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एनीमिया तब होता है जब रक्त में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन नहीं होता है। हीमोग्लोबिन रक्त की कोशिकाओं के लिए ऑक्सीजन आबद्ध करने के लिए आवश्यक है। यदि आपके पास कम या असामान्य लाल रक्त कोशिकाएं हों या आपका हीमोग्लोबिन कम या असामान्य हो तो आपके शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलेगा। एनीमिया के लक्षण जैसे थकान तब महसूस होते हैं जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलता है। 

महिलाओं, बच्चो और लंबे समय से चल रही बिमारियों से पीड़ित लोगों को एनीमिया आसानी से हो सकता है। 

भारत में एनीमिया के हर साल 1 करोड़ मामले होते हैं। 

एनीमिया के बारे में कुछ महत्वपूर्ण कारक इस प्रकार हैं:

  1. एनीमिया के कुछ प्रकार अनुवांशिक होते हैं और कुछ लोगों को एनीमिया बचपन से होता है। 
  2. गर्भधारण करने की योग्य उम्र में महिलाओं को मासिक धर्म के कारण रक्त की कमी और शरीर द्वारा ज़्यादा रक्त की ज़रुरत के कारण आसानी से एनीमिया हो सकता है। (और पढ़ें: मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव के कारण और उपाय
  3. अनुचित आहार और अन्य चिकित्सक समस्याओं के कारण भी लोगों को एनीमिया हो सकता है।

एनीमिया के कई प्रकार हो सकते हैं। सबके कारण और उपचार अलग होते हैं। आयरन की कमी के कारण होने वाला एनीमिया सबसे सामान्य है और इसका उपचार आहार बदलने और आयरन युक्त आहार से किया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान होने वाले एनीमिया को कुछ हद तक सामान्य समझा जाता है। तथापि कुछ प्रकार एनीमिया के कारण ज़िन्दगी भर स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याएं हो सकती हैं। 

  1. खून की कमी (एनीमिया) के प्रकार - Types of Anemia in Hindi
  2. खून की कमी (एनीमिया) के लक्षण - Anemia Symptoms in Hindi
  3. खून की कमी (एनीमिया) के कारण - Anemia Causes in Hindi
  4. खून की कमी (एनीमिया) से बचाव - Prevention of Anemia in Hindi
  5. खून की कमी (एनीमिया) का परीक्षण - Diagnosis of Anemia in Hindi
  6. खून की कमी (एनीमिया) का इलाज - Anemia Treatment in Hindi
  7. खून की कमी (एनीमिया) के जोखिम और जटिलताएं - Anemia Risks & Complications in Hindi
  8. खून की कमी (एनीमिया) में परहेज - What to avoid during Anemia in Hindi?
  9. खून की कमी (एनीमिया) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Anemia in Hindi?
  10. एनीमिया की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  11. बाबा के योग से दूर करें खून की कमी
  12. एनीमिया (खून की कमी) के घरेलू उपाय
  13. एनीमिया (खून की कमी) के लिए योग और प्राणायाम
  14. एनीमिया की दवा - Medicines for Anemia in Hindi
  15. एनीमिया की दवा - OTC Medicines for Anemia in Hindi
  16. एनीमिया के डॉक्टर

खून की कमी (एनीमिया) के प्रकार - Types of Anemia in Hindi

एनीमिया के निम्नलिखित प्रकार होते हैं:

  1. आयरन की कमी के कारण एनीमिया: आयरन की कमी के कारण एनीमिया, एनीमिया का सामान्य प्रकार है जो आमतौर पर तब होता है जब बहुत समय से मासिक धर्म के कारण खून की अत्यधिक कमी हो रही होती है। गर्भावस्था में भ्रूण (फीटस) के विकास और, बच्चो में बचपन और किशोरावस्था में विकास के लिए आयरन की ज़्यादा ज़रुरत के कारण भी आयरन की कमी के कारण एनीमिया हो सकता है। 
  2. अप्लास्टिक (Aplastic) एनीमिया: अप्लास्टिक (Aplastic) एनीमिया रक्त का एक विकार है जिस कारण शरीर की हड्डियों की मज्जा पर्याप्त रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाता है। इस कारण स्वास्थ्य सम्बंधित कई समस्याएं जैसे एरिथमियास (Arrhythmias; असामान्य दिल की धड़कन), हृदय के आकार में वृद्धि, दिल की विफलता, सक्रमण और रक्तस्त्राव हो सकता है। यह अचानक या धीरे-धीरे विकसित होता है और समय के साथ गंभीर हो जाता है, जब तक कि इसका इलाज नहीं किया जाता है।
  3. हेमोलिटिक (Haemolytic) एनीमिया: हेमोलिटिक (Haemolytic) एनीमिया तब होता है जब सामान्य जीवन काल के समाप्त होने से पहले ही लाल रक्त कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं या रक्तधारा में नहीं होती हैं। कई बिमारियों, स्तिथियों और कारकों के कारण शरीर लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है। हेमोलिटिक (Haemolytic) एनीमिया से कई गंभीर स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याएं जैसे थकान, दर्द, एरिथमियास (Arrhythmias; असामान्य दिल की धड़कन), हृदय के आकार में वृद्धि, दिल की विफलता हो सकती हैं। 
  4. थेलसेमिआस (Thalassaemias): थेलसेमिआस (Thalassaemias) एक अनुवांशिक रक्त विकार है जिस कारण शरीर कम लाल रक्त कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन (लाल रक्त कोशिकाओं में एक आयरन युक्त प्रोटीन) बनाता है। थेलसेमिआस (Thalassaemias) के प्रमुख प्रकार हैं: अल्फा थेलसेमिआस (Thalassaemias) और बीटा थेलसेमिआस (Thalassaemias)। अल्फा थेलसेमिआस (Thalassaemias) के गंभीर प्रकार को अल्फा थेलसेमिआस (Thalassaemias) मेजर या हीड्रोप्स फिटलिस (Hydrops Fetalis) कहते हैं और बीटा थेलसेमिआस (Thalassaemias) के गंभीर प्रकार को बीटा थेलसेमिआस (Thalassaemias) मेजर या कुली एनीमिया (Cooley's Anaemia) कहते हैं। थेलसेमिआस (Thalassaemias) पुरुषों और महिलाओं, दोनों में होता है। 
  5. सिकल सेल एनीमिया (Sickle Cell Anaemia): सिकल सेल एनीमिया (Sickle Cell Anaemia) एक गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर दरांती (सिकल) के आकृति जैसी लाल रक्त कोशिकाएं बनाता है। सामान्य लाल रक्त कोशिकाएं की आकृति डिस्क (Disk) जैसी होती है जिस कारण वह रक्त वाहिकाओं के ज़रिये आसानी से उत्तीर्ण होता है। लाल रक्त वाहिकाओं में हीमोग्लोबिन (एक आयरन युक्त प्रोटीन जो रक्त को उसका लाल रंग देता है और ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के अन्य भागों तक ले जाता है) नामक प्रोटीन होता है। 
  6. परनिशियस (Pernicious) एनीमिया: परनिशियस (Pernicious) एनीमिया में शरीर पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाता है क्योंकि शरीर में पर्याप्त विटामिन B12 (भोजन में पाया जाने वाला पोषक तत्व) नहीं होता है। जिन लोगों को परनिशियस (Pernicious) एनीमिया होता है वह शरीर में एक प्रकार के प्रोटीन की कमी के कारण पर्याप्त विटामिन B12 का अवशोषण नहीं कर पाते हैं। विटामिन B12 की कमी कई ओर स्तिथियों और कारकों के कारण भी हो सकती है। 
  7. फेंकोनाइ (Fanconi) एनीमिया या ऍफ़ए (FA) एक अनुवांशिक रक्त विकार है जिस कारण हड्डियों की मज्जा की विफलता हो सकती है। ऍफ़ए (FA), अप्लास्टिक (Aplastic) एनीमिया का एक प्रकार है जो हड्डियों की मज्जा को नई रक्त कोशिकाएं नहीं बनाने देता है। ऍफ़ए (FA) के कारण हड्डियों की मज्जा कई असामान्य रक्त कोशिकाएं बनाता है। इस कारण लेउकीमिअ (Leukemia) जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। 

खून की कमी (एनीमिया) के लक्षण - Anemia Symptoms in Hindi

एनीमिया के लक्षण आपको हुए एनीमिया के प्रकार पर निर्भर करेंगे।

एनीमिया के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

  1. थकान
  2. कमज़ोरी 
  3. त्वचा का पीला होना 
  4. दिल की धड़कन का असामान्य होना 
  5. सांस लेने में तकलीफ
  6. चक्कर आना
  7. सीने में दर्द
  8. हाथों और पैरों का ठंडा होना
  9. सिरदर्द

शुरुआत में एनीमिया के लक्षण नज़रअंदाज़ हो जाते हैं लेकिन जैसे-जैसे एनीमिया गंभीर होने लगता है, उसके लक्षण भी गंभीर हो जाते हैं। 

खून की कमी (एनीमिया) के कारण - Anemia Causes in Hindi

एनीमिया के 400 प्रकार होते हैं, जिसे 3 क्षेत्रों में बांटा जा सकता है:

रक्त की कमी के कारण एनीमिया। 

लाल रक्त कोशिकाओं की कमी रक्तस्त्राव के कारण हो सकती है, जो अक्सर धीरे-धीरे समय के साथ हो सकता है, और नज़रन्दाज़ हो सकता है। इस प्रकार का गंभीर रक्तस्त्राव निम्नलिखित कारणों की वजह से हो सकता है:

  1. जठरांत्र सम्बंधित समस्याएं जैसे अलसर, बवासीर, जठरशोथ (पेट की सूजन), और कैंसर। (और पढ़ें – बवासीर का घरेलू इलाज)  
  2. एनएसएआईडी (NSAID) जैसे एस्पिरिन (Aspirin) और इबूप्रोफेन (Ibuprofen) का इस्तेमाल करने से अलसर और जठरशोथ हो सकता है। 
  3. महिलाओं में मासिक धर्म और प्रसव, ख़ास तौर से तब जब मासिक धर्म में अत्यधिक खून बह रहा हो और कई बार गर्भावस्था हुई हो। 

दोषपूर्ण लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के कारण एनीमिया:

इस प्रकार के एनीमिया में रक्त कोशिकाओं का उत्पादन कम होता है या रक्त कोशिकाएं ढंग से काम नहीं करती हैं। विटामिन और खनिज की कमी और असामान्य लाल रक्त कोशिकाओं के कारण लाल रक्त कोशिकाएं दोशपूर्व या कम होती हैं। इन स्तिथियों से सम्बंधित एनीमिया इस प्रकार हैं:

  1. सिकल (Sickle) सेल एनीमिया
  2. आयरन की कमी के कारण एनीमिया
  3. विटामिन की कमी 
  4. हड्डियों की मज्जा और स्टेम सेल में समस्याएं
  5. अन्य स्वास्थ सम्बंधित समस्याएं

हड्डियों की मज्जा और स्टेम सेल में समस्याएं:

हड्डियों की मज्जा और स्टेम सेल में समस्याओं के कारण शरीर पर्याप्त लाल कोशिकाओं का उत्पादन नहीं कर पाता है। हड्डियों की मज्जा में पाए जाने वाले कुछ स्टेम सेल लाला रक्त कोशिकाओं में परिवर्तित हो जाते हैं। यदि स्टेम सेल कम या दोशपूर्व हों या उनकी जगह कैंसर की मेटास्टैटिक (Metastatic) कोशिकाएं हों तो एनीमिया हो सकता है। हड्डियों की मज्जा या स्टेम सेल में समस्याओं के कारण होने वाली समस्याएं या बीमारियाँ इस प्रकार हैं:   

  1. अप्लास्टिक (Aplastic) एनीमिया
  2. थैलेसीमिअ (Thalassemia)
  3. लेड (Lead) के कारण हड्डियों की मज्जा में विषाक्तता

हॉर्मोन की कमी के कारण लाल रक्त कोशिकाएं का कम उत्पादन:

इस समस्या के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

  1. गुर्दे की बीमारी
  2. हाइपोथायरॉइडिज़्म (Hypothyroidism)
  3. लंबे समय से चल रही बीमारियाँ जैसे कैंसर, संक्रमण, लूपस, मधुमेह, रूमटॉइड अर्थिराइटिस
  4. बुढ़ापा 

लाल रक्त कोशिकाओं के नष्ट होने से निम्नलिखित एनीमिया हो सकते हैं:

जब लाल रक्त कोशिकाएं कमज़ोर होती हैं तब वह परिसंचरण प्रणाली का दबाव नहीं सेह पाती हैं। इस कारण वह हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त हो सकती हैं जिस वजह से हेमोलिटिक (Hemolytic) एनीमिया हो सकता है। हेमोलिटिक (Hemolytic) एनीमिया जन्म से भी हो सकता है। कभी-कभी हेमोलिटिक (Hemolytic) एनीमिया होने का कोई कारण नहीं होता है। हेमोलिटिक (Hemolytic) एनीमिया के ज्ञात कारण इस प्रकार हैं:

  1. अनुवांशिक बीमारियाँ जैसे सिकल (Sickle) सेल एनीमिया और थैलेसीमिअ (Thalassemia)। 
  2. संक्रमण, कुछ दवाइयों, साँप या मकड़ी के ज़हर, और कुछ खाध पदार्थ। 
  3. लिवर और गुर्दे की बीमारी के कारण विषाक्तता। 
  4. प्रतिरक्षा प्रणाली की असामान्य गतिविधि (नवजान शिशु में हेमोलिटिक (Hemolytic) बीमारी जो गर्भवती महिला के भ्रूण (फीटस) में होती है)। 
  5. वेस्कुलर ग्राफ्ट (Vascular Graft), हार्ट वॉल्व में समस्या, ट्यूमर, जलने के कारण समस्या, रसायनों के संपर्क में आने से समस्याएं, उच्च रक्तचाप, रक्त के थक्कों का विकार। 
  6. कुछ दुर्लभ स्तिथियों में, बढ़ा हुआ स्प्लीन लाल रक्त कोशिकाओं को रोक कर उन्हें नष्ट कर देता है। 

