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बवासीर क्या है?

बवासीर रोग - जिसे पाइल्स भी कहा जाता है - में गुदा व मलाशय में मौजूद नसों में सूजन व तनाव आ जाता है। आमतौर पर यह गुदा व मलाशय में मौजूद नसों का “वैरिकोज वेन्स” रोग होता है। बवासीर मलाशय के अंदरुनी हिस्से या गुदा के बाहरी हिस्से में हो सकता है।

बवासीर कई कारणों से हो सकता है, हालांकि इसके सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। यह मल त्याग करने के दौरान अधिक जोर लगाने के कारण भी हो सकता है या गर्भावस्था के दौरान गुदा की नसों में दबाव बढ़ने के कारण भी हो सकता है। बवासीर के लक्षण भी अलग-अलग प्रकार के हो सकते हैं, जो थोड़ी बहुत खुजली या तकलीफ से लेकर गुदा से खून आना या गुदा का हिस्सा बाहर की तरफ निकल जाना आदि तक हो सकते हैं। बवासीर के लक्षण इसकी गंभीरता पर निर्भर करते हैं। 

कभी-कभी इसका इलाज जीवनशैली में कुछ साधारण बदलाव करने से भी किया जा सकता है, जैसे फाइबर युक्त आहार खाना और क्रीम आदि लगाना। दूसरी ओर, कुछ गंभीर मामलों का इलाज करने के लिए ऑपरेशन भी करना पड़ सकता है। बवासीर से आमतौर पर बहुत ही कम मामलों में कोई जटिलता विकसित होती है। लेकिन यदि बवासीर को बिना इलाज किए छोड़ दिया जाए, तो इससे लंबे समय तक सूजन व लालिमा से संबंधित स्थिति बन जाती है और अलसर होने की संभावना बढ़ जाती है। 

बवासीर आमतौर पर खतरनाक नहीं होता है और यदि इससे किसी प्रकार की तकलीफ हो रही हो, तभी इसका इलाज करवाने की आवश्यकता पड़ती है। अगर गर्भावस्था में बवासीर होता है तो वह आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। कब्ज के कारण होने वाले बवासीर का इलाज करने के लिए आहार व जीवनशैली में बदलाव करना जरूरी होता है। इसके अलावा ऑपरेशन की मदद से भी बवासीर का इलाज किया जा सकता है।

(और पढ़ें - कब्ज दूर करने के घरेलू उपाय)

  1. बवासीर के चरण - Stages of Piles in Hindi
  2. बवासीर (पाइल्स) के लक्षण - Piles Symptoms in Hindi
  3. बवासीर (पाइल्स) के कारण - Piles Causes in Hindi
  4. बवासीर से बचाव - Prevention of Piles in Hindi
  5. बवासीर (पाइल्स) का परीक्षण - Diagnosis of Piles in Hindi
  6. बवासीर (पाइल्स) का इलाज - Piles Treatment in Hindi
  7. बवासीर से होने वाली जटिलताएं - Complications Piles in Hindi
  8. बवासीर पर वीडियो - Piles par video hindi mein
  9. बवासीर में परहेज, क्या खाना चाहिए और क्या नहीं
  10. पाइल्स होने पर क्या करें, क्या करना चाहिए
  11. बवासीर के घरेलू उपचार - Home Remedies for Piles in Hindi
  12. बवासीर के लिए योग
  13. बवासीर की दवा - Medicines for Piles in Hindi
  14. बवासीर की दवा - OTC Medicines for Piles in Hindi
  15. बवासीर के डॉक्टर

बवासीर के कितने प्रकार हैं?

आंतरिक बवासीर को उनकी गंभीरता और आकार के अनुसार ग्रेड 1 से 4 में वर्गीकृत किया जा सकता है -

  • ग्रेड 1 - आंतरिक बवासीर में गुदा नलिका की अंदरूनी परत पर हल्की सी सूजन होती है। इसमें दर्द नहीं होता है। ग्रेड 1 बवासीर आम है।
  • ग्रेड 2 - में सूजन थोड़ी अधिक होती है। मल त्याग करते समय ज़ोर लगाने पर खून के साथ मस्से भी बाहर आ जाते हैं। लेकिन मल त्याग के बाद ये मस्से अंदर चले जाते हैं।
  • ग्रेड 3 - में जब आप शौचालय में जाते हैं तो मस्सों के साथ साथ खून भी आता है। मल त्याग करने के बाद उंगली से अंदर करने पर ये अंदर चलते जाते हानी।
  • ग्रेड 4 - आंतरिक बवासीर में बहुत अधिक दर्द होता है। मल त्याग करते समय ज़ोर लगाने पर खून के साथ साथ मस्से भी बाहर आ जाते है लेकिन ये उंगली से अंदर करने पर भी अंदर नहीं जाते हैं। ये मस्से कभी-कभी बहुत बड़े हो जाते हैं।

(और पढ़ें - मल में खून आने का कारण)

बवासीर के लक्षण क्या हैं?

बवासीर के कुछ लक्षण निम्न हैं:

  • दर्दनाक मल त्याग जिससे मलाशय या गुदा को चोट पहुंच सकती है।
  • मल त्याग के दौरान ब्लीडिंग होना।
  • गुदा से एक बलगम जैसा स्राव निकलना।
  • गुदा के पास एक दर्दनाक सूजन या गांठ या मस्से का होना।
  • गुदा क्षेत्र में खुजली, जो लगातार या रुक-रुक कर हो सकती है।

बवासीर क्यों होता है?

गुदा के चारों तरफ की नसों में दबाव आने के कारण उनमें खिंचाव आ जाता है जिससे उनमें सूजन आ जाती है या वे उभर जाती हैं। नसों में सूजन के कारण ही बवासीर विकसित होता है। मलाशय के निचले हिस्से में निम्न कारणों से दबाव बढ़ता है। 

  • मल त्याग करने के दौरान जोर लगाना
  • लंबे समय से दस्त या कब्ज होना
  • टॉयलेट में अधिक लंबे समय से बैठे रहना

उपरोक्त सभी कारक गुदा क्षेत्र में खून के बहाव को प्रभावित करते हैं, जिसके कारण रक्त वाहिकाओं में दबाव बढ़ने लग जाता है और इस प्रकार उनका आकार बढ़ने लग जाता है। इसके अलावा मल त्याग करने के दौरान अधिक जोर लगाने से गुदा की नली में दबाव बढ़ जाता है, स्फिंक्टर (खुलने व बंद होने वाली मांसपेशियां) की मांसपेशियों में दबाव पड़ने के कारण बवासीर हो जाता है। 

बवासीर कारणों में निम्न स्थितियां शामिल हैं:

  • अधिक उम्र:
    जो ऊतक बवासीर से बचाव करके रखते हैं, वे उम्र के साथ-साथ कमजोर हो जाते हैं। इसके कारण बवासीर विकसित हो जाता है और उभर कर बाहर की तरफ भी निकल जाता है।
     
  • मोटापा:
    पेट के अंदर का दबाव बढ़ने से गुदा की मांसपेशियों में भी दबाव बढ़ जाता है।
     
  • गर्भावस्था:
    पेट के अंदर का दबाव बढ़ने के अलावा गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण भी गुदा की नसों में खिंचाव आ जाता है और उनमें सूजन आ जाती है।
     
  • एनल सेक्स:
    एनल सेक्स (गुदा सेक्स) करना भी बवासीर का कारण हो सकता है। 

बवासीर होने का जोखिम किन वजहों से बढ़ जाता है?

