वैज्ञानिकों ने ऐसे पदार्थों (कंपाउंड) की खोज की है, जो कोविड-19 महामारी की वजह बने नए कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 को मानव कोशिकाओं में अपनी कॉपियां या प्रतियां बनाने से रोक सकते हैं। चर्चित वैज्ञानिक व मेडिकल पत्रिका 'सेल रिसर्च' में प्रकाशित शोध के मुताबिक, अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा के इन वैज्ञानिकों ने लैब में तैयार की गई मानव कोशिकाओं की मदद से इन पदार्थों का पता लगाया है। शोध से जुड़े अध्ययन में बताया गया है कि नए कोरोना वायरस के खिलाफ अवरोधक के रूप में काम करने वाले इन पदार्थों ने वायरस की तादाद बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने वाले वायरल प्रोटीन पर पारस्परिक रासायनिक और संरचनात्मक प्रभाव डाला। इसके बाद ही शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाला कि ये कंपाउंड वायरस को कोशिकाओं में घुसकर कॉपियां बनाने से रोक सकते हैं।
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अध्ययन से जुड़े परिणामों को लेकर यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता यू चेन ने कहा है, 'कोविड-19 जैसी तेजी से उभरती संक्रामक बीमारी के खिलाफ नए एंटीवायरल ड्रग्स बनाने का समय हमारे पास नहीं है। (हालांकि) शुरुआत करने के लिए बाजार में कुछ अच्छी दवाएं पहले से उपलब्ध हैं। हमारे अध्ययन जैसे कई अन्य स्टडीज और आधुनिक तकनीक की मदद से हम उन ड्रग्स को तेजी से और बेहतर तरीके से डिजाइन कर सकते हैं।'
दरअसल, सार्स-सीओवी-2 में एक प्रमुख एंजाइम होता है जिसे मेन प्रोटीज या एमप्रो कहते हैं। वायरस जब मानव कोशिकाओं में घुसता है तो यह एंजाइम लंबे तंतुओं वाले प्रोटीनों को काटकर अलग कर देता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि एमप्रो की मदद के बिना सार्स-सीओवी-2 वायरस अपनी कॉपियां बनाकर अन्य स्वस्थ कोशिकाओं को संक्रमित नहीं कर सकता। उनके मुताबिक, अगर इस एंजाइम को रोक दिया जाए नए कोरोना वायरस को शरीर में संक्रमण फैलाने से रोका जा सकता है।
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शोधकर्ताओं ने बताया है कि बाजार में ऐसे ड्रग मौजूद हैं, जिनकी मदद से यह काम किया जा सकता है। इनमें हेपेटाइटिस सी की दवा बोसिप्रिवीर और एक एंटीवायरल ड्रग जीसी-376 शामिल है, जिसका चिकित्सा जांच की जा रही है। बताया गया है कि सार्स-सीओवी-2 के एमप्रो की कुछ विशेष जगहों को टार्गेट कर ये ड्रग वायरस को रोक सकते हैं। इस नए कोरोना वायरस के जीवनकाल में एमप्रो की भूमिका काफी अहम मानी जाती है, लिहाजा इस पर हमला कर वायरस को कॉपियां बनाने से रोका जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने इसके लिए कुल चार ड्रग्स की पहचान की है। अध्ययन के दौरान इन ड्रग्स में ऐसे 50 प्रोटीज कंपाउंड मिले हैं, जो कोरोना वायरस को रोक सकते हैं। बोसिप्रिवीर और जीसी-376 के अलावा कैलपेन II और कैलपेन XII ड्रग शामिल हैं। इन दोनों दवाओं की कैंसर, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याओं व अन्य बीमारियों के इलाज के संबंध में जांच की जा चुकी है। इसके अलावा कैलपेन II और XII में मजबूत एंटीवायरल एक्टिविटी भी देखने को मिली है।
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उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19: वैज्ञानिकों ने नए कोरोना वायरस को अपनी कॉपियां बनाने से रोकने वाले पदार्थों की खोज की है
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