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प्राणायाम को आम तौर पर सांस नियंत्रण की प्रक्रिया समझा जाता है। प्राणायाम में किए जाने वाले अभ्यास को देख कर यह ठीक ही लगता है, परंतु इसके पीछे सच बात कुछ और ही है। प्राणायाम दो शब्दों के मेल से बना है: "प्राण" और "आयम"। प्राण का मतलब 'महत्वपूर्ण ऊर्जा' या 'जीवन शक्ति' है। वह शक्ति जो सभी चीजों में मौजूद है, चाहे वो जीवित हो या आजीवित। प्राणायाम श्वास के माध्यम से यह ऊर्जा शरीर की सभी नाड़ियों में पहुँचाता है। "यम" शब्द का अर्थ है नियंत्रण और योग में इसे विभिन्न नियमों या आचार को निरूपित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। मगर "प्राणायाम" शब्द में "प्राण" के साथ "यम" नहीं "आयम" की संधि की गयी है। आयम का मतलब है 'एक्सटेंशन' या 'विस्तार करना'। तो इसलिए "प्राणायाम" का सही मतलब है "प्राण का विस्तार करना"।

प्राणायाम के प्रकार - Types of Pranayama in Hindi

प्राणायाम के कुछ प्रमुख प्रकार हैं:

  1. नाड़ी शोधन प्राणायाम
  2. शीतली प्राणायाम
  3. उज्जयी प्राणायाम
  4. कपालभाती प्राणायाम (और देखें: बाबा रामदेव से सीखें कपालभाती करने का तरीका और फायदे)
  5. डिग्र प्राणायाम
  6. भास्त्रिका प्राणायाम
  7. बाह्या प्राणायाम
  8. भ्रामरी प्राणायाम
  9. उद्गित प्राणायाम
  10. अनुलोम - विलोम प्राणायाम
  11. अग्निसर क्रिया

आने वाले समय में हम आपको इन सभी के बारे में विस्तार से बताएँगे।

प्राणायाम के लाभ - Benefits of Pranayama in Hindi

  1. प्राणायाम का अभ्यास तनाव, अस्थमा और हकलाने से संबंधित विकारों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।
  2. प्राणायाम अवसाद के लिए भी चिकित्सिए है।
  3. प्राणायाम के अभ्यास से स्थिर मन, और दृढ़ इच्छा-शक्ति प्राप्त होती है।
  4. इसके अलावा नियमित रूप से प्राणायाम करने से लंबी आयु प्राप्त होती है।
  5. आपके शरीर में प्राण शक्ति बढ़ाता है प्राणायाम।
  6. अगर आपकी कोई नाड़ी रुकी हुई हो दो उसे को खोल देता है।
  7. मन को स्पष्टता और शरीर को सेहत प्रदान करता है।
  8. शरीर, मन, और आत्मा में तालमेल बनाता है।


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