गुदा नलिका की परत के भीतर नसों में होने वाले परिवर्तन और बवासीर बनने का कारण स्पष्ट नहीं है। हालांकि यह माना जाता है कि कई मामलों में गुदा के अंदर और आसपास बढ़ता दबाव इसका एक प्रमुख कारक हो सकता है।

  • कब्ज
    कब्ज के कारण मल त्याग करते समय ज़ोर लगाने के कारण गुदा की नसों के अंदर और आसपास दबाव पड़ने के कारण बवासीर होता है। इसलिए जब भी आपको कब्ज की समस्या हो तो जल्दी से जल्दी इसका इलाज करें।
     
  • गर्भावस्था
    गर्भावस्था के दौरान पाइल्स आम होते हैं। यह संभवतया गर्भ में बच्चे की वजह से पड़ने वाले दबाव के कारण होती है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में परिवर्तन भी इसका एक कारण हो सकता है। (और पढ़े - प्रेगनेंसी में होने वाली समस्याएं)
     
  • आनुवंशिकता
    कुछ लोगों में पाइल्स की बीमारी आनुवंशिकता के कारण भी होती है। आनुवंशिक कारणों में बवासीर गुदा क्षेत्र में नसों की कमजोरी के कारण हो सकती है।
     
  • अधिक वजन उठाना
    अधिक बोझ उठाते समय साँस रोकने से गुदा पर शारीरिक तनाव पड़ता है। लम्बे समय तक ऐसा करने से नसों में सूजन होने का जोखिम बढ़ जाता है जिससे पाइल्स की शुरुआत हो सकती है। इसके अलावा अधिक समय तक खड़े रहने और बैठे रहना भी पाइल्स का कारण हो सकता है।

(और पढ़ें - सांस लेने में दिक्कत के लक्षण)

पाइल्स से बचाव कैसे करें?

बवासीर से बचाव करने का सबसे अच्छा तरीका है मल को नरम बनाए रखना, ताकि उसे बाहर आने में परेशानी न हो। नियमित शारीरिक गतिविधियों के अलावा मल को नरम बनाने में आहार भी अहम भूमिका निभाता है। इसके लिए आपको दिनभर में करीब 25-30 ग्राम या उससे अधिक फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों में दोनों प्रकार (घुलने वाले और बिना घुलने वाले) के फाइबर मौजूद होते हैं। अगर आप फाइबर को अपने आहार में शामिल नहीं करते हैं, तो धीरे धीरे इस तत्व को अपनी डाइट में शामिल करें, अचानक से डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाने से यह पेट में गैस और पेट फूलने की समस्या को बढ़ा सकता है।

बवासीर से बचाव के लिए आप निम्नलिखित उपायों को अपना सकते हैं।

  • टॉयलेट सीट पर ज्यादा देर तक ना बैठें:
    टॉयलेट सीट पर ज्यादा देर तक बैठने से मल त्यागने में परेशानी होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही सीट पर बैठने के तरीके से भी आपके गुदा के आसपास के हिस्से की रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है। इसके लिए आप टॉयलेट में मोबाइल और मैग्जीन को न ले जाएं, जितना जरूरी हो टॉयलेट में केवल उतना ही समय बिताएं।  
     
  • पर्याप्त पानी पीएं:
    शरीर के अनुसार आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, इससे मल नरम होता है। मल के नरम होने से उसको बाहर आने में समस्या नही होती है।
     
  • मल त्याग की इच्छा को अनदेखा ना करें:
    अगर मल त्याग करने की आदत को आप अनदेखा करते हैं, तो यह आदत आपके मल को सख्त या सूखा बना सकती हैं। मल सख्त होने से इसको बाहर आते समय मुश्किल होती है और गुदा की नसों पर दबाव पड़ता है। साथ ही मल त्यान की इच्छा न होने पर आप अनावश्यक जोर न लगाएं।
     
  • फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें:
    आप अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज और सेरियल्स (cereals: कृत्रिम रूप से पोषक तत्व मिलाए गए खाद्य पदार्थ) को शामिल करें। इसके साथ ही आपको प्राकृतिक फाइबर जैसे ईसबगोल (psyllium husk) को भी अपनी डाइट लेना चाहिए। लेकिन आप फाइबर को धीरे धीरे अपनी डाइट में शामिल करें, क्योंकि कुछ लोगों को इसकी वजह से गैस व पेट फूलने की समस्या भी हो जाती है।
       
  • नियमित व्यायाम करें:
    शारीरिक रूप से गतिशील रहने से मल त्याग करने में आसानी होती है। अगर आपने पहले कभी एक्सरसाइज नहीं की हो, तो अचानक से अधिक भार वाली एक्सरसाइज जैसे एबडोमिनल क्रंचेज (abdominal crunches)  से बचें। इसके अलावा यदि आपने पूरे सप्ताह एक्सरसाइज नहीं की है तो केवल सप्ताह के अंत में एक साथ अधिक एक्सरसाइज ना करें। इस दौरान आपको धीरे-धीरे प्रभावी और आसान एक्सरसाइज करने की आदत को अपनाएं। रोजाना केवल 20 मिनट पैदल चलने से भी आपकी मल त्याग करने की प्रक्रिया बेहतर होती है।
     
  • एक्टिव बने रहें:
    अगर आपकी बैठे रहने की जॉब है या कम घुमने वाली जीवनशैली है, तो ऐसे में आप एक जगह लगातार बैठे रहने की अपेक्षा हर घंटे दो से तीन मिनट के लिए ब्रेक लें या थोड़ा घूमें। लिफ्ट की जगह पर आप सीढ़ियों से ऊपर या नीचे जाने की आदत डालें। इसके अलावा ऑफिस की पॉर्किंग की सबसे दूर वाली जगह पर गाड़ी को खड़ी करें, इससे भी आपको कुछ दूर चलने का मौका मिल जाएगा।

बवासीर की जांच कैसे की जाती है?

