myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

हमारे कंधे के आसपास कई मांसपेशियां, रंध्र, तंत्रिकाएं, स्नायुबंधन और  रक्त वाहिकाएं होती हैं जो इसे लचीलापन और सहारा प्रदान करती हैं पर इसके साथ साथ ये इसे चोट के प्रति अतिसंवेदनशील भी बना देती हैं। प्रतिदिन नियमित रूप से कंधे का अभ्यास करने से विशेष रूप से ऊपरी शरीर से जुड़े ज़ोरदार अभ्यास से पहले और बाद में मांसपेशियों में तनाव और अन्य चोटों के जोखिम को समाप्त करने में मदद मिलती है।


मांसपेशियों में दर्द और तनाव को काम करने के लिए कंधे के कुछ व्यायाम बहुत असरदार हैं जिनके बारे में हम आपको बताएँगे। यदि आपके कंधे में कभी कभी वर्कआउट करने से अधिक चोट या दर्द महसूस हो तो कोई भी नया अभ्यास शुरू करने से पहले हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें। तो चलिए जानते हैं कन्धों के कुछ एक्सरसाइज के बारे में जो आपके कन्धों के दर्द और तनाव को दूर करेंगे, साथ ही कंधो के लचीलेपन को बढ़ाएंगे। (और पढ़ें – मांसपेशियों में दर्द के कारण)

  1. कंधे का कसरत है स्टैंडिंग शोल्डर स्ट्रेच - Standing shoulder press for flexible muscles in hindi
  2. कंधे के लचीलेपन के लिए करें एंटीरियर शोल्डर स्ट्रेच - Anterior shoulder flexibility stretch in hindi
  3. कंधे के लिए व्यायाम है काऊ फेस पोज़ - Muscles stretched in cow face pose in hindi
  4. मांसपेशियों के दर्द राहत देता है स्टैंडिंग वॉल स्ट्रेच - Standing shoulder wall stretch to flex muscles in hindi

स्टैंडिंग शोल्डर स्ट्रेच - इसके लिए सब से पहले आप खड़े या बैठ जाएं और अपना दाहिना हाथ अपनी छाती के सामने लाएं। अब दाहिने हाथ को अपने बाएं हाथ की कोहनी पर रखें और अपने कंधे को आराम दें। अपनी कोहनी को सीधे रखें और इससे दुसरे हाथ को बंद न करें। इस स्थिति में आप 30 सेकंड तक रहें। अब आप इसे दुबारा बाईं ओर से करें। इस मुद्रा में ज़रुरत से ज़्यादा स्ट्रेच नहीं करें। (और पढ़ें – अगर रखना है पीठ को सीधा तो जरूर अपनाए ये आठ टिप्स)

 

एंटीरियर शोल्डर स्ट्रेच - इसके लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। अब आप अपने हाथ को कमर के निचले हिस्से के पीछे रखें। अब आप हथेली के साथ अपने हाथों को अपने शरीर से दूर रखते हुए अपनी कोहनी को सीधा करें। यदि आपको यह करना कठिन लग रहा हो तो आप एक रोल किया हुआ तौलिया भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अपनी पीठ को सीधी रखते हुए अपने आर्म्स को जितना आप दूर स्ट्रेच कर सकते हैं, उतना करें। (और पढ़ें – मोटापे के कारण, लक्षण और सेहत पर असर

काऊ फेस पोज़ के लिए सबसे पहले अपने दाहिने हाथ को ऊपर के तरफ सीधा करें। अब अपने हाथ की कोहनी को मोड़ते हुए सिर के पीछे ले जाएँ। अब अपने बाएं हाथ को पीछे की तरफ ले जाएँ और बांह को मोड़ेंते हुए बाएं हाथ को दाएं कंधे के करीब ले जाए। अब बाएं हाथ से दाएं हाथ की अँगुलियों को पकड़े। अब यह प्रक्रिया बाएं हाथ से दाहिने हाथ करें। यदि आप दोनों हाथों की अँगुलियों को नहीं पकड़ पा रहे हैं तो एक तौलिया की मदद से धीरे-धीरे विपरीत दिशाओं में खींचकर तनाव बाए। (और पढ़ें – जानें बढ़ती उम्र के कारण होने वाली मांसपेशियों की क्षति को रोकने के आसान उपाय)

स्टैंडिंग वॉल स्ट्रेच के लिए दोनों हाथों को एक दीवार पर रखें ताकि आप शरीर में 90 डिग्री कोण बना सकें। अपने पैरों को पीछे करें ताकि आपके बाजू हाथ सीधे और नमन रहे और कूल्हों पर आगे झुके। (कंधे के चोट से बचने के लिए दीवार पर धक्का मत मारे और अपनी बाहों को दीवार से बहुत अधिक ऊपर नहीं उठाएं।) कंधे के ब्लेड को वापस सेट करें और गर्दन के चारों ओर कंधों को स्कृन्चिंग से बचाएं। किसी भी अन्य प्रकार के स्ट्रेच की तरह कंधे के स्ट्रेच के लिए भी सावधानियां बरतनी जरूरी है - अपनी मांसपेशियों को ढीला और लचीला बनाने के लिए एक्सरसाइज करने से पहले पर्याप्त रूप से वार्म उप करें ताकि एक्सरसाइज से अधिकताम लाभ प्राप्त हो। एक्सरसाइज हमेशा धीमी होना चाहिए। स्ट्रेचिंग हलकी होनी चाहिए, बहुत ज़्यादा नहीं। एक्सरसाइज करते समय अपनी सांस नहीं रोकें क्योंकि इससे मांसपेशियों में अधिक तनाव पैदा हो सकता है नाक के माध्यम से गहरी साँस लेने से रक्त का परिसंचरण बढ़ता है और मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड का निर्माण कम हो जाता है यदि आप किसी प्रकार की चोट से पीड़ित हैं या कंधे के दर्द का सामना कर रहे हैं तो कृपया किसी भी नियमित रूटीन को शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें। (और पढ़ें – वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में दर्द से राहत के लिए सबसे बढ़िया आहार)

और पढ़ें ...