श्री श्री रविशंकर का कहना है -

"सुंदरता एक आंतरिक तथ्य है सुन्दरता वस्तुओ में नहीं, लोगो में नहीं यहाँ तक व्यक्ति के नेत्रो में नहीं, यह प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में होती है। और हृदय की यह आतंरिक सुंदरता व्यक्ति के चेहरे पर प्रभास व चमक के रूप में नज़र आती है।"

सुंदरता आपकी त्वचा से भी परे है। हमारी त्वचा बस सुंदरता दर्शाने का एक माध्यम है। तो सेहतमंद और खुश रहना आपकी त्वचा को सुंदर और दमकता रखने का प्रमुख ज़रिया है। यहां हम आपको कुछ ऐसे आसान बता रहें हैं जो आपको इस में मदद करेंगे।

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  1. चक्रासन (ऊर्ध्व धनुरासन)
  2. सर्वांगासन
  3. हलासन
  4. शीर्षासन
  5. प्राणायाम
चमकदार त्वचा के लिए योग के डॉक्टर

चक्रासन या ऊर्ध्व धनुरासन में शरीर धनुष के आकार में होता है। इस आसन का अभ्यास पाचन प्रणाली को उत्तेजित करता है और फेफड़ों के लिए ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ जाता है। यह रीढ़ की हड्डी और पैठ की मासपेशियों में खिचाव लाता है, जिस से रक्त से विषाक्त पदार्थ निकल जाते हैं और त्वचा शुद्ध हो जाती है। 

अगर आपको ऊर्ध्व धनुरासन कठिन लगे तो आप इसके बदले में सेतुबंधासन कर सकते हैं.

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सर्वांगासन करने से चेहरे और मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है। इस वजह से यह त्वचा का ढीलापन कम हो जाता है, और झुर्रियाँ कम करने में भी मदद करता है। यह गुरुत्वाकर्षण (ग्रॅविटी) के प्रभाव को कम करता है, जिसके कारण चेहरे पर अधिक दमक आती है।

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हलासन थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है और शरीर में हार्मोन को नियंत्रित करता है। हलासन से अनेक लाभ होते हैं, जिनमे से एक है सेहतमंद और दमकती त्वचा।

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शीर्षासन के कई लाभ होते हैं। दमकती त्वचा उन में से सिर्फ़ एक है। अगर आप शीर्षासन करना ना जानते हों तो उसकी जगह सर्वंगासन भी कर सकते हैं। शीर्षासन एक कठिन आसन है इसे ध्यानपूर्वक करें।

शीर्षासन थोड़ा कठिन जरूर है लेकिन इसके नियमित अभ्यास से रक्त संचार अच्छा रहता है और चेहरे पर दमक रहती है।

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प्राणायाम श्वास पर नियंत्रण पैदा करता है और मस्तिष्क को तरोताजा करता है। उसके अलावा यह शरीर के हर अंग को ऑक्सीजन पहुंचाने का आसान और अच्छा तरीका है। इस कारण से प्राणायाम त्वचा की सेहत के लिए भी लाभकारी है।

प्राणायाम करने का तरीका हम यहाँ संक्षेप में दे रहे हैं -

  • पहले सुखासन में बैठ जाएं।
  • आंखें बंद कर लें और  साँस पर ध्यान केंद्रित करें।
  • अब लंबी सांस ले और मन में 5 तक गिनें।
  • फिर सांस छोड़ दें और ऐसा करने के लिए 5 की ही गिनती फिर गिनें।
  • 2-5 मिनट तक इस प्रक्रिया को दोहराएं।
  • समय के साथ 5 की गिनती को 10 तक ले जा सकते हैं और कुल मिला कर 10 मिनिट तक प्राणायाम का अभ्यास कर सकते हैं।

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इन बातों का खास तौर से ध्यान रखें -

  • योगासन से जोड़ों का दर्द बढे नहीं, इसके लिए अभ्यास के दौरान शरीर को सहारा देने वाली वस्तुओं, तकियों व अन्य उपकरणों की सहायता जैसे ज़रूरी समझें वैसे लें|
  • अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न दें| अगर दर्द बढ़ जाता है तो तुरंत योगाभ्यास बंद कर दें व चिकित्सक से परामर्श करें|

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