बवासीर का निदान मरीज़ का इतिहास लेकर और शारीरिक परीक्षा लेकर किया जाता है। इतिहास लेने के दौरान बवासीर के लक्षणों के बारे में पूछा जाता है – उदहारण के तौर पर कब्ज़, मल त्यागने में कठिनाई और मलाशय पर दबाव। और अन्य प्रश्न मलाशय से खून आने की वजह पता लगाने के लिए पूछे जा सकते हैं। मलाशय से खून आने के कुछ कारण हैं, ट्यूमर, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज और जठरांत्र रक्तस्राव (gastrointestinal bleeding)।

शारीरिक परिक्षण निदान को पक्का करने के लिए किया जाता है जिसमें मलाशय परीक्षण शामिल है। इसमें उंगली द्वारा असामान्य गांठ का पता लगाया जाता है। अंदरूनी बवासीर को आमतौर पर महसूस नहीं किया जाता। अगर बहुत दर्द या सूजन होती है तो मलाशय परीक्षण को रोक दिया जाता है। इसके साथ साथ बवासीर और कब्ज़ की वजह से जुड़े के आस-पास की त्वचा फटने लगती है। इससे होने वाला दर्द और ऐठन मलाशय के परिक्षण को असुविधाजनक बना देता है।

अगर डॉक्टर को लगता है की मलाशय से खून आने का कारण बवासीर के अलावा कुछ और हो सकता है, तो वह अनोस्कोपी (Anoscopy)  करेंगे। अनोस्कोपी में प्रकाशित नली को गुदा में डाला जाता है, ताकि गुदा के अंदर देखा जा सके। अगर खून पेट की बाकी जगहों में से आता हैं तब सिग्मोइडोस्कोपी (Sigmoidoscopy) या कोलोनोस्कोपी (colonoscopy) कराइ जाती है। यह प्रक्रियाएं गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट्स (gastroenterologists) या सर्जन द्वारा की जाती हैं। 

(और पढ़ें - एंडोस्कोपी क्या है)

बवासीर का इलाज क्या है?

ज़्यादातर मामलों में, बिना कोई इलाज किये बवासीर अपने आप ठीक हो जाता है। बहुत सारे मरीज़ों ने यह पाया हैं कि इलाज से काफी हद तक पीड़ा और खुजली में आराम मिलता है।

जीवनशैली में परिवर्तन

एक अच्छा डॉक्टर शुरूआती तौर पर जीवनशैली में परिवर्तन लाने के लिए कहेगा -

  1. कब्ज़ होने की वजह से मल त्यागते वक़्त बहुत ज़ोर लगाया जाता है जिसकी वजह से बवासीर होता है। आहार में परिवर्तन करने से मल नियमित और मुलायम हो हो सकता है । अपने खाने में ज़्यादा से ज़्यादा फाइबर, जैसे की फल और सब्जियां, शामिल करना चाहिए और नाश्ते में अनाज की जगह चोकर शामिल करना चाहिए।
  2. पानी बहुत ही उत्तम पेय पदार्थ है , और मरीज़ों को यह सलाह दी जाती है कि वह ज़्यादा से ज़्यादा पानी का सेवन करें।
  3. साथ ही उन खाद्य पदार्थ जिनमें कैफीन होता है, उनका सेवन कम करें । कुछ विशेषज्ञों का मानना हैं कि बहुत ज़्यादा कैफीन का उपयोग करना सेहत के लिए अच्छा नहीं है।
  4. अगर मरीज़ मोटा है तो, वज़न कम करने से बवासीर की तीव्रता को रोका जा सकता है।
  5. बहुत आसान चीज़ों से आप अपने आप को बवासीर होने से बचा सकतें हैं :
  • मल त्यागते वक़्त बहुत ज़ोर न लगाए
  • जुलाब से दूर रहें
  • व्यायाम करें 

दवाइयां

  1. मरहम, क्रीम, पैड्स या दूसरी  दवाइयां:
    बहुत सारी तुरंत लगाने वाली दवाइयां हैं जिससे मलाशय के आस-पास होने वाली लालिमा और सूजन में आराम मिलता है। जिसमे से कुछ में विच हेज़ल (witch hazel), हीड्रोकॉर्टिसोने (hydrocortisone) जैसी सक्रिय सामग्री होती है जिससे खुजली और दर्द में आराम मिलता है। यह ध्यान रखें की इनसे बवासीर ठीक नहीं होता,  इनसे सिर्फ लक्षण ठीक किये जातें हैं। इन्हे सात दिन तक लगातार इस्तेमाल करने के बाद, इस्तेमाल न करें - ज़्यादा समय तक इस्तेमाल करने से मलाशय में परेशानी और उसके आस-पास की त्वचा पतली हो सकती है। डॉक्टर से परामर्श लिए बिना दो या दो से ज़्यादा दवाइयों का एक साथ इस्तेमाल न करें।
     
  2. कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स (Corticosteroids):
    इससे जलन और दर्द कम होता है।
     
  3. दर्द निवारक दवाइयां:
    अपने केमिस्ट से उपयुक्त दर्द निवारक दवाइयों के बारे में पूछे – जैसे कि पैरासिटामोल (Paracetamol)।
     
  4. जुलाब:
    अगर कोई मरीज़ कब्ज़ से झूझ रहा है तो डॉक्टर उसे यह लेने कि सलाह दे सकतें हैं।
     
  5. बैंडिंग (Banding):
    डॉक्टर मलाशय के अंदर, बवासीर के तले के आस-पास इलास्टिक बैंड लगा देंगे , जिससे खून की आपूर्ति रुक जाएगी और कुछ दिन बाद बवासीर झड़ कर निकल  जाएगा। यह इलाज बवासीर की ग्रेड 2 और 3 के लिए काम करेगा।

सर्जरी

  1. स्क्लेरोथेरपी (Scelotherapy):
    एक दवाई दी जाती है जिससे बवासीर सिकुड़ जाता है - और अंत में सूख जाता है। यह बवासीर के ग्रेड 2 और 3 में प्रभावी है, यह बैंडिंग का विकल्प है।
     
  2. इंफ्रारेड कोएगुलशन (Infrared coagulation):
    इसे इंफ्रारेड लाइट कोएगुलशन भी कहतें हैं। इसका इस्तेमाल बवासीर की ग्रेड 1 और 2 में किया जाता है। यह एक तरह का यन्त्र है जिससे बवासीर के मस्सों की जमावट को रोशनी द्वारा जला दिया जाता है।
     
  3. जेनेरल सर्जरी:
    इसे बड़ी बवासीर में इस्तेमाल किया जाता है या ग्रेड 3 या 4 की बवासीर में इस्तेमाल किया जाता है। अधिकतर सर्जरी तब की जाती है जब दूसरी प्रकिरियाओ से आराम नहीं पड़ता। कभी-कभी सर्जरी आउटपेशेंट (outpatient) प्रक्रिया की तरह की जाती है, यानी जिसमें मरीज़ सर्जरी की प्रक्रिया पूरी होने पर घर जा सकता है।
     
