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दिल का साइज बढ़ना क्या है?

दिल का आकार बढ़ना कोई बीमारी नहीं है, बल्कि किसी अन्य बीमारी का संकेत है। इसे अंग्रेजी में कार्डियोमेगाली (cardiomegaly) भी कहा जाता है।  

छाती के एक्स-रे या किसी अन्य इमेजिंग (छवि बनाने वाले) टेस्ट की मदद से पता लगाए गए बढ़े हुए दिल को "कार्डियोमेगाली" कहा जाता है। इसके बाद दूसरे टेस्ट किए जाते हैं ताकि दिल के बढ़ने का असली कारण पता किया जा सके। 

शरीर पर जोर पड़ने के कारण आपके दिल का आकार अस्थायी रूप से बड़ा हो सकता है। इसका कारण गर्भावस्था, या चिकित्सा स्थिति जैसे दिल की मांसपेशियों की कमजोरी, कोरोनरी आर्टरी डिजीज (coronary artery disease), हृदय वाल्व की समस्याएं या असामान्य दिल की धड़कन, हो सकते हैं।

(और पढ़ें- हृदय वाल्व रोग के लक्षण)

कुछ स्थितियों की वजह से दिल की मांसपेशियां मोटी हो सकती है या हृदय के चार भागों में से एक के फैलने से दिल का आकार बढ़ सकता है। स्थिति के आधार पर, दिल अस्थायी या स्थायी रूप से बड़ा हो सकता है।

(और पढ़ें- गर्वावस्था में देखभाल)

कारण का निदान करके बढ़े हुए दिल का इलाज किया जा सकता है। बढ़े हुए दिल के इलाज में दवाएं, चिकित्सा प्रक्रियाएं या सर्जरी शामिल हो सकती है।

  1. ह्रदय का आकार बढ़ने के लक्षण - Enlarged Heart Symptoms in Hindi
  2. हदय का साइज बढ़ने के कारण और जोखिम कारक - Enlarged Heart Causes in Hindi
  3. दिल के बढ़ने से बचाव - Prevention of Enlarged Heart in Hindi
  4. दिल के बड़े होने का परीक्षण - Diagnosis of Enlarged Heart in Hindi
  5. हार्ट के बढ़ने का इलाज - Enlarged Heart Treatment in Hindi
  6. हार्ट के बड़े होने की जटिलताएं - Enlarged Heart Risks & Complications in Hindi

ह्रदय का आकार बढ़ने के लक्षण - Enlarged Heart Symptoms in Hindi

दिल बढ़ने के लक्षण क्या है?

कुछ लोगों में, दिल बढ़ने के कोई लक्षण पैदा नहीं होते हैं। अन्य लोगों में निम्न लक्षण दिख सकते हैं:

(और पढ़ें - सूजन दूर करने के उपाय)

डॉक्टर को कब दिखाएं - 

बढ़े हुए दिल का जितना जल्दी पता चल जाता है , उसका इलाज करना उतना ही आसान हो जाता है। इसलिए अगर आपको अपने दिल के बारे में किसी प्रकार की चिंता है तो अपने डॉक्टर से बात करें।

यदि आप दिल से संबंधित किसी तरह के नए लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो अपने डॉक्टर को दिखाएं।  

यदि आप निम्न में से किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, जिसका अर्थ हो सकता है कि आपको दिल का दौरा पड़ रहा है तो आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल जाएं :

(और पढ़ें - सीने में दर्द का उपाय)

हदय का साइज बढ़ने के कारण और जोखिम कारक - Enlarged Heart Causes in Hindi

दिल बढ़ने के कारण क्या है?

दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचना या दिल का सामान्य से अधिक तेज तरीके से पंप कर पाने जैसी स्थितियों की वजह से दिल का आकार सामान्य से अधिक हो जाता है। कभी-कभी अज्ञात कारणों की वजह से दिल बढ़ जाता है और कमजोर हो जाता है।

जन्मजात दिल की समस्या, दिल के दौरे से होने वाली क्षति या असामान्य दिल की धड़कन (अतालता) के कारण से दिल बड़ा हो सकता है। दिल का साइज बढ़ जाने की अन्य स्थितियों में शामिल हैं:

  • थायराइड: थायराइड ग्रंथि के अधिक या कम हॉर्मोन बनाने से थायराइड की समस्या होती है जिससे दिल बढ़ जाने के साथ साथ दिल की अन्य बीमारियां हो सकती हैं। (और पढ़ें - थायराइड में क्या खाना चाहिए)
     
  • शरीर में अत्यधिक लोहे की मात्रा होना (हीमोक्रोमैटोसिस): यह एक विकार है जिसमें आपका शरीर लोहे को उचित रूप से पचा नहीं पाता है, जिससे यह आपके दिल सहित विभिन्न अंगों में इकट्ठा हो जाता है। यह हृदय की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है जिससे बाएं वेंट्रिकल का आकार बढ़ सकता है। (और पढ़ें - मांसपेशियों की कमजोरी का इलाज)
     
  • दुर्लभ बीमारियां जो आपके दिल को प्रभावित कर सकती हैं, जैसे एमिलॉयडोसिस: एमिलॉयडोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें असामान्य प्रोटीन रक्त में फैलते हैं और दिल में जमा हो सकते हैं, आपके दिल के कार्य में बाधा ड़ाल सकते हैं और इसका आकार बड़ा कर सकते हैं।
     
  • हृदय की मांसपेशियों का रोग (कार्डियोमायोपैथी): हृदय की मांसपेशियों की मोटाई और कठोरता बढ़ती जाती है, इसलिए दिल, शरीर में अधिक रक्त पंप करने की कोशिश करने के कारण से बड़ा हो सकता है। (और पढ़ें- कार्डिओमायोपेेथी क्या है)
     
  • दिल के चारों ओर तरल पदर्थ का होना (पेरीकार्डियल एफयूज़न):  इस बीमारी के होने से भी आपका दिल बढ़ जाता है जिसे एक्सरे की मदद से देखा जा सकता है।  
     
  • लाल रक्त कोशिकाओं की कमी (एनीमिया):  एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के चलते ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इलाज न किए जाने पर, लम्बे समय तक रहने वाले एनीमिया की वजह से दिल की धड़कन तेज या अनियमित हो सकती है। रक्त में ऑक्सीजन की कमी के लिए आपके दिल को अधिक रक्त पंप करना चाहिए। (और पढ़ें - खून की कमी दूर करने के उपाय)
     
  • हाई बीपी: आपके दिल को आपके शरीर के बाकी हिस्सों में रक्त पहुंचाने, मांसपेशियों को बढ़ाने और मोटा करने के लिए और अधिक तेज तरीके से पंप करना पड़ सकता है।
    हाई बीपी के कारण बाएं वेंट्रिकल का आकार बढ़ सकता है, जिससे दिल की मांसपेशियां कमज़ोर हो जाती हैं। उच्च रक्तचाप आपके दिल के ऊपरी भागों (chambers) का आकार भी बढ़ा सकता है। (और पढ़ें -  bp kam karne ke upay)
     
  • दिल के वाल्व का रोग: आपके दिल में चार वाल्व में रक्त को सही दिशा में बहने में मदद करते हैं। यदि वाल्व रूमेटिक बुखार, हृदय रोग, संक्रमण (संक्रामक एन्डोकर्डियम और हृदय वाल्वों की सूजन), संयोजी ऊतक विकार, कैंसर के इलाज के लिए कुछ दवाइयां और रेडिएशन थेरेपी जैसी स्थितियों के कारण से आपका दिल बढ़ सकता है। (और पढ़ें - हृदय रोग का इलाज)
     
  • दिल और फेफड़ों को जोड़ने वाली धमनी में हाई बीपी (पल्मोनरी हाइपरटेंशन): आपके फेफड़ों और आपके दिल के बीच में रक्त पहुंचाने के लिए आपके दिल को कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता हो सकती है। जिसके कारण आपका दिल दाहिनी तरफ से बढ़ सकता है। (और पढ़ें- पल्मोनरी हाइपरटेंशन का इलाज)

इसके होने का खतरा कब बढ़ जाता है?

