क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया - Chronic Lymphocytic Leukemia in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS,PG Diploma

June 28, 2017

July 09, 2024

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया
क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया क्या है?

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया (सीएलएल) रक्त और बोन मैरो का कैंसर है। हड्डियों के अंदर जहां रक्त कोशिकाएं बनती हैं, वहां पर यह ऊतक होते है। क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया में 'क्रोनिक' शब्द से पता चलता है कि यह ल्यूकेमिया के सामान्य प्रकार की तुलना में धीरे-धीरे विकसित होता है। वहीं 'लिम्फोसाईटिक' शब्द बीमारी से प्रभावित कोशिकाओं के बारे बताता है। सीएलएल सबसे ज्यादा उम्रदराज लोगों को प्रभावित करता है।

सीएलएल ऐसा कैंसर है जो सफेद रक्त कोशिका को प्रभावित करता है जिसे लिम्फोसाइट कहा जाता है। जिन लोगों को सीएलएल की समस्या होती है उनके शरीर में असामान्य रूप से लिम्फोसाइट्स का उत्पादन शुरू ​कर देता है, जो ठीक से काम नहीं कर रहे होते हैं। उपचार के माध्यम से रोग और इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है। जिन लोगों में सीएलएल का समय पर निदान और उपचार हो जाता है वे जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाते हुए अपेक्षाकृत अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं। सीएलएल के कारण बोन मैरो का कार्य भी प्रभावित होता है। सीएलएल मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है।

  • पहला - इसके लक्षणों के दिखने में अधिक समय लगता है, क्योंकि इसका विकास धीरे-धीरे होता है
  • दूसरा - यह अधिक गंभीर रूप का होता है और तेजी से बढ़ता है

पश्चिमी देशों (25% -30%) की तुलना में भारत (1.7% -8.8%) में सीएलएल की समस्या कम ही देखने को मिलती है। इस लेख में हम क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में बताएंगे।

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया के लक्षण - Chronic Lymphocytic Leukemia symptoms in Hindi

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया से पीड़ित ज्यादातर लोगों में कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। ज्यादातर मामलों में कैंसर फैल जाने के बाद ही इसके लक्षण दिखते हैं। निम्नलिखित लक्षणों और संकेतों के आधार पर सीएलएल की पहचान की जा सकती है।

  • दर्द रहित बढ़े हुए लिम्फ नोड्स
  • थकान
  • बुखार
  • पेट के ऊपरी बाएं हिस्से में दर्द, जो कि बढ़े हुए स्पलीन के कारण हो सकता है
  • रात में पसीना आना
  • वजन घटना
  • बार-बार संक्रमण होना

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क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया का कारण - Chronic Lymphocytic Leukemia causes in Hindi

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया किन कारणों से होता है यह स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्त कोशिकाओं के विकास को नियंत्रित करने वाले जीन में उत्परिवर्तन के कारण यह समस्या हो सकती है। जीन में होने वाले उत्परिवर्तन के कारण कोशिकाओं से असामान्य और अप्रभावी लिम्फोसाइट्स का उत्पादन होने लगता है जो रक्त और कुछ अन्य अंगों में जमा हो जाती हैं। ये रक्त कोशिका के उत्पादन को भी प्रभावित करती हैं।

सीएलएल विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। 45 साल से कम उम्र के लोगों में ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। अन्य समूहों की तुलना में सफेद चमड़ी वालों और पुरुषों में सीएलएल की समस्या अधिक आम है। क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया के सटीक कारणों को जानने के लिए फिलहाल शोध किया जा रहा है।

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया के जोखिम कारक - Chronic Lymphocytic Leukemia Risk factors in Hindi

कुछ ऐसी स्थितियां हैं जो क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया के खतरे को बढ़ा सकती हैं। उनमें से कुछ निम्नलिखित हैं।

उम्र

यह रोग ज्यादातर उम्रदराज लोगों को होता है। औसतन सीएलएल से पीड़ित लोगों का 70 की आयु में निदान हो पाता है।

