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पद्मासन का नाम पद्म शब्द पर रखा गया है, जिसका मतलब होता है कमल का फूल। अगर आप किसी भी योगी या ऋषि को ध्यान करते हुए देखें, तो वह आपको हमेशा पद्मासन में ही दिखेंगे। बैठ कर किए जाने वाले सब आसन में यह सर्वश्रेष्ठ है। पद्मासन में बैठना आपके टाँग और कूल्हे की मासपेशियों और जोड़ों के लिए तो बहुत ही लाभदायक है। पर इतना ही नहीं, पौराणिक ग्रंथों में ऐसा भी कहा गया है कि पद्मासन में ही अगर आप हमेशा बैठें तो आपके अनेक विकारों को भी मिटा सकता है यह। 

आगे इस लेख में जानिए कि पद्मासन कैसे करें, लाभ और इस आसन को करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। साथ ही इस लेख में हमने पद्मासन का विडियो भी दिया गया है।

 

  1. पद्मासन के फायदे - Padmasana ke fayde
  2. पद्मासन करने से पहले यह आसन करें - Padmasana karne se pehle yeh aasan kare
  3. पद्मासन करने का तरीका - Padmasana karne ka tarika
  4. पद्मासन करने का आसान तरीका - Padmasana karne ka aasan tarika
  5. पद्मासन करने में क्या सावधानी बरती जाए - Padmasana karte samay kya savdhani barte
  6. पद्मासन करने के बाद आसन - Padmasana karne ke baad aasan
  7. पद्मासन का वीडियो - Padmasana ka video

हर आसन की तरह पद्मासन के भी कई लाभ होते हैं। उनमें से कुछ हैं यह:

  1. पद्मासन घुटनों और कूल्हों के जोड़ों का लचीलापन बढ़ाता है।
  2. घुटनों और टख़नों में खिचाव लाता है और उन्हे मज़बूत बनाता है।
  3. श्रोणि, रीढ़, पेट, और मूत्राशय उत्तेजित करता है।
  4. मासिक धर्म और साइटिका में होने वाली तकलीफ़ से राहत दिलाता है पद्मासन।
  5. गर्भावस्था में देर तक इस मुद्रा के लगातार अभ्यास से प्रसव (डिलीवेरी) आसान होती है। 
  6. पारंपरिक ग्रंथों का कहना है कि पद्मासन सभी रोग नष्ट कर देता है और कुंडलिनी जागता है।
  7. मन को शांति प्रदान करता है। (और पढ़ें - मेडिटेशन के प्रकार)
  8. पाचन क्रिया में सहायता करता है।
  1. ऊर्ध्व पद्मासन (Urdhva Padmasana or Inverted Lotus Pose)
  2. पिण्डासन (Pindasana or Embryo Pose)
  3. मत्स्यासन (Matsyasana or Fish Pose)
  4. उत्तान पादासन (Uttana Padasana or Raised Feet Pose)
  5. शीर्षासन (Sirsasana or Headstand) -- शीर्षासन के बाद बालासन (Balasana or Child's Pose) ज़रूर करें।
  6. बद्ध पद्मासन (Baddha Padmasana or Bounded Lotus Pose)

पद्मासन करने का तरीका हम यहाँ विस्तार से दे रहे हैं, इसे ध्यानपूर्वक पढ़ें।

  1. दंडासन में बैठ जायें। हल्का सा हाथों से ज़मीन को दबाते हुए, और साँस अंदर लेते हुए रीढ़ की हड्डी को लंबा करें।
  2. श्वास अंदर लें और अपनी दाईं टाँग को उठा कर दायें पैर को बाईं जाँघ पे ले आयें।
  3. और फिर दूसरे पैर के साथ भी ऐसा करें।
  4. अब आप पद्मासन में हैं।
  5. इस मुद्रा में आपके दायें कूल्हे और घुटने पर खिचाव आएगा।
  6. जितनी देर आराम से बैठ सकें उतनी देर इस आसान में बैठें।

अगर आपसे पद्मासन ना किया जाए, तो चौकड़ी मार कर या सुखासन में बैठ सकते हैं।

  1. जिनके घुटनों में दर्द हो, उन्हे पद्मासन नहीं करना चाहिए।
  2. अगर आपके टख़नों में चोट हो, तो पद्मासन ना करें।
  3. अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न लगायें।
  1. उत्प्लुतिः या तुलासन (Utplithi or Tulasana or Scale Pose)
  2. शवासन (Shavasana or Corpse Pose)

पद्मासन को ठीक से करने के लिए यह वीडियो ध्यान से देखें।

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