यदि आपमें निम्न में से कोई भी जोखिम कारक विकसित होता है, तो आपके दिल के बढ़ने की सम्भावना उतनी ही बढ़ जाती है - 

  • दिल के वाल्व का रोग: दिल में चार वाल्व होते हैं जो रक्त प्रवाह के समय खुलते या बंद होते हैं। वाल्व को नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियों से दिल बढ़ सकता है।
     
  • दिल का दौरा: दिल का दौरा पड़ने से दिल का साइज बढ़ जाने का खतरा बढ़ जाता है। (और पढ़ें - हार्ट अटैक के बाद क्या खाना चाहिए)
     
  • कोरोनरी आर्टरी रोग:  इस स्थिति में आपकी हृदय वाहिकाओं के माध्यम से रक्त प्रवाह होने में बाधा होती है, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है। जब हृदय की मांसपेशियों का एक समूह काम नहीं करता है, तो आपके दिल को आपके शरीर में पर्याप्त रक्त पम्प करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल का आकार बढ़ जाता है। (और पढ़ें - दिल का दौरा पड़न पर क्या करें)
     
  • जन्मजात हृदय रोग: यदि आप ऐसी स्थिति के साथ पैदा हुए हैं जो आपके दिल की संरचना को प्रभावित करता है, तो आपको एक बड़ा दिल विकसित होने का खतरा हो सकता है।
     
  • हाई बीपी: बीपी मशीन पर 140/90 मिलीमीटर से अधिक बीपी होने से आपको दिल बढ़ने का खतरा रहता है। (और पढ़ें - हाई बीपी में क्या खाना चाहिए)
      
  • परिवार में पहले कभी किसी का दिल बढ़ा हुआ हो या कार्डियोमायोपैथी: अगर आपके किसी बिलकुल पास के रिश्ते वाले को जैसे माता-पिता या भाई का दिल बढ़ा हुआ हो, तो आपके दिल बढ़ जाने की संभावना बढ़ जाती है।  

दिल के बढ़ने से बचाव - Prevention of Enlarged Heart in Hindi

दिल बढ़ने से बचाव कैसे होता है?

अगर आपके परिवार में पहले कोई ऐसी समस्या रही है जिससे दिल बढ़ने का खतरा है जैसे कि कार्डिओमायोपेथी (cardiomyopathy), तो अपने डॉक्टर को इस बारे में बताएं। यदि कार्डियोमायोपैथी या अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का परीक्षण जल्दी हो जाता है, तो इलाज के द्वारा बीमारी को गंभीर बनने से रोका जा सकता है।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज (coronary artery disease) के जोखिम कारकों जैसे तंबाकू का सेवन, हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज को नियंत्रित करने से दिल के दौरे पड़ने के जोखिम को कम करके दिल के आकार बढ़ने और हार्ट फेल होने के खतरे को कम करने में मदद मिलती है।  

स्वस्थ आहार खाने और शराब का अत्यधिक उपयोग नहीं करने या अवैध दवाओं का उपयोग ना करके दिल के दौरे पड़ने की सम्भावना को कम किया जा सकता है। आहार, व्यायाम और उचित दवाओं के साथ हाई बीपी को नियंत्रित करने से कई लोग जिनका दिल बढ़ा हुआ होता है, उनका हार्ट फेल होने से बच सकता है। 

(और पढ़ें- शराब पीने के नुकसान)

दिल के बड़े होने का परीक्षण - Diagnosis of Enlarged Heart in Hindi

दिल के बढ़ने का परीक्षण कैसे किया जाता है?

