myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

सांस लेने में तकलीफ होना या सांस फूलना आम समस्याएं हैं जो सामान्य से घातक हो सकती हैं। इसके अलग-अलग कारण होते हैं और इसका उपचार इसकी वजह पर निर्भर करता है। कभी-कभी सांस फूलने की समस्या अपने आप ठीक हो जाती है और कभी-कभी इसके लिए डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता होती है। सांस लेने में तकलीफ होना कई बीमारियों का एक लक्षण हो सकता है या ये समस्या एक्सरसाइज करने और दौड़ने जैसे कारणों से भी हो सकती है। वजह चाहे जो भी हो अगर आपको सांस लेने में दिक्कत होती है तो अपने डॉक्टर के पास अवश्य जाएं।

(और पढ़ें - व्यायाम करने का सही समय)

इस लेख में सांस लेने में तकलीफ होने पर क्या होता है, सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करना चाहिए और सांस फूलने पर डॉक्टर के पास कब जाएं के बारे में बताया गया है।

  1. सांस फूलने पर क्या होता है - Sans lene me taklif hone par kya hota hai
  2. सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करना चाहिए - Sans fulne par kya kare
  3. सांस फूलने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए - Sans fulne par doctor ke pas kab jaye

सांस लेने में तकलीफ या दिक्क्त होने से आमतौर पर निम्नलिखित समस्याएं होती हैं -

सांस फूलने पर किसी की मदद कैसे करें - Sans lene me dikkat hone par kisi ki madad kaise kare

अगर आपके आस-पास मौजूद किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो तुरंत एम्बुलेंस को फोन करें क्योंकि ये एक आपातकालीन स्थिति हो सकती है। मदद आने तक आप निम्नलिखित तरीके से उस व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दे सकते हैं -

  1. व्यक्ति को सहारा देकर सीधा बिठा दें।
  2. व्यक्ति की सांस और नब्ज देखें। (और पढ़ें - नब्ज देखने का तरीका)
  3. अगर व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो तो उसे सीपीआर दें।
  4. अगर व्यक्ति ने कोई टाइट कपड़े पहने हों, तो कपड़ों को ढीला कर दें।
  5. व्यक्ति को शांत कराएं और उनका तनाव कम करें। (और पढ़ें - तनाव दूर करने के घरेलू उपाय)
  6. अगर व्यक्ति को पहले से ही डॉक्टर ने कोई सांस से सम्बंधित किसी समस्या की दवा दी है, तो उसे वह दवा दें।
  7. जब तक मदद न आ जाए तब तक व्यक्ति को अकेला न छोड़ें और उनकी सांस को व दिल की धड़कन को देखते रहें। (और पढ़ें - मन शांत करने के तरीके)
  8. अगर व्यक्ति के गले या छाती पर खुले घाव हैं, तो तुरंत उन घावों पर पट्टी या बैंडेज लगाएं। (और पढ़ें - घाव भरने के घरेलू उपाय)

अगर व्यक्ति सांस लेने में आवाज करना बंद कर दे तो यह न समझें कि उसकी हालत सुधर रही है। उसे अभी भी मदद की जरूरत हो सकती है।

(और पढ़ें - अस्थमा अटैक आने पर क्या करें)

खुद को सांस लेने में तकलीफ हो तो क्या करना चाहिए - Apni sans fulne par kya kare

अगर आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है या आपकी सांस फूल रही है तो निम्नलिखित तरीके से आपको आराम मिल सकता है -

  • हो सके तो घबराएं नहीं। (और पढ़ें - घबराहट कम करने के उपाय)
  • अपनी सांस फूलने की समस्या की वजह जानने की कोशिश करें। कभी-कभी स्ट्रेस या सिगरेट के धुंए आदि कारणों से सांस फूलने की समस्या होने लगती है। (और पढ़ें - सिगरेट छोड़ने के उपाय)
  • अगर आपको अपनी सांस लेने में तकलीफ की वजह पता है, तो उस कारण से दूर जाने की कोशिश करें। जैसे - अगर आपको सिगरेट के धुंए के कारण सांस फूलने की समस्या हो रही है, तो सिगरेट के धुंए से दूर स्वच्छ वातावरण में चले जाएं।
  • लम्बी गहरी सांसें लेने की कोशिश करें।
  • अपनी नाक से सांस अंदर लें और होठों को गोल करके सांस बाहर छोड़ें।
  • अगर आपको अस्थमा है या डॉक्टर के द्वारा बताया गया है, तो इनहेलर का उपयोग करें। (और पढ़ें - अस्थमा के घरेलू उपाय)
  • अगर आपको पहले भी सांस फूलने की समस्या हुई है, तो डॉक्टर की बताई हुई दवा लें।
  • अगर हो सके तो कॉफी पी लें। ऐसा माना जाता है कि कॉफी पीने से श्वसन नलियां खुलती हैं और सांस फूलने की समस्या में मदद मिलती है। (और पढ़ें - कॉफी पीने के फायदे)
  • अगर आपको बेहतर महसूस नहीं हो रहा है, तो एम्बुलेंस को फोन करें या मदद बुलाएं।

निम्नलिखित स्थितियों में अपने डॉक्टर के पास अवश्य जाएं -

  1. अगर आपको जुकाम या कोई अन्य श्वसन संक्रमण है और आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
  2. सांस फूलने के साथ पंजों या टखनों में सूजन होना। (और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)
  3. 2 हफ्ते से अधिक जुकाम होना। (और पढ़ें- सर्दी जुकाम के घरेलू उपाय)
  4. सीधे लेटने पर सांस लेने में दिक्कत होना। (और पढ़ें - सर्दी खांसी होने पर सोने का सही तरीका)
  5. सांस लेने में तकलीफ के साथ खांसी में खून आना।
  6. सांस फूलने के साथ तेज बुखार, ठण्ड लगना और खांसी होना। (और पढ़ें - बुखार भगाने के घरेलू उपाय)
  7. सांस लेने में तकलीफ के कारण नींद न आना और रात को नींद खुल जाना। (और पढ़ें - नींद न आने के कारण)
  8. सांस लेने में आवाज आना।
  9. रोजाना के सामान्य कार्य करते हुए सांस फूलना।
  10. सांस लेने में तकलीफ से होने वाले लक्षणों का और बिगड़ना।

 

नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल​ से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।

और पढ़ें ...

References

  1. Jen Pek. Guidelines for Bystander First Aid 2016 Singapore Med J. 2017 Jul; 58(7): 411–417. PMID: 28740997
  2. Katrina Breaden. Recent Advances in the Management of Breathlessness Indian J Palliat Care. 2011 Jan; 17(Suppl): S29–S32. PMID: 21811366
  3. Tobias Welte, et al. Dtsch Arztebl Int. 2016 Dec; 113(49): 834–845. PMID: 28098068
  4. Capucine Panzini. Fooling the brain to alleviate dyspnoea Eur Respir J. 2017 Aug; 50(2): 1701383. PMID: 5593357
  5. Hutchinson, et al. Breathlessness and presentation to the emergency department: a survey and clinical record review BMC Pulm Med. 2017; 17: 53. PMID: 5360046.
  6. NHS [Internet]. National Health Services; Shortness of breath
ऐप पर पढ़ें