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जिम और फिटनेस सेंटरों में जिन मांसपेशियों को सबसे ज्यादा मजबूत बनाने की कोशिश रहती है, उन्हीं में से एक हैं कोर की मांसपेशियां। आम तौर पर लोगों का मानना होता है कि कोर मांसपेशियां शरीर के अग्र भाग के मध्य में स्थित होती हैं। हालांकि, यह पूरी तरह से सही नहीं है। कोर का मतलब होता है शरीर का केंद्र, लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मानव शरीर के केंद्र का मतलब सिर्फ वही नहीं जो हमें सामने से दिखाई देता है। शरीर की बनावट के हिसाब से कोर मांसपेशियां अग्र भाग के साथ साथ पीठ के हिस्से को भी संयोजित करती हैं।

जिम में कोर मांसपेशियों के लिए मुख्यत: क्रंचेज और लेग राइज जैसे व्यायाम किए जाते हैं। इन व्यायामों से आप सिक्स पैक एब्स और अपने पेट को बेहतर आकार तो जरूर दे सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इससे आपकी कोर मांसपेशियां भी मजबूत हो रही हैं।

पीठ का निचला हिस्सा भी शरीर के केंद्र में होता है। इस हिस्से में भी कोर मांसपेशियां होती हैं। ऐसे में कंपाउंड एक्सरसाइज सबसे प्रभावी व्यायाम हो सकता है, जिससे एक वक्त में ही शरीर की कई मांसपेशियों का व्यायाम हो जाता है। डेडलिफ्ट और स्क्वॉट्स ऐसे ही कंपाउंड एक्सरसाइज हैं, जिनसे पीठ के निचले हिस्से की कोर मांसपेशियों के साथ अन्य मांसपेशियों का भी व्यायाम किया जा सकता है।

कोर सहित पीठ के इस हिस्से की अन्य मांसपेशियों के लिए बैक एक्सटेंशन या हाइपर एक्स्टेंशन भी एक बेहतर व्यायाम माना जाता है। कोर की संपूर्ण मांसपेशियों के व्यायाम के लिए एब क्रंच और बैक एक्सटेंशन एक्सरसाइज को एक बेहतर समायोजन माना जा सकता है। इस लेख में हम आपको बैक एक्सटेंशन व्यायाम और उससे होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि इस व्यायाम को किस तरह से सही ढंग से करके अधिक से अधिक फायदा प्राप्त किया जा सकता है।

  1. बैक एक्सटेंशन एक्सरसाइज के लाभ - Back extension Exercise ke fayde
  2. बैक एक्सटेंशन एक्सरसाइज के लिए आवश्यक उपकरण - Back extension Exercise ke liye equipment
  3. बैक एक्सटेंशन एक्सरसाइज के प्रकार - Back extension Exercise ke types

पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों के लिए बैक एक्सटेंशन काफी फायदेमंद व्यायाम है। इस व्यायाम के निम्न लाभ हैं।

पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है : रीढ़ की हड्डी के लिए सबसे महत्वपूर्ण इरेक्टर स्पाइन मांसपेशियों को मजबूती देने में यह व्यायाम काफी फायदेमंद है। इसके साथ ही ग्लूट्स, कोर और एब्स की मांसपेशियों के विकास और मजबूती में भी यह सहायक है।

पीठ के निचले हिस्से में दर्द से राहत : जिन लोगों को हर्नियेटेड या स्लिप डिस्क के चलते पीठ के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत रहlr है, ऐसे लोगों को बैक एक्सटेंशन व्यायाम से काफी राहत मिलती है।

शारीरिक मुद्रा में सुधार आता है : विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि पीठ के दर्द का मुख्य कारण गलत ढंग से बैठना होता है।  बैक एक्सटेंशन व्यायाम से पीठ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है जो शरीरिक मुद्रा को सुधारने और बेहतर रखने में भी मदद करता है।

कार्यात्मक शक्ति को बढ़ाता है : बैक एक्सटेंशन व्यायाम से शरीर में कार्यात्मक शक्ति को बढ़ाने में भी मदद मिलती है। इस व्यायाम के जरिए पीठ के निचले हिस्से पर बिना कोई दबाव बनाए आप दैनिक कार्यों को आसानी से कर सकते हैं। इस व्यायाम से अन्य अभ्यासों में वजन उठाने के लिए पर्याप्त शक्ति का भी निर्माण होता है।

वैसे तो बैक एक्सटेंशन व्यायाम फर्श पर ही किया जाता है, लेकिन इसके रूपों में बदलाव कर विभिन्न मांसपेशियों को लक्षित करने के लिए आप कुछ उपकरणों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बैक एक्सटेंशन के लिए जिम और फिटनेस सेंटरों में हाइपरेक्स्टेंशन मशीन मौजूद होती है, जिसे रोमन चेयर के नाम से भी जाना जाता है।

