हार्ट शरीर के मुख्य अंगों में से एक है. शरीर को स्वस्थ रहने के लिए दिल का स्वस्थ रहना जरूरी है. हृदय के सही तरह से धड़कने में प्राकृतिक पेसमेकर की अहम भूमिका होती है. यह विभिन्न सेल्स का एक गुच्छा होता है, जो हृदय के ऊपरी भाग में पाया जाता है. इसमें समस्या आने पर दिल की धड़कन अनियमित होने लगती है और ऐसे में सर्जरी कर पेसमेकर नामक डिवाइस लगाया जाता है.
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आज इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि पेसमेकर क्या होता है और ये कहां पाया जाता है -
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- हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर क्या है?
- सिनोट्रियल नोड कैसे काम करता है?
- हृदय में प्राकृतिक पेसमेकर कहां होता है?
- प्राकृतिक पेसमेकर की समस्याएं
- सारांश
हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर क्या है?
हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर सेल्स का एक समूह होता है. डॉक्टर इसे सिनोट्रियल नोड (SA) या साइनस नोड के रूप में रेफर करते हैं. ये इलेक्ट्रिकल इम्प्लस (electrical impulses) यानी विद्युत आवेग पैदा कर हृदय गति को सही रखने में मदद करता है. इसे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण टिश्यू में से एक माना जाता है. यह हर हार्ट बीट के लिए जिम्मेदार होता है.
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सिनोट्रियल नोड कैसे काम करता है?
हृदय में 4 चैंबर्स होते हैं, 2 ऊपर जिन्हें अटरिया (atria) और दो नीचे जिन्हें वेंट्रिकल्स (ventricles) कहते हैं. वहीं, एसए नोड में मौजूद कोशिकाएं इलेक्ट्रिकल इम्प्लस उत्पन्न करती हैं, जो पेरिनोडल कोशिकाओं तक पहुंचती है. ये कोशिकाएं इम्पल्स को दाएं एट्रियम तक भेजती है. इन झटकों के कारण अटरिया सिकुड़ने लगती है और खून को वेंट्रिकल में भेजती है. फिर थोड़ी ही देर में खून वेंट्रिकल के जरिए शरीर के सभी हिस्सों में पहुंचना शुरू हो जाता है. इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत सिनोट्रियल नोड ही करता है. आसान शब्दों में समझें, तो हृदय को सही तरीके से काम करने के लिए सिनोट्रियल नोड यानी प्राकृतिक पेसमेकर की आवश्यकता होती है.
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हृदय में प्राकृतिक पेसमेकर कहां होता है?
पेसमेकर की सही लोकेशन जानने से पहले हृदय के अटरिया और वेंट्रिकल्स के काम को समझना जरूरी है, जो इस प्रकार है -
- राइट एट्रियम - यह चैंबर ऑक्सीजन रहित ब्लड को वेंस से लेता है और सिकुड़ने पर इसे राइट वेंट्रिकल्स में भेजता है.
- राइट वेंट्रिकल्स - यह चैंबर सिकुड़ने पर ऑक्सीजन-रहित ब्लड को फेफड़े तक पहुंचाता है.
- लेफ्ट एट्रियम - यह चैंबर फेफड़ों से ऑक्सीजन युक्त ब्लड लेता है और सिकुड़ने पर इसे लेफ्ट वेंट्रिकल में भेजता है.
- लेफ्ट वेंट्रिकल्स - यह चैंबर सिकुड़ने पर ऑक्सीजन युक्त ब्ल्ड को धमनियों में पहुंचाता है.
अब सिनोट्रियल नोड यानी प्राकृतिक पेसमेकर की लोकेशन की बात करें, तो यह राइट एट्रियम की अपर वॉल में होता है. यहां पर यह वेना कावा से जुड़ता है. यह बड़ी वेन ऑक्सीजन रहित ब्लड को शरीर के ऊपरी भाग से हृदय तक ले जाती है.
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प्राकृतिक पेसमेकर की समस्याएं
एसए नोड के साथ समस्याएं या तो इलेक्ट्रिकल इम्पल्स में असामान्यता के कारण उत्पन्न हो सकती हैं या कोशिकाओं में गड़बड़ी के कारण हो सकती हैं, जो इम्पल्स को राइट एट्रियम में ट्रांसफर करती हैं. लोगों को यह समस्या आनुवंशिक हो सकती है या फिर इसके पीछे निम्न कारक हो सकते हैं -
साइनस पॉज और अरेस्ट
यह स्थिति तब होती है जब एसए नोड इलेक्ट्रिकल इम्पल्स शुरू नहीं करता है, जिससे हृदय संकुचन होता है. यह स्थिति कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रह सकती है. अगर कुछ सेकंड के लिए यह स्थिति होती है, तो कुछ लक्षण नहीं दिखेंगे. वहीं, अगर यह स्थिति लंबे समय तक रहे, तो निम्न लक्षण दिख सकते हैं -
कुछ मामलों में यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है.
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एसए नोडल एग्जिट ब्लॉक
एसए नोडल एग्जिट ब्लॉक तब होता है, जब एसए नोड इलेक्ट्रिकल इम्पल्स शुरू करता है, लेकिन राइट एट्रियम में टिश्यू तक नहीं पहुंच पाता है. इससे दिल की धड़कन रुक भी सकती है.
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असामान्य साइनस रिदम
असामान्य साइनस रिदम हृदय रिदम में छोटे बदलाव हैं. ऐसा मॉर्फिन या डिजॉक्सिन नामक हृदय की दवा का उपयोग करने वालों में अधिक होता है. अगर कोई व्यक्ति डिजॉक्सिन का अधिक उपयोग करता है, तो डिजॉक्सिन विषाक्तता से असामान्य साइनस रिदम हो सकती है. इस स्थिति में लोगों को जल्द से जल्द एक्सपर्ट या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
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वैंडरिंग एट्रिअल पेसमेकर
यह वह स्थिति है, जब पेसमेकर एक्टिविटी एसए (SA) नोड के बदले किसी और जगह से राइट एट्रियम तक पहुंचती है. आमतौर पर यह स्थिति अपने आप ही ठीक हो जाती है. इसके लिए किसी प्रकार के ट्रीटमेंट की आवश्यकता नहीं होती है.
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सारांश
आसान शब्दों में समझें तो हृदय के पास अपना प्राकृतिक पेसमेकर होता है, जो शरीर के लिए इंजन की तरह कार्य करता है और ह्रदय को ठीक तरह से कार्य करने में सहायक होता है. ऐसे में अगर किसी कभी हृदय की धड़कन में थोड़ी-सी भी असहजता महसूस हो, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए. जितना जल्दी संभव हो सके डॉक्टर से संपर्क कर जांच करवानी चाहिए. याद रखें हृदय शरीर का महत्वपूर्ण अंग है और पूरे शरीर के ठीक तरह से काम करने के लिए इसका सही रहना आवश्यक है.
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