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शुक्राणु की कमी का क्या मतलब होता है? 

शुक्राणुओं में कमी का मतलब है सेक्स के दौरान पुरुषों के लिंग से निकलने वाले वीर्य में सामान्य से कम शुक्राणुओं का निकलना।

शुक्राणुओं में कमी होने को ओलिगोस्पर्मिया (oligospermia) भी कहा जाता है। वीर्य में शुक्राणुओं का पूरी तरह से खत्म होना एजुस्पर्मिया (azoospermia) कहलाता है।

शुक्राणुओं की कमी के कारण आपके द्वारा अपनी यौन साझेदार को गर्भ धारण करा पाने की संभावना बहुत कम हो जाती है। इसके बावजूद, कई पुरुष जिनमें कम शुक्राणु पाए गए हैं, वे बच्चा पैदा करने में सक्षम हो पाते हैं। 

  1. शुक्राणु की संख्या कितनी होनी चाहिए - What is Normal Sperm Count in Hindi
  2. शुक्राणु कम होने के लक्षण - Low Sperm Count Symptoms in Hindi
  3. शुक्राणु की कमी के कारण - Low Sperm Count Causes in Hindi
  4. शुक्राणु की कमी से बचाव - Prevention of Low Sperm Count in Hindi
  5. शुक्राणु की जांच - Diagnosis of Low Sperm Count in Hindi
  6. शुक्राणु की कमी का इलाज - Low Sperm Count Treatment in Hindi
  7. शुक्राणु की कमी से होने वाली जटिलताएं - Low Sperm Count Complications in Hindi
  8. शुक्राणु बढ़ाने की दवा - Medication to increase sperm count in hindi
  9. शुक्राणु की कमी पर वीडियो - Shukranu ki kami par video hindi mein
  10. शुक्राणु की कमी की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  11. शुक्राणु बढ़ाने के घरेलू उपाय
  12. शुक्राणु की कमी की होम्योपैथिक दवा और इलाज
  13. शुक्राणु बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए
  14. वैज्ञानिकों ने पाया ये जड़ी बूटी बढ़ा सकती है शुक्राणु और टेस्टोस्टेरोन
  15. शुक्राणु की कमी की दवा - Medicines for Low Sperm Count in Hindi
  16. शुक्राणु की कमी की दवा - OTC Medicines for Low Sperm Count in Hindi
  17. शुक्राणु की कमी के डॉक्टर

शुक्राणु की संख्या कितनी होनी चाहिए - What is Normal Sperm Count in Hindi

अगर आपके एक मिलीलीटर वीर्य में डेढ़ करोड़ से कम शुक्राणु हैं तो आपमें शुक्राणुओं की संख्या सामान्य से कम है। शुक्राणु की गणना करने के लिए टेस्ट उपलब्ध हैं। इनके बारे में हमने नीचे बताया है। 

शुक्राणु कम होने के लक्षण - Low Sperm Count Symptoms in Hindi

शुक्राणु की कमी के लक्षण क्या होते हैं?

शुक्राणु की कमी का सबसे मुख्य लक्षण यह है कि वह व्यक्ति बच्चे पैदा करने में असमर्थ होता है। 

इस समस्या के कोई अन्य स्पष्ट संकेत या लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। कुछ मामलों में हार्मोन में वंशानुगत असंतुलन, वृषण की बढ़ी हुई नसें और एेसी स्थितियां, जिससे शुक्राणुओं के मार्ग में रुकावट आती है, से इस तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। 

शुक्राणु की कमी के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं –

  • यौन गतिविधियों की समस्याएंकामेच्छा में कमी या लिंग को दृढ (erect) बनाए रखने में कठिनाई (स्तंभन दोष या नपुंसकता)
  • वृषण (testes) क्षेत्र में दर्द, सूजन या गांठ
  • चेहरे या शरीर के बालों का कम होना या क्रोमोसोम अथवा हार्मोन की असामान्यता के अन्य लक्षण

इन स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना आवश्यक है -

अपने डॉक्टर से संपर्क करें, यदि –

  • अगर आप एक वर्ष तक नियमित और बिना कंडोम संभोग करने के बाद भी अपने यौन साझेदार को गर्भ धारण करवा पाने में असमर्थ हैं।
  • यौन गतिविधियों से जुडी समस्याएं, जैसे – लिंग के दृढ़ होने, स्खलन से जुड़ी समस्याएं, सेक्स में रुचि घटना या यौन गतिविधियों से जुड़ी अन्य समस्याएं। (और पढ़ें - शीघ्रपतन)
  • वृषण क्षेत्र में दर्द, असहजता महसूस होना, गांठ पड़ना या सूजन आना। 
  • वृषण, प्रोस्टेट या यौन समस्याओं का एक इतिहास पहले से वृषण, प्रोस्टेट या यौन समस्याएं रहीं हों।
  • ग्रोइन (पेट और जांघ के बीच का भाग), वृषण, लिंग या अंडकोष (scrotum) की सर्जरी हो चुकी हो।

शुक्राणु की कमी के कारण - Low Sperm Count Causes in Hindi

शुक्राणु की कमी क्यों होती है?

