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पेल्विक अल्ट्रासाउंड क्या है?

पेल्विक अल्ट्रासाउंड एक परीक्षणात्मक टेस्ट है, जिसमें उच्च आवेग वाली ध्वनि तरंगों का प्रयोग कर पेट के निचले हिस्से व श्रोणी के आसपास के अंगों की तस्वीरें ली जाती हैं। श्रोणि आपके पेट के निचले हिस्से और जांघों के बीच का भाग होती है। 

यह टेस्ट यूरिनरी और प्रजनन अंगों की जांच करने के लिए किया जाता है। यह तीन तरह का होता है -

  • ट्रांसएब्डोमिनल 
  • ट्रांसरेक्टल (उनके लिए जो महिला-पुरुष यौन रूप से सक्रिय नहीं होते)
  • ट्रांसवजाइनल (महिलाओं के लिए)

अल्ट्रासाउंड स्कैन में एक छोटा प्रोब जिसे ट्रांसड्यूसर कहा जाता है उसे स्कैन किए जाने वाले भाग पर घुमाया जाता है। इससे ध्वनि तरंगें निकलती हैं जो कि शरीर के अंदर जाती हैं इसके बाद यह अंगों से टकराकर आने वाली तरंगों की तस्वीरें निकालता है। ये तरंगे इसके बाद तस्वीरों में बदली जाती हैं, जिसे पूरी तरह स्क्रीन पर देखा जा सकता है।

  1. पेल्विक अल्ट्रासाउंड क्यों किया जाता है - Pelvic ultrasound kyon kiya jata hai
  2. पेल्विक अल्ट्रासाउंड की तैयारी कैसे करें - Pelvic ultrasound ki taiyari kaise karein
  3. पेल्विक अल्ट्रासाउंड कैसे किया जाता है - Pelvic ultrasound kaise kiya jata hai
  4. पेल्विक अल्ट्रासाउंड के परिणाम का क्या मतलब है - Pelvic ultrasound ke result ka kya matlab hai
  5. पेल्विक अल्ट्रासाउंड के फायदे और नुकसान क्या हैं - Pelvic ultrasound ke fayde aur nuksan kya hain
  6. पेल्विक अल्ट्रासाउंड के बाद क्या होता है - Pelvic ultrasound ke baad kya hota hai

पेल्विक अल्ट्रासाउंड क्यों किया जाता है?

पेल्विक अल्ट्रासाउंड महिलाओं में सर्विक्स, गर्भाशय, अंडाशय, फेलोपियन ट्यूब और ब्लैडर की जांच करने के लिए किया जाता है। इस अल्ट्रासाउंड की मदद से इन अंगों के आकार और आकृति में हुए किसी भी तरह के बदलाव को देखा जा सकता है। ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड विशेष रूप से अंडाशय और गर्भाशय की आंतरिक परत और मांसपेशियों की दीवारों को देखने के लिए किया जाता है।

डॉक्टर पेल्विक अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह निम्न स्थितियों में देते हैं -

  • निम्न लक्षणों का परीक्षण करने के लिए -
  • गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में शिशु के विकास की जांच करने के लिए 
  • ट्यूमर, सिस्ट या कैंसर की जांच करने के लिए
  • गर्भावस्था गर्भाशय के बाहर है, इसकी जांच करने के लिए 
  • नपुसंकता की जांच करने और इसका इलाज करने के लिए 
  • श्रोणि में किसी भी तरह के संक्रमण और सूजन की जांच करने के लिए 
  • गर्भाशय की बायोप्सी के दौरान सुई को निर्देश देने के लिए 

पुरुषों में पेल्विक अल्ट्रासाउंड ट्रांसरेक्टल के जरिए किया जाता है, जिसमें प्रोस्टेट ग्रंथि, सेमिनल वेसिक्ल (ग्रंथियों का एक जोड़ा जो वीर्य में द्रव शामिल करता है) और यूरिनरी ब्लैडर की जांच होती है। 

निम्न लक्षणों के दिखाई देने पर पुरुषों को पेल्विक अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी जा सकती है -

  • शारीरिक परीक्षण में दिखाई देने वाली गांठ  
  • पेशाब करने में समस्या 
  • पीएसए टेस्ट के परिणामों में ब्लड टेस्ट का परिणाम अधिक आना 

पेल्विक अल्ट्रासाउंड कौन नहीं करवा सकता?

अल्ट्रासाउंड बहुत ही सुरक्षित प्रक्रिया है, जिसे कोई भी करवा सकता है। 

हालांकि, ट्रांसवजाइनल पेल्विक अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह उन महिलाओं को नहीं दी जाती है जो यौन रूप से सक्रिय न हों। ऐसे में उनके लिए ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड किया जा सकता है।

आपको टेस्ट के लिए ढीले कपड़े पहन कर जाने को कहा जाएगा या फिर आपको अस्पताल की गाउन भी दी जा सकती है। स्कैन किए जाने वाले भाग से आपको सभी आभूषण उतारने के लिए कहा जाएगा। 

इसके साथ ही डॉक्टर आपको टेस्ट से पहले कम से कम तीन गिलास पानी पीकर आने को कहेंगे। यदि ब्लैडर भरा हुआ होता है तो तस्वीरें साफ आती हैं। जब तक डॉक्टर न कहें तब तक पेशाब न जाएं। 

ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड के लिए आपको रक्त को पतला करने वाली दवा न लेने की सलाह दी जाएगी, विशेषकर यदि बायोप्सी भी की जा रही है। आपके पेट को साफ करने के लिए टेस्ट से दो-चार घंटे पहले आपको एनीमा दिया जाएगा। 

यदि आपको लेटेक्स से एलर्जी है तो इसके बारे में आप डॉक्टर को ट्रांसवजाइनल या ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड करवाने से पहले बता दें क्योंकि ट्रांसड्यूसर पर लेटेक्स की परत लगी हो सकती है। 

पेल्विक अल्ट्रासाउंड कैसे किया जाता है?

