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परिचय:

रीढ़ की हड्डी का दर्द आमतौर पर गर्दन (Cervical) पीठ के बीच के हिस्से (Thoracic) और पीठ के निचले हिस्से (Lumbar) में भी हो सकता है या फिर दर्द पूरी रीढ़ की हड्डी में भी महसूस हो सकता है। कुछ मामलों में रीढ़ की हड्डी का दर्द किसी प्रकार के रोग या रीढ़ की हड्डी से संबंधित विकार का संकेत भी दे सकता है।

रीढ़ की हड्डी का दर्द तीव्र और हल्का-हल्का महसूस होता है और यह लगातार महसूस होता रहता है या अचानक से महसूस हो सकता है। दर्द मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी वाली जगह में ही महसूस होता है, जैसे गर्दन या पीठ में दर्द महसूस होना। हालांकि रीढ़ की हड्डी का दर्द शरीर के दूसरे अंगों तक भी फैल सकता है, जैसे कंधे, बाजू, पीठ का निचला हिस्सा, कूल्हे, टांग और यहां तक की पैर भी। 

(और पढ़ें - गर्दन में दर्द का इलाज)

ज्यादातर मामलों में रीढ़ की हड्डी का दर्द कुछ घंटों से दिनों में धीरे-धीरे कम होने लग जाता है और ना ही कोई गंभीर समस्या पैदा करता। यदि रीढ़ की हड्डी का दर्द एक हफ्ते या उससे अधिक समय से लगातार हो रहा है या यदि दर्द के कारण आपके रोजाना की जीवनशैली पर प्रभाव पड़ रहा है, तो डॉक्टर को दिखाना बहुत जरूरी है। रीढ़ की हड्डी का जांच करने के लिए डॉक्टर एक्स रे या सीटी स्कैन आदि कर सकते हैं। 

रीढ़ की हड्डी के दर्द इलाज में दवाएं और ऑपरेशन करना आदि शामिल है। यदि रीढ़ की हड्डी में कोई गंभीर समस्या है या इलाज ठीक से काम नहीं कर पा रहा है, तो ऐसी स्थिति में आपको रीढ़ की हड्डी के विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास भेजा जा सकता है। 

(और पढें - रीढ़ की हड्डी में चोट के इलाज)

  1. रीढ़ की हड्डी का दर्द क्या है - What is Spinal Pain in Hindi
  2. रीढ़ की हड्डी में दर्द के लक्षण - Spinal Pain Symptoms in Hindi
  3. रीढ़ की हड्डी में दर्द के कारण और जोखिम कारक - Spinal Pain Causes & Risk Factors in Hindi
  4. रीढ़ की हड्डी में दर्द से बचाव - Prevention of Spinal Pain in Hindi
  5. रीढ़ की हड्डी में दर्द का परीक्षण - Diagnosis of Spinal Pain in Hindi
  6. रीढ़ की हड्डी में दर्द का इलाज - Spinal Pain Treatment in Hindi
  7. रीढ़ की हड्डी में दर्द की जटिलताएं - Spinal Pain Complications in Hindi
  8. रीढ़ की हड्डी में दर्द की दवा - Medicines for Spinal Pain in Hindi
  9. रीढ़ की हड्डी में दर्द के डॉक्टर

रीढ़ की हड्डी का दर्द क्या है - What is Spinal Pain in Hindi

रीढ़ की हड्डी का दर्द क्या है?

जब रीढ़ की हड्डी के जोड़ों, मांसपेशियों, डिस्क और नसों में कोई एक अपनी जगह पर फिट ना हो पाए या ठीक तरीके से हिल ना पाए, तो यह रीढ़ की हड्डी में दर्द होने का सबसे आम कारण होता है। रीढ़ की हड्डी का दर्द पीठ के निचले हिस्से से लेकर गर्दन तक कहीं भी महसूस हो सकता है। 

(और पढें - गर्दन में दर्द के घरेलू उपाय)

रीढ़ की हड्डी में दर्द के लक्षण - Spinal Pain Symptoms in Hindi

रीढ़ की हड्डी में दर्द के लक्षण - Spinal Pain Symptoms in Hindi

रीढ़ का हड्डी में दर्द के क्या लक्षण होते हैं?

