पेनिस पर दाने - Penis Lump in Hindi

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March 17, 2022

March 17, 2022

पेनिस पर दाने
पेनिस पर दाने

त्वचा की तरह पेनिस पर भी रैश व दाने हो सकते हैं. जो पुरुष सेक्सुअली एक्टिव नहीं हैं या जो सेक्स के दौरान हमेशा कंडोम पहनते हैं, उनके पेनिस पर होने वाले दाने बिना खतरे वाले होते हैं. आमतौर पर ये दाने पेनिस पर तेल या पसीने के जमा होने से हो सकते हैं. इसके लिए किसी खास इलाज की जरूरत नहीं पड़ती, ये अपने आप ठीक हो जाते हैं.

वहीं, जो पुरुष सेक्स के समय कंडोम नहीं पहनते हैं या जिनके एक से ज्यादा सेक्स पार्टनर होते हैं, उनके पेनिस पर दाने होना सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज की ओर इशारा करते हैं. ऐसे में इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए.

आज इस लेख में हम पेनिस पर दाने के प्रकार, कारण और इलाज के बारे में ही चर्चा करेंगे -

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पेनिस पर दाने के प्रकार - Types of Penis Lump in Hindi

पेनिस पर बम्प या दानों का होना आम बात है. आइए, इनके प्रकार के बारे में विस्तार से जानते हैं -

एक्ने

जब पेनिस पर एक्ने होते हैं, तो परिणामस्वरूप पेनिस पर व्हाइटहेड्स या पिंपल्स दिखने लगते हैं, जो तेल की वजह से सफेद रंग के नजर आते हैं.

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पर्ली पेनाईल पैप्युल्स

ये दानें ऊपरी सिरे पर सफेद या पीले रंग के गुंबद की तरह दिखते हैं. ये स्किन टैक्सचर से मिलते-जुलते होते हैं.

लाइकेन प्लेनस

यह स्किन डिसऑर्डर शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है. जब यह पेनिस पर होता है, तो यह लाल या पर्पल रंग के फ्लैट सिरे वाले बम्प की तरह दिखता है. इस पर सफेद रंग के स्ट्रीक्स भी होते हैं. ये बम्प दर्द रहित या खुजली वाले और दर्द भरे भी हो सकते हैं.

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जेनिटल वार्ट्स

जेनिटल वार्ट्स छोटे सफेद रंग के बम्प हैं, जो फूलगोभी के छोटे सिरे की तरह दिखते हैं. ये पेनिस और इसके आसपास हो सकते हैं. 

सिफलिस

सिफलिस एक सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन है, जो पेनिस और उसके आसपास एक या कई सफेद रंग के अल्सर के तौर पर दिखता है.

जेनिटल हर्पीज

कुछ लोगों को जेनिटल हर्पीज होने के बावजूद कोई लक्षण ही नहीं होता है. जब लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं, तो ये फफोले का रूप ले लेते हैं, जिस पर ग्रे या सफेद रंग का कवर भी रहता है. इसमें खुजली और जलन भी महसूस हो सकती है.

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पेनिस पर दाने के कारण - Penis Lump Causes in Hindi

पेनिस पर दाने के कारण उसके प्रकार के अनुसार होते हैं. आइए, विस्तार से पेनिस पर दाने होने के कारणों के बारे में जानते हैं -

गंदगी

जब पेनिस के रोमछिद्र तेल, पसीने व गंदगी से भर जाते हैं, तो ये पेनिस पर एक्ने का रूप ले लेता है. 

प्यूबर्टी

पर्ली पेनाईल पैप्युल्स होने के कारण के बारे में स्पष्ट रूप से बताना मुश्किल है, लेकिन इनका होना आम हैं. शोध के अनुसार, 48 प्रतिशत पुरुषों के पेनिस पर प्यूबर्टी के बाद पर्ली पेनाईल पैप्युल्स दिखने शुरू होते हैं.

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एलर्जी

लाइकेन प्लेनस के पीछे एक्सपर्ट कई कारण मानते हैं. इनमें इम्यून डिसऑर्डर, हेपेटाइटिस सी व कुछ दवाइयों या कंपाउंड से एलर्जिक रिएक्शन शामिल हो सकता है.

इंफेक्शन

जेनिटल वार्ट्स तब होते हैं, जब स्किन इंफेक्शन के संपर्क में आती है. इसी तरह कुछ लोग इंफेक्टेड हो जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता है. यह इंफेक्शन सेक्सुअल इन्टरकोर्स या सेक्सुअल प्ले के समय होता है, जब ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से स्किन का संपर्क होता है. शोध कहते हैं कि जेनिटल वार्ट्स सबसे आम सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज है.

बैक्टीरिया

सिफलिस की समस्या ट्रैपोनेमा पैलिडम नामक बैक्टीरिया की वजह से होता है. इसके सेक्स के जरिए सबसे ज्यादा ट्रांसमिट होने की आशंका रहती है.