  4. हेमोर्रोइडेक्टमी (Hemorrhoidectomy):
    बहुत सारे ऊतक (tissue) जिनकी वजह से खून आ रहा है उसे सर्जरी द्वारा हटा दिया जाता है। इसे बहुत सारे तरीकों से किया जाता है। इसमें स्थानीय एनेस्थेटिक (anesthetic), बेहोश करने की प्रक्रिया, रीढ़ की हड्डी में दिया जाने वाला एनेस्थेटिक और सामान्य अनेस्थेटिक का मेल इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह की सर्जरी बवासीर को जड़ से मिटाने में कारगर है, लेकिन इसमें जटिलताएं पैदा होने का जोखिम है, जैसे की मल निकलने में दिक्कत और मूत्र पथ में संक्रमण
     
  5. हेमोर्रोइड को बांधना:
    बवासीर की ऊतक की तरफ हो रहे खून के बहाव को रोक दिया जाता है। यह प्रक्रिया हेमोर्रोइडेक्टमी से कम दर्दनाक होती है। लेकिन बवासीर के फिर से होने का और मलाशय के आगे बढ़ना का जोखिम बढ़ जाता है (मलाशय का हिस्सा  गुदे  से बाहर आ जाता है)
कुछ अन्य जरूरी टिप्स:

अनुचित जीवन शैली और अनुचित आहार बवासीर का मुख्य कारण है। सही आहार और सही जीवन शैली बवासीर के इलाज के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यहाँ तक कि दवाइयां या उपचार तभी प्रभावी हैं जब आप उचित आहार और जीवनशैली का पालन करते हैं। यदि आप कष्ट दयाक और दर्दनाक बवासीर से छुटकारा पाना चाहते हैं तो नीचे दी गई जीवनशैली और आहार को अपनाएं जो आपको बवासीर की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद करेंगी।

  • बवासीर के लिए आहार
    आपके पेट में जो भी समस्याएं होती है उसका प्रत्यक्ष और हानिकारक प्रभाव बवासीर की समस्या पर हो सकता है। इसलिए उचित आहार का सेवन बवासीर की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है और अनुचित आहार का सेवन आपकी बवासीर की समस्या को और बढ़ा सकता है तो उचित भोजन खाएं और बवासीर की समस्या से छुटकारा पाएं।
    • क्या खाना चाहिए
      उस भोजन को खाएं जिसमें बहुत फाइबर हो और आसानी से पच जाए जैसे ओट्समक्कागेहूं आदि| इससे आपको बवासीर में बहुत मदद मिलेगी। इसके अलावा अंजीरपपीताकेले, ब्लैकबेरी, जामुनसेब और हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का सेवन करें जो आंत के लिए बहुत अच्छी होती हैं। सूखे मेवे जैसे बादाम और अखरोट आदि और ऐसे खाद्य पदार्थ जो लोहे (iron) से समृद्ध हैं उनका सेवन अपनी स्थिति के अनुकूल करें। प्याज, अदरक और लहसुन भी बवासीर के इलाज में बहुत फायदेमंद होते हैं। शौच को मुलायम रखने के लिए द्रव पदार्थ का अधिक सेवन करें। 
    • क्या नहीं खाना चाहिए
      सफेद आटा या मैदा बवासीर की समस्या को कई गुना बढ़ा सकते हैं तो सफेद आटा या मैदा उत्पादों के सेवन से बचें। जंक फूड, धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें। दूध के उत्पाद कब्ज की समस्या को बढ़ा सकते हैं जिससे बवासीर की स्थिति और खराब हो सकती है तो डेरी उत्पादन के सेवन से बचें। तेल, मसालेदार और बाजार में बिकने वाले तैयार खाद्य पदार्थ बवासीर के लिए हानिकारक होते हैं। इनके सेवन से बचें।
       
  • बवासीर के लिए व्यायाम
    मोटापा और बवासीर आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है। इसलिए स्वस्थ शरीर के लिए वजन को नियमित रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है। स्वस्थ शरीर के लिए वजन को नियमित रखने के अलावा, कुछ योगासन जैसे भुजंगासन, धनुरासन, शवासनउत्तान पादासनपश्चिम उत्तानासन आदि बवासीर के लक्षणों को कम करने में बेहद फायदेमंद हैं। (और पढ़ें – व्यायाम के लाभ)
     
  • सिट्ज़ स्नान
    सिट्ज़ स्नान (sitz bath) या हिप स्नान (hip bath) बवासीर से राहत और घावों को ठीक करने में बेहद फायदेमंद है। अच्छे परिणाम के लिए गुनगुने पानी में सेंधा नमक डाल कर कम से कम 10 मिनट के लिए उस पानी में पूरी तरह से अपने कूल्हों को डुबो कर रखें। दर्द और सूजन को कम करने के लिए स्नान से पहले पेट पर गुलमेहंदी के तेल से मालिश करें।
     
  • कुछ अच्छी आदतें
    लंबे समय तक बैठने से बचें। बैठने के लिए कठोर सीट की बजाय नरम और आरामदायक सीट का उपयोग करें। यौनसम्बन्ध से बचने की कोशिश करें। उचित आहार खाएं, योगासन और ध्यान का अभ्यास करें और शांत और खुश रहें क्योंकि तनाव बवासीर की समस्या को बढ़ा सकता है।

बवासीर के क्या समस्याएं होती हैं?

यदि बवासीर का इलाज ना किया जाए तो उससे निम्न जटिलताएं हो सकती हैं:

  • यदि बवासीर गुदा के बाहरी हिस्से में है, तो पर उस से अत्यधिक खून बहने लग जाता है। 
  • बवासीर होने पर थ्रोंबोसिस या स्ट्रेंगुलेशन (गुदा का अंदरुनी हिस्सा बाहर निकल जाना) होना
  • ऊतकों में दबाव बढ़ने से ऊतक नष्ट होने लग जाते हैं जिसके कारण अल्सर बनने लग जाते हैं। इस स्थिति को टीशू नेक्रोसिस कहा जाता है। 
  • यदि गुदा के क्षेत्र में खून की सप्लाई बंद हो जाए और खून ना पहुंच पाए तो इस स्थिति में गैंगरीन हो जाता है
  • प्रभावित ऊतक मोटे होने लग जाते हैं और उनमें स्कार (खरोंच जैसे निशान) बनने लग जाते हैं।
  • गुदा के द्वार पर इन्फेक्शन भी विकसित हो सकता है।

(और पढ़ें - डीवीटी का इलाज)

इस वीडियो में डॉ आयुष पांडे से जानें पाइल्स के बारे में सभी जरूरी बातें:

Dr. Mahesh Kumar Gupta

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

Dr. Raajeev Hingorani

Dr. Raajeev Hingorani

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

Dr. Vineet Mishra

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

बवासीर के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
EscotEscot 100 Mg Tablet57.0
FluolFluol 0.025% Mg/1% Mg Cream54.86
GenticynGenticyn 10 Mg Injection45.0
AcucortAcucort 100 Mg Injection43.05
Cort SCort S 100 Mg Injection36.0
FmpFmp Tablet55.38
HisoneHisone 10 Mg Tablet77.24
HydrolinHydrolin 100 Mg Injection41.32
Lycortin SLycortin S Injection43.5
PrimacortPrimacort 100 Mg Injection36.36
Solu CortSolu Cort 1000 Mg Injection756.25
SuccicortSuccicort 100 Mg Injection59.0
TroycortTroycort 100 Mg Injection40.9
AlcortAlcort 100 Mg Injection28.5
Biosone(Biochem)Biosone 100 Mg Injection18.75
CortisumCortisum 100 Mg Injection26.25
EfcorlinEfcorlin 0.02%/0.025% Nasal Drops25.0
H CortH Cort 100 Mg Injection38.47
HycortHycort 100 Mg Injection43.05
Hydrocort(Phc)Hydrocort 100 Mg Injection26.87
HydrocortisoneHydrocortisone Sodium 100 Mg Injection38.8
LabocortLabocort 100 Mg Injection28.0
MulticortMulticort 100 Mg Injection21.25
NiticortNiticort 100 Mg Injection42.5
Pilcort HPilcort H 100 Mg Injection52.25
UltracortUltracort 100 Mg Injection57.46
UnicortUnicort 100 Mg Injection15.95
CortgeeCortgee 100 Mg Injection20.0
CortilupCortilup 100 Mg Injection48.0
CortipenCortipen Injection23.75
DexelexDexelex 100 Mg Injection600.0
EntofoamEntofoam 2 Gm Inhaler536.5
Hydrocort(Cip)Hydrocort Injection20.81
Hys 100Hys 100 1 Gm Injection43.06
IcortIcort Tablet34.2
IntacorlinIntacorlin 100 Mg Injection37.5
StecortStecort 1 Gm Injection26.25
WosoneWosone 100 Mg Injection18.75
WycortWycort 25 Mg Injection46.02
Anas DeeAnas Dee Gel37.17
BiocaineBiocaine 2% Injection12.5
Lignocaine (Neon)Lignocaine 2% Injection17.0
Lox HeavyLox Heavy 2% Injection18.75
LoxicardLoxicard 2% Infusion52.0
NummitNummit 15% W/W Spray220.0
WocaineWocaine 2% Gel27.06
Xylocaine AdrenalineXylocaine Adrenaline 2% Injection30.7
Xynova LonzengeXynova Lonzenge 200 Mg Tablet52.56
AnescaineAnescaine 2% Gel38.0
LidfastLidfast 2% Injection31.25
LidocynLidocyn Gel53.9
Lidocyn PlusLidocyn Plus Injection41.5
LignoxLignox 1% Injection26.97
Lox (Neon)Lox 2% Injection32.5
OculanOculan 1% Injection144.2
ResocaineResocaine 2% Gel29.0
Xylo(Astra)Xylo 2% Infusion36.22
XylocaineXylocaine 1%W/V Injection34.5
Xylocaine HeavyXylocaine Heavy 5% Injection4.5
XylocardXylocard 2% Injection43.0
XyloxXylox 0.2% Gel37.17
AlocaineAlocaine Injection18.0
LcaineLcaine Injection30.0
NircaineNircaine Injection80.92
UnicainUnicain 2% Injection14.5
Wocaine AWocaine A Injection583.31
XylonumbXylonumb 2% Injection26.0
XynovaXynova 2% Gel39.65
ZelcaineZelcaine Injection16.58
Lignocaine (Azp)Lignocaine (Azp) 4% Cream11.87
LignocareLignocare Gel19.37
OcukaneOcukane 4% Solution27.48
PilenilPilenil 0.70% Ointment80.0
BiosoreBiosore 2% Gel38.5
CalignoCaligno Jelly37.5
GesicainGesicain 5% Ointment29.76
Suhagra DuralongSuhagra Duralong Spray264.0
Vigora SprayVigora 15 Gm Spray170.0
Xynova EndoXynova Endo 200 Mg Lozenges59.0
Zenegra LidoZenegra Lido Spray69.87
ZyloZylo 5% Ointment18.75
CabisylCabisyl Capsule118.0
DobesilDobesil 500 Mg Capsule140.0
DobestDobest 100 Mg Tablet94.5
Dobewin DDobewin D Capsule30.37
DobimustDobimust 500 Mg Capsule130.0
DovasDovas 500 Mg Capsule125.0
EfloEflo Capsule95.22
LogisilLogisil Capsule110.0
Swift (Invision)Swift Capsule111.0
VenosufVenosuf 500 Mg Capsule119.9
AlvitralAlvitral Tablet59.4
CaldobCaldob 500 Mg Capsule120.0
DobiletDobilet Capsule130.0
DosilDosil Capsule103.16
DoxiumDoxium Capsule106.17
MobiumMobium Capsule137.8
Osil Osil 500 Mg Capsule130.0
RhythmRhythm 500 Mg Capsule91.17
ZobilateZobilate Capsule98.52
BaycortBaycort 2% Cream24.06
Beclo 17 21Beclo 17 21 0.25% Lotion46.4
Beclo CBeclo C Lotion47.7
BeclodermBecloderm 0.025% Cream20.0
BetadermBetaderm 0.05% Cream60.0
DermaspanDermaspan 0.025%/1%/0.1% Cream32.72
GalvateGalvate 0.025% Lotion114.0
Propynate NfPropynate Nf 0.025% W/W Cream155.0
Rovate LotionRovate 0.05% W/V Lotion13.13
ZovateZovate 0.03% Ointment20.92
BetnitekBetnitek Lotion50.0
DiprobecDiprobec 0.025% Cream46.0
DipromildDipromild 0.0125% Cream30.75
GebicGebic Cream34.72
PilovatePilovate Cream20.62
CortimycinCortimycin Ointment60.0
CutisoftCutisoft 1% W/W Cream75.0
DaktacortDaktacort Gel53.68
DrocortDrocort Cream64.76
EldercoidEldercoid 0.1% Lotion42.0
HysoftHysoft 0.12% Cream92.61
LocoidLocoid 0.1% Lotion36.0
LocortLocort 1% Cream49.0
LycorLycor 1% Cream88.5
TendroneTendrone 0.5% Cream104.0
AtokidzAtokidz Lotion88.57
CutispotCutispot Cream180.0
DelsterDelster 1% Cream66.0
EfficortEfficort 0.127% W/W Cream160.0
Locoid LippoLocoid Lippo Cream43.0
Urea HcUrea Hc Cream46.47
BeclateBeclate 200 Mcg Inhaler340.0
BecorideBecoride 100 Mcg Inhaler282.96
MedivenMediven Cream36.0
RhinaseRhinase 0.025% Nasal Drops85.0
ZydipZydip 0.05% W/W Lotion135.0
DosminDosmin Tablet98.1
Venusmin(Martin&Amp; Harris)Venusmin 150 Mg Injection7.05
Venusmin(Water Bushnell)Venusmin 900 Mg Tablet308.2
Mamdew BabyMamdew Baby 7.50% Gel31.75
MucopainMucopain Gel50.0
T JelT Jel 7.50% Ointment38.45
OmnisootheOmnisoothe 10 Mg Lozenges16.0
Oragard BOragard B 20% Gel192.37
DobesioDobesio 0. 5 % Ointment37.13
OxeruteOxerute Cd 500 Mg Tablet195.0
