ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) - Blood Cancer in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

June 28, 2017

March 06, 2020

ब्लड कैंसर
ब्लड कैंसर

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) रक्त कोशिकाओं के कैंसर को कहा जाता है। ल्यूकेमिया में, अस्थि मज्जा भारी संख्या में असामान्य सफेद रक्त कोशिकाओं को बनाने लगती है, जिन्हें ल्यूकेमिया कोशिकाएं कहा जाता है। ये कोशिकाएं सामान्य श्वेत रक्त कोशिकाओं के भान्ति काम नहीं करती हैं। ये सामान्य कोशिकाओं की तुलना में तेज़ी से बढ़ती हैं, उनका विकास रुकता नहीं है और सामान्य कोशिकाओं के लिए हानिकारक साबित होता है।  

भारत में ल्यूकेमिया:

भारत में ल्युकेमिआ के लगभग 1 मिलियन मामले प्रतिवर्ष सामने आते हैं।   

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) के प्रकार - Types of Blood Cancer in Hindi

ल्यूकेमिया के चार मुख्य प्रकार हैं:

  1. एक्यूट माइलोजीनस ल्यूकेमिया (AML)
    एक्यूट माइलोजीनस ल्यूकेमिया (AML) अधिकतर बच्चों और वयस्कों में होता है। यह ल्यूकेमिया का सबसे आम रूप है। यह तब होता है जब बॉन मैरो (अस्थि मज्जा) में ब्लास्ट सेल का विकास शुरू होता है, यह ऐसी कोशिकाएं होती हैं जो पूरी तरह से परिपक्व नहीं हो पाती हैं। ये सामान्य रूप से सफेद रक्त कोशिकाओं में विकसित होते हैं।
    AML के आठ अलग-अलग उपप्रकार हैं, ये उपप्रकार ल्यूकेमिया किस कोशिका से विकसित हुआ है इसके आधार पर तय किया जाता है।
    AML के प्रकार निम्नलिखित हैं: 
      मायलोब्लास्टिक (Myeloblastic - M0) - विशेष विश्लेषण पर। 
      मायलोब्लास्टिक (Myeloblastic - M1) - परिपक्वता के बिना।
      मायलोब्लास्टिक (Myeloblastic - M2) - परिपक्वता के साथ। 
      प्रमोमालिकटिक (Promyeloctic - M3)। 
      मायलोमोनोसाइटिक (Myelomonocytic - M4)। 
      मोनोसाइटिक (Monocytic - M5)। 
      ऐराइथ्रोल्युकेमिया (Erythroleukemia - M6)। 
      मेगाकरायोसाइटिक (Megakaryocytic - M7)। 
     
  2. एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (ALL)
    एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (ALL) ज्यादातर बच्चों में होता है। ALL तेजी से विकसित होता है, यह स्वस्थ कोशिकाओं की जगह ल्यूकेमिया कोशिकाओं का उत्पादन करता है जो ठीक से परिपक्व नहीं होती हैं। ल्यूकेमिया कोशिकाएं रक्तप्रवाह के साथ अन्य अंगों और ऊतकों तक पहुंच जाती हैं, जिनमें मस्तिष्क, लिवर, लिम्फ नोड्स और टेस्टेस शामिल हैं, जहां ये कोशिकाएं बढ़ती और विभाजित होती हैं। इन ल्यूकेमिया कोशिकाओं के बढ़ते, विभाजन और प्रसार के परिणामस्वरूप कई संभावित लक्षण हो सकते हैं।
    ALL आम तौर पर अधिक बी लसीका कोशिकाओं के उत्पादन के साथ सम्बंधित होता है। बी और टी कोशिकाएं शरीर को संक्रमण और कीटाणुओं से रोकने और पहले से ही संक्रमित कोशिकाओं को नष्ट करने में सक्रिय भूमिकाएं निभाती हैं। बी कोशिका विशेष रूप से रोगाणुओं द्वारा शरीर को संक्रमित करने से रोकने में मदद करती है  जबकि टी कोशिकाएं संक्रमित कोशिकाओं को नष्ट करती हैं।
  3. क्रोनिक माइलोजीनस ल्यूकेमिया (CML)
    क्रोनिक माइलोजीनस ल्यूकेमिया (CML) ज्यादातर वयस्कों को प्रभावित करता है। 
    इसे क्रोनिक मायलोइड ल्यूकेमिया के रूप में भी जाना जाता है। CML कैंसर का एक ऐसा रूप है जो अस्थि मज्जा और रक्त को प्रभावित करता है। यह अस्थि मज्जा की खून बनाने वाली कोशिकाओं में शुरू होता है और फिर, समय के साथ, रक्त में फैलने लगता है। आखिर में यह शरीर के अन्य हिस्सों में फ़ैल जाता है। CML एक असामान्य गुणसूत्र के साथ सम्बंधित होता है जिसे फिलाडेल्फिया क्रोमोसोम (Ph गुणसूत्र) कहा जाता है।
  4. क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (CLL)
    क्रोनिक लिम्फोसाइटैटिक ल्यूकेमिया (CLL) की 55 साल से अधिक उम्र के लोगों को करता है। यह बच्चों में बहुत कम पाया जाता है। 
    क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (CLL) आम तौर पर धीमी गति से बढ़ने वाला कैंसर है जो अस्थि मज्जा के लिम्फोसाइट में शुरू होता है और रक्त में फैलता है। यह लिम्फ नोड्स और लिवर आदि जैसे अंगों में फैल सकता है। जब बहुत से असामान्य लिम्फोसाइट्स विकसित होने लगते हैं, तो सामान्य रक्त कोशिकाओं का विकास नहीं हो पाता है और शरीर का संक्रमण से लड़ना मुश्किल होने लगता है। इसी से CLL विकसित होता है।