यदि आपको दिल से संबंधी समस्या के लक्षण हैं, तो आपके डॉक्टर आपकी स्थिति का कारण जानने और यह निर्धारित करने के लिए कि कहीं आपका दिल बढ़ा हुआ तो नहीं है, एक शारीरिक परीक्षण और टेस्ट करवाने को बोलेंगे। इन परीक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • छाती का एक्स - रे: एक्स-रे की मदद से बनी छवियां, डॉक्टर को आपके फेफड़ों और दिल की स्थिति को जानने में मदद करती हैं। यदि एक्स-रे में आपका दिल बढ़ा हुआ आता है तो कारण जानने के लिए अन्य परीक्षणों की आमतौर पर आवश्यकता होती है। (और पढ़ें - मैमोग्राफी क्या है)
     
  • ब्लड टेस्ट:  डॉक्टर आपके रक्त में कुछ पदार्थों के स्तर की जांच करने के लिए ब्लड टेस्ट करवाने को बोल सकते हैं।  यह पदार्थ दिल से संबंधित किसी समस्या के होना का संकेत हो सकते हैं। ब्लड टेस्ट की मदद से डॉक्टर, लक्षण के अन्य कारणों को पता लगाते हैं। (और पढ़ें - क्रिएटिनिन टेस्ट क्या है)
     
  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम:  यह परीक्षण आपकी त्वचा से जुड़ी इलेक्ट्रोड के माध्यम से आपके दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि को रिकॉर्ड करता है। ईसीजी की मदद से आपके डॉक्टर दिल की धड़कनों से जुड़ी और दिल का दौरा पड़ने से हुई समस्याओं को पता करते हैं। (और पढ़ें - पैप स्मीयर टेस्ट)
     
  • इकोकार्डियोग्राम:  इकोकार्डिओग्राम में ध्वनि तरंगों का उपयोग करके बढ़े हुए दिल का पता लगाया जा सकता है। इस परीक्षण से दिल के चार भागों (chambers) की भी जांच की जा सकती है। आपके डॉक्टर यह देखने के लिए परिणामों का उपयोग कर सकते है कि दिल कितना कुशलतापूर्वक पंप कर रहा है, दिल के कौन से भाग (chambers) बढ़ गए हैं, पहले कभी दिल का दौरा तो नहीं पड़ा है और क्या आपको जन्मजात हृदय रोग तो नहीं है। (और पढ़ें - एसजीपीटी टेस्ट)
     
  • स्ट्रेस टेस्ट (Stress test):  स्ट्रेस टेस्ट, जिसे एक्सरसाइज स्ट्रेस टेस्ट भी कहा जाता है, ये जानकारी प्रदान करता है कि शारीरिक गतिविधि के दौरान आपका दिल कितना अच्छा काम करता है। एक एक्सरसाइज स्ट्रेस टेस्ट में आमतौर पर ट्रेडमिल पर चलना या एक स्थिर साइकिल की  सवारी करना शामिल है, जिसमें साथ ही आपके दिल की धड़कन, रक्तचाप और सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाता है। (और पढ़ें - एक्सरसाइज के फायदे)
     
  • सीटी स्कैन या एमआरआई: कार्डियक सीटी स्कैन आपकी छाती और दिल की छवियां दिखाता है। कार्डियक एमआरआई में आपके दिल की छवियां उत्पन्न होती हैं। (और पढ़ें - लेप्रोस्कोपी क्या है)
     
  • कार्डियक कैथीटेराइजेशन और बायोप्सी (Cardiac catheterization and biopsy):  इस प्रक्रिया में, आपके दिल का एक छोटा नमूना निकाला जाता है जिसे बायोप्सी कहते हैं, जिसकी फिर जांच की जाती है। आपके दिल के भागों (chambers) के भीतर का दबाव मापा जा सकता है जिससे ये पता चल सके कि आपका दिल रक्त को कितना बलपूर्वक पंप करता है। यह जानने के लिए की दिल में कोई रुकावट (blockage) नहीं है, कोरोनरी एंजियोग्राम के द्वारा दिल की धमनियों की तस्वीरें ली जा सकती हैं।

(और पढ़ें - लिवर फंक्शन टेस्ट कैसे किया जाता है)

हार्ट के बढ़ने का इलाज - Enlarged Heart Treatment in Hindi

बढ़े हुए दिल का इलाज क्या है?

