पेसमेकर बैटरी से चलने वाला एक उपकरण है, जिसे कार्डियक पेसमेकर भी कहा जाता है। पेसमेकर तब लगाया जाता है जब आपका हृदय स्वयं नियमित रूप से धड़क नहीं पाता है। पेसमेकर आपकी छाती में सर्जरी द्वारा रखा जाता है। यह धीरे-धीरे विद्युत् आवेगों को पैदा करता है जो कि हृदय तक लंबी व पतली तारों द्वारा ले जाई जाती हैं। यह पहले हृदय की गति को महसूस करता है और इसके बाद हृदय की मांसपेशियों तक सिग्नल पहुंचाता है।

जब हृदय ठीक तरह से नहीं धड़क रहा होता है तो यह उपकरण अपनी विद्युत् आवेगों को हृदय तक भेजकर हृदय की गति को नियंत्रित करता है। सर्जरी से पहले कुछ जरूरी टेस्ट किए जाते हैं जैसे ब्लड टेस्ट, इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम, यूरिन टेस्ट। सर्जरी के बाद अस्पताल में एक-दो दिन रहने को कहा जा सकता है, ताकि यह देखा जा सके कि पेसमेकर ठीक तरह से कार्य कर रहा है या नहीं। जब अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा तो यह जरूरी है कि ड्रेसिंग को समय-समय पर बदला जाए और इसके साथ ही आप स्वस्थ आहार लें। साथ ही हल्का व्यायाम जैसे साइकिलिंग, चलना आदि का प्रयास करें और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवा को समय पर लेते रहें। पेसमेकर लगने के बाद समय-समय पर डॉक्टर के पास जाते रहना भी जरूरी है।

  1. पेसमेकर सर्जरी क्या होती है? - Pacemaker Surgery kya hai
  2. पेसमेकर सर्जरी क्यों की जाती है? - pacemaker kab lagaya jata hai
  3. पेसमेकर ऑपरेशन से पहले की तैयारी - Pacemaker Surgery ki taiyari
  4. पेसमेकर का ऑपरेशन कैसे किया जाता है? - pacemaker surgery kaise hoti hai
  5. पेसमेकर सर्जरी के बाद देखभाल - Pacemaker Surgery hone ke baad dekhbhal
  6. पेसमेकर सर्जरी के बाद सावधानियां - Pacemaker Surgery hone ke baad savdhaniya
  7. पेसमेकर सर्जरी की जटिलताएं - Pacemaker Surgery me jatiltaye
  8. पेस मेकर सर्जरी के बाद डॉक्टर से कब मिलें - pacemaker surgery ke baad doctor se kab mile
  9. पेस मेकर सर्जरी के परिणाम - Pacemaker surgery ke parinam

पेसमेकर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे एक निश्चित तरीके से दिल को धड़कने में मदद करने के लिए प्रोग्राम किया गया है। जब साइनस नोड, जो कि मानव शरीर का प्राकृतिक पेसमेकर है, अच्छी तरह से काम नहीं करता, हृदय की लय बाधित हो जाती है। ऐसे में पेसमेकर इम्प्लांट की ज़रूरत पड़ती है।

हृदय की असामान्य धड़कन एक इम्प्लांटेड पेसमेकर की मदद से नियंत्रित की जाती है। जिन लोगों की हृदय की गति धीमी हो जाती है, उनके लिए यह एक विश्वसनीय विकल्प है। पेसमेकर एक छोटा उपकरण होता है, जिसमें कुछ विद्युत-रोधित तारें और एक बैटरी व सर्किट होता है जो हृदय तक जा रहे विद्युत संकेतों को नियंत्रित करता है।

पेसमेकर दो तरह के होते हैं - स्थायी और अस्थायी। दोनों प्रकार के पेसमेकर को अलग उद्देश्य से लगाया जाता है।

