अनियमित मासिक धर्म एक आम समस्या है। इस परेशानी का उपचार योग से किया जा सकता है। हम आज आपको कुछ ऐसे आसन बताएंगे जो आप रोज़ केवल 10 मिनिट भी करेंगी तो आराम महसूस करेंगीं।

(और पढ़ें - अनियमित मासिक धर्म का उपचार)

  1. कैसे अनियमित मासिक धर्म में लाभदायक है योग?
  2. इर्रेगुलर पीरियड्स के लिए योग
  3. इन बातों का खास तौर से ध्यान रखें:
अनियमित मासिक धर्म के लिए योगासन के डॉक्टर

ईएंगर योग के अनुसार वह आसन जिनमें आप ज़मीन बैठकर आगे झुकते हैं, या पीठ को मोड़ते हैं, उन से मासिक धर्म नियमित होता है। गीता ईएंगर, जो कि गुरु बी. के. एस. ईएंगर की पुत्री हैं, के अनुसार वह आसन जिनमें आपका शरीर औंधी मुद्रा में होता है, अगर मस्सिक धर्म समाप्त होने के बाद किए जायें, तो उनसे अगला मासिक धर्म नियमित होता है। ऐसा इस लिए होता है क्योंकि इन आसनो से आपके हॉर्मोन का असंतुलन ठीक हो जाता है।

  • योग प्रजनन अंगों उत्तेजित करता है जो उनके बेहतर कामकाज में मदद करता है।
  • आसन अभ्यास तनाव को कम करता है और पूरी तरह से आपके मन और शरीर को आराम देता है।
  • यह आसन आपके चयापचय (मेटबॉलिज़म) को नियंत्रित करता है, इस से आप अपने आदर्श वज़न को बना कर रख पाते हैं।
  • योग करने से आपके हार्मोन को संतुलित रहते हैं।

तो आइए जानें कौन से आसान आपको मासिक धर्म से राहत दिला सकते हैं। 

दंडासन

दंडासन से आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी हो जाती है और पाचन अंगों को पूरी जगह मिलती है। इस से उन्हे आराम मिलता है और आपका मेटबॉलिज़म सुधरता है। दंडासन को 1-2 मिनिट के लिए करें।

पश्चिमोत्तानासन

पश्चिमोत्तानासन नीचे बैठ कर किए जाने वाले आसन जिन में आगे मुड़ा जाता है, उन में सबसे प्रमुख है। इस आसन को 1-2 मिनिट के लिए करें।

पश्चिमोत्तानासन को आसान बनाने के लिए आप अपने सिर के नीचे एक गोल तकिया या कुशन रख सकते हैं जैसे की इस तस्वीर में दिखाया गया है। ऐसा आप अपने मासिक धर्म के शुरू होने के करीब कर सकती हैं।

बद्ध कोणासन

बद्ध कोणासन आपके प्रजनन अंगों उत्तेजित करता है। इस आसन को 1-2 मिनिट के लिए करें।

जैसे कि नीचे दिए गये चित्र में दिखाया गया है, आप अपने घुटनों के नीचे तौलिया रोल कर के रख सकती हैं। ऐसा आप अपने मासिक धर्म के शुरू होने के करीब कर सकती हैं।

जानुशीर्षासन

जानुशीर्षासन भी आपके प्रजनन अंगों उत्तेजित करता है। इस आसन को भी 1-2 मिनिट के लिए करें।

जैसे कि नीचे दिए गये चित्र में दिखाया गया है, आप अपने सिर के नीचे तौलिया या ब्लॉक रोल कर के रख सकती हैं। ऐसा आप अपने मासिक धर्म के शुरू होने के करीब कर सकती हैं।

सर्वांगासन

सर्वांगासन में आपका शरीर औंधी स्तिति में होता है इस से आपके हॉर्मोन को संतुलित करने में मदद मिलती है इस आसन को भी 1-2 मिनिट के लिए करें।

जैसे कि नीचे दिए गये चित्र में दिखाया गया है, आप अपने कंधों के नीचे तौलिया रोल कर के रख सकती हैं। ऐसा आप अपने मासिक धर्म के शुरू होने के करीब कर सकती हैं।

  • गीता आयंगर का कहना है कि अगर आपके मासिक धर्म अनियमित हैं, तो आप ओव्युलेशन के दिनों में वह आसन ना करें जिन में आपको अपनी पीठ को उल्टा मोडनी होती है (बैकवर्ड बैकबेंड ना करें)।
  • याद रहे की योगाभ्यास से आराम निरंतर अभ्यास करने के बाद ही मिलता है और धीरे धीरे मिलता है।
  • योगासन से जोड़ों का दर्द बढे नहीं, इसके लिए अभ्यास के दौरान शरीर को सहारा देने वाली वस्तुओं, तकियों व अन्य उपकरणों की सहायता जैसे ज़रूरी समझें वैसे लें।
  • अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न दें। अगर दर्द बढ़ जाता है तो तुरंत योगाभ्यास बंद कर दें व चिकित्सक से परामर्श करें।
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