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हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस

जेनिटल हर्पीज होने के पीछे भी सेक्सुअल एक्टिविटी को सबसे प्रमुख कारण माना गया है. स्किन के हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस के संपर्क में आते ही यह समस्या हो सकती है.

पेनिस पर दाने का इलाज - Penis Lump Treatment in Hindi

पेनिस पर दाने होने का इलाज इसके प्रकार के अनुसार नीचे विस्तार से बताया गया है - 

साफ-सफाई

पेनिस पर एक्ने के लिए अमूमन किसी इलाज की जरूरत नहीं पड़ती है, ये अपने आप कुछ दिनों में खत्म हो जाते हैं. फिर भी पेनिस के रोमछिद्रों को खोलने के लिए गरम पानी से सिकाई की जा सकती है. साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पेनिस की वह जगह सूखी और साफ रहे. पिंपल्स को फोड़ने की कतई कोशिश नहीं करनी चाहिए, इससे इंफेक्शन के साथ निशान पड़ सकते हैं.

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सर्जरी

स्पष्ट रूप से कहा जाए, तो पर्ली पेनाईल पैप्युल्स का कोई इलाज नहीं है. इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि ये एक बार हो जाते हैं, तो इनके जाने की उम्मीद कम ही रहती है. पर्ली पेनाईल पैप्यूल्स फैलते नहीं हैं, न ही ये सेक्सुअली ट्रांसमिटेड होते हैं. फिर भी अगर कोई इसके कारण मानसिक रूप से परेशान है, तो क्रायोसर्जरी, लेजर सर्जरी व रेडियो सर्जरी से इसे ठीक किया जा सकता है.

स्टेरॉइड क्रीम

लाइकेन प्लानस की स्थिति भी अपने आप ठीक हो जाती है. फिर भी स्किन पर कुछ देर के लिए स्टेरॉइड क्रीम को लगाकर इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है. घर में कोल्ड कम्प्रेस, ओटमील बाथ और हाइड्रोकोर्टिसोन क्रीम की मदद से सूजन और डिस्कम्फर्ट को कम किया जा सकता है. यह न तो फैलता है और न ही सेक्सुअली ट्रांसमिटेड होता है.

टॉपिकल क्रीम

ये अपने आप ठीक हो सकते हैं, लेकिन कई बार फैलते भी हैं. डॉक्टर टॉपिकल क्रीम लगाने की सलाह दे सकता है, जो जेनिटल वार्ट्स टिशू को खत्म कर देते हैं या फिर वार्ट्स को फ्रीज या जला सकते हैं. जेनिटल वार्ट्स को ठीक करने में टी ट्री ऑयल भी मददगार हो सकता है. इसके लिए किसी भी ओवर द काउन्टर वार्ट हटाने वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे इसके लिए नहीं बने होते हैं.

यदि किसी को एक्टिव इंफेक्शन है, तो उसे सेक्स (ओरल और ऐनल दोनों) करने से परहेज करना चाहिए और जेनिटल को छूने के बाद हाथ धोने चाहिए. कंडोम जेनिटल वार्ट्स से सुरक्षा करते हैं, लेकिन ये सिर्फ उस स्किन की सुरक्षा करते हैं, जिसे वे कवर करते हैं.

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सेक्स से परहेज

सिफलिस बिना किसी इलाज के भी ठीक हो सकता है. फिर भी इसका इलाज किया जाना जरूरी है. जब तक सिफलिस के लिए व्यक्ति का टेस्ट निगेटिव नहीं आता, तब तक सेक्स से परहेज करने की सलाह दी जाती है. इस रोग को फैलने से बचाने के लिए कंडोम का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा जाता है.

एंटी वायरल दवाइयां

जेनिटल हर्पीज के इलाज के लिए डॉक्टर एंटी वायरल दवाइयां लेने की सलाह दे सकते हैं, जिससे इसकी गंभीरता कम हो जाती है. कूल कम्प्रेस, सूदिंग बाथ और दर्द निवारक दवाइयों से डिस्कम्फर्ट से राहत मिलती है. एक्टिव इंफेक्शन के समय सेक्स न करने की सलाह दी जाती है, साथ ही कंडोम का इस्तेमाल और सिर्फ एक सेक्सुअल पार्टनर रखने के लिए कहा जाता है.

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सारांश – Summary

पेनिस पर दाने होना चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन ये अमूमन खतरनाक नहीं होते हैं. पेनिस पर दाने एक्ने, जेनिटल हर्पीज, सिफलिस हो सकते हैं. दाने के प्रकार के आधार पर इसके कारण और इलाज डॉक्टर द्वारा तय किए जाते हैं. कई बार ये सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज भी हो सकते हैं और कई बार अपने आप खत्म भी हो जाते हैं. इसलिए, कहा जाता है पेनिस पर किसी भी तरह का दाना दिखे, तो सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और उसके बाद ही इलाज शुरू करना चाहिए.



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