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परिचय:

स्वास्थ्य संबंधी ऐसी कई समस्याएं हैं, जिनके कारण गले में जलन होने लग जाती है। गले में जलन आमतौर पर एसिड रिफ्लक्स के कारण होती है, लेकिन कुछ मामलों में जुकाम, वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन और यहां तक कि गले या खाने की नली में कैंसर के कारण भी गले में जलन जैसे लक्षण होने लग जाते हैं। धूम्रपान करना और कुछ प्रकार की एलर्जी भी गले में जलन का कारण बन सकती है। गले में जलन होने पर बोलने, खाने व निगलने में कठिनाई होने लगती है। 

कभी-कभी गले की जलन कुछ दिनों या हफ्तों तक रह सकती है और बदलते मौसमों के अनुसार साल में कई बार हो जाती है। 

आमतौर पर कुछ प्रकार के घरेलू उपायों के साथ इस समस्या को कम किया जाता है, इसके अलावा मेडिकल स्टोर से डॉक्टर की पर्ची के बिना मिलने वाली दवाएं (ओटीसी) भी गले की जलन को ठीक कर देती हैं। गले की जलन का परीक्षण गले के विशेषज्ञ डॉक्टर के द्वारा ही किया जाता है। स्थिति का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर कुछ प्रकार के टेस्ट करवाने का ऑर्डर भी दे सकते हैं, जैसे खून टेस्ट, लैरिंगोस्कोपी और कुछ प्रकार के इमेजिंग टेस्ट आदि। 

यदि घरेलू उपचारों से गले की जलन ठीक ना हो पाए तो इलाज इसके कारण के अनुसार किया जाता है। कुछ ओटीसी दवाएं, चूसने की गोलियां और स्प्रे आदि भी गले की जलन को शांत कर देती हैं। यदि गले में संक्रमण के कारण होने वाली गले में जलन की जलन का समय पर इलाज ना किया जाए, तो संक्रमण गर्दन के अन्य भागों या छाती में भी फैल सकता है। 

यदि घरेलू या सामान्य इलाज से गले की जलन का इलाज नहीं हो रहा है और लंबे समय से गले में जलन हो रही है, तो यह गले के कैंसर का संकेत हो सकता है। गले का कैंसर जीवन के लिए हानिकारक स्थिति होती है, जिसको इमर्जेंसी मदद की जरूरत होती है।

(और पढ़ें - थायराइड कैंसर के लक्षण)

  1. गले की जलन क्या है - What is Burning Throat in Hindi
  2. गले में जलन के लक्षण - Burning Throat Symptoms in Hindi
  3. गले में जलन के कारण व जोखिम कारक - Burning Throat Causes & Risk Factors in Hindi
  4. गले में जलन से बचाव - Prevention of Burning Throat in Hindi
  5. गले में जलन का परीक्षण - Diagnosis of Burning Throat in Hindi
  6. गले में जलन का इलाज - Burning Throat Treatment in Hindi
  7. गले में जलन की जटिलताएं - Burning Throat Complications in Hindi
  8. गला जलने पर क्या करे
  9. गले में जलन की दवा - Medicines for Burning Throat in Hindi

गले की जलन क्या है - What is Burning Throat in Hindi

गले में जलन क्या है?

गले में जलन एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें गले के अंदर एक परेशान कर देने वाली सनसनी महसूस होने लग जाती है। यह स्थिति मुख्य रूप से एसिडिटी, सर्दी जुकाम और एलर्जी आदि जैसी समस्याओं के कारण होती है। गले में जलन होने से निगलने में कठिनाई होना, मुंह का स्वाद बिगड़ना, बुखार होना और लगातार खांसी रहना आदि जैसी समस्याएं भी होने लग जाती हैं। 

(और पढ़ें - बुखार भगाने के घरेलू उपाय)

गले में जलन के लक्षण - Burning Throat Symptoms in Hindi

गले में जलन के क्या लक्षण हैं?