शुक्राणु का उत्पादन एक जटिल प्रक्रिया है। इसके लिए वृषण के साथ-साथ हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्रंथियों (मस्तिष्क में उपस्थित अंग, जो शुक्राणु उत्पादन को बढ़ाने वाले हार्मोन उत्पन्न करते हैं) को सामान्य रूप से कार्य करने की आवश्यकता होती है। वृषण में उत्पन्न होने के बाद शुक्राणु पतली ट्यूब्स में तब तक रहते हैं, जब तक वीर्य के साथ मिलकर लिंग से बाहर नहीं निकल जाते। इनमें से किसी भी अंग के ठीक से काम न करने के कारण शुक्राणु उत्पादन में कमी आ सकती है। अकसर शुक्राणुओं की कमी के कारण का कभी पता नहीं चल पाता है। 

1. मेडिकल कारण

कई स्वास्थ्य समस्याओं और मेडिकल उपचार के कारण शुक्राणुओं में कमी आ सकती है। इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं –

  • वैरीकोसेल (Varicocele) ​– वृषण से निकलने वाली नसों की सूजन को वैरीकोसेल कहते हैं। यह पुरुषों के पिता न बन पाने का एक आम कारण है।
  • संक्रमण – कुछ संक्रमण शुक्राणुओं के उत्पादन और उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, जैसे – कुछ यौन संचारित संक्रमण (क्लैमाइडिया, गोनोरिया आदि) और मूत्र पथ में होने वाले अन्य संक्रमण।
  • स्खलन समस्याएं – यदि किसी व्यक्ति को स्खलन (ejaculating) करने में समस्या है, तो उसके शुक्राणुओं की संख्या कम हो सकती है।
  • शुक्राणुओं को नुकसान पहुंचाने वाले एंटीबॉडी – "शुक्राणु रोधक एंटीबॉडी" आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा उतपन कोशिकाएं होती हैं जो शुक्राणुओं को शरीर के लिए हानिकारक समझकर उन्हें नष्ट करने का प्रयास करती हैं।
  • ट्यूमर – कैंसर और नॉनमैलिग्नेंट ट्यूमर (यानी ट्यूमर जिनमे कैंसर नहीं होता) अन्य ग्रंथियों को प्रभावित करके पुरुषों के प्रजनन अंगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • अनडिसेन्डिड वृषण (Undescended testicles) – भ्रूण के विकास के दौरान एक या दोनों वृषण कभी-कभी पेट से अंडकोष (थैली जिसमें आमतौर पर वृषण स्थित होते हैं) में जाने में असफल होते हैं।
  • हार्मोन असंतुलन। 
  • शुक्राणु वाहिनी (sperm duct) में दोष। 
  • क्रोमोसोम दोष। 
  • सीलिएक रोग। 
  • कुछ दवाएं – टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी, कैंसर का उपचार (कीमोथेरेपी) और कुछ अन्य दवाएं शुक्राणु उत्पादन को क्षीण कर सकती हैं और पुरुष प्रजनन क्षमता कम हो सकती है।

2. पर्यावरण सम्बन्धी कारण

कुछ पर्यावरणीय तत्वों के अत्यधिक संपर्क में आने से शुक्राणुओं का उत्पादन या कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके मुख्य कारण हैं –

  • औद्योगिक रसायन
  • भारी धातुओं के संपर्क में आना – लेड (lead) या अन्य भारी धातुओं के ज़्यादा समय तक संपर्क में आने से भी नर प्रजनन क्षमता को नुकसान हो सकता है।
  • विकिरण या एक्स-रे – विकिरण (रेडिएशन) शुक्राणु उत्पादन कम कर सकता है।
  • वृषण का ज़्यादा गर्म होना – हॉट टब का नियमित उपयोग करने से आपके शुक्राणुओं में अस्थायी रूप से कमी हो सकती है।
  • लंबे समय तक साइकिल चलाना – अधिक समय तक साइकिल चलाने से आपके वृषण ज़्यादा गरम हो जाते हैं। यह आपकी प्रजनन क्षमता को कम करने का एक और संभावित कारण है।