रीढ़ की हड्डी में दर्द से जुड़े लक्षण निम्न हैं:

  • रीढ़ की हड्डी में दर्द और अकड़न के कारण शरीर की पॉजिशन असामान्य होना (और पढ़ें - जोड़ों में अकड़न का इलाज)
  • पीठ के निचले हिस्से में अकड़न होने के कारण ठीक से हिल-डुल ना पाना (और पढ़ें - कंधे की अकड़न का इलाज)
  • लगातार 10 से 14 दिनों तक दर्द रहना
  • मांसपेशियों व नसों के कुछ फंक्शन बंद हो जाना जैसे एड़ी या पंजे के बल ना चल पाना
  • मांसपेशियों में ऐंठन आना, जो किसी भी समय आ जाती है (आराम करने या शारीरिक गतिविधि करने के दौरान)

(और पढ़ें - मांसपेशियों में ऐंठन के लिए घरेलू उपचार)

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

कुछ स्थितियों में डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए, जैसे:

  • यदि रीढ़ की हड्डी में गंभीर दर्द हो रहा है और आराम करने से भी कम नहीं हो रहा (और पढ़ें - रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर का इलाज)
  • यदि इसके कारण एक या दोनो टांगों में कमजोरी, सुन्न होना या झुनझुनी महसूस हो रही हो (और पढ़ें - कमजोरी दूर करने के उपाय)
  • यदि रीढ़ की हड्डी का दर्द टांगों तक फैल गया है खासकर यदि यह घुटनों से भी नीचे तक महसूस होने लगा है
  • यदि रीढ़ की हड्डी में दर्द होने के साथ-साथ वजन भी कम हो रहा है, जिसका कारण पता नहीं है

रीढ़ की हड्डी में दर्द के कारण और जोखिम कारक - Spinal Pain Causes & Risk Factors in Hindi

रीढ़ की हड्डी में दर्द क्यों होता है?

यदि रीढ़ की हड्डी का दर्द अचानक से हुआ है और 6 हफ्तों से भी अधिक समय तक रहता है, तो इसका कारण गिरना या फिर कोई भारी वस्तु उठाना हो सकता है। इसे तीव्र दर्द (Acute pain) कहा जाता है। लगातार तीन महीनों या उससे अधिक समय तक रहने वाले रीढ़ की हड्डी के दर्द के मामले तीव्र दर्द के मुकाबले कम होते हैं। 

  • मांसपेशियों में खिंचाव: 
    सामान्य से अधिक शारीरिक गतिविधि के कारण रीढ़ की हड्डी के आस-पास पीठ की मांसपेशियों या लिगामेंट्स (हड्डियों को आपस में जोड़ने वाले ऊतक) में खिंचाव आ जाता है। (और पढें - मांसपेशियों में खिंचाव का कारण)
  • रीढ़ की हड्डी असामान्य रूप से मुड़ना: 
    यह विकार जन्म से ही होता है। जब मरीज शैशव या किशोरावस्था में होता है तब ही इस स्थिति का पता लगा लिया जाता है। यदि रीढ़ की हड्डी असाधारण रूप से मुड़ी हुई है, तो इससे मांसपेशियों, टेंडन, लिगामेंट्स और कशेरुकाओं पर दबाव पड़ता है। ऐसा होने पर रीढ़ की हड्डी में दर्द होने लगता है और शरीर की मुद्रा भी खराब हो जाती है। (और पढें - रीढ़ की हड्डी टूटने के लक्षण)
  • गठिया: 
    ओस्टियोआर्थराइटिस गठिया का एक रूप होता है, जो पीठ के निचले हिस्से को प्रभावित करता है। कुछ मामलों में रीढ़ की हड्डी में गठिया होने पर उसके आस-पास की जगह कम होने लग जाती है। (और पढें - गठिया के घरेलू उपाय)
  • ओस्टियोपोरोसिस: 
    इस रोग में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। यदि आपकी रीढ़ की हड्डी कमजोर हो गई है, दबाव पड़ने के कारण कशेरुकाएं टूट सकती हैं। (और पढें - ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज)
  • रीढ़ की हड्डी की डिस्क में चोट लगना: 
    रीढ़ की हड्डियों में स्थित डिस्क बहुत जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाती है और उम्र के साथ-साथ इनके क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ता रहता है। डिस्क के बाहरी हिस्से में छिद्र या दरार आ सकती है या उसमें हर्निया (हर्निएटेड डिस्क) भी हो सकता है। हर्निएटेड डिस्क को स्लिप डिस्क भी कहा जाता है, यह तब होता है जब डिस्क के आस-पास के कार्टिलेज (एक प्रकार के ऊतक) डिस्क को रीढ़ की हड्डी से बाहर की तरफ धकेलने लग जाता है। इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी में से निकल रही नसों पर दबाव पड़ने लग जाता है। कुछ भारी वस्तु उठाने या पीठ को मोड़ने से अचानक रीढ़ की हड्डी में दर्द होने लग सकता है। डिस्क क्षतिग्रस्त होने से पैदा होने वाला दर्द, पीठ में दर्द या अकड़न से अलग होता है और यह 72 घंटों से अधिक समय तक रह सकता है। (और पढें - स्लिप डिस्क के घरेलू उपाय)
  • स्पाइनल स्टेनोसिस (Spinal Stenosis):
    जब रीढ़ की हड्डी के बीच का मार्ग (जहां से नसें निकलती है) कम हो जाता है, जिस कारण से रीढ़ की हड्डी और उसके अंदर से निकलने वाली नसों में दबाव बढ़ जाता है। कशेरुकाओं (Vertebrae) में स्थित डिस्क कमजोर होना स्पाइनल स्टेनोसिस का सबसे आम कारण होता है। रीढ़ की हड्डी या उसकी नसों में दबाव बढ़ने की समस्या आमतौर पर हड्डी बढ़ने या डिस्क जैसे नरम ऊतकों के कारण होती है। (और पढें - सर्वाइकल दर्द का इलाज)