श्वेत वर्ण के लोग

अन्य लोगों की तुलना में गोरों में क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया विकसित होने का खतरा अधिक होता है।

ब्लड और बोन मैरो कैंसर की फैमिली हिस्ट्री

जिन लोगों के परिवार के सदस्यों को ब्लड या बोन मैरो कैंसर की समस्या रह चुकी हो उन लोगों में सीएलएल होने का खतरा रहता है।

रसायनों के संपर्क में रहने वाले

हर्बिसाइड्स और इंसेक्टिसाइट्स जैसे रसायनों के संपर्क में आने से भी लोगोंं में सीएलएल विकसित होने की आशंका बढ़ जाती है।

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया का निदान - Diagnose of Chronic Lymphocytic Leukemia in Hindi

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया के निदान के लिए डॉक्टर आपसे मेडिकल हिस्ट्री और लक्षणों जानने के साथ कुछ शारीरिक परीक्षण कर सकते हैं -

  • ब्लड टेस्ट (सीबीसी): रक्त कोशिकाओं की संख्या और आकार की जानकारी के लिए
  • इम्यूनोफेनोटाइपिंग या फ्लो साइटोमेट्री : श्वेत रक्त कोशिका एंटीजन के लिए
  • फ्लोरोसेंट इन सीटू हाइब्रीडिसेशन (फिश): आनुवंशिक जानकारियों के लिए

सीएलएल वाले लोगों में आमतौर पर सफेद रक्त कोशिका की संख्या अधिक होती है। आवश्यकतानुसार कैंसर कोशिकाओं के अंदर डीएनए में परिवर्तन को देखने के लिए भी परीक्षण किए जा सकते हैं। इन परीक्षणों के परिणाम के आधार पर उपचार की प्रक्रिया निर्धारित की जाती है। एक बार सीएलएल की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया की सीमा (चरण) निर्धारित करते हैं।

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया का इलाज - Treatment of Chronic Lymphocytic Leukemia in Hindi

यदि रोगी में सीएलएल के प्रारंभिक चरण का निदान होता है तो डॉक्टर सिर्फ स्थिति की बारीकी से निगरानी करते हैं। इसके अलावा सीएलएल के उपचार में निम्न माध्यमों को प्रयोग में लाया जाता है।

इलाज की आवश्यकत बातें -

  • सीएलएल का पता लगाने के बाद रोग की प्रगति की निगरानी के लिए परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है
  • उपचार के माध्यमों से सीएलएल को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, संभव है कि इसके लक्षण कुछ समय बाद ​दोबारा विकसित हो जाएं
  • स्थिति के आधार पर इलाज की प्रक्रिया कुछ हफ्तों या महीनों से लेकर कुछ वर्षों तक चल सकती है
  • एक बार इलाज हो जाने के बाद रोगी को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है

सीएलएल के प्रभाव को नियंत्रित करने और इलाज के बाद सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए जीवन शैली में परिवर्तन करना बहुत आवश्यक होता है।

  • धूम्रपान छोड़ दें
  • अच्छी स्वच्छता बनाकर संक्रमण के खतरे को कम करने का प्रयास करें
  • आहार में परिवर्तन करें। स्वस्थ और पौष्टिक आहार ही लें
  • नियमित रूप से व्यायाम करें
  • तनाव और थकान को कम करने का प्रयास करें
  • परामर्श के लिए डॉक्टर से समय-समय पर मिलते रहें


संदर्भ

  1. American Cancer Society [internet]. Atlanta (GA), USA; What Is Chronic Lymphocytic Leukemia?
  2. National Cancer Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; Cancer Stat Facts: Leukemia - Chronic Lymphocytic Leukemia (CLL)
  3. Blood. CLL in India May Have a Different Biology from That in the West. American Society of Hematology; Washington, DC; USA. [internet].
  4. Leukaemia Foundation. Chronic lymphocytic leukaemia (CLL). Brisbane, Australia. [internet].
  5. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Chronic Lymphocytic Leukemia

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Chronic Lymphocytic Leukemia in Hindi

क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।