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  1. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) क्या होता है? - What is Cholesterol Test (Lipid Profile) in Hindi?
  2. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) क्यों किया जाता है - What is the purpose of Cholesterol Test (Lipid Profile) in Hindi
  3. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) से पहले - Before Cholesterol Test (Lipid Profile) in Hindi
  4. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) के दौरान - During Cholesterol Test (Lipid Profile) in Hindi
  5. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of Cholesterol Test in Hindi
  6. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) के परिणाम का क्या मतलब होता है - What do the results of Cholesterol Test (Lipid Profile)mean in Hindi

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट को लिपिड पैनल या लिपिड प्रोफाइल भी कहा जाता है। आपके डॉक्टर आपके खून में "अच्छा" कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल; HDL) और "खराब" कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल; LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स (एक प्रकार की वसा) को मापने के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल एक नरम, मोटी वसा होती है जिसकी आपके शरीर को ठीक से कार्य करने के लिए जरूरत है। हालांकि, बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल के कारण दिल की बीमारी, स्ट्रोकदिल का दौराएथेरोस्क्लेरोसिस (आपकी धमनियों का कठोर या सख्त होना) आदि हो सकता है।

पुरुषों को 35 साल की उम्र से अपना कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियमित रूप से जांचना चाहिए। और महिलाओं को 45 साल की उम्र से नियमित कोलेस्ट्रॉल स्क्रीनिंग शुरू करनी चाहिए। सुरक्षित रहने के लिए, आप अपने कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट 20 साल की उम्र से शुरू कर सकते हैं, और हर पांच साल में कम से कम एक बार करवा सकते हैं।

यदि आप शुगर की बीमारी (डायबिटीज), हृदय रोग, स्ट्रोक या हाई बीपी के लिए दवा ले रहे हैं, तो अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए आपको हर साल कोलेस्ट्रॉल की जांच करवानी चाहिए।

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण है यदि

  1. आपका हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास रहा है
  2. आप अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं
  3. आप अक्सर शराब पीते हैं
  4. आप सिगरेट का धूम्रपान करते हैं
  5. एक निष्क्रिय जीवन शैली को जीते हैं
  6. डायबिटीज, किडनी रोगपॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम आदि से पीड़ित हैं

ये सभी चीजें कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

कुछ मामलों में, आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर का परीक्षण करने से पहले आपके डॉक्टर आपको खाली पेट रहने को कह सकते हैं। यदि आप केवल अपने एचडीएल और कुल कोलेस्ट्रॉल स्तर की जाँच कर रहे हैं, तो आप पहले से ही खाना खा सकते हैं। हालांकि, यदि आपको फुल लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाना हैं, तो आपको अपने परीक्षण से 9 से 12 घंटे पहले पानी के अलावा कुछ भी नहीं खाना या पीना चाहिए।

अपने परीक्षण से पहले, आपको अपने डॉक्टर को इन बातों के बारे में भी बताना चाहिए -

  1. यदि आप किसी भी लक्षण या स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं
  2. यदि आपका ह्रदय स्वास्थ्य से सम्बंधित कोई पारिवारिक इतिहास रहा है
  3. यदि आप किसी भी प्रकार की दवाएं और सप्लीमेंट्स जो आप वर्तमान में ले रहे हैं

यदि आप दवाएं ले रहे हैं जो आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकती हैं, जैसे कि गर्भनिरोधक गोलियां, तो डॉक्टर आपको टेस्ट से कुछ दिन पहले से ही इनको लेना बंद करने को कह सकते हैं।

आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच करने के लिए, आपके डॉक्टर आपके खून का नमूना (सैंपल) लेंगे। यह टेस्ट अधिकतर सुबह खाली पेट किया जाता है। इस टेस्ट को करने में केवल कुछ ही मिनट लगते हैं और अपेक्षाकृत दर्द रहित होते हैं। यह आमतौर पर एक नैदानिक प्रयोगशाला ("टेस्ट लैब") में किया जाता है।

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट से जुड़े जोखिम बहुत ही कम होते हैं। आप थोड़े चक्कर महसूस कर सकते हैं या आपको उस जगह पर कुछ दर्द हो सकता है जहां से खून निकाला गया हो।

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण है यदि - 

  1. आपका हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास रहा है
  2. आप वजन बहु अधिक है या मोटापे से ग्रस्त हैं
  3. आप अक्सर शराब पीते हैं
  4. आप सिगरेट पीते हैं
  5. एक निष्क्रिय जीवन शैली को जीते हैं
  6. मधुमेह, किडनी की बीमारी, पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम आदि से पीड़ित हैं
    ये सभी चीजें उच्च कोलेस्ट्रॉल के विकास के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

कोलेस्ट्रॉल के स्तर मापने के लिए "खून के एक डेसीलीटर (डीएल) में कितने मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल हैं" (यानी मिलीग्राम/ डीएल)  का हिसाब लगाया जाता है। अधिकांश वयस्कों के लिए

  1. एलडीएल: 70 से 130 मिलीग्राम / डीएल (संख्या जितनी कम हो, उतना बेहतर)
  2. एचडीएल: 40 से 60 मिलीग्राम / डीएल से अधिक (संख्या जितनी अधिक हो, उतना बेहतर)
  3. कुल कोलेस्ट्रॉल: 200 मिलीग्राम / डीएल (कम संख्या बेहतर है)
  4. ट्राइग्लिसराइड्स: 10 से 150 मिलीग्राम / डीएल (कम संख्या बेहतर होती है)
  5. यदि आपके कोलेस्ट्रॉल की संख्या सामान्य सीमा से बाहर हैं, तो आप हृदय रोग, स्ट्रोक और एथेरोस्लेरोसिस का जोखिम ज़्यादा हो सकता है। यदि आपके टेस्ट के परिणाम असामान्य हैं, तो आपके डॉक्टर डायबिटीज की जांच के लिए एक ब्लड ग्लूकोज टेस्ट के लिए कह सकते हैं। आपके डॉक्टर, यह निर्धारित करने के लिए कि आपका थायरॉयड सक्रिय है या नहीं, एक थायराइड फ़ंक्शन टेस्ट करने को कह सकते हैं।

कुछ मामलों में, कोलेस्ट्रॉल टेस्ट के परिणाम गलत हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, "जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी" में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर की गणना करने के लिए एक सामान्य विधि अकसर गलत परिणामों देती है।

अनुचित उपवास, दवाएं, मानव त्रुटि और कई अन्य कारक आपके टेस्ट के गलत परिणाम की वजह हो सकते हैं। अपने एचडीएल और एलडीएल दोनों स्तरों का टेस्ट करना आम तौर पर अकेले एलडीएल की जांच के मुकाबले अधिक सटीक परिणाम देता है।

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