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शायद ही कोई ऐसा हो जिसे चाॅकलेट खाना पसंद न हो। बच्चे, बड़े, युवा सब चाॅकलेट को खूब एंजाॅय करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चाॅकलेट का आपके स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है? जी, हां। हाल ही में चाॅकलेट पर हुए एक अध्ययन से पता चला है कि चाॅकलेट का आपके दिमाग से गहरा संबंध है। यह दिमाग के फंक्शन को प्रभावित करती है। दरअसल इसमें कोको मौजूद होता है जो प्राकृतिक न्यूरोप्रोटेक्टिव कंपाउंड का अच्छा स्रोत है। इसके अलावा इटली के शोधकर्ताओं ने एक शोध में पाया कि चाॅकलेट खाने से दिमाग बढ़ता है और मस्तिष्क को अन्य लाभ भी मिलते हैं। जानिए इनके बारे में।

शोध क्या कहते हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित चाॅकलेट के सेवन से आपका दिमाग तेज, सतर्क, खुश रहता है और मस्तिष्क के प्रदर्शन को भी बेहतर करता है। इसके साथ ही चाॅकलेट खाने से स्वास्थ्य को कई तरह के फायदे होते हैं जैसे कि बढ़ती उम्र कम करना, एंटी-इनफ्लेमेटेरी गुण मौजूद होना। हैरानी की बात है कि चाॅकलेट पर रिसर्च से हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। चाॅकलेट मूड बदलने में, हृदय रोग, रक्त वाहिकाओं और कार्डियोवास्कुलर सिस्टम के लिए उपयोगी है।  साथ ही इससे मन-मस्तिष्क शांत रहता है। यह प्रीडायबिटीक मरीजों के लिए भी बेहतर है। लेकिन इसका सेवन सही मात्रा में करना जरूरी है।

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मस्तिष्क पर असर

अगर आप चाॅकलेट खाते हैं तो इससे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली बेहतर होती है। एक अध्ययन से यह पुष्टि हुई है कि इसमें हाई-फ्लेवेनोल कोको होता है। अगर आप नियमित पांच दिन हाई-फ्लेवेनोल का सेवन करते हैं तो इससे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बेहतर होता है। इसी तरह कोको भी मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर करता है। इस तरह देखा जाए तो उम्रदराज लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। इसके सेवन से बुजुर्ग लोग अपने दिमाग को तंदरूस्त रख सकते हैं। यही नहीं कई तरह के रोगों के जोखिम को भी कम करने में यह मददगार है। दरअसल कोको में कैफीन होता है जो कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को तुरंत प्रभावित करने में उपयोगी हैं।

विशेषज्ञों का दावा है कि रोजाना चाॅकलेट खाने से चिंता और अवसाद के लक्षणों से भी उबरने में मदद मिलती है। इसके लिए चाॅकलेट में मौजूद फ्लेवेनोल्स और मिथाइलज़ैंथींस जिम्मेदार है। चाॅकलेट के प्रभाव पर आठ अध्ययन किए गए उनमे से पांच अध्ययन इस विश्लेषण पर पहुंचे कि चाॅकलेट मूड को प्रभावित करती है। एक अध्ययन तो यह भी कहता है कि चाॅकलेट ड्रिंक में काफी ज्यादा मात्रा में पोलिफेनल्स होते हैं। जो लोग बिना पोलिफेनल्स वाली चाॅकलेट ड्रिंक पीते हैं, उनके मूड में किसी तरह के बदलाव नहीं होते। जबकि पोलिफेनल्स वाले चाॅकलेट पेय मूड के लिए अच्छे होते हैं।

कुल मिलाकर कहने की बात यह है कि चाॅकलेट सबको खानी चाहिए। यह आपके दिमाग और मूड पर भी गहरा असर डालती है। मतलब यह हुआ कि अगर शार्प माइंड चाहिए तो चाॅकलेट जरूर खाइए। आपको बताते चलें कि डायबिटीज के मरीज भी चाॅकलेट का सेवन कर सकते हैं लेकिन कम मात्रा में। इसकी वजह है कि चाॅकलेट अन्य किसी भी मीठे पदार्थ की तुलना में कम मीठी होती है।

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