गले में जलन खुद एक लक्षण होता है। इसके साथ अन्य कई लक्षण भी हो सकते हैं, जो गले में जलन के कारण पर निर्भर करते हैं, जैसे:

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

  • यदि आपको निगलने में कठिनाई हो रही है या आपके गले में जलन की समस्या घरेलू उपायों से ठीक नहीं हो रही है, तो आपको डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। यदि आपको तेज बुखार है और साथ में खांसी की भी शिकायत है, तो भी डॉक्टर को दिखा लें। यदि आपके शरीर का काफी सारा वजन कम हो गया है और आपको उसके कारण का पता नहीं है, तो भी डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताएं। (और पढ़ें - वजन बढ़ाने के तरीके)
  • कुछ दुर्लभ मामलों में ही गले में जलन गले के कैंसर का संकेत देती है, लेकिन फिर भी डॉक्टर से जांच करवा कर इसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए। 
  • यदि आपको लगता है कि आपके टॉन्सिल्स में पस बनने लगी है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएं।

(और पढ़ें - टॉन्सिलाइटिस का इलाज)

गले में जलन के कारण व जोखिम कारक - Burning Throat Causes & Risk Factors in Hindi

गले में जलन के कारण व जोखिम कारक - Burning Throat Causes & Risk Factors in Hindi

गले में जलन क्यों होती है?

  • गला सूखना:
    गले में सूखापन होने के कारण भी गले में जलन हो सकती है। यदि वातावरण में पर्याप्त नमी ना हो, तो इससे मुंह, नाक और गले की अंदरुनी त्वचा सूखने लग जाती है। (और पढ़ें - 
     
  • अत्यधिक शराब पीना:
    बहुत अधिक मात्रा में शराब पीने से पेट में अधिक मात्रा में एसिड बनने लग जाते हैं। पेट में अधिक अम्ल बनने से वह भोजन नली में आने लग जाता है जिससे गले में या छाती में जलन होने लग जाती है। (और पढ़ें - शराब की लत का इलाज)
     
  • टॉन्सिल में फोड़ा बनना:
    गर्दन या सिर में संक्रमण होने के कारण होता है। इस स्थिति में गले के पिछले हिस्से में पस जमा होने लग जाती है। इसके कारण गले में जलन और निगलने में कठिनाई होने लग जाती है। (और पढ़ें - टॉन्सिल के घरेलू उपाय)
     
  • बर्निंग माउथ सिंड्रोम:
    इस स्थिति में मरीज को ऐसा लगने लगता है, जैसे कि उसका मुंह व गले का अंदरुनी हिस्सा जल गया है। यह रोग नसों या मुंह में सूखापन जैसी समस्याओं के कारण होता है।
     
  • गले का कैंसर:
    कुछ बहुत ही कम मामलों में निगलने के दौरान दर्द व गले में जलन महसूस होना गले या भोजन नली के कैंसर का संकेत भी दे सकता है।  (और पढ़ें - गले के छाले दूर करने के उपाय)
     
  • एसिड रिफ्लक्स:
    गले में जलन होना एसिड रिफ्लक्स का एक लक्षण हो सकता है। इस स्थिति में आपके पेट के एसिड वापस भोजन नली मे आ जाते हैं, ये अम्ल भोजन नली की परत में जलन पैदा कर देते हैं। जब भोजन नली और पेट के बीच का स्फिंक्टर (खुलने व बंद होने वाला यंत्र) ठीक से काम नहीं कर पाता तब ये अम्ल वापस भोजन नली और गले में जाने लग जाते हैं।  (और पढ़ें - एसिडिटी में क्या खाएं)
     
  • इन्फ्लूएंजा:
    इसे फ्लू के नाम से भी जाना जाता है, यह वायरल इन्फेक्शन से जुड़ी एक बीमारी होती है। फ्लू में भी जुकाम के समान लक्षण महसूस होते हैं। इन समस्याओं में गले संबंधी कई लक्षण होने लग जाते हैं, जिनमें गले की जलन भी शामिल है। (और पढ़ें - फ्लू के घरेलू उपाय)

गले में जलन होने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ ऐसी स्थितियां हैं, जो गले में सूजन होने के खतरे को बढ़ाती हैं:

(और पढ़ें - मसालेदार खाने के नुकसान)

 

गले में जलन से बचाव - Prevention of Burning Throat in Hindi

गले में जलन से बचाव - Prevention of Burning Throat in Hindi

गले में जलन से बचाव कैसे करें?

