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ओरल सेक्स का मतलब है मुंह और जीभ से साथी के जननांग और एनस (Anal;गुदा) को उत्तेजित करना। ओरल सेक्स आपकी सेक्सुअल जिंदगी में नई ऊर्जा और जोश को लाने का भी काम करता है। लेकिन आप इसको करते समय वहीं सब करना चाहिए जिससे साथी को अच्छा लगता हो। इसमें सब कुछ करने व सब कुछ का प्रयोग करना सही नहीं होता है। ओरल सेक्स फोरप्ले का ही एक हिस्सा है। इस क्रिया को करने से पहले दोनों ही साथी को एक-दूसरे की इच्छाओं का ध्यान रखना होता है। साथ ही इससे प्रेग्नेंट होने का खतरा भी नहीं रहता है।

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सेक्स में सहायक किसी भी तरह की क्रिया को करने के लिए दोनों ही साथियों का उत्साही होना बेहद जरूरी होता है।

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महिलाएं ओरल सेक्स को पुरुषों के लिंग में उत्तेजना होने या न होने पर भी कर सकती है। इसके लिए सबसे अच्छा है कि महिलाओं को ओरल सेक्स करने से पहले पुरुषों के लिंग को हाथों से सहलाना चाहिए। इससे महिलाओं को ओरल सेक्स करने में मदद मिलती है।

अगर आपको मालूम नहीं चल पा रहा हो कि साथी पुरुष का लिंग आपके मुंह के अंदर कहां तक जाएगा तो आप अपनी अंगुलियों को अंगूठी के आकार का करते हुए, लिंग को पीछे से पकड़े और धीरे-धीरे मुंह के अंदर लें। जितना आपके मुंह की गहराई हो उसी के अनुसार लिंग को अंदर लीजिये।

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अधिकतर पुरुषों को ओरल सेक्स तेजी से उत्तेजित करता है, इसलिए महिलाओं को इसकी शुरुआत धीमी करनी चाहिए और बाद में इसको तेजी से कर सकती हैं। इसको करते समय आप अपनी जीभ, मुंह और अपने सिर को हिलाते हुए अलग अलग प्रयोग कर सकती हैं। इस तरह से आप जान पाएंगी की साथी को किस तरह की स्थिति ज्यादा पसंद है।

आपको यह भी बता दें कि ओरल सेक्स करने का यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि आप पुरुष का वीर्य स्खलन अपने मुंह में ही करें। यह क्रिया सिर्फ और सिर्फ आप की इच्छा पर ही निर्भर करती है। अगर उन्होंने कंडोम पहना हो तो आपको स्खलन के विषय में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती है और इस तरह से आप दोनों ही यौन संचारित संक्रमण (STIs; Sexuallly transmitted infections) से बच जाते हैं। साथ ही यह आपकी इच्छा पर निर्भर करता है कि आप कितनी देर तक इस क्रिया को करना चाहती है। 

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महिलाओं के साथ ओरल सेक्स करने से पहले कुछ देर तक उनको किस करना या उनके संवेदनशील अंगों को छूना एक बेहतर तरीका होता है। पुरुषों को कुछ समय महिलाओं की ऊपरी जांघों और योनि के पास के हिस्से पर बिताना चाहिए, इससे महिलाएं जल्द ही चरम अवस्था (ऑर्गेज्म) पर पहुंच जाती हैं।

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महिलाओं की योनि में भगशेफ (Clitoris;क्लिटोरिस) अधिक संवेदनशील हिस्सा होता है। इससे हिस्से से करीब 8000 नसें जुड़ी होती है। इसके साथ ही महिला का पूरा पेल्विक क्षेत्र (Pelvic area; जहां पर जननांग की सभी नसें जुड़ी होती हैं) संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। योनि की दोनों परतें खुलते ही वह क्लिटोरिस ऊपर की तरफ दिखाई देता है।

पुरुष शुरुआत में इस हिस्से पर अपनी जीभ के ऊपरी भाग को धीरे से इस्तेमाल करें, इसके बाद इस क्रिया में तेजी लाते जाएं। इसके पश्चात् आप जीभ को अलग-अलग तरीके से प्रयोग करें व इसकी रफ्तार को भी कम ज्यादा करते जाएं। इसे करते समय अपनी महिला साथी से ये बात जरूर जानें कि उनको क्या करना पसंद है।

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ओरल सेक्स को करने से एचआईवी के फैलने का खतरा बेहद ही कम होता है। इस तरह की क्रिया से ओरल सेक्स करने वाले व्यक्ति को यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई; STIs) और जननांगों व मुंह में छाले होने का खतरा बना रहता है।

ओरल सेक्स में हर्पिस (herpes; जननांग में दाद होना), गोनोरिया (gonorrhea; एक प्रकार का संक्रमण), सिफलिस (syphilis;छालों का ही एक प्रकार) के संक्रमण का खतरा बना रहता है। हेपीटाइटिस ए और ई कोली (E.coli; मूत्ररोग से संबंधित बैक्टिरिया) जैसे कुछ संक्रमण ऐसे होते हैं, जो ओरल सेक्स के दौरान एक से दूसरे व्यक्ति में अपने आप संक्रमित हो जाते हैं।