3. स्वास्थ्य और जीवन शैली से जुड़े कारण 

शुक्राणु की कमी के अन्य कारणों में शामिल हैं –

  • अवैध नशीली दवाओं का प्रयोग – कोकीन या गांजा जैसे नशीले पदार्थों के सेवन से आपके शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में कमी आ सकती है।
  • शराब का सेवन – शराब पीने से टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है और शुक्राणु उत्पादन में कमी आ सकती है।
  • धूम्रपान – अन्य व्यक्तियों की तुलना में धूम्रपान करने वाले पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या कम हो सकती है। (और पढ़ें – धूम्रपान छोड़ने के सरल तरीके)
  • तनाव – लंबे समय तक तनाव में रहने के कारण शुक्राणु पैदा करने वाले कुछ आवश्यक हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं।
  • वजन – मोटापे के कारण हार्मोन में बदलाव हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पुरुषों की प्रजनन क्षमता कमज़ोर हो सकती है।
शुक्राणु की कमी होने की आशंका अधिक कब होती है?

शुक्राणुओं के उत्पादन और अन्य समस्याओं से जुड़े जोखिम कारक निम्न हैं –

  • तंबाकू खाना या धूम्रपान करना
  • शराब पीना
  • ड्रग्स लेना 
  • वजन ज़्यादा होना
  • अतीत या वर्तमान में कोई संक्रमण 
  • विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आना 
  • वृषण का अधिक गर्म होना 
  • नसबंदी कराना या प्रजनन क्षमता वापस पाने के लिए नसबंदी खुलवाना (vasectomy reversal) 
  • प्रजनन संबंधी विकार के साथ पैदा होना या इस विकार से ग्रसित किसी व्यक्ति का करीबी रिश्तेदार होना 
  • कुछ चिकित्सकीय स्थितियां जैसे, ट्यूमर या क्रोनिक बीमारियां 
  • सर्जरी या विकिरण जैसे कैंसर के उपचार से गुजरना
  • कुछ दवाएं भी शुक्राणु की कमी को जोखिम बढ़ा सकती हैं 
  • अधिक समय तक किसी कार्य को करना, जैसे – खराब सीट वाली साइकिल चलाना या घुड़सवारी करना  

शुक्राणु की कमी से बचाव - Prevention of Low Sperm Count in Hindi

शुक्राणु की कमी होने से कैसे रोका जा सकता है?  

निम्न कारक शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं, अतः इनसे दूर रहें –

  • धूम्रपान न करें
  • अल्कोहल का सेवन सीमित मात्रा में करें या बिलकुल बंद कर दें   
  • ड्रग्स से दूर रहें
  • अपने चिकित्सक से उन दवाओं के बारे में बात करें, जो शुक्राणुओं के उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं
  • वजन कम करें 
  • गर्मी से बचें
  • तनाव से दूर रहे 
  • कीटनाशकों, भारी धातुओं और अन्य विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने से बचें 

शुक्राणु की जांच - Diagnosis of Low Sperm Count in Hindi

 शुक्राणु की कमी का निदान कैसे किया जा सकता है?

अगर आप अपनी यौन साथी को गर्भ धारण कराने में असमर्थ साबित हो रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर इसके मूलभूत कारण को जानने का प्रयास करेंगे। अगर उन्हें लगता है कि आपकी समस्या का कारण शुक्राणुओं की कमी है, तो आप और आपकी साथी दोनों को परीक्षण कराने की आवश्यकता हो सकती है। परीक्षण और निदान में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं –

1. सामान्य शारीरिक परीक्षण और चिकित्सकीय इतिहास

इसमें आपके जननांगों की जांच और किसी भी वंशानुगत स्थिति, पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं, बीमारियों, चोटों या सर्जरी जो प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं – के बारे में प्रश्न शामिल है। डॉक्टर आपकी यौन आदतों और यौन विकास के बारे में भी पूछ सकते हैं।

2. वीर्य विश्लेषण

शुक्राणुओं की कमी का निदान "वीर्य विश्लेषण टेस्ट" (semen analysis test) का एक हिस्सा है। शुक्राणुओं की गणना आमतौर पर माइक्रोस्कोप के द्वारा की जाती है। कुछ मामलों में, शुक्राणुओं की संख्या को मापने के लिए कंप्यूटर का उपयोग किया जा सकता है। शुक्राणुओं की संख्या अक्सर घटती-बढ़ती रहती है। इसलिए ज्यादातर मामलों में, सटीक परिणाम प्राप्त करने के लिए कई बार ये टेस्ट किया जाता है।

