अगर आप कभी अपने लिंग के साइज को लेकर परेशान हुए हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि उनका लिंग बड़ा होना चाहिए, जबकि असल में उनका लिंग नॉर्मल साइज का होता है। रिसर्च में यह पाया गया है कि ज़्यादातर लोग अपने पार्टनर के लिंग के साइज से खुश रहते हैं। अगर आपको भी ऐसी ही टेंशन है, तो समझ लीजिए कि आपका लिंग औसत साइज का हो सकता है। और अगर ऐसा न भी हो, तो भी इसका मतलब ये नहीं कि आपकी मर्दानगी कम है या आप अपने पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाएंगे।
पोर्न इंडस्ट्री ने भी लोगों की सोच को काफी बदल दिया है। पोर्न फिल्मों में दिखाए जाने वाले पुरुष कलाकारों का लिंग अक्सर बड़ा होता है, जो असलियत से मेल नहीं खाता है। इसलिए इस आधार पर अपनी तुलना करना सही नहीं है। एक स्टडी में ये सामने आया है कि जो लोग पोर्न ज़्यादा देखते हैं, वे अपने लिंग के साइज से ज़्यादा नाखुश रहते हैं, इसके बजाय जो लोग पोर्न नहीं देखते वह इतना नहीं सोचते हैं। असल में लिंग कई साइज और शेप के होते हैं।
(और पढ़ें - लिंग का साइज कितना होता है)
- नॉर्मल पेनिस साइज़
- लिंग का आकार मायने रखता है? - ling ka size kaise check kare
- लिंग का आकार किन कारणों पर निर्भर करता है?
- लिंग का साइज कैसे मापें
- क्या आप अपने लिंग का आकार बढ़ा सकते हैं?
- आत्मविश्वास बढ़ाने के तरीके
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सारांश
नॉर्मल पेनिस साइज़
लिंग का साइज आमतौर पर 9 से 14 साल की उम्र के बीच शुरू होता है और अगले 5 साल तक चलता है। इसका मतलब है कि जब आप 20 साल की शुरुआती उम्र तक पहुँचते हैं, तब तक आपका लिंग अपने पूरे साइज तक बढ़ चुका होता है। अगर आप सोच रहे हैं कि इस उम्र में लिंग का औसत साइज कितना होता है, तो इसका जवाब आपको हैरान कर सकता है। ज़्यादातर पुरुष मानते हैं कि खड़े होने पर लिंग का औसत साइज 6 इंच या उससे ज़्यादा होता है। ये सोच ज़्यादातर उन स्टडीज़ से फैली है जिनमें लोगों ने खुद अपने साइज बताए थे। क्योंकि लोग अक्सर अपने लिंग के साइज से अपनी सेक्स अपील को जोड़ते हैं, इसलिए कई बार वे ऐसा जवाब देते हैं जो उन्हें लगता है कि दूसरों को ज़्यादा अच्छा लगेगा। इससे आँकड़े सही नहीं निकलते है।
(और पढ़ें - बढ़ती उम्र के साथ पेनिस में बदलाव)
लेकिन, पिछले कुछ सालों में कुछ स्टडीज़ हुई हैं जिनमें डॉक्टरों ने सही तरीके से लिंग का साइज मापा। उनमें से एक स्टडी के हिसाब से, अलग-अलग हालत में लिंग का औसत साइज इस तरह है:
- ढीले लिंग की लंबाई: 3.61 इंच
- ढीले खिंचे हुए लिंग की लंबाई: 5.21 इंच
- खड़े लिंग की लंबाई: 5.17 इंच
- ढीले लिंग की मोटाई: 3.67 इंच
- खड़े लिंग की मोटाई: 4.59 इंच
ये जानना ज़रूरी है कि ढीले लिंग का साइज ये नहीं बताता कि खड़े होने पर वो कितना बड़ा होगा। कई बार छोटे ढीले लिंग, खड़े होने पर बड़े लिंगों से भी ज़्यादा लंबे हो जाते हैं, लेकिन इसमें काफी फर्क भी हो सकता है।
माइक्रोपेनिस क्या है?