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इस तरह के संक्रमण के लक्षण और संकेत छाले व दाद होना ही होता है। अगर आपके मुंह, जननांग या एनस में किसी तरह का घाव या छाले हो रहें हो तो आप ओरल सेक्स को करने से बचें। यह आपके संक्रमण का कारण होते हैं। इसे ठीक कराने के लिए तुरंत किसी चिकित्सक से मिलें।

कंडोम व डेंटल डैम (Dental dam; योनि व गुदें में प्रयोग की जाने वाली मुलायम प्लास्टिक) से आप यौन संचारित संक्रमण से बचे रहेंगे। अगर आपके पास डेंटल डैम नहीं है तो आपको आप कंडोम को ऊपर से नीचे की ओर काट लें यह भी आपके लिए डेंटम डेम का ही काम करेगा।

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आपके साथी के द्वारा इस क्रिया से पहले बचाव के तरीके अपनाना आपके लिए ओरल सेक्स को सरल बना देता है। इसके बचाव के तरीके आपको अजीब जरूर लगेंगे परंतु यह ओरल सेक्स के समय आपके लिए जरूरी होते हैं। जब तक आप इन संक्रमणों से बचने के तरीकों के बारे में न जान लें तब तक ओरल सेक्स ना करें।

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प्रेग्नेंसी केवल और केवल सेक्स के दौरान महिला की योनि में पुरुष के वीर्य के जाने से होती है। किस करना या साथी के वीर्य को किसी भी तरह से लेने से प्रेग्नेंसी नहीं होती है।

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जब पुरुष के वीर्य से शुक्राणु महिला के अंदर बनने वाले अंडे से मिल जाते है तब प्रेग्नेंसी होती है। ओवुलेशन की यह प्रक्रिया महिला में 28 दिनों तक चलती है। इसमें अंत में अंडा निकलता है। इसी को मासिक चक्र भी कहते हैं। अंडा बनने के बाद वह महिला के अंदर ही कुछ दिनों तक रहता है। इसी समय महिला प्रेग्नेंट हो सकती है।

पुरुष के शुक्राणु यदि महिला के अंडे के संपर्क में आ जाते हैं तो महिला में प्रेग्नेंसी का चरण शुरु हो जाता है और शुक्राणु सिर्फ योनि से ही प्रवेश करते हैं।

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ओरल सेक्स के भी अपने फायदे होते हैं। वीर्य महिलाओं के तनाव को कम करने और उनकी त्वचा में चमक लाने का काम करता है। इससे रक्तचाप ठीक रहता है, तनाव कम होता है और प्रोस्टेट कैंसर की संभावनाएं कम हो जाती है। ये कुछ फायदे बताते हैं कि ओरल सेक्स महिला व पुरुष दोनों के लिए ही अच्छा होता है।

इसके अलावा ओरल सेक्स के फायदे नीचे बताए जा रहें हैं-

  1. बेहतर नींद के लिए -
    वीर्य में मैलाटोनिन होता है, जो हमारी नींद और आराम के लिए जिम्मेदार होता है। सेक्स के बिना भी यह कैमिकल आपके रक्त में मिलकर शरीर को मस्तिष्क को आराम पहुंचाते हैं। (और पढ़ें - नींद न आना)
  2. एंटी एजिंग -
    शुक्राणुओं (sperms) में स्पर्मिडाइन (spermidine) नामक रासायनिक होता है, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। कुछ रिसर्च बताती हैं कि बुढ़ापे को कम करने वाली किसी भी एंटी एंजिग क्रीम की ही तरह यह भी त्वचा पर होने वाले बढ़ती उम्र के प्रभावों को कम करते हैं।  
  3. बेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है -
    महीलाओं में 40 की आयु के बाद अक्सर ब्रेस्ट कैंसर की शिकायत देखी जाती है। कुछ अध्ययनों में पाया गया कि जो महिलाएं सप्ताह में कम से कम दो बार ओरल सेक्स करती हैं। उनको ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावनाएं न के बराबर होती हैं। (और पढ़ें - ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी)
  4. याददाश्त को बढ़ाए -
    जो लोग कमजोर याददाश्त की समस्या से परेशान हैं उनके लिए ओरल सेक्स एक बचाव की तरह का काम करता है। वीर्य में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो कि आपकी दिमागी क्रिया को ठीक करने के काम आते हैं। (और पढ़ें - याददाश्त बढ़ाने के घरेलू उपाय)
  5. दर्द निवारक के रुप में -
    वीर्य में ऑक्सिटोसिन व एंडोर्फिन्स (Endorphins) तत्व होते हैं जो दर्द को कम करने का काम करते हैं। अगर अगली बार आपको पीठ दर्द, सिर दर्द या शरीर में कहीं दर्द हो तो आप फोरप्ले व ओरल सेक्स का अपना सकते हैं।

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ओरल सेक्स को कई तरह से किया जा सकता है। इसमें कई तरह की पोजीशन को अपनाया जा सकता है। इस तरह की क्रिया को करते समय महिलाओं में प्रेग्नेंसी का खतरा नहीं होता है। इसको अपनाकर पुरुष अपनी महिला साथी को आसानी से उत्तेजित कर सकते हैं, वहीं महिलाओं के द्वारा मुख मैथुन करना भी पुरुषों को बेहद पसंद आता है। सेक्सुअल लाइफ को अधिक रोमांचक बनाने के लिए ओरल सेक्स का सहारा लिया जा सकता है। इस तरह की क्रिया को पुरुष व महिला दोनों ही कर सकते हैं।

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