फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग - Formaldehyde Poisoning in Hindi

Dr. Nabi Darya Vali (AIIMS)MBBS

January 04, 2021

January 13, 2021

फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग
फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग

फार्मेल्डिहाइड पॉइजनिंग क्या है?
फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग, विषाक्तता से जुड़ा एक डिसऑर्डर है। इससे जुड़ी समस्या तब आती है जब कोई व्यक्ति फॉमैलडेहाइड से निकलने वाले हानिकारक धुएं के संपर्क में आता है और यह धुआं सांस के जरिए शरीर में जाता है। दरअसल फॉमैलडेहाइड एक प्रकार की तीखी गंध वाली, ज्वलनशील और  रंगहीन गैस है। साथ ही यह एक केमिकल कंपाउंड भी है जो कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को मिलाकर बनता है। कई बार सीधे तौर पर फॉमैलडेहाइड का इस्तेमाल करने पर या फिर वैसी चीजों का इस्तेमाल करने पर जिनकी सफाई फॉमैलडेहाइड से की जा रही है कोई व्यक्ति इसके संपर्क में आ सकता है जिसके बाद फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग की समस्या होती है। इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति को कई तरह के लक्षणों का अनुभव होता है जिसमें आंख, नाक और गले में जलन, सिर दर्द और या त्वचा पर चकत्ते जैसी स्थितियां शामिल हैं।

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फार्मेल्डिहाइड पॉइजनिंग के लक्षण - Formaldehyde Poisoning Symptoms in Hindi

फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग के लक्षण अलग-अलग तरह के होते हैं। लेकिन मुख्य रूप से आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा में जलन और सिरदर्द की समस्या हो सकती है। अगर फॉमैलडेहाइड को निगल लिया जाए तो यह गले से पेट तक जुड़ने वाली नली (एसोफेगस) और पेट में जलन का कारण बनता है। इसके अलावा डायलिसिस मशीन को साफ करने के लिए फॉमैलडेहाइड का इस्तेमाल करने के दौरान जो रोगी विषाक्तता का शिकार हो जाते हैं उनमें लाल रक्त कोशिकाओं (एक्यूट हेमोलिसिस) को नुकसान हो सकता है। फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग से जुड़े गंभीर मामलों में लो बीपी (हाइपोटेंशन), ​​हृदय लय की असामान्यता, सांस लेने में परेशानी, बेचैनी, बेहोशी और कोमा जैसी दिक्कतें शामिल हो सकती हैं।

फार्मेल्डिहाइड पॉइजनिंग का कारण - Formaldehyde Poisoning Causes in Hindi

फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग के कारण कई हो सकते हैं। कुछ लोग फॉमैलडेहाइड से बने उत्पाद जैसे कि चिप बोर्ड और फोम इन्सुलेशन का काम करते वक्त इस समस्या से ग्रसित हो सकते हैं। इसमें कुछ लोग गलती से फॉमैलडेहाइड को निगल लेते हैं या सांस के जरिए शरीर के अंदर ले लेते हैं। इसके अलावा विषाक्तता की यह स्थिति उस समय भी आ सकती है जब किसी मरीज को सिस्ट के लिए फॉर्मेलिन सोक्ड पैक सीधे तौर पर दिया जा रहा हो। फॉर्मालिन, फॉमैलडेहाइड का एक रूप है जिसका इस्तेमाल कभी-कभी डायलिसिस मशीनों और अन्य अस्पताल उपकरणों की सफाई (क्लीनिंग एजेंट के रूप में) के लिए किया जाता है। लेकिन बेहद जरूरी है कि किसी रोगी पर इन मशीनों या उपकरणों का इस्तेमाल करने से पहले उससे फॉमैलडेहाइड को सावधानीपूर्वक और पूरी तरह से हटा दिया जाए।

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गर्भावस्था के दौरान फॉमैलडेहाइड के संपर्क में आना- Formaldehyde exposure during Pregnancy in Hindi

'एनसीबीआई' की एक रिपोर्ट के अनुसार गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जब महिला का शरीर इनडोर वायु प्रदूषकों के संपर्क में आने को लेकर विशेष रूप से कमजोर हो जाता है जैसे कि फॉमैलडेहाइड। गर्भावस्था के दौरान फॉमैलडेहाइड के संपर्क में आने से कई समस्याएं आ सकती हैं जैसे- अचानक से गर्भपात हो जाना, होने वाले बच्चे में जन्मजात विकृतियां और समय से पहले प्रसव यानी प्रीमैच्योर डिलीवरी आदि। महिलाओं के जीवन में अलग-अलग समय पर फॉमैलडेहाइड के संपर्क में आने का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, यह गर्भावस्था के दौरान विशेष रूप से चिंता का विषय है क्योंकि भ्रूण के लिए यह बेहद खतरनाक होता है।

फार्मेल्डिहाइड पॉइजनिंग के लंबे प्रभाव से जोखिम- Formaldehyde Poisoning long term effects in Hindi

फॉमैलडेहाइड के लंबे समय तक प्रभाव में आने से कई गंभीर और घातक परिणाम हो सकते हैं। अमेरिका के 'व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक फॉमैलडेहाइड के दीर्घकालिक संपर्क में आने से नाक का कैंसर और साइनस का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा नेजोफिरिन्जियल और ऑरोफरीन्जियल कैंसर और इसके साथ ही फेफड़ों के कैंसर का रिस्क भी देखा गया है। इस जोखिम को कम करने और फॉमैलडेहाइड से बचाव के लिए कर्मचारियों को सभी सुरक्षा दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए। उदाहरण के लिए, फॉमैलडेहाइड के संपर्क में आने वाले कर्मचारियों को आवश्यक रूप से व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण का उपयोग करना चाहिए, जैसे कि उपयुक्त फेस कवर और आंखों की सुरक्षा, सुरक्षात्मक एप्रन और दस्ताने आदि।

फार्मेल्डिहाइड पॉइजनिंग का इलाज - Formaldehyde Poisoning Treatment in Hindi

फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है। मतलब इस बीमारी के लिए कोई खास दवा उपलब्ध नहीं है जो कि फॉमैलडेहाइड के खिलाफ एंटीडोट का काम कर सकती हो। लेकिन फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग से पीड़ित लोगों के उपचार में सिम्टोमैटिक उपाय अपनाए जाते हैं। हालांकि जो लोग फॉमैलडेहाइड के गंभीर लक्षणों का अनुभव करते हैं उन्हें आवश्यकतानुसार मेडिकल मॉनिटरिंग में रखा जाता है। उचित उपचार के बाद अधिकांश मरीज पूरी तरह से ठीक भी हो जाते हैं।



फॉमैलडेहाइड पॉइजनिंग के डॉक्टर

Dr. Rajendra Bera Dr. Rajendra Bera श्वास रोग विज्ञान
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