रीनल स्कैन एक प्रकार का न्यूक्लियर मेडिसिन टेस्ट है जो आपकी किडनी की दक्षता की जांच करने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट में, एक रेडियोएक्टिव (विकिरणों का उत्सर्जन करने वाली) दवा जैसे डायथलीनट्रिआमीन पेंटाअसिटेट (डीटीपीए) को शरीर में इंजेक्ट किया जाता है और फिर, एक विशेष गामा कैमरे की मदद से तस्वीरों को कैप्चर किया जाता है।

डीटीपीए रीनल स्कैन को मुख्य रूप से ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (जीएफआर) को मापने के लिए किया जाता है। जीएफआर वह दर है, जिस दर से किडनी के अंदर ग्लोमेरुली (छोटे फिल्टर) के माध्यम से रक्त को फिल्टर और अपशिष्ट पदार्थों को हटा दिया जाता है।

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  1. डीटीपीए रीनल स्कैन कौन नहीं करवा सकता है? - Who cannot get the DTPA renal scan done in Hindi?
  2. डीटीपीए रीनल स्कैन क्यों किया जाता है? - Why is the DTPA renal scan done in Hindi?
  3. डीटीपीए रीनल स्कैन की तैयारी - How should I prepare for the DTPA renal scan in Hindi?
  4. डीटीपीए रीनल स्कैन कैसे होता है - What is the procedure of a DTPA renal scan in Hindi?
  5. डीटीपीए रीनल स्कैन के दौरान कैसा महसूस होता है - How does a DTPA renal scan feel in Hindi?
  6. डीटीपीए रीनल स्कैन के परिणामों का क्या मतलब है? - What do the results of the DTPA renal scan mean in Hindi?
  7. डीटीपीए रीनल स्कैन के जोखिम और लाभ - What are the risks and benefits of the DTPA renal scan in Hindi?
  8. डीटीपीए रीनल स्कैन के बाद क्या होता है? - What happens after the DTPA renal scan in Hindi?
  9. डीटीपीए रीनल स्कैन के साथ और कौन से टेस्ट किए जा सकते हैं - What other tests can be done with the DTPA renal scan in Hindi?
डीटीपीए रीनल स्कैन के डॉक्टर

डीटीपीए रीनल स्कैन गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए बेहतर यही होगा कि यदि आप गर्भवती हैं या आपको पता नहीं है, लेकिन उम्मीद है तो अपने डॉक्टर को इस बारे में बता दें।

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आपके डॉक्टर निम्नलिखित स्थितियों में यह टेस्ट करवाने के लिए कह सकते हैं :

  • गुर्दों में रक्त की आपूर्ति की जांच करने के लिए
  • गुर्दों की कार्यदक्षता और पेशाब के प्रवाह का मूल्यांकन करने के लिए
  • जीएफआर की जांच के लिए, विशेष रूप से निम्नलिखित लोगों में :
  • जिनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है
  • जिनकी कीमोथेरेपी चल रही है
  • जिन्होंने किडनी दान की हो
  • गुर्दों और मूत्राशय के बीच रुकावट की जांच करने के लिए
  • हाई ब्लड प्रेशर के लक्षणों के साथ गुर्दों की कार्यदक्षता में कमी के कारणों का मूल्यांकन करने के लिए

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स्कैन से पहले आपको निम्नलिखित कुछ चीजें करने के लिए कहा जा सकता है :

  • टेस्ट से पहले आपको काफी सारा तरल (पानी) पीने को कहा जाएगा।
  • बहुत ज्यादा कॉफी और चाय का सेवन न करें, क्योंकि इनसे आप डिहाइड्रेट हो सकते हैं और इसका रिजल्ट पर बुरा असर पड़ सकता है।
  • यदि गुर्दे की बीमारी के संबंध में माध्यमिक उच्च रक्तचाप का मूल्यांकन करने के लिए स्कैन किया जाता है, तो डॉक्टर आपकी उच्च रक्तचाप की दवाओं को टेस्ट से चार से सात दिन पहले ही रोक सकते हैं। (और पढ़ें - हाई बीपी की आयुर्वेदिक दवा)
  • यदि हाई ब्लड प्रेशर के कारणों की जांच के लिए टेस्ट किया जाता है, तो आपको टेस्ट से पहले चार घंटे तक उपवास पर रहने के लिए कहा जा सकता है।
  • निम्न स्थितियों में डॉक्टर को सूचित करें :
    • यदि गर्भवती हों
    • स्तनपान करवाती हों
    • किसी भी पदार्थ से एलर्जी हो