माइक्रोपेनिस भी बाकी लिंगों की तरह ही काम करता है, लेकिन इसका साइज छोटा होता है। हल्का खींचने पर ये 3.67 इंच से भी कम लंबा होता है। माना जाता है कि दुनिया में सिर्फ 0.6% लोगों में माइक्रोपेनिस होता है। और हार्मोन या जेनेटिक कारणों से लिंग बड़ा नहीं हो पाता है। ये आमतौर पर गर्भावस्था के समय होता है जब भ्रूण को सही मात्रा में टेस्टोस्टेरोन नहीं मिलता है।
(और पढ़ें - लिंग को बड़ा करने के लिए सर्जरी )
लिंग का आकार मायने रखता है? - ling ka size kaise check kare
जब बात सेक्स की आती है, तो लिंग का आकार सच में मायने नहीं रखता। यह न तो आकर्षण पर असर डालता है, न ही काम करने की कैपेसिटी पर और न ही सेहत पर।
सेक्स करने, पेशाब करने या बच्चे पैदा करने के लिए लिंग का बड़ा होना ज़रूरी नहीं है। साइज उतना ही मायने रखता है, जितना आप उसे सोचते हैं।
लिंग वाले और योनि वाली दोनों तरह के लोग अपने प्राइवेट पार्ट्स के रूप को लेकर असंतुष्ट महसूस करते हैं।
औसत से छोटे लिंग को लेकर चिंता करना आपके आत्मविश्वास को कम कर सकता है और सेक्स का मज़ा लेने की क्षमता पर असर डाल सकता है। इसके अलावा, तनाव और चिंता, इरेक्शन या चरम सुख पाने को और मुश्किल बना सकते हैं।
मानसिक कारण, जैसे तनाव, इरेक्टाइल डिसफंक्शन की आम वजह होते हैं।
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लिंग का आकार किन कारणों पर निर्भर करता है?
जैसे आँखों और त्वचा का रंग हमारे परिवार से मिलता है, वैसे ही लिंग का आकार भी ज़्यादातर पैदाइशी कारणों से तय होता है। रिसर्च में यह भी पाया गया है कि लिंग के ढीले आकार का एक बड़ा इंडिकेटर आपकी लंबाई यानी हाइट होती है। और हाइट भी आपके जेनेटिक्स यानी पैदाइश से ही प्रभावित होती है।
इन बड़े कारणों के अलावा कुछ और छोटे कारण भी लिंग के आकार को प्रभावित कर सकते हैं:
हार्मोन – अगर गर्भावस्था के समय माँ के हार्मोन सही मात्रा में न बनें तो बच्चे के लिंग के विकास पर असर पड़ सकता है। जैसे अगर गर्भवती महिला पर्याप्त मात्रा में एचसीजी (ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन) हार्मोन न बनाए, तो भ्रूण में टेस्टोस्टेरोन सही से बनता नहीं है। इससे लिंग का आकार असामान्य हो सकता है। कुछ स्थितियाँ ऐसी भी होती हैं जिनमें भ्रूण टेस्टोस्टेरोन पर सही से रिएक्शन नहीं कर पाता, या फिर दिमाग टेस्टोस्टेरोन बनाने के लिए ज़रूरी हार्मोन ही नहीं बना पाता।
पोषण – गर्भावस्था के समय माँ को सही नुएट्रिशन न मिलने से बच्चे का लिंग पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता है। इसी तरह, अगर किशोरावस्था में बच्चों को पर्याप्त नुएट्रिशन न मिले तो उनका प्यूबर्टी देर से आ सकता है और इसका असर टेस्टिकल्स और लिंग के आकार पर पड़ सकता है।
पर्यावरणीय रसायन – कई तरह के रसायन जैसे उर्वरक, कीटनाशक, प्लास्टिक से जुड़े केमिकल आदि भ्रूण में लिंग के बढ़ने को प्रभावित कर सकते हैं। ये शरीर के हार्मोन सिस्टम को गड़बड़ कर देते हैं, जो टेस्टिस को सही तरह से काम करने में मदद करता है।
