Patanjali Divya Phal Ghrit

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Patanjali Divya Phal Ghrit की जानकारी

Patanjali Divya Phal Ghrit बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, जो मुख्यतः बांझपन के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा Patanjali Divya Phal Ghrit का उपयोग कुछ दूसरी समस्याओं के लिए भी किया जा सकता है। इनके बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गयी है। Patanjali Divya Phal Ghrit के मुख्य घटक हैं अजमोद, अश्वगंधा, बाला, चंदन, अंगूर, हल्दी, मंजिष्ठा, मुलेठी, शतावरी, घी, लाल चंदन, हींग जिनकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Patanjali Divya Phal Ghrit की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है।

Patanjali Divya Phal Ghrit की सामग्री - Patanjali Divya Phal Ghrit Active Ingredients in Hindi

अजमोद
  • कामेच्छा को तेज करने वाले घटक।
  • ऐसा पदार्थ जो पेट और आंतों से अतिरिक्त गैस को खत्म करता है।
  • मल को मुलायम करके मलत्याग को आसान बनाने वाली दवाएं।
अश्वगंधा
  • होमियोस्टैसिस (किसी अंग या प्रणाली के असामान्य कार्य को ठीक करने के लिए शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया) को बनाए रखने और तनाव की स्थिति में शारीरिक क्रियाओं को नियंत्रित करने वाले बायोएक्टिव तत्‍व।
  • वो तत्व जो जीवित कोशिकाओं में मुक्त कणों के ऑक्सीकरण के प्रभाव को रोकता है।
  • यौन इच्‍छाओं को बेहतर करने वाले तत्‍व।
  • श्‍लेष्‍मा झिल्‍ली (म्‍यूकस मेंब्रेन) के ऊपर एक सुरक्षात्मक परत बनाते हुए सूजन को कम करने वाले तत्व।
  • ऐसे एजेंट्स जो डिप्रेशन के लक्षणों से राहत दिलाते हैं।
बाला
  • दवाइयां जो बिना बेहोशी के दर्द को कम करती हैं।
  • वे एजेंट या दवाएं जो रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों और बीमारी को बढ़ने से रोकते हैं ।
  • कामेच्छा को बढ़ाने के लिए उपयोगी एजेंट।
चंदन
  • ऐसा पदार्थ जिसमें यौन इच्छा को तीव्र करने की क्षमता होती है।
  • ये एजेंट श्वसन पथ से कफ निकलने को बढ़ावा देते हैं।
अंगूर
  • चोट लगने के बाद सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • वो तत्व जो जीवित कोशिकाओं में मुक्त कणों के ऑक्सीकरण के प्रभाव को रोकता है।
  • लीवर के कार्यों और उसे खराब होने से रोकने वाले एजेंट।
हल्दी
  • सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • संक्रमित रोगाणुओं को खत्म करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाले दवाएं।
मंजिष्ठा
  • वो तत्व जो जीवित कोशिकाओं में मुक्त कणों के ऑक्सीकरण के प्रभाव को रोकता है।
  • संक्रमित रोगाणुओं को खत्म करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाले दवाएं।
मुलेठी
  • चोट या संक्रमण के कारण होने वाली सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
  • पेट में अल्सर का उपचार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एजेंट।
  • वो दवा जो पेट और आंत के काम को आसान कर पाचन तंत्र को बेहतर करती है।
  • खांसी कम करने के लिए उपयोग की जाने वाली दवा।
  • पदार्थ या दवा जो लिवर के सामान्य कार्य की रक्षा करने में फायदेमंद है।
शतावरी
  • ऐसा पदार्थ जिसमें यौन इच्छा को तीव्र करने की क्षमता होती है।
  • डिप्रेशन को नियंत्रित करने में मदद करने वाली दवाएं।
  • ऐसे घटक जो मासिक धर्म के दौरान रक्त प्रवाह को बढ़ाते हैं।
  • ये एजेंट स्तनों से दूध के स्राव को बढ़ावा देते हैं।
  • ऐसे पदार्थ जो प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को उत्तेजित करके या कम करके उसे ठीक करता है।
घी
  • शरीर के अंगों को पोषण देने वाले एजेंटस।
लाल चंदन
  • चोट लगने के बाद सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • शरीर में मौजूद ऑक्सीजन के मुक्त कणों को निकालने के लिए उपयोग होने वाले पदार्थ।
  • मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन को रोकने वाली दवाएं।
  • ये तत्व यौन इच्छा को बढ़ाते हैं।
  • वे दवाएं जो गैस्‍ट्रोइंटेस्‍टाइनल मार्ग से अत्‍यधिक गैस को निकालने में मदद करती हैं।
हींग
  • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
  • वो तत्व जो जीवित कोशिकाओं में मुक्त कणों के ऑक्सीकरण के प्रभाव को रोकता है।
  • ये दवाएं मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन को कम करने में मदद करती हैं।
  • वे दवाएं जो प्रतिरक्षा प्रणाली पर काम कर इम्‍यून की प्रतिक्रिया में सुधार लाती हैं।
  • ये दवाएं मल त्याग करने की प्रक्रिया में सुधार करती हैं और कब्ज से राहत प्रदान करने में उपयोगी हैं।

