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ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए मेमोग्राफी की जरूरत पड़ती है। यदि आपको ब्रेस्‍ट कैंसर की आशंका है और आपको अपने स्‍तनों में किसी भी प्रकार की कसावट या गांठ दिखे तो आपको तुरंत मैमोग्राफी करानी चाहिए। इस प्रक्रिया के दौरान दर्द नहीं होता है। तो आइये जानते हैं इस प्रक्रिया के बारे में विस्तार से - 

  1. मैमोग्राफी (मैमोग्राम) क्या होता है? - What is Mammography in Hindi?
  2. मैमोग्राफी से पहले - Before Mammography in Hindi
  3. मैमोग्राफी (मैमोग्राम) के दौरान - During Mammography in Hindi
  4. मैमोग्राफी के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of Mammography in Hindi
  5. मैमोग्राफी (मैमोग्राम) के परिणाम का क्या मतलब होता है - What do the results of Mammography mean in Hindi

मैमोग्राफी या मेमोग्राम टेस्ट आपके स्तनों का एक्स रे होता है। यह ब्रेस्ट कैंसर की पहचान करने का बहुत ही अच्छा तरीका है। नियमित चिकित्सीय परीक्षण के साथ स्तन कैंसर के शुरुआती निदान का मैमोग्राम एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

40 वर्ष उम्र के बाद या उससे भी पहले, यदि आपको ब्रेस्ट कैंसर का खतरा हो, तो आपको हर वर्ष मेमोग्राम कराना चाहिए। यदि आपके परिवार में स्तन कैंसर का कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक इतिहास है, तो आपके डॉक्टर 40 की उम्र से पहले स्क्रीनिंग शुरू कर सकते हैं या अतिरिक्त नैदानिक तरीकों का उपयोग कर सकता है। खतरे के कारणों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के अनुसार, स्किन कैंसर के बाद महिलाओं में स्तन कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। 

अगर आपके डॉक्टर किसी भी कैंसर या परिवर्तन की जांच करने के लिए एक नियमित टेस्ट के रूप में मेम्मोग्राम करने के लिए कहते हैं, तो उसे स्क्रीनिंग मेमोग्राम कहा जाता है। इस प्रकार के टेस्ट में, आपके डॉक्टर प्रत्येक स्तन के कई एक्स-रे लेंगे।

यदि आपके ब्रैस्ट में गांठ या ब्रैस्ट कैंसर के कोई अन्य लक्षण हैं, तो आपके डॉक्टर नैदानिक मैमोग्राम करवाने के लिए कहेंगे। यदि आपका स्तन प्रत्यारोपण (breast implants) हुआ है तो आपको शायद एक नैदानिक मेम्मोग्राम की आवश्यकता होगी। डायग्नोस्टिक मैमोग्राम स्क्रीनिंग मैमोग्राम से अधिक बेहतर हैं।

आपको मैमोग्राम के दिन कुछ दिशानिर्देशों का पालन करने की आवश्यकता होगी -  

  1. आप डिओडोरेंट, बॉडी पाउडर या इत्र नहीं लगा सकते हैं। इसके अलावा, आपको कोई भी मलहम या क्रीम अपने स्तनों या अंडरम पर नहीं लगानी चाहिए। ये पदार्थ एक्स रे चित्रों को खराब कर सकते हैं।
  2. यदि आप गर्भवती हो या गर्भवती होने की संभावना हो, तो टेस्ट से पहले डॉक्टर को बताएं।

मैमोग्राफी आम तौर से अस्पताल के एक्स-रे डिपार्टमेंट में की जाती है। इस दौरान आपको कई दिशा‍-निर्देशों का पालन करना होता है। तो आइये जानते हैं इनके बारे में -

  1. आपको अपनी कमर से ऊपर के कपडे उतारने होंगे। आपको पहनने के लिए कागज से बना गाउन दिया जायेगा।
  2. आपको मशीन के निकट खड़े रहने के लिए कहा जायेगा।
  3. हर एक स्तन के कम से कम दो एक्स रे लिए जायेंगे।
  4. टेस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा आपके स्तनों को छुए जाने और हिलाने जाने की जरूरत होगी जिससे एक्स रे के लिए सही जगह चुनी जा सकें।
  5. छोटे छोटे चिपकने वाले बिंदु आपके निप्पल्स पर लगाए जा सकते हैं ताकि आपके निप्पल्स एक्स रे में देखे जा सकें।
  6. आपके ब्रेस्ट को दो समतल सतहों के बीच दबाया जाता है। इससे आपको कुछ देर के लिए तकलीफ हो सकती है लेकिन इससे आपके स्तनों को कोई नुकसान नहीं होगा।
  7. आपको गहरी साँस लेने और जब तक एक्स रे लिया जाए तब तक सांस रोकने के लिए कहा जाएगा।
  8. एक्स रे लेने में 30 सेकंड से भी कम समय लगता है।
  9. यदि आपने स्तन रोपण कराया है, तो और अधिक एक्स रे जाने की जरूरत होगी और टेस्ट में अधिक समय लगेगा।
  10. टेस्ट के परिणाम आपके डॉक्टर को भेज दिए जायेंगे। आपके डॉक्टर इसके बारे में आपको बताएंगे।

किसी भी प्रकार के एक्स-रे के साथ, मैमोग्राम के दौरान बहुत कम मात्रा में रेडिएशन से खतरा होता है। अगर आप गर्भवती हैं और आपकी डिलीवरी की तारीख से पहले मेम्मोग्राम की ज़रूरत है, तो इस प्रक्रिया के दौरान आम तौर पर आपको एक लेड का एप्रन पहनने को दिया जाएगा ताकि आपके बच्चे को कोई नुकसान न हो। 

मैमोग्राम के द्वारा मिली तस्वीरें आपके स्तनों में, गांठ या कैल्शियम के जमाव को खोजने में मदद कर सकती हैं। अधिकांश गांठ कैंसर का संकेत नहीं होती है। टेस्ट में अल्सर भी मिल सकता है - तरल पदार्थ से भरे हुए थक्के जो कुछ महिलाओं के मासिक धर्म चक्र के दौरान आते हैं और सामान्य रूप से जाते हैं।

यहां बीआई-आरएडीएस या ब्रेस्ट इमेजिंग रिपोर्टिंग और डेटाबेस सिस्टम नामक मैमोग्राम एक राष्ट्रीय निदान प्रणाली है। इस प्रणाली में, सात श्रेणियां हैं, जो शून्य से लेकर छह तक हैं। प्रत्येक श्रेणी में यह बताया गया है कि क्या अतिरिक्त पिक्चर आवश्यक हैं और क्या किसी क्षेत्र में एक सौम्य (कैंसर-मुक्त) या कैंसर-युक्त गांठ होने की अधिक संभावना है।

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