AcdermAcderm 0.025%/1%/0.1% Cream36.87
Beclolab CgBeclolab Cg 0.25%/0.1%/1% Cream8.75
Beclotis CgBeclotis Cg 0.025%/1%/0.1% Cream12.5
Biomet CBiomet C 0.025%/1%/0.1% Cream29.25
Biomet CgBiomet Cg 0.025%/1%/0.1% Ointment28.5
Canditas BgnCanditas Bgn 0.1% Cream8.75
Clomax BgClomax Bg 0.25%/0.1%/1% Cream38.5
Decand BgDecand Bg 0.025%/1%/0.1% Cream11.2
Dewderm (Dew Drops Lab)Dewderm Ointment28.75
Fungi BcFungi Bc Drop34.28
Lamonte BLamonte B 0.025%/1%/0.1% Cream23.47
Lamonte BgLamonte Bg 0.025%/1%/0.1% Cream35.16
Lotril BgLotril Bg Cream60.5
Maxiderm RfMaxiderm Rf 0.025%/1%/0.1% Cream20.18
MydermMyderm 0.025%/1%/0.1% Ointment5.93
Refur PlusRefur Plus Cream28.87
SigmadermSigmaderm 0.025%/1%/0.1% Cream55.07
Translipo TripleTranslipo Triple 0.025%/1%/0.1% Cream47.02
Triben PlusTriben Plus Cream49.0
ZydermZyderm 0.025%/1%/0.1% Ointment9.53
Betsonir CgBetsonir Cg Cream2.5
Cloz GbCloz Gb 0.5%W/W/0.10%W/W/1%W/W Cream36.0
DiprodermDiproderm 0.025%W/W/0.1%W/W/1%W/W Cream33.65
QtecQtec 0.025%/1%/0.1% Ointment5.93
Qtec PlusQtec Plus Ointment9.0
SuperdermSuperderm 0.25%/0.1%/1% Cream42.35
AerocortAerocort 100 Mcg/50 Mcg Inhaler170.0
Aerocort ForteAerocort Forte 200 Mcg/200 Mcg Rotacap65.0
Aerocort HfaAerocort Hfa 100 Mcg/50 Mcg Inhaler170.0
Derisone LDerisone L Forte Respicap70.0
Durabec Breath InhalerDurabec Breath Inhaler111.0
VentorideVentoride 100 Mcg/50 Mg Inhaler104.2
Vent Plus Easecaps CapsuleVent Plus Easecaps 200 Mcg/100 Mcg Capsule30.12
Aerotide Forte DisketteAerotide Forte 400 Mcg/200 Mcg Diskette14.57
AerotideAerotide 200 Mcg/100 Mcg Inhaler59.2
Aerovent InhalerAerovent Inhaler158.75
Derisone RespicapDerisone 200 Mcg/100 Mcg Respicap19.0
Oflox DOflox D 0.3%W/V/0.1%W/V Eye Drop13.0
AnomexAnomex Suppository54.0
CorectCorect Suppository66.0
PileumPileum Suppository60.0
AnovateAnovate Cream83.5
Pilo GoPilo Go Cream55.0
Proctosedyl BdProctosedyl Bd Cream58.85
ProctosedylProctosedyl Ointment53.6
Tretcee HqTretcee Hq Cream89.0
Lomela LiteLomela Lite Cream75.0
NolasmaNolasma Cream90.47
Audisol DropAudisol Drop34.0
WaxolveWaxolve Ear Drop65.89
WaxonilWaxonil Ear Drop74.0
AudoticAudotic Ear Drops58.78
Obpex Eye DropsObpex Eye Drops29.0
OtiflamOtiflam Ear Drops51.6
OtorestOtorest Ear Drop52.0
Otras OtOtras Ot Drops42.0
Bestoflox ClBestoflox Cl Ear Drops33.93
Clodibiotic Ear DropClodibiotic Ear Drop48.0
DrepDrep Ear Drop46.55
Myclin OMyclin O Ear Drops30.5
BeclocidBeclocid Lotion37.5
CanditopCanditop 0.025%/1% Cream26.05
Canison BCanison B Cream44.0
Clofung GmClofung Gm Ointment18.82
Clofung GClofung G Ointment36.25
ClogentClogent Ointment40.0
Clomax BClomax B 0.025%W/W/1%W/W Cream47.0
Clona BClona B Ointment30.0
Fluol BFluol B 0.025% W/W/1% W/W Cream54.86
Fungnil BFungnil B 0.025%W/V/1%W/V Cream13.75
Lotril BLotril B Cream58.05
Moncid BMoncid B 0.025%W/V/1%W/V Solution114.0
Nifugal BNifugal B 0.025%/1% Ointment21.5
Ocan BOcan B Cream18.58
Strodent MouthStrodent Mouth Paint46.5
Surfaz BSurfaz B Cream57.76
Topcan BTopcan B Cream48.21
Topcan BgTopcan Bg Cream50.0
Trim BTrim B 0.025%W/W/1%W/W Cream32.0
Vg Can BVg Can B Cream53.0
Abzorb BAbzorb B Cream60.0
BecloromBeclorom Cream38.0
Candex BCandex B Lotion31.3
Candy BCandy B 0.025%/1% Cream34.5
Clen BClen B Cream18.08
Cloben 15Cloben 15 Cream36.1
Clozol B (Biochem)Clozol B Ointment31.0
DefunginDefungin Cream28.57
Exelvate BExelvate B Cream42.86
ExfungExfung 0.025%/1% Cream34.68
Fulcin (Kim Lab)Fulcin Drops35.0
Itchgo BItchgo B Cream10.0
Mazoderm BMazoderm B Cream27.66
Monila PlusMonila Plus 0.025%W/W/1%W/W Cream49.0
Stoma CareStoma Care Liquid77.0
Topiclo BTopiclo B 0.025%/1% Ointment34.48
ZedermZederm Cream36.0
Beclolab NBeclolab N 0.025%/0.5% Cream13.12
Beclomark NBeclomark N 0.025%/0.1% Cream20.5
Biomet NBiomet N 0.025%/0.5% Cream38.5
Beclocort NBeclocort N 0.025%/0.5% Cream14.9
Beclosone NBeclosone N 0.025%/0.5% Cream17.85
Beclotas NBeclotas N Ointment27.0
Beclotec NBeclotec N Ointment9.37
Becmet NBecmet N Cream28.5
Betabiotic PlusBetabiotic Plus Drops26.0
Betawok NBetawok N Cream12.5
Betsonir NBetsonir N Cream15.75
Daily MDaily M Tablet50.0
Beclomethasone 0.025% + Clotrimazole 1% + Gentamycin 0.1% CreamBeclomethasone 0.025% + Clotrimazole 1% + Gentamycin 0.1% Cream10.95
CandidermaCandiderma Cream42.8
Clowin GmClowin Gm Cream9.42
CuticareCuticare Cream55.0
DiproliteDiprolite Cream11.25
Siloderm MixiSiloderm Mixi Cream49.25
BeclosalBeclosal 0.025%/3% Cream29.0
Ephytol SEphytol S 0.025%W/W/3%W/W Ointment51.22
Zovate SZovate S 0.025%W/W/3%W/W Cream35.85
BiosalicBiosalic Ointment45.0
Belmycetine CBelmycetine C Ointment46.51
Chlorocol HChlorocol H Ointment70.0
Cortison OptichlorCortison Optichlor 10 Mg/5 Mg Ointment62.0
Renicol HRenicol H 1%/0.5% Eye Ointment0.0
Cd (Hicare)Cd Eye Ointment59.0
ChlorocortChlorocort Ointment61.01
ChloronixChloronix Eye Ointment57.15
Corti KemicetineCorti Kemicetine Ointment21.4
HcolHcol Eye Ointment39.93
ZemoistZemoist Eye Drops73.65
BencreamBencream Cream58.59
CandivateCandivate 0.025%/0.5%/1% Cream15.0
Canison BnCanison Bn Cream51.0
Clomax BnClomax Bn 0.025%/0.5%/1% Cream53.0
Clomazole SnClomazole Sn 0.025%/0.5%/1% Cream65.0
Cnb (Als)Cnb 0.025%/0.5%/1% Cream25.0
DermikemDermikem 0.025%/0.5%/1% Cream9.37
InfadermInfaderm Cream41.0
Naderm RfNaderm Rf 0.025%/0.5%/1% Cream21.15
OndermOnderm 0.025%W/W/0.5%W/W/1%W/W Ointment39.0
OtobioticOtobiotic 0.025%/0.5%/1% Ear Drop53.0