खून की कमी (एनीमिया) से बचाव - Prevention of Anemia in Hindi

एनीमिया के कुछ प्रकारों जैसे सिकल (Sickle) सेल एनीमिया (जो एक अनुवांशिक बीमारी है) से बचा नहीं जा सकता है। 

खून की कमी के कारण होने वाले एनीमिया से बचना भी मुश्किल है क्योंकि दुर्घटनाएं और चोटें अप्रत्याशित हैं। यदि आप किसी ऐसी स्तिथि में हों जब आप अधिक खून बह रहा हो तो जब तक आपको कोई चिकित्सक मदद ना मिलें तब तक आपको अपने रक्तस्त्राव को रोकने या कम करने की कोशिश करें। 

अन्य प्रकार के एनीमिया से बचने के लिए:

  1. आयरन में युक्त स्वस्थ आहार का सेवन करें। 
  2. चाय और कॉफ़ी का सेवन कम करें क्योंकि इनके कारण आपके शरीर को आयरन का अवशोषण करने में परेशानी हो सकती है। 
  3. विटामिन सी (C) का सेवन ज़्यादा करें क्योंकि वह आयरन का अवशोषण करने में मदद करता है। 

खून की कमी (एनीमिया) का परीक्षण - Diagnosis of Anemia in Hindi

एनीमिया का निदान करने के लिए डॉक्टर आपको आपके चिकित्सक और पारिवारिक इतिहास के बारे में पूछेंगे, आपका शारीरिक टेस्ट करेंगे और आपको निम्नलिखित टेस्ट करवाने को कहेंगे:

  1. पूर्ण रक्त गणना का टेस्ट या कम्प्लीट ब्लड टेस्ट (सीबीसी) (Complete blood count (CBC)) आपके रक्त के नमूने में कोशिकाओं की संख्या मापता है। एनीमिया का निदान करने के लिए डॉक्टर आपके रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं (हेमाटोक्रिट; Hematocrit) और हीमोग्लोबिन के स्तर देखेंगे। 
    (हेमाटोक्रिट; Hematocrit) का स्तर पुरुषों में 40-52 प्रतिशत होते हैं और महलाओं में 35-47 प्रतिशत होता है। पुरुषों में हीमोग्लोबिन का स्तर 14-18 ग्राम/ डेसिलीटर होता है और महिलाओं में 12-16 ग्राम/ डेसिलिटर होता है। 
  2. आपके लाल रक्त कोशिकाओं के रंग, आकर और आकृति जानने के लिए भी एक टेस्ट किया जाएगा।  
  3. कभी-कभी एनीमिया का निदान करने के लिए आपकी हड्डियों के मज्जा के नमूने की भी ज़रुरत पड़ सकती है। 

यदि आपके एनीमिया का निदान हो जाए तो एनीमिया होने के कारण को जानने के लिए भी टेस्ट किए जाएंगे।

खून की कमी (एनीमिया) का इलाज - Anemia Treatment in Hindi

आपको हुए एनीमिया का उपचार आपको हुए एनीमिया के प्रकार पर निर्भर करेगा:

  1. आयरन की कमी के कारण हुए एनीमिया: एनीमिया के इस प्रकार का उपचार आप आयरन में युक्त आहार लेकर और अपनी आहार में कुछ बदलाव लाकर कर सकते हैं। यदि आयरन की कमी के कारण हुए एनीमिया मासिक धर्म की वजह से ना हुआ हो और इसका कारण कोई रक्तस्त्राव हो तो सर्जरी भी करनी पड़ सकती है। 
  2. विटामिन की कमी के कारण हुआ एनीमिया: विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी के कारण हुए एनीमिया का उपचार आहार में बदलाव लाकर, विटामिन B12 और फोलिक एसिड में युक्त आहार का सेवन करके किया जा सकता है। यदि आपके पाचन तंत्र को विटामिन B12 का अवशोषण करने में समस्या होती हो तो आपको विटामिन B12 के इंजेक्शन करवाने की आवश्यकता हो सकती है। आपकी स्तिथि के अनुसार आपको इंजेक्शन 1 महीने या ज़िन्दगी भर करवाना पड़ सकता है। 
  3. लंबे समय से चल रही बीमारी के कारण हुआ एनीमिया: इस प्रकार के एनीमिया का कोई उपचार नहीं होता है। डॉक्टर आपको चल रही बीमारी का उपचार करने की कोशिश करते रहेंगे। यदि आपको हो रहे लक्षण गंभीर हो जाए तो आपका रक्त-आधान किया जाएगा या आपको कृत्रिम एरिथ्रोप्रोटीन (Synthetic Erythropoietin; एक प्रकार का प्रोटीन जिसका उत्पादन आपके गुर्दों में होता है) के इंजेक्शन दिए जाएंगे जिससे लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाया जा सके और आपको हो रहे लक्षणों का उपचार किया जा सके। 
  4. अप्लास्टिक (Aplastic) एनीमिया: अप्लास्टिक (Aplastic) एनीमिया के उपचार के लिए रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं के स्तर को बढ़ाने के लिए रक्त-आधान करने की आवश्यकता हो सकती है। यदि आपकी हड्डियों के मज्जा में कोई समस्या हो जिस कारण वह स्वस्थ रक्त कोशिकाएं ना बना पा रहा हो तो आपको हड्डियों की मज्जा का प्रत्यारोपण करने की भी आवश्यकता हो सकती है। 
  5. हड्डियों की मज्जा से सम्बंधित एनीमिया: ऐसे एनीमिया के उपचार के लिए आपको दवाइयों, कीमोथेरपी, या हड्डियों की मज्जा का प्रत्यारोपण करने की आवश्यकता हो सकती है। 
  6. हेमोलिटिक (Hemolytic) एनीमिया: हेमोलिटिक (Hemolytic) एनीमिया के उपचार के लिए जिन दवाइयों के कारण हेमोलिटिक (Hemolytic) एनीमिया हो सकता है, प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर हो सकती है या जो दवाइयाँ आपकी लाल रक्त कोशिकाओं को हानि पहुँचा सकती हों उनका सेवन ना करें और हेमोलिटिक (Hemolytic) एनीमिया से सम्बंधित संक्रमणों का इलाज करवाएं। 
  7. आपको हुए एनीमिया की गंभीरता के अनुसार, रक्त-आधान, प्लास्माफेरेसिस (Plasmapheresis; रक्त फ़िल्टर करने की एक प्रक्रिया) या स्प्लीन का निष्कासन करना आवश्यक हो सकता है। 
  8. सिकल (Sickle) सेल एनीमिया: इस प्रकार के एनीमिया के उपचार में ऑक्सीजन, दर्द निवारक दवाइयाँ, दर्द और जटिलताओं को कम करने के लिए मौखिक और नसों के माध्यम से दी जाने वाली दवाइयाँ की आवश्यकता हो सकती है। डॉक्टर आपको रक्त-आधार, फोलिक एसिड युक्त भोजन और एंटीबायोटिक लेने की सलाह दे सकते हैं। कुछ स्तिथियों में हड्डियों की मज्जा का प्रत्यारोपण प्रभावी हो सकता है। कैंसर की कुछ दवाइयाँ जैसे हाइडरिआ (Hydrea) सिकल (Sickle) सेल एनीमिया में उपयोगी हो सकती है। 
  9. थैलेसीमिअ (Thalassemia): इस प्रकार के एनीमिया का उपचार रक्त-आधार, फोलिक एसिड में युक्त भोजन, दवाइयों, स्प्लीन के निष्कासन और हड्डियों की मज्जा के प्रत्यारोपण से किया जा सकता है। 

अगर आपको एनीमिया हो तो कृपया डॉक्टर से सलाह किए बिना कोई दवा ना लें और स्वयं इलाज न करें।

खून की कमी (एनीमिया) के जोखिम और जटिलताएं - Anemia Risks & Complications in Hindi

इन कारको के कारण आपको एनीमिया होने का​ जोखिम हो सकता है:

  1. यदि आप स्वस्थ आहार ना ले रहे हों, आपकी आहार में आयरन, विटामिन B12 और फोलेट निरंतर कम हो तो आपको एनीमिया होने का जोखिम हो सकता है। 
  2. आंतो में विकार: यदि आपके आंतो में विकार जैसे क्रोहन की बीमारी (Crohn's Disease) या सीलिएक की बीमारी (Celiac's Disease) हो जिस कारण आप पोषक तत्वों का अवशोषण ना कर पा रहें हों तो आपको एनीमिया होने का जोखिम हो सकता है। 
  3. यदि आपको मासिक धर्म होता हो तो आपको एनीमिया होने का जोखिम उन महिलाओं जो रजोनिवृत्ति से गुज़र चुकी हैं या पुरुषों से अधिक होता है क्योंकि मासिक धर्म में रक्त स्त्राव के कारण लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो सकती है। 
  4. गर्भावस्था: यदि आप गर्भवती हों और फोलिक एसिड के साथ मल्टीविटामिन ना लेती हों तो आपको एनीमिया होने का जोखिम है। 
  5. यदि आपको लंबे समय से कोई बीमारी जैसे कैंसर, गुर्दों की विफलता या कोई अन्य बीमारी हो तो आपको एनीमिया हो सकता है क्योंकि इन बिमारियों के कारण लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो सकती है। किसी अलसर के कारण अगर शरीर में लंबे समय तक खून या आयरन की कमी हो रही हो तो आपको एनीमिया हो सकता है। 
  6. यदि आपके परिवार में एनीमिया होने का इतिहास हो तो आपको अनुवंशित एनीमिया जैसे सिकल (Sickle) सेल एनीमिया  हो सकता है। 
  7. यदि आपके परिवार में किसी संक्रमण या रक्त से सम्बंधित बिमारियों का इतिहास हो; आप कुछ ऐसी दवाइयों का उपयोग कर रहे हों जो रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को प्रभावित कर सकती हों; शराब पीते हों; या कुछ ज़हरीले रसायनों के संपर्क में हों तो आपको एनीमिया हो सकता है। 
  8. जिन लोगों की उम्र 65 से ज़्यादा हो उन्हें एनीमिया होने का जोखिम होता है। 

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यदि एनीमिया का उपचार ना किया जाए तो निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:

  1. अतियाधिक थकान: यदि आपका एनीमिया गंभीर हो जाए तो आप दैनंदिन कार्य नहीं कर पाएंगे। 
  2. गर्भावस्था से सम्बंधित जटिलताएं: फोलेट की कमी के कारण हुए एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में जटिलताएं हो सकती हैं जैसे शिशु का समय से पहले जन्म। 
  3. हृदय से सम्बंधित समस्याएं: एनीमिया के कारण एरिथमिया (Arrhythmia: दिल की असामान्य दर) हो सकता है क्योंकि एनीमिया में हृदय को शरीर में ऑक्सीजन की कमी पूर्ति करने के लिए ज़्यादा रक्त पंप करना पड़ सकता है जिस कारण आपको दिल की विफलता हो सकती है या आपके हृदय का आकर बढ़ा हो सकता है। 
  4. मृत्यु: कुछ अनुवंशित एनीमिया जैसे सिकल (Sickle) सेल एनीमिया गंभीर होते हैं और इनसे जानलेवा जटिलताएं हो सकती हैं। कम समय में रक्त की अतियाधिक कमी के कारण मृत्यु भी हो सकती है। 

खून की कमी (एनीमिया) में परहेज - What to avoid during Anemia in Hindi?

एनीमिया से बचने के लिए आपको निम्नलिखित परहेज़ करने चाहिए:

  1. फाइटेट (Phytate) युक्त खाद्य पदार्थों: फाइटेट (Phytate) युक्त खाद्य पदार्थों जैसे फलियों और कुछ प्रकार के साबुत अनाज का सेवन करने से रक्तधारा में आयरन का अवशोषण करना मुश्किल हो सकता है। 
  2. टैनिन (Tanin) युक्त खाद्य पदार्थों: टैनिन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कॉफ़ी, ग्रीन टी, काली चाय और अंगूर भी शरीर द्वारा आयरन के अवशोषण में समस्याएं ला सकते हैं। 
  3. ग्लूटेन (Gluten) युक्त खाद्य पदार्थों: एनीमिया से पीड़ित कुछ लोगों को ग्लूटेन खाद्य पदार्थों जैसे पास्ता, जौ, गेहूं, अनाज, और जई (ओट्स) के कारण समस्याएं होती हैं। यदि आपको ग्लूटेन से किसी भी प्रकार की असहिष्णुता है तो यह आपके पाचन तंत्र में समस्याएं उत्पन्न कर सकता है जैसे आपके आंतो को फोलिक एसिड और आयरन का अवशोषण करने में समस्याएं हो सकती हैं। 
  4.  कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों: कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दूध, दही, और पनीर शरीर के आयरन का अवशोषण करने के प्रक्रिया में समस्याएं ला सकता है। 
  5. शराब: जिन लोगों को फोलेट की कमी के कारण एनीमिया हुआ हो उन्हें शराब के सेवन को पूरी तरह बंद या बहुत कम करना चाहिए क्योंकि यह शरीर को फोलेट का अवशोषण नहीं करने देता है। (और पढ़ें: शराब की लत से छुटकारा पाने के असरदार तरीके)

खून की कमी (एनीमिया) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Anemia in Hindi?

एनीमिया के दौरान आपको निम्नलिखित चीज़े खानी चाहिए:

  1. पालक: पालक में कैल्शियम, विटामिन A, विटामिन B9, विटामिन E, विटामिन C; आयरन, फाइबर, बीटा कैरोटीन होता है जो शरीर को स्वस्थ रखता है। 
  2. सोयाबीन: सोयाबीन आयरन और प्रोटीन में युक्त होता। 
  3. चुकंदर: चुकंदर आयरन युक्त होता है। यह आपके लाल रक्त कोशिकाओं को ठीक और पुनर्सक्रिय करता है। जब आपकी लाल रक्त कोशिकाएं पुनर्सक्रिय हो जाएं तो आपके शरीर के सभी अंगो को ऑक्सीजन मिलेगा और चुकंदर का सेवन करने से एनीमिया का उपचार करने में मदद मिलेगी। आप चकुंदर को अन्य सब्ज़ियों के साथ ले सकते हैं या आप इसका सेवन जूस के रूप में भी कर सकते हैं। चकुंदर का जूस रोज़ सुबह के नाश्ते के साथ लेने से आपके लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में सुधार आ सकता है। 
  4. लाल मांस: भेड़ के बच्चे, गोमांस और अन्य लाल मांस आयरन और विटामिन B12 युक्त होते हैं। 
  5. मूंगफली की मक्खन: मूंगफली की मक्खन आयरन युक्त होती है। यदि आपको मूंगफली की मक्खन पसंद ना हो तो आप भुनी हुई मूंगफलियां भी खा सकते हैं। 
  6. टमाटर: टमाटर में विटामिन C और लाइकोपीन (Lycopene) होता है जो आयरन का अवशोषण करने में मदद करते हैं। 
  7. अंडे: अंडों में प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते है जो शरीर को विटामिन की कमी पूरा करने में मदद करते हैं। 
  8. अनार: अनार विटामिन C और आयरन युक्त होते हैं। यह शरीर के रक्त प्रवाह और एनीमिया में लक्षणों जैसे थकान, चक्कर आने, और सुनने के परेशानी में भी सुधार लाता है। 
  9. साबुत अनाज की रोटी: साबुत अनाज की रोटी आयरन में युक्त होती है। यह आयरन की कमी को पूरा करने के लिए प्रभावी होता है। साबुत अनाज में फाइटिक (Phutic) एसिड होता है जो शरीर को आयरन का अवशोषण नहीं करने देता है लेकिन साबुत अनाज की रोटी को बैक्टीरिया द्वारा विश्लेषण (फर्मेंटेशन; Fermentation) से बनाया जाता है इसलिए उसमे फैटिक एसिड इन्हिबिटर की मात्रा कम हो जाती है। 
  10. बीज और सूखे मेवे​: बीज और सूखे मेवे जैसे पिस्ता आयरन में युक्त होते हैं। 
  11. सीफ़ूड (Seafood): सीफ़ूड जैसे मछली आयरन में युक्त होती है और एनीमिया में उपयोगी होती है। 
  12. शहद: शहद आयरन युक्त होता है और स्वास्थ के लिए अच्छा भी होता है।  शहद में कॉपर (Copper) और मैग्नीशियम होता है जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। शहद को नीम्बू पानी के साथ पीना एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक होता है। 
  13. सेब: सेब आयरन और विटामिन C युक्त होते हैं और एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक होता है। 
  14. खजूर: खजूर आयरन युक्त होते हैं और एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक होता है। 
Dr. Sushila Kataria

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सामान्य चिकित्सा

Dr. Sanjay Mittal

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Dr. Prabhat Kumar Jha

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एनीमिया की दवा - Medicines for Anemia in Hindi

एनीमिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
G NeuroG Neuro 75 Mg/750 Mcg Capsule83
Zifol XtZifol Xt Suspension122
Deca Durabolin InjectionDeca Durabolin 50 Mg Injection270
Haem Up FastHaem Up Fast Tablet70
Pregeb MPregeb M 150 Capsule200
RicharRichar Cr 100 Tablet Cr116
MethycobalMethycobal Tablet96
Orofer XtOrofer XT Kit Tablet0
CrespCresp 25 Mcg Injection1279
Orofer SOrofer S 100 Mg Injection225
Pregalin MPregalin M 1500 Mcg/150 Mg Tablet200
Milcy ForteMilcy Forte Tablet0
NeuroxetinNeuroxetin 20 Mg/0.5 Mg Capsule37
Deca AnabolinDeca Anabolin 25 Mg Injection108
Mecobion PMecobion P 750 Mcg/150 Mg Tablet68
Rejunuron DlRejunuron Dl 30 Mg/750 Mg Capsule52
Schwabe Natrum muriaticum TabletSchwabe Natrum muriaticum Biochemic Tablet 200X560
Decabolin (Medinova)Decabolin 25 Mg Injection60
Mecoblend PMecoblend P Tablet72
Dulane MDulane M 20 Mg/1.5 Mg Tablet81
DecadurakopDecadurakop 25 Mg Injection77
Neurodin GNeurodin G 300 Mg/1500 Mcg Tablet72
Mecofort PgMecofort Pg Capsule0
Dumore MDumore M Capsule103

एनीमिया की दवा - OTC medicines for Anemia in Hindi

एनीमिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Himalaya Liv 52Himalaya Liv 52 Syrup92
Baidyanath Amalaki RasayanaBaidyanath Amalaki Rasayana73
Baidyanath Roupya BhasmaBaidyanath Roupya Bhasma348
Divya Liv D 38 SyrupDivya Liv D 38 Syrup60
Dabur Vasant Kusumakar RasDABUR VASANT KUSUMAKAR RAS WITH GOLD AND PEARL TABLET 100S2727
Baidyanath Kasis BhasmaBaidyanath Kashis Bhasma Combo Pack Of 2104
Baidyanath Tapyadi Lauh No 1Baidyanath Tapyadi Lauh No 193
Divya PunarnavarishtaDivya Punarnavarishta48
Baidyanath Lauh BhasmaBaidyanath Lauha Bhasma71
Baidyanath Dhatri LauhBaidyanath Dhatri Lauh72
Divya VidangasavaDivya Vidangasava48
Baidyanath Yashad BhasmaBaidyanath Yashad Bhasma Combo Pack Of 2124
Baidyanath Punarnavadi MandurBaidyanath Punarnawadi Mandoor Combo Pack Of 2120
Divya Liv D 38 TabletDivya Liv D 38 Tablet56
Aimil Amyron SyrupAmyron Syrup132
Baidyanath Chaturmukh RasBaidyanath Chaturmukha Ras (S Yu)172
Baidyanath Shothari MandurBaidyanath Shothari Mandoor Combo Pack Of 2152
Baidyanath LohasavaBaidyanath Lohasava101

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एनीमिया से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल लगभग 1 महीना पहले

मेरे शरीर में खून की कमी है और मुझे बहुत कमजोरी भी महसूस होती है। मुझे क्या करना चाहिए?

Dr. Haleema Yezdani MBBS, सामान्य चिकित्सा

सबसे पहले आप अपने हीमोग्लोबिन का टेस्ट करवाएं और उसकी रिपोर्ट हमे बताएं। आप अपने हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए अपनी डाइट में चुकुन्दर, पालक, अनार,  गुड़ और किशमिश को शामिल करें। टैबलेट डेक्सोरेंज की एक गोली खाना खाने के बाद रोजाना 2 महीने तक लें।

सवाल लगभग 1 महीना पहले

मैं प्रेग्नेंट हूं और मेरे हीमोग्लोबिन का लेवल 10 है। मुझे क्या करना चाहिए?

Dr. Manju Shekhawat MBBS, सामान्य चिकित्सा

आपके हीमोग्लोबिन का लेवल सामान्य से थोड़ा कम है और आप प्रेग्नेंट भी हैं तो आयरन की गोली लें, अपना ख्याल रखें और डाइट में हरी सब्जियों का सेवन अधिक करें। 

 

सवाल 24 दिन पहले

मुझे पीरियड के दौरान ब्लीडिंग ज्यादा होती है और दर्द भी होता है। मैंने अपना ब्लड टेस्ट करवाया है जिसमे मेरा हीमोग्लोबिन 5% है। मुझे क्या करना चाहिए?

Dr. Anjum Mujawar MBBS, मधुमेह चिकित्सक

आपका हीमोग्लोबिन बहुत ही कम है। आप डॉक्टर से मिलें। वह आपके हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए इंजेक्शन लगाएंगे। आपको पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग होती है तो इसके कारण को जानने के लिए डॉक्टर आपका पेल्विक अल्ट्रासाउंड, टीएसएच और प्रोलैक्टिन टेस्ट करेंगे।

सवाल 17 दिन पहले

क्या उंगलियों के नाखून खून की कमी से वजह से फटते हैं?

Dr. Ayush Pandey MBBS, सामान्य चिकित्सा

नाखून के फटने के कई कारण हो सकते हैं जिसमे खून की कमी (हीमोग्लोबिन की कमी), हाइपोथायराइडिज्म और उम्र के बढ़ने के साथ भी नाखून फटने लग सकते हैं। आप अपने ब्लड की जांच करवाएं और उसकी रिपोर्ट हमे भेजें। 

 

References

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