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अक्सर लोग सेक्स या हस्तमैथुन को सिर्फ़ मज़े या एक्साइटमेंट से जोड़कर देखते हैं। लेकिन हक़ीक़त ये है कि ये आपकी सेहत और मानसिक संतुलन के लिए भी बहुत ज़रूरी हिस्सा है। मर्दों में वीर्य का निकलना यानी स्खलन एक नैचुरल प्रोसेस है। ये सिर्फ़ रिप्रोडक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि आपके हार्मोन, दिमाग़ और शरीर की सेहत पर भी असर डालता है।

अब बड़ा सवाल ये है कि अगर आप रोज़ स्खलन करें, तो क्या ये आपके लिए फ़ायदेमंद होगा या शरीर को नुकसान पहुँचाएगा? इसी सवाल का जवाब हम इस आर्टिकल में विस्तार से समझेंगे।

  1. क्या बार-बार स्खलन करना सही है?
  2. अगर रोज स्खलन किया जाए, तो क्या होगा?
  3. क्या रोजाना स्पर्म रिलीज करना हानिकारक है?
  4. आपको कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
  5. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  6. सारांश
यौन रोग के डॉक्टर

आपका शरीर हर दिन लाखों स्पर्म बनाता है। साथ ही, प्रोस्टेट ग्लैंड और सेमिनल वेसिकल्स लगातार वीर्य का निर्माण करते रहते हैं। जब ये तैयार हो जाता है, तो शरीर इसे बाहर निकालने के लिए स्खलन करता है। ये स्खलन पार्टनर के साथ सेक्स या फिर हस्तमैथुन दोनों तरीक़ों से हो सकता है।

वैज्ञानिक रिसर्च में पाया गया है कि जो पुरुष महीने में 21 बार या उससे ज़्यादा स्खलन करते हैं, उनमें प्रोस्टेट कैंसर होने का ख़तरा लगभग 31% तक कम हो जाता है, बनिस्बत उनके जो महीने में सिर्फ़ 4 से 7 बार स्खलन करते हैं।

इसका मतलब ये है कि बार-बार स्खलन करना शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं बल्कि कई मामलों में फ़ायदेमंद भी है।

रोजाना स्पर्म को रिलीज करने से शारीरिक नुकसान नहीं होता, बल्कि इससे फायदा हो सकता है, जो निम्न प्रकार से है -

1. प्रोस्टेट हेल्थ बेहतर रहती है

स्खलन से प्रोस्टेट ग्लैंड के अंदर जमा फ्लूइड बाहर निकल जाता है। इससे प्रोस्टेट में हानिकारक तत्व जमा नहीं हो पाते और लंबे समय में कैंसर का रिस्क भी कम हो सकता है।

2. मूड अच्छा रहता है

जब आप स्खलन करते हैं, तो आपके दिमाग़ में डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन जैसे “हैप्पी हार्मोन” रिलीज होते हैं। इससे आपको रिलैक्सेशन मिलता है, स्ट्रेस कम होता है और मूड फ्रेश हो जाता है। यही वजह है कि कई लोग सेक्स या हस्तमैथुन के बाद काफ़ी पॉज़िटिव महसूस करते हैं।

3. नींद गहरी आती है

स्खलन के बाद आपके शरीर में प्रोलैक्टिन और ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है। ये हार्मोन नींद को गहरा और सुकूनभरा बनाते हैं। इसीलिए कई बार आप सेक्स के बाद तुरंत सो जाते हैं और अच्छी नींद का मज़ा लेते हैं।

4. स्ट्रेस लेवल कम होता है

रोज़ाना स्खलन से स्ट्रेस हार्मोन यानी कॉर्टिसोल का लेवल घट सकता है। इससे आपकी चिंता कम होती है और दिल से जुड़ी समस्याओं का ख़तरा भी कम हो सकता है।

5. स्पर्म और फर्टिलिटी पर असर

ये एक बड़ा मिथ है कि रोज़ स्खलन करने से स्पर्म कम हो जाते हैं। असल में आपका शरीर हर दिन नए स्पर्म बनाता रहता है और स्पर्म बनने का पूरा चक्र लगभग 74 दिन का होता है। यानी आप रोज़ भी स्खलन करें तो आपके शरीर में स्पर्म की कमी नहीं होगी।