कारण को ठीक करके बढ़े हुए दिल का इलाज किया जाता है।  

दवाएं- 

अगर कार्डियोमायोपैथी या किसी अन्य प्रकार की हृदय की स्थिति आपके दिल के बढ़े हुए साइज की जिम्मेदार है, तो आपके डॉक्टर दवाओं की सलाह दे सकते हैं, जिनमें शामिल हैं - 

  • एन्टीकोएगुलेंट्स (Anticoagulants): ये दवा रक्त के थक्के के खतरे को कम करने के लिए के लिए इस्तेमाल की जाती है जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक होने से बचा जा सकता है।
  • एंटी-एरिथमिक्स: इससे अनियमित धड़कन (अतालता) को रोका जा सकता है।  
  • डाययूरेटिक्स (Diuretics): आपके शरीर में सोडियम और पानी की मात्रा को कम करने के लिए इसकी सलाह दी जाती है, जिससे आपके धमनियों और दिल में दबाव कम हो सकता है। (और पढ़ें - सोडियम की कमी का इलाज)
  • एंजियोटेंसिन-कनवर्टिंग एंजाइम इन्हिबिटर्स (Angiotensin-converting enzyme (ACE) inhibitors):  आपके रक्तचाप को कम करने और आपके दिल की पंपिंग क्षमता में सुधार करने के लिए डॉक्टर इन दवाइयों की सलाह देते हैं। (और पढ़ें - bp kam karne ke liye yoga)
  • एंजियोटेन्सिन रिसेप्टर ब्लॉकर्स (Angiotensin receptor blockers -ARBs):  ये उन लोगों के लिए होती है जो एसीई (ACE) नहीं ले सकते हैं।  
  • बीटा ब्लॉकर्स: ये दवा रक्तचाप को कम करने और दिल को सही से काम करने में मदद करती है।

(और पढ़ें - हाई ब्लड प्रेशर डाइट चार्ट)

चिकित्सा प्रक्रियाएं और सर्जरी- 

यदि दवाएं बढ़े हुए दिल के इलाज के लिए पर्याप्त नहीं होती हैं, तो चिकित्सा प्रक्रियाओं या सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

  • दिल के वाल्व की सर्जरी: यदि आपके किसी हृदय वाल्व में हुई कोई समस्या के कारण आपके दिल का आकार बढ़ जाता है या इससे हृदय वाल्व की समस्याएं होती हैं, तो आपको प्रभावित वाल्व की समस्या को ठीक करवाना पड़ेगा या उसको बदलवाने के लिए सर्जरी करवानी पड़ेगी।  (और पढ़ें- हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट क्या है)
  • कोरोनरी बाईपास सर्जरी: यदि आपका बढ़ा हुआ दिल कोरोनरी आर्टरी डिजीज से संबंधित है, तो आपके डॉक्टर कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी करवाने को कह सकते हैं।
  • दिल की धड़कन को नियंत्रित करने के लिए चिकित्सा उपकरण: कुछ अलग प्रकार से दिल बढ़ जाने पर, एक पेसमेकर जो बाएं और दाएं वेंट्रिकल के बीच के संकुचन का ताल-मेल बैठाने में मदद करता है, की आवश्यकता हो सकती  है।
    जिन लोगों को गंभीर एराइथेमिया (arrhythmias) होने का खतरा रहता है, उनके लिए ड्रग थेरेपी या इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर-डिफिब्रिलेटर (drug therapy or an implantable cardioverter-defibrillator) एक विकल्प हो सकता है।
    आईसीडी छोटे उपकरण होते हैं जो आपकी दिल की धड़कन को नियंत्रित करने में इस्तेमाल किया जाता है। डिवाइस पेसमेकर के रूप में भी काम कर सकता है।
    यदि आपके बढ़े हुए दिल का मुख्य कारण एट्रियल फाइब्रिलेशन (atrial fibrillation) है, तो आपको दिल की धड़कनों को सामान्य करने में प्रक्रियाओं की आवश्यकता हो सकती है।
  • बांया वेंट्रिकुलर सहायक उपकरण (Left ventricular assist device -LVAD): अगर आपका दिल फेल हो जाता है, तो आपको अपने कमजोर हृदय पंप की मदद करने के लिए मैकेनिकल पंप की आवश्यकता पड़ सकती है। आपके दिल में एलवीएडी लगाना हार्ट फेल होने का लम्बा चलने वाला इलाज है।   
  • हार्ट ट्रांसप्लांट (Heart transplant): यदि दवाएं आपके लक्षणों को नियंत्रित नहीं कर पाती हैं, तो हार्ट ट्रांसप्लांट अंतिम विकल्प हो सकता है। डोनर की कमी के चलते, गंभीर रूप से बीमार लोगों तक को हार्ट ट्रांसप्लांट होने से पहले लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।