यदि एसिड रिफ्लक्स के कारण आपके गले में जलन हो रही है, तो उसकी रोकथाम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं:

  • सोने से कुछ घंटे पहले कुछ ना खाएं
  • सोते समय सीधे लेटने की बजाए अपने सिर वाले हिस्से को थोड़ा ऊंचाई पर रखने की कोशिश करें
  • धूम्रपान छोड़ दें
  • एक बार खाना खाने की बजाए भोजन को थोड़ा-थोड़ा करके कई बार खाने की कोशिश करें
  • खाना खाने के बाद तीन घंटों तक शरीर का सीधा रखें (लेटें नहीं)
  • यदि आपका वजन सामान्य से ज्यादा है, तो अपना वजन घटाएं
  • ढीले-ढाले कपड़े पहने

गले में जलन को रोकने के लिए कुछ अन्य उपाय:

  • अधिक मसालेदार भोजन ना खाएं
  • शराब व अल्कोहल वाले अन्य खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन ना करें, क्योंकि ये गले की परत में जलन पैदा कर देते हैं और एसिडिटी का कारण भी बनते हैं।
  • कैफीन युक्त खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन ना करें, जैसे चाय-कॉफी आदि
  • तनाव को कम करने की कोशिश करें (और पढ़ें - तनाव के घरेलू उपाय)
  • खूब मात्रा में पेय पदार्थ पीएं इससे मुंह की जलन कम हो जाती है
  • अम्लीय खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन ना करें, जैसे टमाटर, संतरे का रस और सॉफ्ट ड्रिंक्स आदि।

(और पढ़ें - शराब छुड़ाने के उपाय)

गले में जलन का परीक्षण - Diagnosis of Burning Throat in Hindi

गले में जलन का परीक्षण कैसे किया जाता है?

डॉक्टर आपकी पिछली मेडिकल स्थिति के बारे में पूछ कर आप के गले में जलन पैदा करने वाली समस्या का पता लगा लेते हैं। परीक्षण के दौरान डॉक्टर आप से यह भी पूछते हैं, कि जब आप के गले में जलन होती है, तो उसके साथ कैसा महसूस होता है।

स्थिति का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर निम्न टेस्ट कर सकते हैं:

  • ब्लड टेस्ट:
    डॉक्टर आपके खून की जांच कर सकते हैं, जिससे वे यह पता लगाते हैं, कि कहीं आपको संक्रमण तो नहीं है। (और पढे़ं - क्रिएटिनिन टेस्ट क्या है)
     
  • एक्स रे:
    इस प्रक्रिया के दौरान आपको बेरियम नामक एक तरल पदार्थ पिलाया जाता है। यह पदार्थ आपकी भोजन नली, गला, पेट और ऊपरी आंतों पर अपना विशेष रंग छोड़ देता है। ऐसा करने से एक्स रे में इन सभी अंगों की और अधिक स्पष्ट तस्वीर आती है। (और पढे़ं - लिवर फंक्शन टेस्ट)
     
  • एंडोस्कोपी:
    इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक पतली और लचीली ट्यूब को आपकी पाचन प्रणाली तक पहुंचाते हैं। इस ट्यूब का नाम एंडोस्कोप होता है और इसके एक सिरे पर रौशनी और एक छोटा सा कैमरा लगा होता है। इस उपकरण को आपकी नाक से अंदर से डालकर भोजन नली तक पहुंचाया जाता है। यदि डॉक्टर सेंपल के लिए अंदर के ऊतकों से टुकड़ा चाहते हैं, तो एंडोस्कोपी की मदद से यह भी किया जा सकता है, इस प्रक्रिया को बायोप्सी कहा जाता है। (और पढे़ं - पैप स्मीयर टेस्ट क्या है)
     