Qualis RfQualis Rf 0.025%/0.5%/1% Cream32.0
Ring OutRing Out 0.025%/0.5%/1% Cream20.0
Trizole BTrizole B Cream70.0
ZefacortZefacort 0.025%/0.5%/1% Cream18.0
ArdermaArderma 0.025%/0.5%/1% Cream17.46
Becsone NBecsone N Cream12.81
Burnol PrickdermBurnol Prickderm Cream23.56
Candex BgCandex Bg 0.025%/0.5%/1% Cream33.0
CutigardCutigard 0.025%/0.5%/1% Cream30.2
Czson NbCzson Nb Cream27.0
DermitrustDermitrust Cream7.35
FungihealFungiheal Cream33.22
Fungitop RfFungitop Rf Cream13.12
GerdermGerderm Cream8.75
GetridGetrid 0.025%/0.5%/1% Cream36.0
Mazoderm BnMazoderm Bn Cream15.0
MegadermMegaderm Cream7.5
Nb ClozNb Cloz 0.025%/0.5%/1% Cream32.8
PerisanPerisan Cream57.9
ZenodermZenoderm Ointment12.5
Betapro CBetapro C Lotion36.91
Candid BCandid B Cream98.0
Canesten SCanesten S Cream63.4
Rizole BRizole B Cream48.8
Triben BTriben B Cream73.0
Zydip CZydip C 0.025% W/V/1% W/V Cream99.0
Beczol CreamBeczol Cream65.0
Cantop BCantop B Cream9.68
Clocip BClocip B Cream40.0
Czson BCzson B Cream40.0
Kivzole BKivzole B Cream86.58
ObedermObederm Cream47.13
Biosone CBiosone C Ointment50.0
Cecort (Optica)Cecort Ointment45.0
Retichlor HRetichlor H Ointment60.0
CandibioticCandibiotic Ear Drop65.0
Orecure PlusOrecure Plus Ear Drops59.7
AlbioticAlbiotic Ear Drop52.0
GlybioticGlybiotic Ear Drop45.0
MycoticMycotic Ear Drop48.0
OtidropOtidrop Ear Drops25.33
OtocinOtocin Ear Drop39.6
CortecyclineCortecycline Eye Ointment9.4
TerracortTerracort Eye/Ear Drops29.62
CortigenCortigen Eye Drops53.43
Genticyn HcGenticyn Hc Eye Drop17.93
Smuth SuspensionSmuth Suspension65.15
Crotorax HcCrotorax Hc Cream43.4
DbioticDbiotic Eye Drops43.31
ErcobErcob 0.3%/0.025%/1% Ear Drop44.7
Mix BioticMix Biotic Drop50.0
OtichekOtichek 0.3%/0.025%/% Eye Drop46.44
OtifloxOtiflox 0.3%/0.025%/1% Ear Drop44.44
Otobiotic PlusOtobiotic Plus 0.3%/0.025%/1% Drop56.0
Candid OCandid O Ear Drop62.0
OtinexOtinex Ear Drops26.2
Otolux OOtolux O Ear Drop41.37
OtonormOtonorm Ear Drop50.0
DentacainDentacain 8.7%/2% Gel58.0
CurasilCurasil Gel32.0
Orogard SgOrogard Sg Ointment20.0
SelenoSeleno Gel45.0
DesolDesol Drop46.67
OtorexOtorex Drop75.6
Vovax Ear DropsVovax Ear Drops32.0
EclospanEclospan 0.025%/2%/0.5% Cream44.5
MegaspanMegaspan Cream22.9
NovacorNovacor Cream30.0
ValbetValbet Cream21.0
CatarnilCatarnil Drops25.25
Fexit BFexit B 0.025%/2% Cream61.53
Fudic BnfFudic Bnf 0.025% W/W/2% W/W Cream135.0
Fusiate BFusiate B 0.25 Mg/20 Mg Cream95.0
Fusikab BFusikab B 0.025%/2% Cream64.76
Fuson BFuson B 0.25 Mg/20 Mg Cream45.0
Niogenta FNiogenta F 0.025% W/W/2% W/W Cream169.0
FusiateFusiate Cream115.0
Fusi BFusi B Cream77.15
Fucidin HFucidin H 1%/2% Cream156.5
Fuseal HFuseal H 2%W/W/1%W/W Ointment118.0
Fuson HFuson H 1%W/W/2%W/W Cream50.0
Fusee BFusee B 0.025%W/W/2%W/W Cream185.0
Fusidil BFusidil B Cream68.0
Fusigen DpFusigen Dp Cream64.3
Fuseal BFuseal B Cream68.4
Gentalene PlusGentalene Plus Cream76.0
Nuforce GmNuforce Gm 0.025% W/W/1% W/W/0.5% W/W Cream33.0
Quadriderm RfQuadriderm Rf Cream97.0
Toprap NcToprap Nc Cream28.85
TrijekTrijek Cream40.0
TrinilTrinil 0.025%/1%/0.5% Lotion43.8
BageeBagee Cream39.8
Bestopic NBestopic N Cream45.0
Candiderma PlusCandiderma Plus Cream72.0
Cloben GCloben G Cream84.0
Dermolin GmDermolin Gm Cream34.9
Fungid NcFungid Nc Cream38.67
Gentalene C PlusGentalene C Plus Cream66.18
MegaseptMegasept Ointment59.0
SkintopSkintop Cream58.0
Sriderm CreamSriderm Cream22.0
TotaldermTotalderm Cream37.0
Healex PlusHealex Plus 0.36%/6.5% Spray176.73
KeralinKeralin Ointment70.0
KetonateKetonate 0.03%/22% Cream36.5
LidocamLidocam Mouth Wash84.75
Lignocad AdrLignocad Adr Injection12.5
Lignox+AdrenlineLignox+Adrenline 0.005 Mg/2% Injection25.86
XicaineXicaine 0.022 Mg/2% Injection21.5
Mugel Freshora 8.7%W/W/2.0%W/W GelMugel Freshora 8.7%W/W/2.0%W/W Gel40.0
Oraflora LaOraflora La 8.70% W/W/2% W/W Gel48.4
ViloralViloral 8.7%W/W/2%W/W Gel51.9
Anabel CtAnabel Ct 8.7% W/W/2% W/W Gel53.0
DentogelDentogel 8.7%/2% Gel57.7
MyclinMyclin 1%W/W/2%W/W Ear Drops25.0
RaystatRaystat 1%W/W/2%W/W Eye/Ear Drops44.45
NumbexNumbex Cream160.0
XyloplusXyloplus Ointment37.0
AsthesiaAsthesia Cream530.0
DolocaineDolocaine Cream137.9
Xynova PXynova P Cream144.0
OcoticOcotic Drops29.0
OticlorOticlor Eye Drops21.0
OtigardOtigard Ear Drops19.42
OtilanOtilan Ear Drop54.0
ClocibioticClocibiotic Ear Drops33.66
ClodideClodide Ear Drops19.96
OtiscotOtiscot 5%/1%/0.025% Drop24.57
Oflo BmOflo Bm Ointment20.5
Ofloxamac DOfloxamac D 0.3%W/V/0.1%W/V/0.02%W/V Eye Drop9.45
Onabet BOnabet B 0.025% W/W/2% W/W Cream129.0
Sertacide BSertacide B Cream119.0
Orabliss 2%/2% GelOrabliss 2%/2% Gel61.0
Orex 8.7%W/W/10%W/W CreamOrex 8.7%W/W/10%W/W Cream59.0
Otobiotic Sf 0.3%W/V/1%W/V/2%W/V Eye DropOtobiotic Sf 0.3%W/V/1%W/V/2%W/V Eye Drop39.0
PentadermPentaderm Cream32.0
Quik KoolQuik Kool Gel65.0
Ora FastOra Fast Cream40.0
Orex LoOrex Lo Gel58.3
Manforce StaylongManforce Staylong Condom Pineapple24.92
Sii HibroSii Hibro 1933 To/10 Mcg Injection360.57
Softee(Leo)Softee Laxative Syrup94.9
Sufrate LaSufrate La Cream75.0
TricozolTricozol Ear Drop50.5
Tympalin CTympalin C Drops45.0
PilcarePilcare Cream29.0
Hairmax ForteHairmax Forte Solution584.0
Lignocaine 2% InjectionLignocaine 2% Injection15.13
Lignocaine (Cdl)Lignocaine 213 Mg Injection10.0
Lignocip 2 % InjectionLignocip 2 % Injection29.96
XcinXcin Gel138.1
HadensaHadensa Capsule40.0