अन्य कारण - 

रीढ़ की हड्डी में दर्द होने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ स्थितियां हैं जिनमें रीढ़ की हड्डी में दर्द होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है:

  • व्यायाम ना करना या कम करना। यदि पेट और पीठ की मांसपेशियों का उपयोग ना करने से वे कमजोर हो जाती है, जिससे पीठ में दर्द होने लगता है।
  • धूम्रपान करने से रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में खून का बहाव कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है। 
  • सामान्य से अधिक वजन होना या मोटापा (और पढें - मोटापा कम करने के उपाय)
  • अधिक उम्र होना
  • शरीर सामान्य मुद्रा में ना होना
  • भारी वस्तुएं उठाना
  • अधिक देर पर कंप्यूटर पर झुक कर काम करना

रीढ़ की हड्डी में दर्द से बचाव - Prevention of Spinal Pain in Hindi

रीढ़ की हड्डी में दर्द से बचाव कैसे करें?

कुछ तरीकों को अपना कर रीढ़ की हड्डी में दर्द होने से बचाव किया जा सकता है:

  • यदि आपकी रीढ़ की हड्डी में लंबे समय से दर्द हो रहा है, तो अधिक नरम या अधिक सख्त गद्दों पर ना सोएं
  • अपनी शारीरिक मुद्रा का विशेष रूप से ध्यान रखें, कंप्यूटर आदि पर काम करने के दौरान डेस्क पर झुक कर रहने से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है। 
  • अपने पेट और पीठ दोनों मांसपेशियों को मजबूत बनाएं। ऐसा करने से रीढ़ की हड्डी को स्थिर किया जा सकता है। स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और भारी चीजें उठाने के सही तरीके को सीख कर भविष्य में होने वाली रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं का खतरा काफी कम किया जा सकता है। 
  • नियमित रूप से योग करके भी शरीर के लचीलेपन, मजबूती और संतुलन को बनाए रखा जा सकता है। योग की मदद से तनाव को भी कम किया जा सकता है, जो आपको दर्द से निपटने में मदद करता है। (और पढ़ें - तनाव दूर करने के घरेलू उपाय)
  • एेसी गतिविधियां करना जिनमें शरीर पर कम प्रभाव पड़ता है जैसे तैरना, चलना और साइकिल लाना आदि, जो रीढ़ की हड्डी को प्रभावित किए बिना शरीर को स्वस्थ और फिट रखता है। 
  • यदि आपको कोई भारी वस्तु उठाने की आवश्यकता है, तो उसके सही तरीके से उठाएं। वजन उठाने के लिए अपना सिर ऊपर की ओर रखें, कमर को सीधी रखें और घुटनों के बल जोर लगाएं। वस्तु को उठाने के बाद शरीर के पास ही रखें और उठाने के बाद झुकें नहीं। अपने पेट की मांसपेशियों को खींच कर रखें ऐसा करने से पीठ संतुलन में रहती है। यदि वस्तु बहुत अधिक भारी है या उसका आकार ठीक से पकड़ने योग्य नहीं है, तो उसे उठाने के लिए किसी की मदद लें। (और पढ़ें - घुटनों में दर्द के लक्षण)
  • धूम्रपान ना करें क्योंकि धूम्रपान करने से एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) के जोखिम बढ़ जाते हैं, जिसमें धमनियां कठोर हो जाती हैं। एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में दर्द होने लगता है और रीढ़ की डिस्क कमजोर होने लग जाती हैं। (और पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के घरेलू उपाय)
  • खड़े होने और बैठने के दौरान शरीर की मुद्रा को सही रखें। 
  • शरीर का स्वस्थ वजन बनाए रखना, शरीर का सामान्य से अधिक वजन खासकर पेट या पीठ के आस पास अधिक वजन होने से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है। 
  • तनावपूर्ण स्थितियों से बचें, शारीरिक या मानसिक तनाव से मांसपेशियों मे तनाव बढ़ जाता है जिससे रीढ़ की हड्डी में दर्द होने लगता है। (और पढें - तनाव के लिए योग)