  • लैरिंगोस्कोपी:
    इस प्रक्रिया की मदद से डॉक्टर आपके गले के पिछले हिस्से और गले के ध्वनि यंत्र (वॉइस बॉक्स) की जांच कर पाते हैं। (और पढे़ं - एचएसजी टेस्ट)
     
  • एलर्जी टेस्ट:
    यदि आपको कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों या मुंह के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों (जैसे नकली दांत या डेंचर) आदि से एलर्जी है, तो डॉक्टर आपका एलर्जी टेस्ट कर सकते हैं। (और पढे़ं - एलर्जी टेस्ट क्या है)
     
  • इमेजिंग टेस्ट:
    स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं का पता लगाने के लिए डॉक्टर कुछ इमेजिंग स्कैन भी कर सकते हैं जैसे एमआरआई स्कैनसीटी स्कैन आदि। (और पढे़ं - ब्रोंकोस्कोपी टेस्ट)
     
  • थ्रोट कल्चर और बायोप्सी:
    इस प्रक्रिया में गले के पिछले हिस्से से द्रव या ऊतक का सेंपल निकाला जाता है, जिसकी मदद से फंगल, बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन की जांच की जाती है व अन्य प्रकार के रोगों का भी पता लगाया जा सकता है। 

(और पढ़ें - बायोप्सी क्या है)

गले में जलन का इलाज - Burning Throat Treatment in Hindi

गले में जलन का इलाज कैसे करें?

इन तरीकों से गले की जलन का इलाज किया जा सकता है:

  • गले में आराम करने वाली मीठी गोलियां (Throat lozenges):
    ये गोलियां मेडिकल स्टोर पर मिल जाती है, ये गले में जलन, दर्द व खराश जैसी समस्याओं को कम कर देती हैं और गले में ठंडक प्रदान करती हैं। (और पढ़ें - लेरिन्जाइटिस के लक्षण)
     
  • भोजन को ठंडा करके खाएं:
    अधिक गर्म भोजन खाने से गले में जलन और बढ़ जाती है। यदि आपके गले मे जलन संबंधी समस्या है, तो भोजन को पूरी तरह से ठंडा करके ही खाएं। गर्म भोजन को मुंह से फूंक मारकर भी ठंडा किया जा सकता है।
     
  • हाइड्रेट रहें:
    यदि आपको गले से संबंधित किसी प्रकार की समस्या है, तो पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। यदि आपके शरीर में पानी की कमी हो गई है, तो आपका गला सूखने लग जाता है जिस कारण से गले में जलन व गले संबंधी अन्य समस्याएं होने लग जाती हैं।
     
  • नमक वाले पानी के साथ गरारे करें:
    एक कप पानी को हल्का सा गर्म कर लें और उसमें चुटकी नमक की डाल कर अच्छे से मिला लें। इस नमक वाले पानी से गरारे करें जिससे गले में संक्रमण, सूजन व जलन आदि कम हो जाती है।

(और पढ़ें - गले में खुजली हो तो क्या करें)

दवाएं:

आपके पेट में एसिड की मात्रा को कम करने या उनके असर को कम करने के लिए डॉक्टर कुछ प्रकार की दवाएं लिख सकते हैं:

  • एंटासिड्स:
    पेट के अम्लों को बेअसर करने के लिए डॉक्टर कुछ प्रकार की एंटासिड्स दवाएं लिख सकते हैं।
     
  • एच2 ब्लॉकर दवाएं:
    इन दवाओं से आपका पेट कम मात्रा में अम्ल बनाने की कोशिश करता है।
     
  • प्रोटोन पंप इन्हीबिटर:
    ये दवाएं भी पेट में एसिड की मात्रा को कम कर देती हैं। ये दवाएं डॉक्टर द्वारा भी लिखी जा सकती है और बिना डॉक्टर की पर्ची के भी मेडिकल स्टोर पर मिल जाती हैं। 

