर्षों का अनुभव


संदर्भ

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 83-84

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 60-61

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 2. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1999: Page No - 131 - 135




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