रीढ़ की हड्डी में दर्द का परीक्षण - Diagnosis of Spinal Pain in Hindi

रीढ़ की हड्डी में दर्द का परीक्षण - Diagnosis of Spinal Pain in Hindi

रीढ़ की हड्डी के दर्द का परीक्षण कैसे किया जाता है?

परीक्षण के दौरान डॉक्टर आप से आपके लक्षणों के बारे में पूछ सकते हैं। इस दौरान डॉक्टर रीढ़ की हड्डी के आस-पास की मांसपेशियों को छू कर टेंडरनेस (छूने पर दर्द होना) की जांच करते हैं और आपका शारीरिक परीक्षण करते हैं। शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टर कुछ प्रकार के टेस्ट भी कर सकते हैं, जैसे:

  • स्पाइन्स रेंज ऑफ मोशन, इस टेस्ट की मदद से यह पता लगाया जाता है कि रीढ़ की हड्डी कितने अच्छे से हिल-डुल पा रही है।
  • रीढ़ की हड्डी की स्वभाविक क्रिया
  • टांगों में सनसनी का पता लगाने की क्षमता
  • चलने या खड़े रहने की क्षमता
  • टांगों की मजबूती​

यदि लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर निम्न टेस्ट कर सकते हैं:

  • अंदरुनी समस्याओं का पता लगाने के लिए खून टेस्ट और पेशाब टेस्ट
  • इएसआर (ESR) और सीआरपी (CRP) टेस्ट 
  • हड्डियों के ऊतकों में किसी प्रकार की खराबी का पता लगाने के लिए  हड्डियों को स्कैन करना (और पढ़ें - बोन डेंसिटी टेस्ट क्या है)
  • नर्व कंडक्शन (तंत्रिका चालन) की जांच करने के लिए इलेक्ट्रोमायोग्राफी (EMG) करना। इस टेस्ट की मदद से उस जगह का पता लगाया जाता है, जहां से नस दबी हुई है व अन्य नसों संबंधी समस्याओं का पता लगाया जाता है। 
  • रीढ़ की हड्डी से संबंधित कई स्थितियों का पता लगाने के लिए एक्स रे किया जाता है, जैसे रीढ़ की हड्डी का दर्द, ट्यूमर, इन्फेक्शन, फ्रैक्चर और रीढ़ की हड्डी मुड़ना आदि। (और पढ़ें - रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर का कारण)
  • परीक्षण के दौरान सीटी स्कैन (CT scan) या एमआरआई स्कैन (MRI scan) भी किया जा सकता है, जिसकी मदद से रीढ़ की हड्डी की डिस्क, लिगामेंट्स, नसें, मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं की जांच की जाती है। एमआरआई स्कैन की मदद से मेरुदंड (Spinal cord), नसों और रीढ़ की हड्डी के आस-पास के क्षेत्र को देखा जाता है और उनमें ट्यूमर, आकार बढ़ना व अन्य खराबी का पता लगाया जा सकता है।

(और पढ़ें - ट्यूमर का इलाज)

रीढ़ की हड्डी में दर्द का इलाज - Spinal Pain Treatment in Hindi

रीढ़ की हड्डी के दर्द का इलाज कैसे करें?