(और पढ़ें - हार्ट ट्रांसप्लांट)

हार्ट के बड़े होने की जटिलताएं - Enlarged Heart Risks & Complications in Hindi

दिल के बढ़ने से क्या समस्याएं होती है?

दिल बढ़ने की जटिलताओं का खतरा दिल के उस हिस्से पर निर्भर करता है जो बढ़ता है और उसके बढ़ने का कारण क्या है।  

दिल बढ़ने की जटिलताओं में शामिल हो सकते हैं:

हार्ट फेल होना: दिल बढ़ने के सबसे गंभीर प्रकारों में से एक है, दिल के दो बड़े भागों में से बाएं (वेंट्रिकल) वाले का बढ़ जाना जो हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ाता है। हार्ट फेल होने पर, आपकी हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, और वेंट्रिकल्स इतना फ़ैल जाता है कि आपका हृदय आपके शरीर में कुशलतापूर्वक रक्त पंप नहीं कर पाता है।

(और पढ़ें- दिल मजबूत कैसे करें)

खून के थक्के जमना: दिल के बढ़ने से, दिल की परत में खून के थक्के जमने की सम्भावना बढ़ जाती है। अगर थक्के आपके रक्त प्रवाह में प्रवेश करते हैं, तो वे रक्त के प्रवाह को महत्वपूर्ण अंगों में जाने से रोक सकते हैं, यहां तक ​​कि दिल का दौरा या स्ट्रोक भी हो सकता है। आपके दिल के दाहिने तरफ विकसित होने वाले थक्के आपके फेफड़ों में जा सकते हैं, यह एक खतरनाक बीमारी है, जिसे पल्मोनरी एम्बोलिज्म (pulmonary embolism) कहा जाता है।

(और पढ़ें - स्ट्रोक होने पर क्या करना चाहिए)

दिल की असामान्य आवाज़ (Heart murmur): जिन लोगों के दिल का साइज बढ़ा हुआ होता है, उनके दिल के चार वाल्वों में से दो वाल्व ठीक से बंद नहीं हो पाते हैं क्योंकि वे फैल जाते हैं, जिससे खून उल्टी तरफ बहने लगता है। जिसकी वजह से दिल से असामान्य आवाज़ आती है जिसे अंग्रेजी में हार्ट मरमर (Heart murmur) कहा जाता है। हालांकि ये हानिकारक नहीं होता है, फिर भी डॉक्टर को दिखाना चाहिए।  

कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest) और अचानक मौत: दिल बढ़ जाने से आपके दिल की धड़कन की ताल में समस्या पैदा हो सकती हैं जिनकी वजह से बेहोशी, और कुछ मामलों में कार्डियक अरेस्ट या अचानक मृत्यु हो सकती है। 

(और पढ़ें - दिल की कमजोरी का इलाज)

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