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थायराइड गर्दन क्षेत्र में स्थित एक ग्रंथि है। यह ग्रंथि थाइरोइड हार्मोन बनाती है और भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करती है। थायराइड के लिए टी 3, टी 3 आरयू, टी 4 और टीएसएच उपलब्ध होते हैं। तो आइये जानते हैं थायराइड फ़ंक्शन टेस्ट के बारे में -

  1. थायराइड फ़ंक्शन टेस्ट क्या होता है? - What is Thyroid Function Test in Hindi?
  2. थायराइड फ़ंक्शन टेस्ट के दौरान - During Thyroid Function Test in Hindi
  3. थायराइड फ़ंक्शन टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of Thyroid Function Test in Hindi
  4. थायराइड फ़ंक्शन टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है - What do the results of Thyroid Function Test mean in Hindi

थायराइड फ़ंक्शन टेस्ट, रक्त परीक्षणों की एक श्रृंखला है जो यह मापने के लिए उपयोग की जाती है कि आपकी थायरॉयड ग्रंथि कितने अच्छे से कार्य कर रही है। थायराइड के लिए टी 3, टी 3 आरयू, टी 4 और टीएसएच  टेस्ट उपलब्ध होते हैं। 

थायरॉयड एक छोटी ग्रंथि है जो आपकी गर्दन के निचले भाग में आगे की तरफ स्थित होती है। यह शरीर की कई प्रक्रियाओं को नियमित करने में मदद करती है, जैसे कि चयापचय, ऊर्जा उत्पादन और आपका मूड।

थायराइड दो प्रमुख हार्मोन पैदा करता है: ट्राईआयोडोथायरोनिन (triiodothyronine - T3) और थायरोक्सिन (thyroxine - T4)। यदि आपकी थायरॉयड ग्रंथि इन हार्मोनों का पर्याप्त उत्पादन नहीं करती है, तो आपको वजन बढ़ने, ऊर्जा की कमी और अवसाद जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है। इस स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है।

यदि आपकी थायरॉयड ग्रंथि बहुत सारे हार्मोन पैदा करती है, तो आपको वजन कम होना, उच्च स्तर की चिंता आदि का अनुभव हो सकता है। इस स्थिति को हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है।

आमतौर पर, एक डॉक्टर थायरॉयड हार्मोन के स्तरों के बारे में स्क्रीनिंग टेस्ट, जैसे टी 4 या "थायरॉयड-स्टिमुलेटिंग हार्मोन" (टीएसएच) टेस्ट करवाने को कहेंगे। यदि ये परिणाम असामान्य आते हैं, तो आपके डॉक्टर समस्या के कारण को हल करने के लिए अन्य टेस्ट करेंगे।

यदि आप किसी प्रकार की दवा ले रहे हैं या फिर आप गर्भवती हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें। कुछ दवाएं और गर्भवती होने से, आपके टेस्ट के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

रक्त निकालना, जिसे "वेनीपंकचर" (venipuncture) भी कहा जाता है, प्रयोगशाला या डॉक्टर के कार्यालय में की जाने वाली एक प्रक्रिया है। जब आप टेस्ट के लिए आते हैं, तो आपको एक आरामदायक कुर्सी पर बैठने के लिए कहा जाएगा। यदि आपने फुल स्लीव शर्ट, स्वेटर या जैकेट पहनी हुई है तो आपको स्लीव ऊपर करने के लिए कहा जाएगा।

एक नर्स रबर के एक बैंड को आपकी बांह के ऊपरी हिस्से के चारों ओर कसकर बांधेंगी। जब एक बार नर्स को एक उचित नस मिल जाएगी, तो नर्स त्वचा के नीचे और नस में एक सुई डालेंगी। टेस्ट ट्यूब में रक्त इकट्ठा करके जांच के लिए एक प्रयोगशाला में भेज दिया जायेगा। इसके बाद आप तुरंत अपने सामान्य कार्य कर सकते हैं।

रक्त निकालना एक नियमित प्रक्रिया है। रक्त निकालने के दिनों के दौरान, उस क्षेत्र में थोड़ी सूजन या पीड़ा हो सकती है जहां सुई डाली गई थी। एक आइस पैक या ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवा आपकी परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है।