(और पढ़ें - दवा की जानकारी)

डॉक्टर पेट को ठीक से साफ करने में मदद करने वाली दवाएं भी लिख सकते हैं और कुछ ऐसी दवाएं भी लिख सकते हैं जो भोजन नली और पेट के स्फिंक्टर को मजबूत बनाती हैं।

अन्य प्रकार की दवाएं:

  • एंटीबायोटिक:
    यदि आपके गले में संक्रमण हो गया है, तो उसका इलाज करने के लिए डॉक्टर आपके लिए एंटीबायोटिक दवाएं लिख देते हैं। (और पढ़ें - एंटीबायोटिक क्या है)
     
  • एंटी एलर्जी दवाएं:
    यदि आपके गले में जलन किसी प्रकार की एलर्जी के कारण हो रही है, तो डॉक्टर एलर्जी की रोकथाम करने वाली दवाएं लिख देते हैं। (और पढ़ें - एलर्जी होने पर क्या होता है)

ऑपरेशन:

कुछ स्थितियों में आपको ऑपरेशन करवाने की आवश्यकता भी पड़ सकती है, जैसे:

  • यदि अन्य किसी दवा से गले की जलन ठीक ना हो, तो डॉक्टर आपके गले का ऑपरेशन कर सकते हैं।
  • यदि भोजन नली और पेट के बीच के वाल्व (स्फिंक्टर) वाली मांसपेशी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो ऐसी स्थिति में सर्जरी करनी पड़ सकती है।
  • यदि आपको गले या भोजन नली में कैंसर हो तो भी ऑपरेशन करने की आवश्यकता पड़ती है। 

(और पढ़ें - गले में दर्द के घरेलू उपाय)

गले में जलन की जटिलताएं - Burning Throat Complications in Hindi

गले मे जलन से क्या समस्याएं होती है?

यदि एसिड रिफ्लक्स के कारण आपके गले में जलन हुई है, तो इससे गले में छाले, निगलने में कठिनाई और यहां तक कि गले में कैंसर भी हो सकता है।

यदि गले में जलन का कारण गले का इन्फेक्शन है, तो इन्फेक्शन आपके कान और साइनस आदि में भी फैल सकता है, कुछ मामलों में इन्फेक्शन आपके खून में फैल जाता है जिसे ब्लड इन्फेक्शन या सेप्सिस भी कहा जाता है, यह जीवन के लिए हानिकारक स्थिति होती है।

(और पढ़ें - खून साफ करने के घरेलू उपाय)

गले में जलन की दवा - Medicines for Burning Throat in Hindi

गले में जलन के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
PrdPrd 40 Mg/30 Mg Capsule Sr40
Pantodac DsrPantodac DSR Capsule166
P PpiP Ppi 40 Mg Injection43
PantocarPantocar 40 Mg Injection59
PantodacPantodac 20 Mg Tablet69
Pantop DPANTOP DSR TABLET 10S92
RantacRantac 150 Mg Tablet18
Pantocar DPANTOCAR D CAPSULE60
ZinetacZinetac 150 Mg Tablet17
PantocidPantocid 20 MG Tablet76
Pantocid DPANTOCID D SR CAPSULE 15S156
AcilocAciloc 150 Tablet17
PanPAN OD 40MG TABLET 10S0
PantopPantop 20 Mg Tablet44
Pan DPAN D CAPSULE 10S64
Pantocar LPantocar L 75 Mg/40 Mg Tablet128
Reden OReden O 2 Mg/150 Mg Tablet33
ProteraProtera 40 Mg Tablet75
ProtonilProtonil 20 Mg Injection46
Pantaset DPantaset D 40 Mg/10 Mg Tablet45
Pantospin DsrPantospin Dsr Capsule63
R T DomR T Dom 10 Mg/150 Mg/20 Mg Tablet7
ProtopanProtopan 20 Mg Tablet36
Pz 4Pz 4 40 Mg Tablet60
Pantavin DPantavin D 10 Mg/40 Mg Capsule46

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