  • अस्थायी पेसमेकर -
    अस्थायी पेसमेकर को आपातकालीन स्थिति में लगाया जाता है या यह तब तक लगाया जाता है जब तक कि स्थायी पेसमेकर न लग जाए। जब तक कि आपके शरीर में अस्थायी पेसमेकर लगा हुआ है तब तक आपको अस्पताल में रहने की जरूरत होती है। जब हार्ट अटैक, हार्ट सर्जरी या किसी दवा की अत्यधिक खुराक लेने के कारण आपका हृदय ठीक तरह से धड़क नहीं पाता है तो अस्थायी पेसमेकर लगाया जाता है।
     
  • स्थायी पेसमेकर -
    यह तब लगाया जाता है जब व्यक्ति को लंबे समय से कोई हृदय की समस्या होती है जैसे हृदय की धड़कन का अनियमित होना, हृदय रोग आदि। 

वह स्थिति जिसमें पेसमेकर दिया जाता है

जब किसी व्यक्ति का हृदय सामान्य से कम गति में धड़कता है (ब्रेडीकार्डिया) या फिर बहुत तेजी से धड़कता है (टैकिकार्डिया) तो उसे पेसमेकर लगाया जाता है। हृदय ब्लॉक होने पर और साइनस नोड रोग की स्थिति में हृदय धीरे धड़कता है।

हृदय की गति हार्ट ब्लॉक द्वारा प्रभावित होती है। उम्र बढ़ना और हृदय को क्षति पहुंचने से भी हृदय ब्लॉक हो सकता है।

साइनस नोड में व्यक्ति का प्राकृतिक पेसमेकर (एसए या सिनो-एट्रिअल नोड) ठीक तरह से कार्य नहीं कर पाता है या आवेगों को पैदा करने में अक्षम होता है। असामान्य रूप से कार्य कर रहे एसए नोड से हृदय कभी-कभी धीरे धड़कता है, कभी-कभी बहुत तेज और कभी-कभी हृदय धड़कना ही बंद कर देता है।

एरिथिमिया के मामले में हृदय की गति अनियमित होती है और आपको निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं -

गंभीर मामलों में हार्ट फेलियर हो सकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए हृदय ठीक तरह से धड़क रहा है बाईवेंटिक्युलर (हृदय के दोनों चैम्बर में) पेसमेकर लगाया जाता है।

ऑपरेशन से पूर्व होने वाले परीक्षण के लिए आपको अस्पताल जाना होगा ताकि आपके कुछ टेस्ट व जांचें की जा सके जो कि निम्न प्रकार से हैं -

  • कुछ जरूरी टेस्ट किए जाएंगे जैसे हृदय की प्रक्रिया चेक करने के लिए ब्लड टेस्ट, इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम, यूरिन टेस्ट, छाती का एक्स रे आदि
  • डॉक्टर आपके सामान्य स्वास्थ्य की भी जांच कर सकते हैं, ताकि हृदय से जुड़ी किसी भी समस्या का पता लगाया जा सकें
  • यदि आपको कोई भी स्थिति जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, रक्त विकार और कोई अन्य एलर्जी या फिर किडनी, फेफड़ों आदि से जुड़ी कोई बिमारी है
  • यदि आपने पहले कभी कोई सर्जरी करवाई है और आपको एनेस्थीसिया से कोई एलर्जी हुई है या फिर रोग से स्वस्थ होने के दौरान कोई समस्या हुई है तो इसके बारे में डॉक्टर को बता दें
  • यदि आप हाल ही में कोई दवा ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं कुछ मामलों में आपको उन्हें न लेने को कहा जा सकता है
  • प्रक्रिया से पहले आपको भूखे रहने को कहा जा सकता है
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं या फिर शराब पीते हैं तो इनका सेवन बंद कर दें, क्योंकि इनसे व्यक्ति को ठीक होने में अधिक समय लग सकता है
  • ऑपरेशन से पहले डॉक्टर से मिलने जाते समय आप उनसे अपने सभी प्रश्नों के विषय में जानकारी ले लें