पेल्विक अल्ट्रासाउंड निम्न तरीके से किया जा सकता है -

  • एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड -
    • आपको अपना चेहरा एग्जाम टेबल पर ऊपर करके लेटने को कहा जाएगा 
    • डॉक्टर या सोनोग्राफर आपके पेट पर एक जेल लगाएंगे। इसके बाद वे ट्रांसड्यूसर को पीछे से आगे की तरफ पेट पर घुमाएंगे ताकि पर्याप्त तस्वीरें निकाली जा सकें 
    • स्कैन के बाद जेल को हटा दिया जाएगा 
  • ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड -
    • डॉक्टर आपको स्कैन से पहले पेशाब जाने को कहेंगे।
    • इसके बाद आपको एग्जाम टेबल पर लिटाया जाएगा और आपके पैरों को स्टिर अप से सहारा दिया जाएगा
    • अब डॉक्टर आपकी योनि में एक पतला ट्रांसड्यूसर डालेंगे ट्रांसड्यूसर लेटेक्स या प्लास्टिक की परत से सुरक्षित होगा। साथ ही इस पर जेल जैसा पदार्थ लगा होगा ताकि यह योनि में आसानी से जा सके 
    • पर्याप्त तस्वीरें मिल जाने के कारण डॉक्टर ट्रांसड्यूसर निकाल देंगे 
  • ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड 
    • ​आपको एक करवट लेकर लेटने को कहा जाएगा। इस दौरान आपको अपने घुटने थोड़े से मोड़ने होंगे 
    • डॉक्टर ट्रांसड्यूसर को आपके मलाशय के अंदर से ले जाते हुए रेक्टम में डालेंगे। यह ट्रांसड्यूसर लेटेक्स या प्लॉस्टिक से ढका होगा 
    • जिस भाग को स्कैन किया जाना है उसकी तस्वीरें ली जाएगी 
    • स्कैन के बाद डॉक्टर ट्रांसड्यूसर निकाल देंगे

पेल्विक अल्ट्रासाउंड कैसा महसूस होता है?

पेल्विक अल्ट्रासाउंड दर्दरहित होता है। हालांकि, जब ट्रांसड्यूसर किसी दर्द वाले भाग से गुजरेगा तो आपको दर्द महसूस हो सकता है। ट्रांसवजाइनल या ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड के मामले में जब ट्रांसड्यूसर शरीर में डाला जाएगा तो आपको हल्का सा दर्द या थोड़ी सी बेचैनी महसूस हो सकती है।

पेल्विक अल्ट्रासाउंड के परिणामों का क्या मतलब है?

पेल्विक अल्ट्रासाउंड स्कैन में निम्न स्थितियों का परीक्षण किया जा सकता है -

  • गर्भाशय या अंडाशय में किसी भी प्रकार की ग्रोथ जैसे फिब्रोइड (रसौली), पोलिप्स या सिस्ट 
  • गर्भाशय या योनि में असामान्यताएं 
  • गर्भाशय, अंडाशय, सर्विक्स या श्रोणि के अन्य भागों में कैंसर 
  • गर्भाशय पर निशान 
  • पित्त की थैली में पथरी, ट्यूमर या कैंसर 
  • अंडाशय का मुड़ना 
  • गर्भाशय के बाहर गर्भ ठहरना (एक्टोपिक प्रेग्नेंसी)
  • गर्भाशय, अंडाशय या फेलोपियन ट्यूब में संक्रमण
  • प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना 
  • प्रोस्टेट ग्रंथि में असामान्य ग्रोथ 

पेल्विक अल्ट्रासाउंड के फायदे और नुकसान क्या हैं?

पेल्विक अल्ट्रासाउंड में कोई खतरा नहीं है।

इसके निम्न फायदे हैं - 

  • इसमें चीरा नहीं लगाया जाता है 
  • नरम ऊतकों की तस्वीरें स्पष्ट होती हैं जो कि एक्स रे अच्छे से दिखाई नहीं देती हैं 
  • सुरक्षित, इसमें किसी भी प्रकार की रेडिएशन का सामना नहीं करना होता

पेल्विक अल्ट्रासाउंड के बाद क्या होता है?

पेल्विक अल्ट्रासाउंड के बाद किसी विशेष देखरेख की ज़रूरत नहीं होती है। आप सामान्य आहार खा सकते हैं और अगर डॉक्टर ने कोई निर्देश नहीं दिए हैं तो टेस्ट के बाद अपनी दिनचर्या पर लौट सकते हैं। 

पेल्विक अल्ट्रासाउंड के साथ कौन से अन्य टेस्ट किए जा सकते हैं?

पेल्विक अल्ट्रासाउंड के साथ निम्न टेस्ट किए जा सकते हैं -

  • डॉप्लर अल्ट्रासाउंड 
  • बायोप्सी
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संदर्भ

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