जिम में बेंच पर लेटकर भी इस व्यायाम को किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए आपको किसी सहायक की आवश्यकता होती है जो पैरों को एक स्थान पर पकड़ कर रखे, जिससे वह व्यायाम के दौरान उठें नहीं। अधिकांश जिमों में मौजूद लार्ज स्विस बॉल की मदद से भी हाइपरएक्सटेंशन व्यायाम किया जा सकता है।

हाइपरएक्सटेंशन व्यायाम में कई विविधताएं हैं। इसे फर्श पर या रोमन चेयर की मदद से भी किया जा सकता है।

रोमन चेयर की मदद से बैक एक्सटेंशन

रोमन चेयर विशेष रूप से हाइपरएक्सटेंशन व्यायामों के लिए ही डिजाइन की गई है। इसे आप वजन के साथ या बिना वजन के भी कर सकते हैं।

कैसे करें व्यायाम

  • सबसे पहले मशीन पर जांघों को एक्सटेंशन पैड और एड़ी को फुट रेस्ट में सही से सेट करें।
  • अब मशीन पर बिल्​कुल सीधे खड़े हो जाएं। मशीन पर खड़े होने के दौरान आप स्वाभाविक रूप से आगे की ओर झुक जाएंगे।
  • घुटनों को थोड़ा मोड़कर, हाथों को अपनी छाती के पास रखें। अब पीठ को सीधा रखते हुए ऊपरी शरीर को नीचे की ओर झुकाएं।
  • अब धीरे-धीरे शरीर को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान किसी तरह की तेजी या झटके जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। पूरे अभ्यास के दौरान पीठ को एकदम सीधा रखें। यह एक रैप है।

टिप्स : अगर आप जिम के शुरुआती चरणों में हैं, तो 10 रैप के 3 सेट लगा सकते हैं। मांसपेशियों में अधिक तनाव बनाने के लिए अभ्यास करते समय अपनी छाती के करीब डम्बल या केटलबेल भी पकड़ सकते हैं। यही व्यायाम आप बेंच पर भी कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए किसी सहयोगी को आपके पैरों को पकड़कर स्थिर रखना होगा।

फर्श पर बैक एक्सटेंशन व्यायाम

फर्श के व्यायाम कई मामलों में बेहतर माने जाते हैं। पहले तो इन व्यायामों के लिए किसी उपकरण की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए इन्हें कहीं भी आसानी से किया जा सकता है। दूसरी ओर इनको नियमित प्रयोग में लाकर शरीर को लचीला बनाने के साथ मांसपेशियों में वृद्धि, शरीरिक संतुलन में सुधार करने और वजन कम करने में भी मदद मिलती है। कोबरा पोज, भुजंगासन, धनुरासन और सुपरमैन जैसे योगाभ्यास फर्श पर किए जाने वाले बैक एक्सटेंशन व्यायाम के उदाहरण हैं।

कैसे करें व्यायाम

  • फर्श पर पीठ के बल लेट जाएं। हाथों और पैरों को पूरी तरह से फैलाकर रखें।
  • अब अपने दाहिने हाथ और बाएं पैर को उठाएं और कुछ सेकंड के लिए इन्हें पकड़कर रखें।
  • अब पूर्ववत स्थिति में आएं और फिर बाएं हाथ और दाहिने पैर के साथ यही गतिविधि दोहराएं। यह एक रैप है।

टिप्स : सुपरमैन व्यायाम के रूप से प्रचलित यह व्यायाम शरीरिक संतुलन बढ़ाने के साथ पीठ के निचले हिस्से के दोनों ओर की मांसपेशियों के व्यायाम के लिए काफी बेहतर है।

निष्कर्ष

पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए डेडलिफ्ट्स, स्क्वाट्स और लंजेस बहुत फायदेमंद व्यायाम हैं, लेकिन ये व्यायाम सीधे तौर पर मांसपेशियों को लक्षित नहीं करते हैं। हाइपरेक्स्टेंशन व्यायाम भी बिल्कुल उसी तरह से काम करता है, ऐसे में इसे दैनिक व्यायाम में शामिल कर आप कई तरह से लाभ उठा सकते हैं।

पीठ के निचले हिस्से के दर्द की समस्या से पीड़ित लोगों के लिए बैक एक्सटेंशन काफी फायदेमंद व्यायाम है। इससे पीठ के निचले हिस्से के साथ-साथ कंधों को मजबूत बनाने और शरीर की मुद्रा को सही करने में भी मदद मिलती है। इस प्रक्रिया से कोर मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है, जिससे शरीर के संतुलन को सुधारने के साथ उन्हें स्थिरता प्रदान की जा सकती है।

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