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आप जानते हैं कि पुरुषों में बांझपन के कई कारण हो सकते हैं? उनमें से एक है टेराटोजोस्पर्मिया। यह शब्द सुनने में जटिल लग सकता है, लेकिन यह एक सामान्य समस्या है जो पुरुषों में शुक्राणुओं की संरचना से जुड़ी होती है। इस लेख में हम इसे सरल भाषा में समझेंगे और जानेंगे कि यह समस्या कैसे होती है, इसके कारण क्या हैं, और इसका इलाज कैसे संभव है।

  1. टेराटोजोस्पर्मिया क्या है?
  2. टेराटोजोस्पर्मिया कितने आम हैं
  3. टेराटोजोस्पर्मिया के कारण
  4. टेराटोजोस्पर्मिया का असर
  5. टेराटोजोस्पर्मिया का निदान
  6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
  7. सारांश
यौन रोग के डॉक्टर

जब किसी पुरुष के वीर्य में असामान्य आकार के शुक्राणु अधिक मात्रा में होते हैं, तो उसे स्थिति को टेराटोजोस्पर्मिया कहा जाता है. हर स्पर्म काउंट में असामान्य आकार के शुक्राणु काफी होते हैं, लेकिन अगर असामान्य आकार वाले ये शुक्राणु 96% से अधिक हों, तो इस स्थिति को टेराटोजोस्पर्मिया के रूप में जाना जाता है. इससे इनफर्टिलिटी की समस्या पैदा हो सकती है. सीमेन एनालिसिस से इस समस्या के बारे में पता लगाया जा सकता है. यह फर्टिलिटी टेस्ट वीर्य की मात्रा और शुक्राणु की मात्रा व गतिशीलता की भी जांच करता है.

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टेराटोजोस्पर्मिया यानी शुक्राणुओं का थोड़ा अजीब‑सा होना पुरुषों में काफी आम बात है। ऐसे पुरुषों में बांझपन की समस्या देखने को मिल सकती है। रिसर्च से पता चला है कि करीब 10 से 30 फीसदी पुरुषों के शुक्राणु पूरी तरह सही आकार के नहीं होते। हां, ये संख्या हर जगह और हर आदमी में एक जैसी नहीं होती, क्योंकि यह बहुत कुछ आपकी लाइफस्टाइल, खान‑पान और जीन्स पर भी निर्भर करता है। तो अगर कभी आपने सुना कि “सारे शुक्राणु सही नहीं होते”, तो ये बिल्कुल सच है और चिंता की कोई बात नहीं है।

फिलहाल, स्पष्ट तौर पर यह कहना मुश्किल है कि टेराटोजोस्पर्मिया के पीछे मुख्य कारण क्या होते हैं. फिर भी कुछ अनुमानित कारक ऐसे हैं, जिनसे टेराटोजोस्पर्मिया की स्थिति पैदा हो सकती जैसे -

  • टेराटोजोस्पर्मिया आनुवंशिक के कारण हो सकता है, अगर किसी परिवार में टेराटोजोस्पर्मिया की मेडिकल हिस्ट्री रही है, तो यह जोखिम का विषय हो सकता है. 
  • डायबिटीक पुरुषों को टेराटोजोस्पर्मिया होने का जोखिम रहता है. हालांकि, ऐसा क्यों होता है, इस बारे में जानने के लिए और शोध की जरूरत है.
  • पुरुष नसबंदी को वापस खुलवाने से टेराटोजोस्पर्मिया की स्थिति देखी जा सकती है. 
  • पुरुष के साथ अगर कोई दुर्घटना हुई है और उसे चोट लगी है, तो टेराटोजोस्पर्मिया हो सकता है.
  • धूम्रपान, नशीली दवाएं व शराब का सेवन टेराटोजोस्पर्मिया का जोखिम पैदा कर सकता है. 
  • सीमेन में कुछ इन्फेक्शन या प्रोस्टेट इन्फेक्शन के कारण टेराटोजोस्पर्मिया देखने को मिल सकता है.
  • कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं या कीमोथेरेपी से टेराटोजोस्पर्मिया का जोखिम पैदा हो सकता है. 
  • व्यक्ति में कुपोषण और बढ़ती आयु टेराटोजोस्पर्मिया का एक कारण हो सकती है.

टेराटोजोस्पर्मिया का मुख्य प्रभाव पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। जब शुक्राणुओं की संरचना असामान्य होती है, तो:

  • निषेचन में कठिनाई: असामान्य संरचना के कारण शुक्राणु अंडाणु तक नहीं पहुंच पाते।
  • गर्भधारण में देरी: सामान्य से अधिक समय लग सकता है गर्भधारण में।

हालांकि, कई पुरुषों में टेराटोजोस्पर्मिया होने के बावजूद, गर्भधारण संभव होता है, लेकिन यह स्थिति उपचार की आवश्यकता को दर्शाती है।

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टेराटोजोस्पर्मिया का निदान मुख्य रूप से सेमिनल विश्लेषण द्वारा किया जाता है, जिसमें शुक्राणुओं की संख्या, गतिशीलता और संरचना का मूल्यांकन किया जाता है। यदि संरचना में असामान्यता पाई जाती है, तो इसे टेराटोजोस्पर्मिया माना जाता है।

टेराटोजोस्पर्मिया का उपचार

टेराटोजोस्पर्मिया के इलाज निम्न प्रकार से किया जा सकता है -

  • डॉक्टर मरीज को विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट युक्त दवाइयां दे सकते हैं, क्योंकि इनसे शुक्राणु को सही आकार में लाने में मदद मिल सकती है.
  • कुछ मामलों में हार्मोन थेरेपी भी इस्तेमाल की जाती है.
  • डॉक्टर डायबिटीज, कुपोषण और मोटापे जैसी मेडिकल कंडीशन में सुधार करने के लिए दवाएं सुझा सकते हैं.
  • आहार में बदलाव और जीवनशैली में सुधार के जरिए भी शुक्राणुओं के आकार को सुधारने में मदद मिल सकती है.
  • अगर किसी भी तरह टेराटोजोस्पर्मिया के कारण पैदा हुई इनफर्टिलिटी में सुधार नहीं होता है, तो प्रेग्नेंसी के लिए आईयूआई, आईसीएसआई (इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन) के साथ इन विट्रो फर्टिलाइजेशन जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं.

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अपने सवालों के जवाब यहाँ पाएं। 

क्या टेराटोजोस्पर्मिया का इलाज संभव है?

जी हां, जीवनशैली में सुधार और सहायक प्रजनन तकनीकों से इसका उपचार संभव है।

क्या टेराटोजोस्पर्मिया के कारण गर्भधारण में कठिनाई होती है?

हां, असामान्य शुक्राणु संरचना के कारण गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है।

क्या टेराटोजोस्पर्मिया आनुवंशिक हो सकता है?

जी हां, कुछ मामलों में यह आनुवंशिक हो सकता है।

क्या धूम्रपान और शराब से टेराटोजोस्पर्मिया होता है?

जी हां, इन आदतों से शुक्राणुओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

क्या IVF और ICSI से टेराटोजोस्पर्मिया का इलाज संभव है?

जी हां, इन तकनीकों से गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है।

टेराटोजोस्पर्मिया एक सामान्य समस्या है जो पुरुषों में प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है। उचित निदान, जीवनशैली में सुधार और आवश्यक उपचार से इस स्थिति का प्रबंधन संभव है। यदि आप या आपके जानने वाले इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो विशेषज्ञ से संपर्क करना उचित होगा।

Dr. Purushottam Sah

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Dr. Anurag Kumar

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