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गेंदे (कैलेंडुला) का फूल देखने में बहुत खूबसूरत लगता है तथा इसकी खुशबू भी बहुत अच्छी होती है। गेंदे के फूल को पूजा करते समय भगवान पर भी अर्पित किया जाता है।

इसके अलावा यह फूल औषधिक गुणों से भी भरपूर है। इसलिए इसे त्वचा के उपचार में उपयोग किया जाता है। गेंदे में कई प्रकार के तत्व जैसे कैरोटिनॉइड, ग्लाइकोसाइड, गंध तेल, फ्लावोनोइड्स (flavonoids) तथा स्टेरोल्स (sterols) होते हैं जो त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

कैलेंडुला का साबुन, कैलेंडुला टी, और माउथवाश आदि बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। गेंदे के फूल में घाव भरने की क्षमता होने के साथ, दर्द दूर करने के गुण भी होते हैं।

  1. गेंदे के फूल का उपयोग झुर्रियों के लिए
  2. गेंदे के लाभ मुंहासों के लिए
  3. गेंदे के फूल का उपयोग त्वचा के लिए
  4. कैलेंडुला फूल का उपयोग आँखों के लिए
  5. गेंदा फूल के फायदे घाव भरने में
  6. गेंदे के फूल के फायदे पाचन समस्या में
  7. गेंदे के अन्य गुण

उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति की त्वचा की कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं तथा नई कोशिकाएं बहुत कम मात्रा में बनती हैं। इससे त्वचा लटकने लगती है। इसका सबसे पहले असर चेहरे की त्वचा पर दिखाई देता है। इसके तेल या क्रीम को झुर्रियों वाली त्वचा पर लगाने से झुर्रियां हट जाती हैं। गेंदे के फूलों में फायटोकॉन्सटीटूएंट्स (phytoconstituents) होता है जो एंटी एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करता है। गेंदा उत्तक के पुनः निर्माण में अच्छी भूमिका निभाता है, जिससे झुर्रियों से निजात मिल जाती है।

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आपकी त्वचा पर मृत कोशिकाओं के कारण त्वचा के रोम छिद्र खुल जाते हैं और इसमें से निकलने वाला तेल धूल मिट्टी के साथ मिलकर चेहरे पर मुँहासे निकलने का कारण होता है। कई बार इन मुंहासों के कारण जलन और दर्द दोनों महसूस होते हैं। कैलेंडुला का तेल दाग धब्बे के उपचार में मदद करता है। इसमें एंटी फंगल के गुण होते हैं जो दाग धब्बे को हटाने में मदद करती है। चेहरे के मुँहासे पर कैलेंडुला का तेल युक्त क्रीम लगाने से मुँहासे दूर हो जाते हैं। यह त्वचा में कोलेजन (collagen) के स्तर को बढ़ाता है तथा दाग धब्बे दूर करता है।

गेंदे के फूल से बने तेल से चेहरे पर मालिश करना त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है। यदि आप इसके तेल से नियमित रूप से अपने चेहरे पर मालिश करते हैं तो त्वचा में रक्त का संचार बढ़ता है और आपकी त्वचा का रंग निखरने लगेगी।

गेंदे की चाय में एंटीऑक्सीडेंट्स (antioxidants), लुटेइन ( lutein), जेक्सनथिन (zeaxanthin), ल्य्कोपेन (lycopene) आदि होते हैं जो नेत्र रोग और अंधापन को रोकने में मदद करती है। गेंदा आँखों के लिए एंटीसेप्टिक का काम करता है। इस के रस से लाल पीड़ादायक आँखों को धोने से आँखों में बहुत फायदा होता है।

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कैलेंडुला के तेल में एंटी सेप्टिक और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। जब हम घाव या जलें पर गेंदे के तेल का उपयोग करते हैं तो यह घाव को आसानी से भर देता है। कैलेंडुला के फूलों से बनी क्रीम को घाव या जले को ठीक करने के लिए उपयोग कर सकते हैं। कैलेंडुला से बनी हुई क्रीम घाव को जल्दी भरने में मदद करती है। यदि आपको किसी कीड़े ने काट लिया है तो आप कैलेंडुला का तेल या क्रीम लगाएं यह आप को फायदा करेगा।

इसका सेवन करने से पाचन से जुड़ी कई बीमारियों से निजात मिलता है और यह पेट को काफ़ी फायदा पहुचाता है। कई बार खाने की अनियमितता और फास्ट फूड खाने से पेट में कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। जिस के कारण व्यक्ति को परेशान होना पड़ता है। गेंदे के उपयोग से कब्ज की समस्या दूर होती है। जिगर और पित्ताशय डेटोक्सीफाय (detoxify) करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। यदि आपके पेट में दर्द है तो इसका सेवन करने से पेट के दर्द से राहत मिलती है। आपके पेट में एसिडिटी या अपच की समस्याएं होने पर इसका सेवन करें। इन समस्या में यह बहुत ही फायदेमंद होता है। यह चयापचय क्रिया के द्वारा शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकल देता है।

इसके रस को कानों में डालने से कान का दर्द दूर हो जाता है। गेंदे के फूल को मिश्री के साथ खाने से दमा,खाँसी की समस्या दूर होती है। यदि शरीर के किसी हिस्से में सूजन आ गई हो तो इसकी पंखुड़ियों को पीस कर सूजन पर लगाने से सूजन खत्म हो जाती है।

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