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) के चरण - Stages of Blood Cancer in Hindi

ल्यूकेमिया का निदान होने के बाद उसकी स्टेजिंग की जाती है। एक्यूट माइलोजीनस ल्यूकेमिया (AML) और एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (ALL) की स्टेजिंग कोशिकाओं के प्रकार और कैंसर कोशिकाएं माइक्रोस्कोप के नीचे कैसी दिखती हैं इस आधार पर की जाती है। निदान के समय WBC गणना के आधार पर एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (ALL) और क्रोनिक लिम्फोसाइटैटिक ल्यूकेमिया (CLL) की स्टेजिंग की जाती है। रक्त और अस्थि मज्जा में अपरिपक्व सफेद रक्त कोशिकाओं, या मायलोब्लास्ट (Myeloblast) की उपस्थिति के आधार पर एक्यूट माइलोजीनस ल्यूकेमिया (AML) और क्रोनिक माइलोजीनस ल्यूकेमिया (CML) की स्टेजिंग की जाती है।


ल्यूकेमिया स्टेजिंग और रोग का निदान करने वाले कारक:

  1. सफेद रक्त कोशिका या प्लेटलेट गिनती।
  2. आयु। 
  3. पूर्व रक्त विकारों का इतिहास।
  4. क्रोमोसोम म्यूटेशन या असामान्यताएं।
  5. हड्डियों को किसी प्रकार का नुकसान।
  6. बढ़ा हुआ यकृत या प्लीहा।

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) के लक्षण - Blood Cancer Symptoms in Hindi

सभी प्रकार के ल्यूकेमिया में, असामान्य सफेद कोशिकाओं की उपस्थिति की तुलना में सामान्य रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण ही अधिक लक्षण नज़र आते है।
  1. गले में या हाथ के नीचे या आपकी कमर में कोई नयी गांठ या किसी ग्रंथि में सूजन का होना।
  2. नाक, मसूड़ों या मलाशय से लगातार रक्तस्त्राव होना। लगातार नील पड़ना या मासिक धर्म के दौरान भारी रक्तस्त्राव होना।
  3. लगातार बुखार रहना। 
  4. रात को सोते समय पसीना आना।
  5. हड्डियों के भीतर दर्द रहना।
  6. अस्पष्टीकृत भूख न लगना या/और साथ ही वज़न का लगातार कम होना।
  7. बिना किसी बिना किसी कारणवश अत्याधिक थकान महसूस करना।
  8. पेट के बाईं ओर सूजन बनना और सूजन के साथ साथ दर्द का भी अनुभव होना।

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) के कारण - Blood Cancer Causes in Hindi

विशेषज्ञों को पूर्ण रूप से ज्ञात नहीं है कि ल्यूकेमिया का क्या कारण है। कुछ चीजें ल्यूकेमिया होने के आपके जोखिम को बढ़ा सकती हैं, जैसे कि बड़ी मात्रा में विकिरण या कुछ रसायनों जैसे कि बेंजीन के संपर्क में रहना। आप वास्तव में ल्यूकेमिया को रोक नहीं सकते हैं, लेकिन यह संभव हो सकता है कि आपके वातावरण में कुछ चीजें इसके विकास को ट्रिगर कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो आपको इसका खतरा अधिक है। 

ल्यूकेमिया के लिए पारिवारिक इतिहास एक अन्य जोखिम कारक है। उदाहरण के लिए, यदि एक जैसे दिखने वाले जुड़वां में से कोई भी एक किसी भी प्रकार के ल्यूकेमिया से ग्रस्त है तो, 20% सम्भावना है की दुसरे जुड़वाँ को भी एक वर्ष के भीतर कैंसर होगा।

