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भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 को लेकर एक वीडियो शेयर किया जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अमिताभ बच्चन नए कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह करते देखे जा सकते हैं। लेकिन ऐसा करते हुए वे एक ऐसी जानकारी भी साझा करते हैं, जो इस वीडियो को दिलचस्प बनाती है। वैसे तो यह कोई बिल्कुल ताजा जानकारी नहीं है, लेकिन संभवतः बहुत कम लोग इसके बारे में जानते होंगे।

अमिताभ बच्चन ने बताया है कि कोरोना वायरस इन्सानों के मल से भी फैल सकता है। वीडियो में वे लोगों से कहते हैं, 'क्या आप जानते हैं, हाल ही में चीन के विशेषज्ञों ने यह पाया है कि कोरोना वायरस मानव मल में कई हफ्तों तक जिंदा रह सकता है। कोरोना वायरस का मरीज अगर पूरी तरह ठीक भी हो जाए, तब भी उसके मल में कोरोना वायरस जिंदा रह सकता है। अगर ऐसे व्यक्ति के मल पर कोई मक्खी बैठ जाए या फल-सब्जियां या खाने पर बैठ जाए, तो यह बीमारी और फैल सकती है।'

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अमिताभ बच्चन के इस वीडियो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शेयर किया है। लेकिन कई लोग यह सवाल भी कर सकते हैं कि अमिताभ बच्चन ने जो जानकारी दी उसका आधार क्या है। यह जानने के लिए हमें 15 फरवरी, 2020 की एक रिपोर्ट को देखना होगा, जिसे चीन की एक साप्ताहिक पत्रिका सीसीडीसी ने प्रकाशित किया था। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के तहत इस पत्रिका की रिपोर्ट में बताया गया था कि मानव मल के जरिये भी कोविड-19 की बीमारी फैल सकती है।

सिर्फ खांसने-छींकने या नजदीगी संपर्क जिम्मेदार नहीं
पत्रिका ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कोरोना वायरस के अधिकतर मरीज खांसने या छींकने के दौरान श्वसन मार्ग से निकलने वाली छोटी-छोटी बूंदों और पहले से संक्रमित लोगों के संपर्क में आने की वजह से बीमार पड़े हैं। लेकिन ऐसा सभी मरीजों के लिए नहीं कहा जा सकता है। यानी कोरोना वायरस के सौ प्रतिशत मरीजों के बीमार होने के पीछे केवल ये दो कारण जिम्मेदार नहीं हैं।

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चीनी वैज्ञानिकों ने की जांच
क्या सार्स-सीओवी-2 किसी और माध्यम से भी लोगों में फैल सकता है, इस सवाल को लेकर चीन के बड़े चिकित्सा संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर वायरल डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (आईवीडीसी) की लैबोरेटरी में मानव मल के कुछ सैंपलों की जांच की गई। ये सैंपल उन लोगों के थे जो कोविड-19 से पीड़ित थे। एक सैंपल में से सार्स-सीओवी-2 का नमूना निकाला गया। यह नमूना उस व्यक्ति से संबंधित था, जिसे निमोनिया (कोविड-19 का एक गंभीर लक्षण) था। एक फरवरी, 2020 को नमूने की जांच शुरू की गई। इसमें वैज्ञानिकों ने वेरो सेल्स की मदद ली। करीब 15 दिनों तक नमूने की जांच की गई।

इस दौरान वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की मदद से देखा कि वेरो सेल्स के पार्टिकल्स में कोरोना वायरस मौजूद था। जांच से वैज्ञानिकों को संकेत मिले कि इस सैंपल में मौजूद कोरोना वायरस के न्यूक्लोटाइड मॉलिक्यूल उस मरीज से मिलते थे, जिसे बीमारी के चलते चीन के वुहान शहर में सबसे पहले आइसोलेट किया गया था। इसके बाद रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि जिन मरीजों के मल के सैंपल लिए गए, उनमें सार्स-सीओवी-2 जिंदा था। इस तरह यह खोज निकाला गया कि नए कोरोना वायरस का संक्रमण मानव मल के जरिये भी फैल सकता है। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं, कि जो लोग शौचालय जाने के बाद अपने हाथ अच्छे से नहीं धोते, वे कोविड-19 से ग्रस्त होने की सूरत में दूसरों को भी संक्रमित कर सकते हैं। इस तथ्य के आधार पर सीसीडीसी कि रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि (लोगों की) स्वास्थ्य शिक्षा और जानकारी को मजबूत किया जाए। साथ ही, वातावरण को साफ रखा जाए और व्यक्तिगत साफ-सफाई का भी ध्यान रखा जाए।

अन्य शोधों में भी पुष्टि हुई
कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 इस तरह भी लोगों को बीमार कर सकता है और लंबे वक्त तक जीवित रह सकता है, इस तथ्य की पुष्टि केवल आईवीसीडी की रिसर्च में नहीं हुई है। बल्कि और भी विश्वसनीय रिपोर्टों में इसकी पुष्टि की गई है। मसलन, चार मार्च को जानी-मानी स्वास्थ्य पत्रिका 'जेएएमए' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, सार्स-सीओवी-2 मानव मल के जरिये भी फैल सकता है। वहीं, एक और प्रतिष्ठित पत्रिका 'द लांसेट' ने अपने रिसर्च के आधार पर बताया है कि कोविड-19 के मरीज के ठीक होने के बाद भी अगले पांच हफ्तों तक उसके मल में कोरोना वायरस मिल सकता है। हालांकि इतने समय तक उसके जीवित रहने और उसकी क्षमता को लेकर सीमित जानकारी है।

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कोरोना से बचने के लिए अमिताभ ने दिए तीन सुझाव
शायद इसी तथ्य और सुझावों को देखते हुए अमिताभ बच्चन के जरिये भारत के लोगों को समझाने की कोशिश की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब करें क्या, तो इसका जवाब भी अमिताभ बच्चन ने वीडियो में ही दे दिया है। उन्होंने लोगों से तीन काम करने को कहा है। इन तीनों बातों को फॉलो करके आप खुद भी कोरोना वायरस से बच सकते हैं और इसे और ज्यादा फैलने रोक सकते हैं। ये तीन काम हैं,

  • घर के शौचालय का नियमित रूप से इस्तेमाल करें, खुले में शौच के लिए बिल्कुल न जाएं
  • सोशल डिस्टेंसिंग, यानी समाज से दूरी बनाए रखें, केवल आपातकालीन स्थिति में घर से बाहर निकलें
  • दिन में कई बार अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक धोएं और अपनी आंख, नाक और मुंह को बिल्कुल न छुएं

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