अंडकोष में चोट - Testicular injury in Hindi

Dr. Rajalakshmi VK (AIIMS)MBBS

June 25, 2021

June 25, 2021

अंडकोष में चोट
अंडकोष में चोट
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अंडकोष में चोट क्या है?

अंडकोष पुरुषों व लड़कों के शरीर का एक अहम हिस्सा है, जो कि लिंग के ठीक नीचे होता है। यह त्वचा की थैली (अंडाशय) में होता है जिसमें दो वृषण (अंडकोष) होते हैं। चूंकि यह शरीर के केंद्र के आसपास वाला हिस्सा है, इसलिए यहां चोट का जोखिम भी हमेशा बना रहता है। शरीर के इस हिस्से में दुर्घटना होने की स्थिति को मेडिकल की भाषा में टेस्टिकुलर इंजरी या अंडकोष में चोट कहते हैं।

अंडकोष में चोट के लक्षण - Testicular injury symptoms in Hindi

ज्यादातर पुरुष और लड़के बहुत अच्छी तरह से जानते हैं, अंडकोष में चोट लगने पर तेज दर्द होता है, इंसान बेचैन हो उठता है। कभी-कभी ऐसे में पेट दर्द भी होता है। इसके अन्य लक्षणों में शामिल हैं :

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अंडकोष की चोट का कारण - Testicular injury causes in Hindi

अंडकोष में चोट की 85% वजहों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं :

  • मारपीट या लड़ाई
  • किसी खेल के दौरान बॉल लगना
  • कोई वाहन दुर्घटना

इसके अलावा कुछ अन्य दुर्घटनाएं भी अंडकोष में चोट का कारण बन सकती हैं। इनमें जानवरों के काटने, घाव और मशीन से होने वाली दुर्घटना भी शामिल हैं।

अंडकोष की चोट पेनेट्रेटिंग फोर्स (जैसे किसी खतरनाक हथियार से घाव लगना) या ब्लंट फोर्स (जैसे खेल या लड़ाई) के कारण हो सकती हैं। इन चोटों से अंडकोष का कुछ हिस्या या पूरे अंडकोष को नुकसान पहुंच सकता है। पेनेट्रेटिंग फोर्स में नुकीली चीज या गोली की वजह से अंडकोष में छेद होना शामिल है, ऐसे में मामूली खरोंच भी आ सकती है और अंडकोष की रक्त वाहिकाओं को बड़ी मात्रा में नुकसान भी हो सकता है। जबकि ब्लंट फोर्स में सीधा प्रहार होता है, जिससे अंडकोष के आवरण फट सकते हैं या उसकी रक्त वाहिकाओं को नुकसान होता है।

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अंडकोष में चोट का निदान - Diagnosing testicular injury in Hindi

अंडकोष में चोट लगने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। यदि चोट गंभीर है, तो ऐसे में अंडकोष पूरी तरह से खराब हो सकते हैं या अंडकोष में सिकुड़न आ सकती है। यह स्थिति प्रजनन क्षमता (बच्चे पैदा करने की क्षमता) को भी प्रभावित कर सकती है, लेकिन जटिलताओं से बचने से लिए डॉक्टर विजिट करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

तुरंत उपचार लेने से न सिर्फ रोगी को बेहतर महसूस होता है, बल्कि सामान्य गतिविधियों को करने में भी मदद मिलती है। निदान के लिए डॉक्टर सबसे पहले मेडिकल हिस्ट्री चेक कर सकते हैं, साथ ही वे अन्य जानकारियां भी ले सकते हैं :

  • चोट कब लगी
  • कैसी लगी
  • चोट के बाद कैसा महसूस हुआ
  • अभी कैसा महसूस कर रहे हैं
  • क्या पहले कभी लिंग, अंडकोष या वृषण से जुड़ी समस्या हुई है

कई लोग इस बारे में बात करने से हिचकिचा सकते हैं, उन्हें यह सुनिश्चत करने की जरूरत है कि डॉक्टर के सवालों का ईमानदारी से जवाब दिया जाए। चोट का पता लगाने के लिए वे अंडकोष व लिंग की जांच कर सकते हैं।

कुछ मामलों में, निम्नलिखित टेस्ट कराने का सुझाव दिया जा सकता है :

  • अल्ट्रासाउंड : डॉक्टर अंडकोष के सामने अल्ट्रासाउंड डिवाइस रखते हैं। इसमें दर्द रहित ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल होता है, ताकि स्क्रीन पर अंडकोष और अन्य ऊतकों की एक छवि तैयार हो सके।
  • एमआरआई : मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग के माध्यम से अंडकोष और अंडकोष के अंदर की संरचनाओं की विस्तृत छवियां तैयार होती हैं।
  • एक्प्लोरेटरी सर्जरी : इसमें अंडकोष के अंदर देखने के लिए चीरा (कट) लगाया जाता है, जिससे यह पता चल सकता है कि किस संरचना में चोट है और यदि आवश्यक हो, तो प्रक्रिया के दौरान ही इलाज कर दिया जाता है।

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अंडकोष में चोट का इलाज - Testicular injury Symptoms in Hindi

अंडकोष में चोट का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी गंभीर रूप से घायल हैं। हालांकि, गंभीर मामलों में सर्जन या अन्य विशेषज्ञ से उपचार की आवश्यकता होती है। इसके इलाज में शामिल हैं : 

मरोड़ के मामले में, डॉक्टर अंडकोष को पकड़कर उसे वापस उसके उचित स्थान पर लाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, आमतौर पर ऐसे मामले में सर्जरी की जाती है, भले ही अंडकोष को वापस उसकी जगह पर ला दिया जाए।

अन्य प्रकार की सर्जरी में अंडाशय को खोलकर उसमें मौजूद अंडकोष की पोजिशन सही की जाती है और फिर अंडाशय को सिल कर बंद कर दिया जाता है। कुछ मामलों में, सर्जन को प्रभावित हिस्से या पूरे अंडकोष को हटाने की आवश्यकता हो सकती है। यदि किसी दुर्घटना में आपका अंडकोष बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, तो सर्जन को इसे ठीक करने के लिए शरीर के दूसरे हिस्से से त्वचा निकालकर यहां लगानी पड़ सकती है।

एक बार चोट ठीक होने के बाद डॉक्टर अंडकोष का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कह सकते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई अन्य असामान्यताएं तो नहीं बची हैं।

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अंडकोष की चोट की रोकथाम - Preventing Testicular Injuries in Hindi

चूंकि यह शरीर के बाहर लटका हुआ होता है ऐसे में जीवनभर इसे चोट से बचाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन ये कदम आपकी मदद करेंगे :

  • जब आप खेल खेल रहे हों तो जॉकस्ट्रैप (एक तरह का सपोर्टर) पहनें। यदि आप कोई ऐसे खेल में संलग्न हैं, जिसमें अंडकोष पर बॉल लगने का जोखिम है तो आपको प्रोटेक्ट गार्ड पहनने की जरूरत है। सुनिश्चित करें कि गार्ड अच्छी तरह से फिट हो और आपके लिंग और अंडकोष अच्छे से कवर हों।
  • वाहन में बैठते समय सीट बेल्ट पहनें।
  • मोटरसाइकिल और साइकिल चलाते समय सावधानी बरतें।
  • मशीनरी का उपयोग करते समय सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें।

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अंडकोष में चोट के डॉक्टर

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