महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में अब हर कोई कोविड-19 टेस्ट करा सकता है और इसके लिए कोई शर्त या कंडीशन नहीं होगी। बृह्नमुंबई म्युनिसिपिल कॉर्पोरेशन यानी बीएमसी ने शहर में रह रहे किसी भी व्यक्ति का टेस्ट करने की अनुमति दे दी है। बीएमसी के मुताबिक, टेस्ट कराने आए व्यक्ति के लिए अब से यह जरूरी नहीं है कि उसमें कोविड-19 के लक्षण दिखें। खबरों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति बिना लक्षणों के भी टेस्ट करा सकता है और वह भी डॉक्टर द्वारा दिए गए प्रेस्क्रिप्शन के बिना। शहर की तमाम सरकारी लैबोरेटरी के साथ निजी क्षेत्र की प्रयोगशालाओं को भी परीक्षण कराने आए किसी भी व्यक्ति का टेस्ट करने की अनुमति दे दी गई है। इसके अलावा बीएमसी मुंबई के कनटेंमेंट जोन घोषित इलाकों और अस्पतालों में एंटीजन टेस्ट भी कराएगी।
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मुंबई में कोविड-19 संकट के दौरान यह नौवीं बार है जब शहर के नगर निगम ने कोरोना वायरस की टेस्टिंग से जुड़े प्रोटोकॉल में बदलाव किया है। हालांकि ऐसा केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। टेस्टिंग प्रोटोकॉल में ताजा बदलाव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के उस निर्देश के सामने आने के बाद किया गया है, जिसमें उसने राज्यों से कहा था कि वे अपनी टेस्टिंग क्षमता में इजाफा करते हुए अपने-अपने इलाकों में ज्यादा संख्या में परीक्षण कराएं।
इसी सिलसिले में बीएमसी ने निर्देश देते हुए कहा है कि शहर की सभी सरकारी और निजी लैबोरेटरी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर द्वारा तय की गई गाइडलाइंस के मुताबिक अब किसी भी व्यक्ति का आरटी-पीसीआर टेस्ट करने के लिए स्वतंत्र हैं। बीएमसी ने साफ किया है कि टेस्ट करने के लिए डॉक्टर से मिलने वाले किसी भी प्रेस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं है। यहां तक की होम टेस्टिंग के लिए भी नहीं।
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बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने नगर निगम द्वारा लिए गए इस फैसले को भारत में कोविड-19 की टेस्टिंग से जुड़ी 'सबसे उदारवादी नीति' बताया है। उन्होंने कहा है कि बीएमसी इस नीति को तुरंत प्रभाव से लागू करेगा। बता दें कि बुधवार यानी आज से इस पॉलिसी के तहत टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में आने वाले समय में मुंबई में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अब तक कोविड-19 के दो लाख 17 हजार से ज्यादा मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इसके लिए राज्यभर में अब तक 11 लाख 94 हजार से भी ज्यादा परीक्षण किए गए हैं। इनमें से 3.63 लाख टेस्ट (मंगलवार तक) अकेले मुंबई में किए गए थे, जिनमें से 86,312 पॉजिटिव पाए गए थे। इस तरह मुंबई में कोविड-19 का पॉजिटिविटी रेट 23 प्रतिशत से भी ज्यादा मालूम होता है। बता दें कि पूरे महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते 9,250 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 5,000 मौतें अकेले मुंबई शहर में देखने को मिली हैं।
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें मुंबई में कोविड-19 का टेस्ट कराने के लिए अब कोई कंडीशन नहीं, जो चाहे टेस्ट कराए, बीएमसी ने नई टेस्टिंग पॉलिसी के तहत दिया आदेश है
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