कई बार तो डॉक्टर फर्टिलिटी ट्रीटमेंट में पुरुषों को बार-बार स्खलन की सलाह देते हैं ताकि पुराने और कमज़ोर स्पर्म निकल जाएं और नए व हेल्दी स्पर्म से गर्भधारण के चांसेज़ बढ़ें।

(और पढ़ें - शुक्राणु की कमी)

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अब ये तो साफ़ है कि रोज़ स्खलन हानिकारक नहीं है, लेकिन कुछ स्थितियों में ये परेशानी ला सकता है।

  1. आदत या मजबूरी बनना
    अगर आपको हर वक़्त हस्तमैथुन या स्खलन की ज़रूरत महसूस होती है और ये आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी, काम या रिश्तों में दिक़्क़त पैदा कर रहा है, तो ये सेक्स की ज़रूरत से ज़्यादा आदत या मजबूरी हो सकता है। इस स्थिति में डॉक्टर या काउंसलर की मदद लेना ज़रूरी है।

  2. थकान या कमजोरी महसूस होना
    कई लोग बार-बार स्खलन करने के बाद थकान, चिड़चिड़ापन या कमजोरी महसूस करते हैं। ये स्थायी समस्या नहीं है, बल्कि शरीर को थोड़ी एनर्जी रिकवर करने की ज़रूरत होती है।

  3. इंफेक्शन या दर्द
    अगर स्खलन के दौरान आपको जलन, दर्द या खून दिखे तो ये सामान्य नहीं है। ये किसी इंफेक्शन या प्रोस्टेट से जुड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है।

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रोज़ स्खलन करना अपने आप में समस्या नहीं है। लेकिन अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखें तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें:

  • स्खलन के दौरान दर्द या जलन

  • वीर्य या पेशाब में खून आना

  • लंबे समय तक इरेक्शन की समस्या रहना

  • एक साल कोशिश के बाद भी बच्चा न होना

  • लगातार बहुतकम सेक्स ड्राइव या इच्छा का न होना

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अपने सवालों के जवाब यहाँ पाएं।

क्या रोज़ स्खलन करने से स्पर्म कम हो जाते हैं?

 नहीं, आपका शरीर हर दिन नए स्पर्म बनाता है। रोज़ स्खलन करने से स्पर्म ख़त्म नहीं होते।

क्या रोज़ स्खलन करने से बच्चा पैदा करने की क्षमता पर असर पड़ता है?

नहीं, इससे फर्टिलिटी पर बुरा असर नहीं पड़ता। बल्कि कई बार पुराने स्पर्म निकलने से नए स्पर्म बेहतर क्वालिटी के होते हैं।

क्या रोज़ स्खलन करने से प्रोस्टेट हेल्थ अच्छी रहती है?

हाँ, रिसर्च बताती है कि ज़्यादा बार स्खलन करने वालों में प्रोस्टेट कैंसर का रिस्क कम होता है।

क्या रोज़ स्खलन करने से शरीर कमज़ोर हो जाता है?

नहीं, ये एक मिथ है। थोड़ी देर के लिए थकान या नींद आ सकती है, लेकिन ये स्थायी कमजोरी नहीं है।

क्या रोज़ स्खलन करना लत बन सकता है?

हाँ, अगर ये आपकी ज़िंदगी को कंट्रोल करने लगे और काम या रिश्तों पर असर डाले, तो ये आदत बन सकती है। ऐसे में डॉक्टर या काउंसलर से मदद लें।

क्या 20s में रोज़ स्खलन करना सामान्य है?

बिलकुल, जवान उम्र में हार्मोन और एनर्जी लेवल ज़्यादा होते हैं। उस उम्र में रोज़ स्खलन करना सामान्य और सुरक्षित है।

क्या रोज़ स्खलन से इरेक्शन पर असर पड़ता है?

नहीं, रोज़ स्खलन करने से इरेक्शन की क्षमता पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।

रोजाना स्पर्म रिलीज रिलीज करने से कोई परेशानी तो नहीं होगी, लेकिन इसकी लत लगना ठीक नहीं माना गया है. इसलिए अगर किसी को इसकी आदत हो गई है या स्पर्म से जुड़ी कोई समस्या है, तो इसका इलाज जल्द से जल्द शुरू करें. वहीं, डॉक्टर द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब भी ठीक से दें. ध्यान रखें कि किसी भी बीमारी का इलाज शुरुआती दिनों में करने से बीमारी जल्द से जल्द ठीक हो सकती है और पेशेंट फिर से हेल्दी लाइफ बिता सकते हैं.

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Dr. Hakeem Basit khan

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