Patanjali Divya Phal Ghrit के लाभ - Patanjali Divya Phal Ghrit Benefits in Hindi

Patanjali Divya Phal Ghrit इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -

अन्य लाभ

  • इम्यूनिटी बढ़ाना


Patanjali Divya Phal Ghrit की खुराक - Patanjali Divya Phal Ghrit Dosage in Hindi

यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Patanjali Divya Phal Ghrit की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Patanjali Divya Phal Ghrit की खुराक अलग हो सकती है।

आयु वर्ग खुराक
व्यस्क(महिला)
  • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
  • खाने के बाद या पहले: खाने के बाद
  • अधिकतम मात्रा: 250 ml
  • लेने का तरीका: गुनगुना पानी
  • दवा का प्रकार: घृत
  • दवा लेने का माध्यम: मुँह
  • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार
  • दवा लेने की अवधि: 6 हफ्ते
व्यस्क(पुरुष)
  • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
  • खाने के बाद या पहले: खाने के बाद
  • अधिकतम मात्रा: 250 ml
  • लेने का तरीका: गुनगुना पानी
  • दवा का प्रकार: घृत
  • दवा लेने का माध्यम: मुँह
  • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार
  • दवा लेने की अवधि: 6 हफ्ते


Patanjali Divya Phal Ghrit के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स - Patanjali Divya Phal Ghrit Side Effects in Hindi

चिकित्सा साहित्य में Patanjali Divya Phal Ghrit के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Patanjali Divya Phal Ghrit का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।



Patanjali Divya Phal Ghrit से सम्बंधित चेतावनी - Patanjali Divya Phal Ghrit Related Warnings in Hindi

  • क्या Patanjali Divya Phal Ghrit का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?


    यदि Patanjali Divya Phal Ghrit का कोई दुष्प्रभाव प्रेग्नेंट महिला के स्वास्थ्य पर होता है तो इसका सेवन करना तुरंत बंद कर दें। इसके बाद चिकित्सक से सलाह के लेने पर ही इसको दोबारा शुरू करें।

    मध्यम
  • क्या Patanjali Divya Phal Ghrit का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?


    स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए Patanjali Divya Phal Ghrit सही और सुरक्षित है।

    सुरक्षित
  • Patanjali Divya Phal Ghrit का पेट पर क्या असर होता है?


    बिना किसी डर के आप Patanjali Divya Phal Ghrit ले सकते हैं। यह पेट के लिए सुरक्षित है।

    सुरक्षित
  • क्या Patanjali Divya Phal Ghrit का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?


    बच्चों में Patanjali Divya Phal Ghrit के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है।

    अनुचित
  • क्या Patanjali Divya Phal Ghrit शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?


    Patanjali Divya Phal Ghrit लेने के बाद आपको नींद नहीं आएगी। इसलिए आप गाड़ी चलाने या दूसरे कामों को आसानी से कर सकते हैं।

    नहीं
  • क्या Patanjali Divya Phal Ghrit का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?


    Patanjali Divya Phal Ghrit की लत नहीं लगती, लेकिन फिर भी आपको इसे लेने से पहले सर्तकता बरतनी बेहद जरूरी है और इस विषय पर डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।

    नहीं


Patanjali Divya Phal Ghrit कैसे खाएं - Patanjali Divya Phal Ghrit How to take in Hindi

आप Patanjali Divya Phal Ghrit को निम्नलिखित के साथ ले सकते है:

  • क्या Patanjali Divya Phal Ghrit को गुनगुना पानी के साथ ले सकते है?
    गुनगुने पानी के साथ Patanjali Divya Phal Ghrit लेना बिल्कुल सुरक्षित माना जाता है।


इस जानकारी के लेखक है -

Dr. Braj Bhushan Ojha

BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक
10 वर्षों का अनुभव


संदर्भ

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. Volume- I. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1999: Page No 19-20

Ministry of Health and Family Welfare. Department of ISM & H: Government of India. [link]. Volume- III. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2001: Page No 45-46

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 60-61

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No - 168 - 169

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 4. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2004: Page No 122 - 123

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 6. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2008: Page No 238-239

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 3. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2001: Page No 155-156

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 64-66

C.K. Kokate ,A.P. Purohit, S.B. Gokhale. [link]. Forty Seventh Edition. Pune, India: Nirali Prakashan; 2012: Page No 1.116-1.117






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