यदि आपको बहुत दर्द का सामना करना पड़ता है या सुईं लगने के आसपास की त्वचा लाल पड़ती है या सूजन आ जाती है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें क्योंकि ये लक्षण संक्रमण के संकेत हो सकते हैं।

टी 4 टेस्ट (T4 Test) और टीएसएच टेस्ट (TSH Test)

टी 4 टेस्ट और टीएसएच टेस्ट दो सबसे आम थाइरोइड फ़ंक्शन टेस्ट होते हैं। इन्हें आमतौर पर एक साथ करने के लिए कहा जाता है -

  • टी 4 टेस्ट को थायरोक्सिन टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है। टी 4 का उच्च स्तर एक ओवरएक्टिव (अतिसक्रिय) थायरॉयड ग्रंथि - यानी, हाइपरथायरायडिज्म - को दर्शाता है जिसके लक्षणों में चिंता, अनियोजित वजन घटना और दस्त शामिल हैं।
  • टीएसएच टेस्ट आपके रक्त में "थायरॉयड-स्टिमुलेटिंग हार्मोन" के स्तर को मापता है। टीएसएच का सामान्य सामान्य स्तर 0.4 और 4.0 एमआईयू / एल (mIU/L)।

यदि आपको हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण दिखते हैं और टीएसएच टेस्ट रेंज 2.0 एमआईयू / एल से ऊपर है, तो आपको  हाइपोथायरॉडीजम का जोखिम हो सकता है। इसके लक्षणों में वजन बढ़ना, थकान, अवसाद और दोमुंहे बाल शामिल होते हैं। और इस स्थिति में आपके डॉक्टर हर साल कम से कम एक बार थायरॉयड फ़ंक्शन टेस्ट कराने के लिए कह सकते हैं। आपके डॉक्टर आपके लक्षणों को कम करने के लिए लेवेथ्रोक्सिन (levothyroxine) जैसी दवाओं के साथ इलाज शुरू करने का निर्णय ले सकता है।

अंडरएक्टिव थायरॉयड ग्रंथि (जब थाइरोइड पूरी तरह से अपना काम न कर पा रहा हो) की पहचान करने के लिए टी -4 और टीएसएच टेस्ट नियमित रूप से नवजात शिशुओं पर किया जाता है।

टी 3 टेस्ट (T3 test)

टी 3 टेस्ट हार्मोन ट्राई-आयोडोथायरोनिन (tri-iodothyronine) के स्तर की जांच करता है। आमतौर पर यह टेस्ट तब करवाया जाता है जब T4 टेस्ट और टीएसएच टेस्ट के बाद हाइपरथोरायडिज्म की आशंका होती है। यदि आप में ओवरएक्टिव थायरॉयड ग्रंथि के लक्षण दिख रहे हैं, तब भी आपके डॉक्टर टी 3 टेस्ट करवाने के लिए कह सकते हैं।

  • टी 3 का सामान्य स्तर है, रक्त के प्रति 100 मि.ली. में हार्मोन के 100-200 नैनो ग्राम (एक नैनो ग्राम एक ग्राम का एक दस-करोड़वां हिस्सा होता है)।
  • असामान्य रूप से ज़्यादा स्तर ग्रेव्स डिजीज का लक्षण होता है। यह हाइपरथायरायडिज्म से संबंधित एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है।

टी 3 रेज़िन अपटेक टेस्ट (T3 Resin UptakeTest)

टी 3 रेज़िन अपटेक, जिसे टी3आर.यू. (T3RU) भी कहा जाता है, एक ब्लड टेस्ट होता है जो "थायरोक्सिन बाइन्डिंग ग्लोब्युलिन" (टीबीजी) नामक हार्मोन को मापता है। यदि आपका टी 3 स्तर बढ़ा हुआ है, तो आपका टीबीजी स्तर कम होना चाहिए।

  • टीबीजी का असामान्य रूप से बढ़ा हुआ स्तर अक्सर गुर्दे की किसी समस्या का संकेत होता है या शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलने का।
  • टीबीजी का असामान्य रूप से कम स्तर शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर के बढ़ने का संकेत होता है। एस्ट्रोजन के स्तर के बढ़ने के कई कारण होते हैं, जिनमें शामिल है - गर्भावस्था, एस्ट्रोजन युक्त खाद्य पदार्थ, मोटापा या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी।
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