बवासीर के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Himalaya Pilex OintmentHimalaya Pilex Ointment120.0
Himalaya Pilex TabletsHimalaya Pilex Tablets200.0
Himalaya Triphala SyrupHimalaya Triphala Syrup80.0
Baidyanath Saptavinshati GugguluBaidyanath Saptavinshati Guggulu173.0
Baidyanath Bolbaddh RasBaidyanath Bolbaddha Ras Combo Pack Of 3117.0
Baidyanath Arshoghni BatiBaidyanath Arshoghni Bati125.0
Baidyanath Kaharva PishtiBaidyanath Kaharva Pishti99.0
Baidyanath Amar Sundari VatiBaidyanath Amarsundari Batib Combo Pack Of 3150.0
Baidyanath Kankayan Bati ArshBaidyanath Kankayan Bati Arsh Combo Pack Of 2136.0
Baidyanath Pushyanug ChurnaBaidyanath Pushyanug Churna (No2) Combo Pack Of 3150.0
Baidyanath Rajbati (Gandhak Bati)Baidyanath Rajbati (Gandhak Bati)69.0
Baidyanath Tamra BhasmaBaidyanath Tamra Bhasma Combo Pack Of 2148.0
Baidyanath Kashisadi TelBaidyanath Kashisadi Tel101.0
Dabur Laxirid SyrupDabur Laxirid Syrup150.0
Dabur Sat IsabgolDabur Sat Isabgol160.0
Dabur TrifgolDabur Trifgol93.0
Patanjali Bel CandyPatanjali Bel Candy140.0
Divya Arshkalp VatiDivya Arshkalp Vati65.0
Divya Saptvisanti GuggulDivya Saptvisanti Guggul50.0
Divya KumaryasavaDivya Kumaryasava75.0
Divya Triphala GuggulDivya Triphala Guggul70.0
Divya AbhyaristhDivya Abhayarishta75.0
Baidyanath KumariasavaBaidyanath Kumari Asava116.0
Baidyanath LohasavaBaidyanath Lohasava113.0
Baidyanath PirrhoidsBaidyanath Pirrhoids Tablet175.0
Zandu Maha Yograj GuggulZandu Maha Yograj Guggul Tablet110.0
Shree Baidyanath Arshoghani BatiBaidyanath Arshoghani Bati Tablet118.0

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