दर्द कितने समय से हो रहा है और वह कितना गंभीर है इन स्थितियों के आधार पर उसका इलाज किया जाता है। 

गर्म और ठंडी सिकाई करने से रीढ़ की हड्डी के दर्द कम होने लगता है और लोगों को चलने फिरने में भी काफी मदद मिलती है। 

(और पढ़ें - सिकाई के फायदे)

यदि आपकी रीढ़ की हड्डी में दर्द है, तो बहुत अधिक बेड रेस्ट भी नहीं करना चाहिए। मरीज को स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करना शुरू कर देना चाहिए और जितना जल्दी हो सके दिन के सामान्य कार्य कर लेने चाहिए। हालांकि इस दौरान कोई ऐसी गतिविधि नहीं करनी चाहिए, जिससे रीढ़ की हड्डी पर प्रभाव पड़ता हो। 

दवाएं

रीढ़ की हड्डी में दर्द के सभी प्रकारों का इलाज करने के लिए कई प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इन दवाओं में मुख्य रूप से पेन किलर (दर्दनिवारक) और मसल रिलेक्सेंट्स (मांसपेशियों को शांत करने वाली) दवाएं शामिल हैं। 

दर्द को नियंत्रित करने के लिए पीठ या दर्द के विशेषज्ञ डॉक्टर स्टेरॉयड या किसी अन्य दवा को इंजेक्शन की मदद से सीधे रीढ़ की हड्डी में लगा देते हैं। 

ट्रांसक्युटेनस इलेक्ट्रिकल नर्व स्टीमुलेशन (Transcutaneous electrical nerve stimulation) को टेन्स (TENS) भी कहा जाता है। यह एक एेसी प्रक्रिया है जिसकी मदद से दर्द के सिग्नल को बंद किया जाता है और एडोर्फिन (Endorphins) बनाने के लिए शरीर को उत्तेजित किया जाता है। यह बैटरी से चलने वाला एक छोटा उपकरण होता है, जो इलेक्ट्रोड्स की मदद से शरीर को सिग्नल भेजता है और जिससे आपको झुनझुनी महसूस होती है। इलेक्ट्रोड्स छोटे-छोटे इलेक्ट्रिकल पैच होते हैं, जिनको शरीर पर चिपकाया जाता है। कई मेडिकल प्रक्रियाओं में इनका इस्तेमाल किया जाता है। 

(और पढ़ें - नसों में दर्द के लक्षण)

कुछ गंभीर मामलों में ऑपरेशन करवाने की आवश्यकता भी पड़ सकती है। जब कोई भी उपचार काम ना कर पाए या रोगी पेशाब और मल पर नियंत्रण ना कर पाए तो यह एक इमर्जेंसी स्थिति बन जाती है। ऑपरेशन की मदद से ऐसी स्थिति में सुधार किया जाता है। 

(और पढ़ें - मूत्र असंयमिता का इलाज)

रीढ़ की हड्डी में दर्द की जटिलताएं - Spinal Pain Complications in Hindi

रीढ़ की हड्डी में दर्द की जटिलताएं - Spinal Pain Complications in Hindi

रीढ़ की हड्डी के दर्द से क्या समस्याएं होती हैं?

रीढ़ की हड्डी में दर्द होने से शारीरिक और मानसिक दोनो जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे:

Dr. Vivek Dahiya

Dr. Vivek Dahiya

ओर्थोपेडिक्स

Dr. Vipin Chand Tyagi

Dr. Vipin Chand Tyagi

ओर्थोपेडिक्स

Dr. Vineesh Mathur

Dr. Vineesh Mathur

ओर्थोपेडिक्स

रीढ़ की हड्डी में दर्द की दवा - Medicines for Spinal Pain in Hindi

रीढ़ की हड्डी में दर्द के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
BrufenBrufen 200 Tablet4
CombiflamCOMBIFLAM 60ML SYRUP24
Ibugesic PlusIbugesic Plus Oral Suspension Strawberry27
TizapamTizapam 400 Mg/2 Mg Tablet42
Espra XnESPRA XN 500MG TABLET 10S104
LumbrilLumbril Tablet16
TizafenTizafen 400 Mg/2 Mg Capsule53
EndacheEndache Gel47
FenlongFenlong 400 Mg Capsule21
Ibuf PIbuf P Tablet11
IbugesicIbugesic 100 Mg Suspension16
IbuvonIbuvon 100 Mg Suspension8
Ibuvon (Wockhardt)Ibuvon Syrup9
IcparilIcparil 400 Mg Tablet23
MaxofenMaxofen Tablet5
TricoffTricoff Syrup48
AcefenAcefen 100 Mg/125 Mg Tablet23
Adol TabletAdol 200 Mg Tablet33
BruriffBruriff 400 Mg Tablet4
EmflamEmflam 400 Mg Injection5
Fenlong (Skn)Fenlong 200 Mg Tablet16
FlamarFlamar 400 Mg Tablet25
IbrumacIbrumac 200 Mg Tablet3

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