अर्ध कटिचक्रासन खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है. इस योगासन का मतलब समझने के लिए इसे 3 हिस्सों में बांटा जा सकता है यानी अर्ध, कटी और चक्र. अर्ध का मतलब आधा, कटी का मतलब कमर और चक्र का मतलब पहिया. इस आसन को करते समय शरीर आधे पहिए के आकार में हो जाता है. इसलिए इसे अर्ध कटिचक्रासन कहते हैं. इस आसन को करने से शरीर में डायबटीज व पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिल सकती है. इस आसन को करने से और भी कई तरह के लाभ मिल सकते हैं.

आज लेख से आप अर्ध कटिचक्रासन के फायदे, करने का तरीका व सावधानी के बारे में जानेंगे -

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  1. अर्ध कटिचक्रासन को करने के फायदे
  2. अर्ध कटिचक्रासन करने का सही तरीका
  3. अर्ध कटिचक्रासन करते समय सावधानियां
  4. सारांश
अर्ध कटिचक्रासन के फायदे, करने की विधि व सावधानी के डॉक्टर

अर्ध कटिचक्रासन को इंग्लिश में लेटरल आर्क पोज कहा जाता है. यह योगासन शरीर से कब्ज व हाइपरटेंशन को कम करने में सहायक है. आइए, अर्ध कटिचक्रासन के फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं -

पेट की चर्बी घटाए

अर्ध कटिचक्रासन को करने से पेट पर खिंचाव पड़ता है, जिस कारण पेट की चर्बी कम होती है. पेट की चर्बी कम होने से मोटापे से छुटकारा मिल सकता है. इस लिहाज से अगर कोई वजन घटाना चाहता है, तो वो इस आसन को कर सकता है.

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डायबटीज करे कंट्रोल

अर्ध कटिचक्रासन शरीर में डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करता है. इसे रोज करने से शरीर में पैंक्रियास को एक्टिव होने में मदद मिलती है. यह आसन इंसुलिन को नियंत्रित करने में सहायक है, जिससे डायबिटीज कम होने में मदद मिलती है.

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कमर दर्द करे दूर

अर्ध कटिचक्रासन शरीर की कमर वाली मांसपेशियों में खिंचाव लेकर आता है और कमर के दर्द को दूर करने में सहायता करता है.

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रीढ़ की हड्डी बनाए लचीली

अर्ध कटिचक्रासन करने से रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है. यह रीढ़ की हड्डी के दर्द को भी दूर करता है. इस करने से स्पाइनल कॉर्ड भी मजबूत होती है.

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सही पोश्चर

यह आसन शरीर को आगे झुकने से रोकता है. डेली रूटीन में उठने-बैठने की गलत आदतों की वजह से शरीर आगे की तरफ झुक जाता है, लेकिन अर्ध कटिचक्रासन पोश्चर में सुधार करने में सहायक योगासन है.

इसे करने से कुछ और फायदे भी हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं -

  • इस आसन को करने से हमारी स्लिप डिस्क में आराम मिलता है.
  • साइटिका को ठीक करने में भी यह आसन मदद करता है.
  • अगर आपको लंबे समय तक एक स्थान पर बैठ के काम करना पड़ता है, तो यह आसन आपको जरूर करना चाहिए, क्योंकि यह कमर की सारी समस्याओं को दूर करने में सक्षम है.

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आइए, अब जानते हैं कि अर्ध कटिचक्रासन को करने का सही तरीका क्या है -

  • सबसे पहले आप अपने पैरों को एक साथ जोड़कर खड़े हो जाएं जैसे कि ताड़ासन में होते हैं.
  • अब अपने हाथों को सीधा शरीर से सटाकर रखें.
  • इसके बाद दाहिने हाथ को शरीर से दूर फैलाते हुए कंधे के समानांतर ले आएं.
  • अब सांस भरते हुए हाथ को सीधा ऊपर ले जाएं और कान से सटा लें.
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए अपने बाईं ओर झुकें.
  • इस अवस्था में बायां हाथ शरीर से सटा रहेगा.
  • कुछ सेकंड इसी पोजीशन में रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें.
  • इसके बाद सांस लेते हुए सीधे हो जाएं और हाथ को नीचे ले आएं.
  • अब यहीं क्रिया बाएं हाथ से दोहराएं.
  • इसको आप 5 से 7 बार कर सकते हैं.

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इस आसन को करते समय कुछ बातों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए, जिनके बारे में नीचे बताया गया है -

  • कमर में दर्द हो, तो  इस आसन को नहीं करना चाहिए.
  • साइटिका और स्लिप डिस्क वाले दर्द में यह आसन किसी डॉक्टर की सलाह लेकर ही करना चाहिए.
  • इसे करते समय अचानक से दाएं या बाईं ओर नहीं झुकना चाहिए.

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ये आसान कई शारीरिक स्थितियों को ठीक करने में सहायक है. इस आसन को वजन कम करने वाली एक्सरसाइज में भी शामिल किया जा सकता है. इससे आपको काफी अच्छे नतीजे मिल सकते हैं. कमर दर्द के रोगियों को इसे नहीं करना चाहिए. लाइफस्टाइल में किसी भी बदलाव या नए आसन को करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. साथ ही कोई भी योगासन पहली बार योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करना चाहिए.

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Dr. Smriti Sharma

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