लिंग की लंबाई को लेकर कई तरह की ग़लतफहमियाँ भी फैली हुई हैं। जैसे कुछ लोग मानते हैं कि पैरों का आकार या हस्तमैथुन की आदतें लिंग के आकार को प्रभावित करती हैं। लेकिन अब तक के शोध में इसका कोई सबूत नहीं मिला है। इसके अलावा, लिंग का आकार रेस या सेक्शुअल ओरिएंटेशन से जुड़ा है, इसके भी बहुत कम सबूत हैं।
लिंग का साइज कैसे मापें
अपने लिंग का आकार सही तरीके से मापना ज़रूरी है ताकि आप सही कंडोम खरीद सकें। इसलिए लिंग का आकार मापने के लिए, आपको सिर्फ लिंग की नोक से हड्डी तक की लंबाई ही नहीं बल्कि उसकी मोटाई, जहाँ यह सबसे ज्यादा चौड़ा होता है वह भी देखनी चाहिए।
माप शुरू करने से पहले आपका लिंग खड़ा होना चाहिए और आपके पास मापने वाला फीता, रूलर या धागा होना चाहिए।
लंबाई मापने का तरीका:
- मापने वाले फीते या रूलर को जांघ की हड्डी तक इस तरह दबाएँ कि वह बिलकुल आधार पर लगे, जहाँ लिंग शरीर से जुड़ता है। जिन लोगों के पेट पर चर्बी है, उनके लिए यह और ज़्यादा ज़रूरी है।
- अब अपने खड़े लिंग को नीचे से ऊपर तक, बिलकुल सिरे तक मापें।
मोटाई मापने का तरीका:
- एक ऐसा धागा लें जो खिंचे नहीं या फिर मुलायम फीता लें। खिंचने वाला धागा सही नाप नहीं देगा।
- धीरे से धागे या फीते को लिंग के सबसे मोटे हिस्से के चारों ओर एक बार लपेटें।
- जहाँ धागे या फीते के सिरे मिलते हैं, उसे नोट करें। अगर फीता है तो सीधा देख सकते हैं, और अगर धागा है तो उस जगह पर निशान लगा लें।
- अब धागे को सीधा करके रूलर से नाप लें कि सिरे से निशान तक कितनी लंबाई है।
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क्या आप अपने लिंग का आकार बढ़ा सकते हैं?
आप कर सकते हैं, लेकिन ज़्यादातर तरीके केवल थोड़े समय के लिए और बहुत ही हल्का साइज बढ़ाते हैं। ऑनलाइन मिलने वाले चमत्कारी तरीकों से सावधान रहें, जैसे गोलियां और तेल, क्योंकि ये आपके लिंग और आपकी जेब दोनों को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
नीचे कुछ ज्यादातर इस्तेमाल किए जाने वाले लिंग बढ़ाने के तरीक़े दिए गए हैं:
पेनिस पंप: पेनिस पंप ऐसे उपकरण होते हैं जो खिंचाव की मदद से लिंग में खून भरते हैं, जिससे लिंग की नसें फूल जाती हैं और वह थोड़े समय के लिए बड़ा और सख़्त दिखता है। कॉक रिंग लगाने से खून ज़्यादा देर तक लिंग में बना रह सकता है। अगर इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो आमतौर पर सुरक्षित माने जाते हैं।
ट्रैक्शन डिवाइस: पेनाइल ट्रैक्शन डिवाइस ज़्यादातर लिंग की टेढ़ापन और शेप सुधारने में काम आते हैं, लेकिन ये भी हल्की और थोड़ी देर साइज में फर्क दिखा सकते हैं। 2022 की एक स्टडी के अनुसार, छोटे लिंग वाले लोगों को इससे फ़ायदा हो सकता है, लेकिन और रिसर्च की ज़रूरत है। यह तरीका आमतौर पर पेरोनी रोग और इरेक्टाइल डिसफंक्शन वाले लोगों के लिए बताया जाता है।
स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज: स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, जैसे जेल्किंग, मसाज जैसी तकनीक होती है जिसमें लिंग की त्वचा और टिशू को खींचा जाता है। इससे छोटे-छोटे घाव बनते हैं और जब ये ठीक होते हैं तो लिंग मोटा और बड़ा दिखता है। लेकिन इस तरीके का कोई साइंटिफिक सबूत नहीं है, ज़्यादातर लोग सिर्फ अपने अनुभव के आधार पर बताते हैं।
