भारत में कोरोना वायरस संकट लगातार गहराता जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अब तक 5,360 संक्रमित लोगों की पहचान की जा चुकी है, जबकि मृतकों का आंकड़ा 164 पर पहुंच गया है। ताजा अपडेट्स की मानें तो देश में बीते 24 घंटों में 773 नए मामले सामने आए हैं और 32 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 1,097 लोग कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, तमिलनाडु में 709 और दिल्ली में करीब 600 लोगों के संक्रमित होने पुष्टि हो चुकी है। इस बीच केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर कुछ बड़े फैसले जानने में आए हैं।
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कोविड-19 के 1,000 से ज्यादा मरीज)
लॉकडाउन को लेकर मंथन में जुटी सरकार
बीते महीने की 25 तारीख से शुरू हुआ 21 दिन का लॉकडाउन आगामी 14 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। उम्मीद जताई गई थी कि इस दौरान कोविड-19 के मामलों में कमी आएगी। लेकिन हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में खबरें हैं कि सरकार लॉकडाउन की अवधि को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। बुधवार को पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक की। इसमें मौजूद बीजेडी की एक नेता के मुताबिक, पीएम मोदी ने बताया कि 14 अप्रैल के बाद देशभर में लॉकडाउन को एक बार में ही नहीं हटाया जा सकता।
समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से आई खबरों के मुताबिक, बीजेडी नेता ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट किया कि लॉकडाउन नहीं हटाया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमें कड़े फैसलों के लिए तैयार रहना होगा। साथ ही पीएम एक बार फिर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से 11 अप्रैल के दिन बात करेंगे।’
यूपी में 15 जिले पूरी तरह से सील
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 300 के पार पहुंच गया है। सूबे में जानलेवा संक्रमण के चलते तीन लोगों की मौत चुकी है। ऐसे में बढ़ते मामलों को देखते हुए यूपी सरकार ने 15 जिलों को 15 अप्रैल तक पूरी तरह से सील करने का आदेश जारी कर दिया है। इन 15 जिलों में आगरा, लखनऊ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, कानपुर, वाराणसी, सीतापुर, शामली, मेरठ, बुलंदशहर, सहारनपुर, बरेली, फिरोजाबाद, बस्ती और महाराजगंज शामिल हैं। इन जिलों में आने वाले 'हॉटस्पॉट' यानी संक्रमण के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह से बंद करने का आदेश दिया गया है।
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निजी लैबों में कोरोना का टेस्ट हो फ्री: सुप्रीम कोर्ट
कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को सुझाव दिया है। सर्वोच्च अदालत ने सरकार से कहा कि संक्रमित मामलों की जल्दी पहचान के लिए निजी लैबों में फ्री टेस्ट किए जाने चाहिए। एक जनहित याचिका की सुनवाई में कोर्ट ने यह बात कही। वहीं, सरकार के पक्षकार सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि सरकार इस मामले में गौर करेगी और जो अच्छा होगा उस पर फैसला लिया जाएगा। बता दें कि निजी लैबों में कोरोना वायरस की जांच के लिए 4,500 रुपये तक वसूले जाते हैं।
ट्रंप ने भारत के फैसले का किया स्वागत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा एंटी-मलेरिया 'हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन' के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाए जाने के फैसला का स्वागत किया है। ऐसा करते हुए ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने भारत से दो करोड़ 90,000 से अधिक हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन ड्रग्स की मांग की थी, जिसकी उनके देश को बहुत जरूरत है। गौरतलब है कि बीती चार अप्रैल को ही भारत ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन समेत 24 एपीआई और अन्य जरूरी दवाओं के निर्यात पर रोक लगाई थी। लेकिन बाद में इस फैसले को वापस ले लिया गया।
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उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19: क्या केंद्र सरकार लॉकडाउन जारी रखेगी? मीडिया रिपोर्टों में सामने आई यह जानकारी है
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