सर्जरी के दिन

सर्जरी के लिए जाने से पहले निम्न बातों का ध्यान रखें -

  • सर्जरी के लिए जाने से पहले जरूरी है कि आप नहा लें। नहाने से त्वचा पर मौजूद सभी बैक्टीरिया निकल जाते हैं
  • आपको सर्जरी के लिए खाली पेट जाना होगा। ऐसे में आप सर्जरी से 6-12 घंटे पहले भूखे रहने की जरूरतं होगी
  • डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी दवा को पानी के केवल एक घूंट से लें
  • अपने किसी मित्र या रिश्तेदार को अपने साथ अस्पताल ले कर जाएं, ताकि आप घर आ सकें, क्योंकि सर्जरी के बाद आप अकेले यात्रा नहीं कर पाएंगे
  • यदि आपको ऐसा महसूस होता है कि आप सर्जरी के लिए तैयार नहीं हैं तो इसके बारे में भी डॉक्टर को बता दें

पेसमेकर किसी हृदय विशेषज्ञ सर्जन द्वारा लगाया जाता है। इस प्रक्रिया को दर्दरहित बनाने के लिए सर्जन आपको एनेस्थीसिया देंगे। यह प्रक्रिया निम्न तरह से की जाती है -

  • सामान्य एनेस्थीसिया में केवल छाती के उसी भाग को सुन्न किया जाता है, जहां पेसमेकर लगाया जाता है। जनरल एनेस्थीसिया में आप प्रक्रिया से पहले सो जाएंगे और आपको दर्द महसूस नहीं होगा। सर्जरी के कुछ घंटों बाद आपको फिर से होश आ जाएगा और संवेग वापस आ जाएंगे
  • आपको किसी भी प्रकार के द्रव और जरूरी दवा देने के लिए रक्त वाहिका में इंट्रावेनस लाइन लगाई जाती है
  • आपकी कॉलरबोन के नीचे बड़ी रक्त वाहिका में एक सुई लगाई जाएगी। इस सुई की मदद से पेसमेकर के तार रक्त वाहिकाओं में लगा दिए जाएंगे
  • सर्जन एक्स रे की मदद से रक्त वाहिका में रहे तारों को देखेंगे और उन्हें सही स्थान पर लगाएंगे।
  • एक बार तार ठीक जगह पर लग जाएं तो सर्जन आपकी छाती में एक या दो इंच का चीरा लगाएंगे
  • इसके बाद पेसमेकर का छोटा धातु उपकरण, जिसमें एक बैटरी और एक जनरेटर होता है उसे त्वचा के अंदर लगाया जाता है और हृदय तक जा रही तारों से जोड़ा जाता है
  • सर्जन पेसमेकर की जांच करेंगे और देखेंगे कि यह ठीक तरह से कार्य कर रहा है या नहीं
  • इसके बाद सर्जन कट को टांकों से सिल देंगे व घाव पर पट्टी कर दी जाएगी

सर्जरी के बाद आपको एक दो दिन तक अस्पताल में रहने को कहा जाएगा ताकि डॉक्टर आपके हृदय दर की जांच कर सकें और यह देख सके कि पेसमेकर ठीक तरह से कार्य कर रहा है। शुरुआत में आपको बेचैनी महसूस हो सकती है लेकिन धीरे-धीरे आपको इसकी आदत हो जाएगी। सर्जरी के बाद कुछ बातें ऐसी हैं, जिनका आपको विशेष ध्यान रखना है जो कि इस प्रकार से हैं -