वृषण में नए शुक्राणु लगातार उत्पन्न होते रहते हैं और उन्हें परिपक्व होने में लगभग 40 से 76 दिन का समय लगता है। इसके दो परिणाम होते हैं:

  • हाल ही में किया गया वीर्य विश्लेषण आपकी पिछले 2.5 महीनों की परिस्थिति को दर्शाता है, आज की स्वास्थ्य स्थिति को नहीं।
  • शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए आपके द्वारा किए गए आज किया गया कोई भी सकारात्मक परिवर्तन के परिणाम आपको 2-3 महीनों तक दिखाई नहीं देंगे।

टेस्ट में शुक्राणुओं की कमी आने के सबसे सामान्य कारणों में से एक है – शुक्राणु का नमूना ठीक से न लेना। इस वजह से आपके चिकित्सक वीर्य के दो या अधिक नमूनों की जांच करेंगे।

(और पढ़ें - वीर्य की जांच)

3. अन्य परीक्षण

प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर आपके डॉक्टर संभावित कारणों को जानने के लिए कुछ अन्य परीक्षण कराने को कह सकते हैं। इनमें शामिल हैं –

  • अंडकोषीय अल्ट्रासाउंड (Scrotal ultrasound)
  • ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड टेस्ट (Transrectal ultrasound; प्रोस्टेट और आसपास के ऊतकों का निरीक्षण करने के लिए)
  • हार्मोन परीक्षण
  • पोस्ट ईजैक्यूलैशन यूरीनालिसिस (Post-ejaculation urinalysis)
  • जेनेटिक परीक्षण
  • टेस्टिक्युलर बायोप्सी (एक या दोनों वृषण के ऊतक का नमूना लेना)
  • शुक्राणु रोधक एंटीबॉडी परीक्षण
  • शुक्राणु के विशेष कार्य के परीक्षण

शुक्राणु की कमी का इलाज - Low Sperm Count Treatment in Hindi

शुक्राणु की कमी का उपचार कैसे किया जा सकता है?

शुक्राणु की कमी के उपचार में शामिल हैं –

  • सर्जरी – वृषण से निकलने वाली नसों की सूजन को सर्जरी के द्वारा ठीक किया जा सकता है या अगर एक शुक्राणु वाहिका नली (vas deferens tube) में रुकावट है तो उसे भी सर्जरी से ठीक किया जा सकता है।
  • संक्रमण का इलाज – एंटीबायोटिक्स द्वारा प्रजनन सम्बन्धी अंगों में होने वाले संक्रमण का इलाज किया जा सकता है, लेकिन ये दवाएं प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में असमर्थ हो सकती हैं। 
  • हार्मोन उपचार और दवाएं – हार्मोन के स्तर परिवर्तित करने के लिए "हार्मोन रिप्लेसमेंट" (हॉर्मोन बदलना) या इसके लिए कुछ ख़ास दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। तीन से छह महीने के बाद आपके वीर्य विश्लेषण में इसके प्रभाव देखे जा सकते हैं।
  • असिस्टिड रिप्रोडक्टिव तकनीक (एआरटी) – एआरटी के उपचार में सामान्य स्खलन द्वारा, सर्जरी के द्वारा निकाले गए या किसी डोनर द्वारा दिए गए शुक्राणु को इकठ्ठा किया जाता है। फिर इस शुक्राणु को मादा के जननांग में डाला जाता है या इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ; IVF) या इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन के लिए उपयोग किया जाता है।

अगर उपचार काम नहीं करता, तो क्या करें 

कभी-कभी पुरुष की प्रजनन समस्याओं का इलाज नहीं किया जा सकता है और उसके लिए पिता बनना असंभव होता है। ऐसी स्थिति में आप और आपकी साथी या तो किसी डोनर द्वारा दिए गए शुक्राणु का उपयोग कर सकते हैं या एक बच्चे को गोद ले सकते हैं।

शुक्राणु की कमी से होने वाली जटिलताएं - Low Sperm Count Complications in Hindi

शुक्राणु की कमी के कारण क्या जटिलताएं हो सकती हैं?

