स्वास्थ्य संबंधी तमाम फायदे प्राप्त करने के लिए दुनियाभर में मछलियों का सेवन किया जाता है। प्रोटीन, विटामिन, पोटैशियम सहित अनेक पोषक तत्वों की स्रोत मानी जानी वाली मछलियों का सेवन आंखों, त्वचा सहित शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद होता है। दुनियाभर में मछलियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। ऐसी ही एक मछली है- टूना फिश।
इसमें समाहित पोषक तत्वों के कारण इसकी बहुत अधिक मांग भी है। यदि आप प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे तत्वों को प्राप्त करना चाहते हैं तो यह मछली आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। टूना मछलियों को फैट रहित उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का स्रोत माना जाता है। इसमें शरीर के लिए आवश्यक सभी अमीनो एसिड पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों के विकास के लिए काफी आवश्यक हैं।
टूना मछलियां फायदेमंद तो हैं, लेकिन इनका बहुत अधिक सेवन स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न कर सकता है। असल में टूना मछलियां, विशेषकर केन्ड टूना मछलियों में मर्करी की मात्रा अधिक होती है। शरीर में मर्करी की मात्रा बढ़ जाने पर यह न्यूरोटॉक्सिन के रूप में कार्य करती है जिससे मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के प्रभावित होने का खतरा रहता है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों का मर्करी के संपर्क में आना काफी हानिकारक हो सकता है।
इस लेख में हम आपको टूना फिश के सेवन से होने वाले फायदों और नुकसान के बारे में बताएंगे।
- पोषक तत्वों से भरपूर है टूना मछली - Tuna fish me Nutrition ki matra
- टूना मछली के फायदे - Tuna fish ke fayde
- टूना मछली से होने वाले स्वास्थ्य संबंधित नुकसान - Tuna fish se hone wale Health related issues
पोषक तत्वों से भरपूर है टूना मछली - Tuna fish me Nutrition ki matra
टूना मछली में मर्करी की मौजूदगी हमेशा से चर्चा का विषय रही है। हालांकि, यह तमाम स्वास्थ्य संबंधी पोषक तत्वों को भी समाहित किए हुए है।
एक केन (करीब 165 ग्राम) टूना मछली में निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं।
- कैलोरी : 191
- फैट : 14 ग्राम
- सोडियम : 83 मिलीग्राम
- कार्बोहाइड्रेट : 0
- फाइबर : 0
- शुगर : 0
- प्रोटीन : 42 ग्राम
टूना में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और शुगर की मात्रा बिल्कुल नहीं पाई जाती है। हालांकि, ओमेगा-3 फैटी एसिड से यह परिपूर्ण होती है जो कई प्रकार से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
टूना मछली के फायदे - Tuna fish ke fayde
टूना मछली का सेवन कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। इसमें फोलेट, आयरन और विटामिन बी12 पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो एनीमिया जैसे रोगों से शरीर की रक्षा करती है। एनीमिया हो जाने से मांसपेशियों में कमजोरी, थकान, दृष्टि विकार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा टूना ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है, जो कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाए बिना ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने के में काफी फायदेमंद हो सकती है। इससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक
टूना मछली मधुमेह को नियंत्रित रखने में आपकी मदद कर सकती है। यह कार्बोहाइड्रेट रहित है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन ने शीर्ष 10 खाद्य पदार्थों की सूची में ओमेगा-3 एस युक्त मछलियों में टूना को भी शामिल किया है। संबंधित विशेषज्ञ सप्ताह में दो दिन टूना के सेवन की सलाह देते हैं, जिससे मधुमेह को नियंत्रित किया जा सके।
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उम्र संबंधी मांसपेशियों की क्षति को रोकने में सहायक
टूना जैसे खाद्य पदार्थों में पॉलीअनसेचुरेटेड फैट उच्च मात्रा में पाई जाती है। जो मांसपेशियों को मजबूती देने के लिए आवश्यक है। इसके अलावा इसमें आवश्यक अमीनो एसिड भी पाया जाता है जो मांसपेशियों में प्रोटीन संश्लेषण को बढ़ाने के साथ उम्र संबंधित मांसपेशियों को होने वाली क्षति को रोकता है। टूना में मौजूद फैटी एसिड और प्रोटीन का संयोजन शरीर को मजबूती देता है।
टूना मछली से होने वाले स्वास्थ्य संबंधित नुकसान - Tuna fish se hone wale Health related issues
टूना मछली स्वास्थ्य संबंधी फायदों से तो भरपूर है। इसके साथ ही इसमें पर्यावरणीय प्रदूषक मेथिलमर्करी पाया जाता है। मेथिलमर्करी एक प्रकार का न्यूरोलॉजिकल टॉक्सिन होता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी कई नुकसान हो सकते हैं। इसके संपर्क में आने से बच्चों में विकासात्मक देरी, दृष्टि संबंधी समस्याएं, मस्तिष्क संबधी कई विकारों के साथ सुनने और बोलने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
वयस्कों में मर्करी पॉइजनिंग होने से प्रजनन संबंधी समस्याएं और ब्लड प्रेशर में उतार चढ़ाव की दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा मर्करी पॉइजनिंग के कारण निम्न प्रकार की दिक्कतें भी आ सकती हैं।
- स्मृति हानि,
- ट्रमर
- दृष्टि हानि
- स्तब्ध हो जाना
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सलाह दी जाती है कि समुद्री भोजन का सेवन कम से कम करें। ज्यादातर सी फूड में मर्करी पाई जाती है। विशेषज्ञों की मानें तो सप्ताह में दो दिन से अधिक बार सी फूड का सेवन नहीं करना चाहिए।