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डीटीपीए रीनल स्कैन के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाती है :

  • आपको एक परीक्षण टेबल पर लेटने को कहा जाएगा, जिसमें आपके नीचे गामा कैमरा होगा।
  • एक पतली ट्यूब (कैनुला) की मदद से आपकी बांह की नस में एक रेडियोएक्टिव दवा डाली जाती है।
  • अब आपके ऊपर एक गामा कैमरा आएगा जो तस्वीरें लेगा।
  • कभी-कभी, डॉक्टर टेस्ट के दौरान कैप्टोप्रिल या फ़्यूरोसेमाइड जैसी दवाओं की खुराक दे सकते हैं।
  • इसके बाद आपको पेशाब करने और अपने मूत्राशय को खाली करने को कहा जाएगा।
  • आपके पेशाब करने के बाद, तस्वीरें फिर से कैप्चर की जाती हैं।
  • एक बार स्कैनिंग हो जाने के बाद, कैनुला को हटा दिया जाता है और प्रक्रिया समाप्त हो जाती है।
  • इमेजिंग प्रक्रिया को पूरा करने में एक घंटा लग सकता है।

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जब आपकी नस में रेडियोएक्टिव दवा को इंजेक्ट किया जाता है, तब आपको कुछ असुविधा हो सकती है।

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निम्नलिखित स्थितियां गुर्दे के स्कैन में असामान्य परिणाम दे सकती हैं :

  • पायलोनेफ्राइटिस (क्रोनिक किडनी फंक्शन)
  • एक्यूट किडनी फेलियर या क्रोनिक किडनी फेलियर
  • हाइड्रोनेफ्रोसिस (एक ऐसी स्थिति जिसमें मूत्राशय के पूरी तरह से खाली न होने के कारण गुर्दों में सूजन आ जाती है)
  • ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (ऐसी स्थिति जिसमें ग्लोमेरुली चोटिल हो जाती है)
  • ऑब्सट्रक्टिव यूरोपैथी (ऐसी स्थिति जिसमें पेशाब शरीर से बाहर नहीं निकल पाती और किडनी में जमा होने लगती है)
  • किडनी में चोट
  • किडनी ट्रांसप्लांट की जटिलताएं
  • गुर्दे को रक्त की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं का संकुचित होना

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डीटीपीए रीनल स्कैन के लाभ इस प्रकार हैं :

  • यह हाई ब्लड प्रेशर के कारणों का पता लगाने के साथ ही प्रत्येक गुर्दे की दक्षता का मूल्यांकन करने में मदद कर सकता है।
  • रेडियोएक्टिव दवा के किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की अभी तक जानकारी नहीं है।
  • टेस्ट के दौरान कैमरा रेडिएशन का उत्सर्जन नहीं करता है।

डीटीपीए रीनल स्कैन से जुड़ा एकमात्र जोखिम जो अब तक सामने आया है, वह है कभी-कभी, आपको रेडियोएक्टिव दवा के संपर्क में आने से एलर्जी हो सकती है।

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डॉक्टर आपको टेस्ट के बाद ढेर सारा तरल पदार्थ पीने के लिए कहेंगे। यदि आप टेस्ट के बाद निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव करते हैं तो उन्हें सूचित करें :

कैप्टोप्रिल या फ़्यूरोसेमाइड दिए जाने पर आपको बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता हो सकती है।

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डीटीपीए रीनल स्कैन को जीएफआर ब्लड टेस्ट के साथ किया जा सकता है।

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ध्यान रहे : इन भी टेस्ट के परिणाम रोगी के नैदानिक स्थितियों से सहसंबद्ध यानी जुड़े होने चाहिए। ऊपर मौजूद जानकारी शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और यह किसी भी डॉक्टर द्वारा सुझाए गए मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है।

Dr. Rachita Gupta

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