शुक्राणुओं की कमी से होने वाली नपुंसकता आपके और आपके साथी दोनों के लिए तनावपूर्ण हो सकती है। जटिलताओं में शामिल हो सकते हैं –

  • शुक्राणुओं के कम उत्पादन के मुख्य कारण के लिए सर्जरी या अन्य उपचार
  • महंगी और असिस्टिड रिप्रोडक्टिव तकनीकें, जैसे – इन व्रिटो फर्टिलाइजेशन (महिलाओं को कृत्रिम रूप से गर्भ धारण कराने वाली तकनीक)
  • पिता न बन सकने के कारण होने वाला तनाव

शुक्राणु बढ़ाने की दवा - Medication to increase sperm count in hindi

शुक्राणुओं को बढ़ाने के लिए कोई दवा उपलब्ध है या नहीं?

ऐसी कोई दवाई उपलब्ध नहीं है जिसे खाने से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ जाए।

फिर भी कुछ डॉक्टर "एम्पिरिक उपचार" (बिना रोग का कारण जाने अनुमान के आधार पर किया जाने वाला इलाज) के तहत एंटीऑक्सीडेंट्स, हर्बल दवाओं और विटामिन की गोलियों का सुझाव देते हैं। हालांकि, इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि इस उपचार से शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि हो जाएगी। यदि इस उपचार के दौरान शुक्राणु की संख्या बढ़ती है, तो ऐसा दवा के बजाय कई अन्य कारणों की वजह से हो सकता है। जीवन शैली के आधार पर शुक्राणुओं की संख्या में उतार-चढ़ाव होता रहता है, लेकिन थोड़े समय के लिए शुक्राणुओं में होने वाली वृद्धि का मतलब यह नहीं है कि समस्या ठीक हो गई है।

पुरुषों को याद रखना चाहिए कि शुक्राणु की अधिक संख्या उतनी महत्वपूर्ण नहीं है, जितना ज़रूरी यह है कि शुक्राणु गर्भ धारण कराने में सक्षम हैं या नहीं।

उपर्युक्त अप्रमाणिक दवाओं का उपयोग करने के बजाय आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) या आईसीएसआई (इंट्रासिस्टोप्लाज़्मिक स्पर्म इन्जेक्शन) जैसे प्रभावी उपचार कराये जा सकते हैं।

शुक्राणु की कमी पर वीडियो - Shukranu ki kami par video hindi mein

इस वीडियो में डॉ आयुष पांडे से जानें शुक्राणु की कमी के बारे में सभी जरूरी बातें:

Dr. Abdul Haseeb Sheikh

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सेक्सोलोजी

Dr. Ghanshyam Digrawal

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सेक्सोलोजी

Dr. Srikanth Varma

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सेक्सोलोजी

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शुक्राणु की कमी की दवा - Medicines for Low Sperm Count in Hindi

शुक्राणु की कमी के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
FolisurgeFolisurge 1200 Iu Injection17523
Humog HpHumog Hp 150 Iu/150 Iu Injection1399
MenopurMenopur Injection1176
Diva FshDiva Fsh 150 Iu Injection1327
Eema R FshEema R Fsh 300 Iu Injection6000
FoligemFoligem 150 Iu Injection1440
Gonal FGONAL F 150IU INJECTION0
Newmon RNewmon R 150 Iu Injection0
Ovitrop ROvitrop R 300 Iu Injection5600
RecagonRecagon 100 Iu Injection2571
Stimufol PStimufol P 150 Iu Injection513
BravelleBravelle 100 Iu Injection1153
EndogenEndogen 150 Iu Injection0
FostirelFostirel 1200 Iu Injection13600
FshspFshsp 150 Iu Injection680
FtropFtrop 150 Mg Injection1200
GonarecGonarec 75 Iu Injection1440
GrafyrecGrafyrec 1200 Iu Injection19808
HumegonHumegon 75 Iu Injection476
Luveris (Merck)Luveris 75 Iu Injection1709
Metrodin HpMetrodin Hp 75 Iu Injection999
NeogentinNeogentin 150 Iu Injection904
Zy Fsh HpZy Fsh Hp 150 I.U Injection1400
FollitecFollitec 75 Mg Injection600
GrafovaGrafova 150 Mg Injection840

शुक्राणु की कमी की दवा - OTC medicines for Low Sperm Count in Hindi

शुक्राणु की कमी के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Himalaya Tentex Forte TabletHimalaya Tentex Forte Tablet52
Baidyanath Kamini Vidravan RasBaidyanath Kaminividravan Ras1399
Hamdard Majun Shabab AwarHamdard Majun Shabab Awar151

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References

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