 

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) से बचाव - Prevention of Blood Cancer in Hindi

अधिकांश प्रकार के ल्यूकेमिया को रोकने के लिए कोई ज्ञात तरीका नहीं है। 
कुछ प्रकार के ल्युकेमिआ के होने के खतरे को विकिरण की उच्च खुराक, रासायनिक बेंजीन, धूम्रपान और अन्य तंबाकू का उपयोग न करने या इनके संपर्क में न रहने से रोका जा सकता है।

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) का परीक्षण - Diagnosis of Leukemia in Hindi

ल्युकेमिआ का निदान निम्नलिखित परीक्षणों द्वारा किया जा सकता है:  

शारीरिक परीक्षा

आपका डॉक्टर ल्यूकेमिया के शारीरिक लक्षणों की जांच करेंगे, जैसे कि एनीमिया के कारण पीली त्वचा, लिम्फ नोड्स की सूजन, और यकृत या प्लीहा के आकार में वृद्धि।

रक्त परीक्षण
आपके रक्त के नमूने को देखकर, आपके डॉक्टर यह निर्धारित करते हैं कि आपके शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं या प्लेटलेट्स का असामान्य स्तर है या नहीं - जो ल्यूकेमिया के  संकेत देता है।


अस्थि मज्जा (बॉन मैरो) परीक्षण
आपके चिकित्सक आपके हिपबोन से अस्थि मज्जा का नमूना निकाल कर उसे प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज सकते हैं। आपके ल्यूकेमिया कोशिकाओं के परीक्षण में कुछ विशिष्ट लक्षण दिखाई दे सकते हैं जिनका उपयोग आपके उपचार विकल्पों को निर्धारित करने के लिए किया जाता है।


आप निदान की पुष्टि करने के लिए और आपके शरीर में ल्यूकेमिया के प्रकार और उसके फैलाव का पता करने के लिए अतिरिक्त परीक्षण कर सकते हैं। कुछ प्रकार के ल्यूकेमिया को चरणों में वर्गीकृत किया जाता है, जिससे रोग की गंभीरता का अंदेशा मिलता है।

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) का इलाज - Blood Cancer Treatment in Hindi

ल्यूकेमिया के लिए उपचार कई कारकों पर निर्भर करता है। आपके चिकित्सक आपकी आयु और समग्र स्वास्थ्य, ल्यूकेमिया के प्रकार और शरीर में उसके प्रसार के आधार पर इसके उपचार का विकल्प निर्धारित करता है।

ल्यूकेमिया के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले सामान्य उपचार में निम्नलिखित उपचार शामिल हैं:

कीमोथेरेपी - ल्यूकेमिया के लिए कीमोथेरेपी उपचार का प्रमुख रूप है। इस उपचार में ल्यूकेमिया कोशिकाओं को मारने के लिए रसायनों का उपयोग किया जाता है।आप ल्यूकेमिया के किस प्रकार से ग्रस्त हैं इस बात पर ध्यान देते हुए, आपका एक या अधिक दवाओं के संयोजन से इलाज किया जा सकता है ये दवाएं गोली या इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं।

जैविक चिकित्सा - बायोलॉजिकल थेरेपी - जैविक चिकित्सा में उन उपचारों का उपयोग किया जाता है जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को ल्यूकेमिया कोशिकाओं को पहचान कर ख़तम करने में सहायता करते हैं।

लक्षित चिकित्साम - लक्षित चिकित्सा में उन दवाओं का उपयोग किया जाता है जो आपकी कैंसर कोशिकाओं में मौजूद भीतर विशिष्ट कमजोरियों पर हमला करती हैं।

विकिरण उपचार (रेडिएशन थेरेपी ) - विकिरण चिकित्सा में ल्यूकेमिया कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने और उनके विकास को रोकने के लिए एक्स-रे या अन्य उच्च-ऊर्जा बीम का उपयोग किया जाता है।
शरीर के किसी विशिष्ट क्षेत्र पर विकिरण का उपयोग किया जा सकता है या पूरे शरीर पर विकिरण का इस्तेमाल किया जा सकता है। स्टेम सेल प्रत्यारोपण के लिए तैयार करने के लिए भी विकिरण चिकित्सा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्टेम सेल प्रत्यारोपण - स्टेम सेल ट्रांसप्लांट में आपके रोगग्रस्त अस्थि मज्जा को स्वस्थ अस्थि मज्जा (बॉन मैरो) के साथ बदला जाता है।स्टेम सेल प्रत्यारोपण से पहले, आपके रोगग्रस्त अस्थि मज्जा को नष्ट करने के लिए कीमोथेरेपी या विकिरण चिकित्सा की उच्च खुराक दी जाती है। फिर आपको रक्त बनाने वाले स्टेम कोशिकाओं का एक इंफ्यूज़न दिया जाता है जो अस्थि मज्जा को पुनः बनने में मदद करता है।

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) में परहेज़ - What to avoid during Blood Cancer in Hindi?