सर्जरी: सिलिकॉन से बने सिंथेटिक डिवाइस का सर्जिकल इम्प्लांट ही एक ऐसा तरीका है जिससे कुछ समय का फर्क मिल सकता है। लेकिन यह कॉस्मेटिक सर्जरी है और आमतौर पर इंश्योरेंस में कवर नहीं होती है।
अगर आप लिंग बढ़ाने के तरीकों को अपनाना चाहते हैं, तो पहले किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से बात करना अच्छा रहेगा। ज़्यादातर तरीकों को वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं किया गया है और हर एक के साथ गंभीर साइड इफ़ेक्ट्स का खतरा जुड़ा हुआ है।
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आत्मविश्वास बढ़ाने के तरीके
अगर आप अपने शरीर से खुश नहीं हैं, चाहे कमर के नीचे हो या बाकी शरीर से तो ये टिप्स आपके बॉडी इमेज को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं:
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खुद की तुलना दूसरों से करना बंद करें, चाहे वो आपके दोस्त हों या मीडिया में दिखने वाले लोग।
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अगर आप अपना सेक्सुअल कॉन्फिडेंस बढ़ाना चाहते हैं, तो जो आपके पास है उसी के साथ काम करना सीखें। इसके लिए अलग-अलग पोजीशन ट्राई करें, चाहे आपके लिंग का आकार बड़ा हो या छोटा।
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रेगुलर रूप से शारीरिक एक्टिविटी करें। ये आपके कॉन्फिडेंस और स्टैमिना को बढ़ाएगी और तनाव भी कम करेगी
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पॉज़िटिव सोचना सीखें। अपने बारे में नेगेटिव सोच को छोड़कर वो बातें याद करें जो आपको अपने अंदर पसंद हैं।
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किसी मेन्टल हेल्थ डॉक्टर से जुड़ें जिन्हें बॉडी इमेज की समस्या पर काम करने का अनुभव हो। अलग-अलग तरह की थेरेपी इसमें आपकी मदद कर सकती हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आपके सवालों के जवाब यहाँ पाएं।
दबा हुआ लिंग क्या है?
दबा हुआ लिंग उस स्थिति को कहते हैं जब लिंग का कुछ हिस्सा या पूरी तरह जांघों के ऊपर के हिस्से की त्वचा और चर्बी के नीचे छिपा रहता है। इसकी वजह से लिंग छोटा दिखाई देता है या कई बार बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता है। यह समस्या जन्म से हो सकती है या फिर बाद में भी हो सकती है।
सारांश
लोगों का अपने लिंग के साइज को लेकर परेशान होना आम बात है, लेकिन साइज में फर्क होना बिल्कुल सामान्य है और यह न तो आपकी कीमत बताता है और न ही आपके पार्टनर को खुश करने की आपकी क्षमता। इसके बजाय, एक-दूसरे की चाहतों और पसंद को अच्छी तरह समझने के लिए खुलकर बात करना ज़रूरी है। अगर आप अपने पूरे स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं, तो इससे आपका आत्मविश्वास और सेक्स से जुड़ा स्वास्थ्य दोनों अच्छे हो सकते हैं।
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पेनिस का नार्मल साइज कितना होता है? के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव





