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शरीर के लिए आवश्यक खनिजों में पोटैशियम का भी विशेष महत्व है। शरीर के मुख्य कार्यों के लिए हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम 100 मिलीग्राम पोटेशियम लेने की जरूरत होती है। पोटेशियम स्ट्रोक और हाई बीपी के खतरे को कम करता है। यह हड्डियों में खनिज के घनत्व (Density) को बरकरार रखता है और गुर्दे में पथरी होने की संभावनाओं को भी कम करता है। पोटेशियम का प्राथमिक कार्य शरीर में बनने वाले तरल (fluid) का संतुलन और दिल की विद्युतिय गतिविधियों को नियंत्रित करना है।

इन सभी विशेषताओं के कारण आपको पोटेशियम के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। साथ ही पोटेशियम के फायदे, पोटेशियम के स्रोत, पोटेशियम की अधिकता से नुकसान और पोटेशियम को कितनी मात्रा में लेना चाहिए के बारे में बताया जा रहा है।

(और पढ़ें - पोटेशियम की कमी से होने वाले रोग)

  1. पोटैशियम के स्रोत - Potassium ke srot in Hindi
  2. पोटैशियम के फायदे - Potassium ke fayde in Hindi
  3. पोटेशियम की अधिकता से नुकसान - Potassium ki adhik matra se nuksan in Hindi
  4. पोटैशियम की सही खुराक - Potassium roz kitna lena chahiye in Hindi
  5. 6 ऐसे भोजन जिनमें केले से भी ज्यादा है पोटेशियम

अन्य खनिज की तरह पोटेशियम भी हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक तत्वों में से एक है जब भी इसकी कमी हमारे शरीर में होती है, हम रोगों के चपेट में आने लगते हैं। हम इस की कमी आसानी से अपने खान पान की मदद से शरीर में पूरी कर सकते हैं। पोटेशियम के प्राकृतिक और अच्छे स्रोत निम्नलिखित हैं - 

रक्त शर्करा को स्थिर करता है

पोटेशियम के स्तर में कमी होने से शरीर की रक्त शर्करा का स्तर भी कम हो जाता है। रक्त शर्करा का स्तर कम होने से आपको सिरदर्द, कमजोरी, घबराहट और अधिक पसीना आने की समस्या हो सकती है। इस तरह की समस्या में पोटेशियम क्लोराइड और सोडियम लेने से जल्द राहत मिलती है। इस कारण से ही डायबिटीज के मरीजों को पोटेशियम के स्तर को सामान्य रखने की सलाह दी जाती है।

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मांसपेशियों के विकार को कम करना

मांसपेशियों के संकुचन और आराम के लिए खनिजों की आवश्यकता होती है। शरीर में अधिकांश पोटेशियम मांसपेशियों की कोशिकाओं में स्थित होता हैं। यह मांसपेशी और तंत्रिका कार्य को सही करता है। इसके अलावा यह मांसपेशियों और मस्तिष्क की तंत्रिका के बीच होने वाले संबंधों को उत्तेजित करता है।

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मांसपेशियों की ऐंठन को कम करे

खून में पोटेशियम के स्तर में कमी आने से मांसपेशियों में ऐंठन होती है। इस स्थिति को हाइपोकैलमिया कहते हैं। रोज एक केले को खाने से आप मांसपेशियों की ऐंठन की समस्या से बच सकते हैं। क्योंकि केले में भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है।

(और पढ़ें - मांसपेशियों में ऐंठन के कारण)

हड्डियों के स्वास्थ के लिए जरूरी होता है

पोटैशियम को हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है। पोटेशियम शरीर में एसिड को खत्म करता है, जिससे हड्डियों के लिए आवश्यक कैल्शियम सही तरह से बनता है और शरीर में संरक्षित रहता है। कैल्शियम का स्तर सही होने से हड्डियों का स्वास्थ्य सही रहता है।

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मस्तिष्क कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होता है

पोटैशियम मस्तिष्क की विद्युतीय तरंगों को नियंत्रित करता है, जिससे मस्तिष्क कार्यों पर खासा असर देखने को मिलता है। साथ ही यह आपकी याद करने की क्षमता और याददाश्त को भी मजबूत करता है।

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पोटैशियम के कुछ अन्य फायदे निम्न हैं

जिस तरह पोटैशियम हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है उसी तरह इस की अधिक मात्रा हमारे शरीर के लिए हानिकरक भी है। पोटेशियम की अत्‍यधिक मात्रा हमारे शरीर में स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी कई परेशानियों को जन्म दे सकती है। इस की अत्‍यधिक मात्रा से किडनी कमजोर और डैमेज हो सकती है। अत्‍यधिक पोटैशियम को मूत्र के जरिए सही तरीके से हटाया नहीं जा सकता है। इससे लिंग संबंधी परेशानी हो सकती है।

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पोटेशियम की अनुशंसित आहार भत्ता (Recommended Daily Allowances) आपकी आयु, लिंग और स्वास्थ्य स्थिति पर इस प्रकार निर्भर करती है -

  • जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 0.4 ग्राम के करीब लेनी चाहिए।
  • 9 से 13 साल के बच्चे को 4.5 ग्राम के करीब लेनी चाहिए।
  • 14 से 18 साल के पुरुष को 4.7 ग्राम के करीब लेनी चाहिए।
  • 14 से 18 साल की महिला को 4.7 ग्राम के करीब लेनी चाहिए।
  • 19 से 50 साल के पुरुष को 4.7 ग्राम के करीब लेनी चाहिए।
  • 19 से 50 साल की महिला को 4.7 ग्राम के करीब लेनी चाहिए।
  • गर्भवती महिला को 4.7 ग्राम के करीब लेनी चाहिए। (और पढ़ें - गर्भावस्था में देखभाल)
  • स्तनपान कराने वाली महिला को 5.1 ग्राम के करीब लेनी चाहिए। (और पढ़ें - स्तनपान के फायदे)
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