  1. ल्युकेमिआ में आपको जंक फ़ूड खाने से बचना चाहिए और विशेषकर तले हुए खाने से दूर रहना चाहिए।
  2. अपने भोजन में उपयोग किए जाने वाले नमक की मात्रा को कम रखने की कोशिश करें। अपने भोजन में सोडियम की मात्रा में कटौती करें।
  3. इसके अतिरिक्त, आपको प्रसंस्कृत और संरक्षित खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना। परिष्कृत खाद्य पदार्थ में(सफेद ब्रेड, पास्ता, सफेद चावल, और चीनी), प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले ट्रांस फैटी एसिड।
  4. आपको निम्न खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए क्योंकि ये ल्युकेमिआ के उपचार में हस्तक्षेप कर सकते हैं या कैंसर सेल के विकास को प्रोत्साहित कर सकते हैं:
     
    • दुग्ध उत्पादों का सेवन न करें। 
    • गेहूं के बने लास का सेवन करना ल्युकेमिआ के उपचार में खलल डाल सकता है।
    • मक्का का उपयोग न करें। 
    • सोया।
    • खाद्य योजक।
    • तले हुए खाद्य पदार्थ आपकी रिकवरी को धीमा कर सकते हैं इसीलिए  इनका उपयोग बिलकुल न करें।
    • कॉफी, तंबाकू, शराब, और अन्य उत्तेजक का प्रयोग अत्यंत हानिकारक हो सकता है इसीलिए इनके सेवन से जितना हो सके उतना बचें।

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Blood Cancer in Hindi?

  1. ऑर्गेनिक फलों का इस्तेमाल करें।
  2. आहार में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट, डेयरी, फलों और सब्जियों की मात्रा अधिक और वसा की बहुत कम मात्रा होनी चाहिए।
  3. कीमोथेरेपी के कारण निर्जलीकरण हो सकता है, निर्जलीकरण से बचने के लिए पानी और तरल पदार्थों का सेवन करते रहिये।
  4. फल और सब्जियां
    फल और सब्जियां विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइटोकेमिकल्स का उच्च स्रोत होते हैं जो संभावित कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में सहायक होती हैं।
  5. उबली हुई सब्जियां
    किसी भी प्रकार की सब्जी जैसे ब्रोकली, मशरुम, गाजर, गोभी, जुकीनी आदि से पोषक तत्वों को निकालने की सर्वोत्तम प्रक्रिया है इनको अच्छी तरह से पकाना। इसके अलावा, पालक, केल , और सरसों के साग से बने सूप और कम सोडियम युक्त सब्जियों का रस भी आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
  6. साबुत अनाज
    भूरे रंग के चावल, अनाज और क्विनोआ जैसे 100 प्रतिशत साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थ परिष्कृत अनाजों की तुलना में बड़ी मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
  7. प्रोटीन
    प्रोटीन ल्यूकेमिया केमोथेरेपी उपचार के कारण होने वाली मतली और उल्टी से राहत प्रदान करा सकता है। प्रोटीन शरीर को भी मजबूत करता है और कीमोथेरेपी के कारण होने वाली कमजोरी को दूर करता है।
  8.  यदि आप कब्ज और पेट में जलन की समस्या से पीड़ित हैं, तो अपने आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं।

* किसी भी डाइट प्लान का पालन करने से पहले अपने डायटीशियन (आहार विशेषज्ञ) से सलाह अवश्य करें। 



संदर्भ

  1. Bloodwise. What is blood Cancer ?. 23 May 2019; [Internet]
  2. Bloodwise. Blood cancer treatments and side effects. 11 Aug 2017; [Internet]
  3. Bloodwise. Blood cancer treatments and side effects. 11 Aug 2017; [Internet]
  4. National Health Service [Internet]. UK; Overview - Multiple myeloma
  5. Imperial College Healthcare. Blood cancer. [Intrnet]

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) के डॉक्टर

David K Simson David K Simson ऑन्कोलॉजी
11 वर्षों का अनुभव
Dr. Nilesh Ranjan Dr. Nilesh Ranjan ऑन्कोलॉजी
3 वर्षों का अनुभव
Dr. Ashok Vaid Dr. Ashok Vaid ऑन्कोलॉजी
31 वर्षों का अनुभव
Dr. Ashu Abhishek Dr. Ashu Abhishek ऑन्कोलॉजी
12 वर्षों का अनुभव
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ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) की दवा - Medicines for Blood Cancer in Hindi

ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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