  • अपने टांकों को निकलवाने के लिए आपको सर्जरी के सात से दस दिन बाद अस्पताल जाने की जरूरत होगी
  • घाव के स्थान को साफ़ और सूखा रखें व पट्टी को नियमित रूप से डॉक्टर के बताए अनुसार बदलते रहें महिलाओं को यह सलाह दी जाती है की चौड़ी पट्टी की ब्रा पहनें
  • इस प्रक्रिया के बाद आपको एक हफ्ते तक आराम करने को कहा जाता है
  • आपको ऑपरेशन हुए स्थान पर दर्द हो सकता है और उसके लिए आपको पेन किलर दिए जाएंगे
  • खींचना, मोड़ना और बांह को हिलाना जैसी क्रियाएं न करें जो कि हृदय और पेसमेकर के समीप हों
  • सर्जरी के बाद एक महीने तक कुछ भी भारी सामान न उठाएं
  • हालांकि, आपको पूरी तरह से बांह से काम लेना बंद नहीं करना है। बांह को हल्का हिलाएं और अलग-अलग दिशाओं में घुमाएं
  • सर्जरी के चार से छह हफ्ते बाद तक अधिक शारीरिक मेहनत वाली स्पोर्ट्स एक्टिविटी न करें।
  • आपको पेसमेकर रजिस्ट्रेशन कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड में आपके पेसमेकर के मॉडल से जुड़ी जानकारी होगी और आपातकालीन स्थिति के लिए नंबर होंगे

आप गाड़ी कब चलाना शुरू कर सकते हैं?

पहले आपको अपने ड्राइविंग और वाहन लाइसेंसिंग एजेंसी व इंश्योरेंस कपनी को बताना होगा कि आपने पेसमेकर की सर्जरी करवाई है। आप ड्राइविंग शुरू कर सकते हैं यदि -

  • आपको चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस नहीं होता है
  • सामान्य और नियमित चेकअप के लिए अस्पताल जा रहे हैं और सब कुछ सामान्य है
  • आपको हाल में हार्ट अटैक नहीं आया है

यदि आप एक बड़ी गाड़ी या भारी वाहन चलाते हैं तो आपको सर्जरी के दो महीने बाद गाड़ी चलाने की अनुमति दी जाएगी।

पेसमेकर व अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरण 

चूंकि पेसमेकर एक धातु से बना होता है और इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजता है। यह जरूरी है कि आप इन इलेक्ट्रिकल उपकरण का ठीक तरह ध्यान रखें ,कुछ बातें हैं, जिनका ध्यान रखा जाना चाहिए -

  • यदि किसी बिजली के उपकरण के साथ काम करते समय आपको यह महसूस होता है कि आपका हृदय बहुत तेजी से धड़क रहा है तो उस उपकरण से तुरंत दूर हो जाएं
  • आप मोबाइल फोन, माइक्रोवेव, हेयर ड्रायर आदि को छाती में लगे पेसमेकर से पंद्रह सेमी दूर रख कर प्रयोग करें
  • साथ ही मोबाइल का प्रयोग करते समय उसे पेसमेकर के विपरीत कान में लगाएं
  • जिस स्थान पर पेसमेकर लगा हुआ है उसके पास या ऊपर की जेब में एमपी 3 व मोबाइल न रखें
  • कोशिश करें कि आप ऐसे घरेलू उपकरणों व बिजली के उपकरणों से दूर रहें जिनके प्रयोग से पेसमेकर प्रभावित हो सकता है
  • जब आप सिक्योरिटी चेक में जाएं तो स्टाफ को पेसमेकर के बारे में बता दें, सिक्योरिटी सिस्टम के मेटल डिटेक्टर में से निकलने पर पेसमेकर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, मेटल का पता लगाने वाली छड़ी को अधिक समय तक पेसमेकर के पास नहीं रखा जाना चाहिए
  • किसी अन्य सर्जरी को करवाने से पहले अपने डॉक्टर को पेसमेकर के बारे में बता दें। ये तीन प्रक्रियाएं करवाने पर पेसमेकर प्रभावित कर सकता है -
    • मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) जिसमें शरीर के आंतरिक अंगों की जानकरी प्राप्त होती है
    • लिथ्रोस्कोपी जिसमें किडनी स्टोन को ठीक किया जाता है
    • सर्जरी के दौरान रक्तप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए इलेक्ट्रोकॉटेराइसेशन

पेसमेकर सर्जरी के साथ कुछ खतरे जुड़े हुए हैं जैसे -

  • ​ऑपरेशन के स्थान पर लालिमा, सूजन और रक्तप्रवाह
  • संक्रमण जिसके कारण बुखार भी हो सकता है
  • फेफड़े या हृदय कार्य करना बंद कर देना
  • किसी रक्तवाहिका या नस का क्षतिग्रस्त होना
  • सर्जरी के दौरान किसी दवा से एलर्जी

पेसमेकर सर्जरी के बाद आपको प्रत्येक तीन महीने में डॉक्टर से मिलने जाना होगा। इस दौरान डॉक्टर यह जांच करेंगे कि पेसमेकर ठीक तरह से कार्य कर रहा है या नहीं। ऐसा आवेगों की गति और हृदय के इन सिग्नल पर प्रतिक्रिया को देखकर जांचा जाएगा।

यदि आपको इनमें से कोई समस्या है तो आप इसके बारे में डॉक्टर को बता दें -

  • सांस फूलना
  • चक्कर आना
  • बेहोश होना
  • कमजोर महसूस होना
  • पेसमेकर के साथ वाली बांह में सूजन
  • छाती में दर्द
  • तेज बुखार हो जाना
  • ऑपरेशन के स्थान पर दर्द, सूजन या लालिमा

यदि आपको पेसमेकर से जुड़ी हुई कोई भी समस्या या प्रश्न है तो इसके बारे में डॉक्टर से फ्री हो कर पूछ सकते हैं।

पेसमेकर अनियमित हृदय की धड़कनों को ठीक करता है और आपको अपनी जीवनशैली को वापस ठीक करने में मदद करता है। अधिकतर पेसमेकर बैटरी पांच से पंद्रह वर्ष तक कार्य करती है। इसके बाद डॉक्टर इन्हे बदलने के लिए सर्जरी करते हैं, जिसमें जनरेटर को भी बदला जाता है।

पेसमेकर सर्जरी की तुलना में बैटरी को बदलने वाली सर्जरी में कम चीरे लगाए जाते हैं। कभी-कभी पेसमेकर की तारों को भी समय के साथ बदलने की जरूरत होती है।

पेसमेकर के साथ जीवन

पेसमेकर आपके हृदय की दर और गति को नियंत्रित करता है। पेसमेकर लगने के बाद आपको सांस फूलना, थकान आदि समस्याओं से आराम मिल जाएगा। आप अपने स्वास्थ्य और पेसमेकर को ठीक स्थिति में रखने के लिए निम्न कार्य कर सकते हैं -

  • यदि आपको पेसमेकर लगने के बाद किसी भी तरह का तनाव महसूस हो रहा है तो इसके बारे में डॉक्टर को बता दें। अपने डॉक्टर से कहें कि वे आपको ऐसे अन्य लोगों से मिलवाएं, जिन्होने पेसमेकर सर्जरी करवाई है।
  • पैदल चलना, साइकिल चलाना जैसी गतिविधियां शुरू करें इससे आपके शरीर को मजबूती मिलेगी और आपका स्वास्थ्य सुधरेगा। 
  • फुटबाल जैसे खेल न खेलें जिनमें आपको गिरने व पेसमेकर पर लगने का खतरा हो सकता है। 
  • स्वस्थ आहार जिनमें फाइबर अधिक मात्रा में हो, वसा कम हो और नमक की मात्रा भी कम हो उनका सेवन करें।
  • यदि आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है तो इसे लगातार चेक करवाते रहें और डॉक्टर से दवाओं के बारे में सलाह ले लें।
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संदर्भ

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